जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं ? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2019 | प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस

जमीन एक व्यक्ति की जिंदगी का वह अनमोल हिस्सा होता है | जिस के लिए वह अपनी जीवन की महत्वपुर्ण कमाई को निवेश करता है | एक व्यक्ति के जमीन खरीदने के पीछे अलग अलग कारण हो सकते हैं | कोई घर बनाने के लिए जमीन लेता है |, तो कोई उस जमीन पर व्यापार करने के लिए जमीन लेता है | पर अब सवाल यह उठता है | कि किसी भी जमीन को वैध तरीके से अपने नाम कैसे करवाएं ? इसके लिए व्यक्ति को खरीदी हुई जमीन रजिस्ट्री करवानी पड़ती है | जिस के लिए भारत के हर राज्य में अलग अलग नियम कायदे हैं |

जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं ? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2019 | प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस

हालांकि अधिकतर शहरों में यह नियम एक जैसे होते हैं | इस जमीन की रजिस्ट्री को लेकर आज भी बहुत से लोग अनजान हैं | कि जमीन रजिस्ट्री क्या होती है ? जमीन रजिस्ट्री क्यों करवाते हैं ? जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाते हैं ? व अगर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाते तो इसके क्या नुकसान हो सकते हैं ? आइये इस लेख की सहायता से जानते हैं | इन्ही सभी सवालों के आसान जवाब –

जमीन रजिस्ट्री क्या होती है –

भारत में जमीन रजिस्ट्री एक क़ानूनी प्रक्रिया है | जिस के सहायता से जमीन का खरीदार, खरीदी हुई जमीन के पहले मालिक का दस्तावेजों से नाम हटा कर अपना नाम दर्ज करवाता है | व स्थाई तौर पर उस जमीन का हकदार कहलाता है | जिसे वह खरीद कर अपने किसी भी कार्य के लिए उपयोग कर सकता है |

जमीन की रजिस्ट्री कैसे करवाएं –

एक व्यक्ति को जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए निम्नलिखित चरणों से होकर गुजरना पड़ता है | जो कुछ इस प्रकार है –

1) जमीन की वैल्यू निर्धारित करें :-

भविष्य में आप जो भी जमीन को खरीदना चाहते हैं |, उसकी रजिस्ट्री करवाने से पूर्व आप यह सुनिश्चित कर लें कि उस जमीन की मार्किट वैल्यू कितनी है | साथ ही साथ यह भी पता कर लें की उस क्षेत्र में जमीन का सरकारी मूल्य कितना है ? इसके बाद आप को कागजी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है | जिन्हे स्टैम्प ड्यूटी पेपर कहा जाता है |

2) स्टैम्प ड्यूटी पेपर बनवायें –

यह पेपर एक तरह का जमीन के मालिक का लिए सबूत होता है | जमीन के खरीदार को यह पेपर खरीदने होते हैं |, जिसके लिए उसे कोर्ट जाना होता है | इन पेपरस के मूल्य को हर राज्य के हिसाब से तय किया जाता है | जमीन खरीदेते समय इन कागजों को नजरअंदाज ना करें | अन्यथा आप को भविष्य में अनेक क़ानूनी लफड़ों को झेलना पड़ सकता है | अगर आप किसी कारण से कोर्ट से इन पेपर्स को कोर्ट या वकील से नहीं खरीद पा रहे हैं | उस परिस्थिति में आप ऑनलाइन भी स्टैम्प ड्यूटी पेपर को खरीद सकते हैं | इसके लिए आपको stemp.com या www.shcilestamp.com आदि अन्य वेबसाइट पर जाना होगा | जहां से आप को पेपर को डाउनलोड करना होता है |

3) जमीन खरीदने और बेचने से संबंधित कागज –

जमीन की रजिस्ट्री के तीसरे चरण के दौरान आप को कोर्ट में जा कर के वकील से एक ऐसा कागज बनवाना होगा | जिस में जमीन का विक्रेता यह लिखेगा की मैंने यह जमीन पूर्ण रूप से इस व्यक्ति के नाम कर रहा हूँ | इसके साथ ही अन्य औपचारिक भी बाते लिखनी होती है | जो यह सुनिश्चित करने में लाभ दायक होती हैं | की अब जमीन का मालिक बदला जा चूका है | व जमीन को इतने रूपए में बेचा गया है | विक्रेता द्वारा लिखी गयी हर बात को एक बार अच्छे से जरूर पढ़ लें |

4) सब – रजिस्ट्रार करेगा रजिस्ट्री –

इस औपचारिक प्रक्रिया के बाद आप को जमीन बेचने से जुड़े सभी कागजों को लेकर रजिस्ट्रार के कार्यालय में जाना होगा | इस दौरान जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले व्यक्ति को एक साथ में मौजूद होना पड़ता है | साथ ही में दो अन्य व्यक्तियों को भी मौके पर पेश होना होता है | जो उस समय एक गवाह के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे होते हैं | इन दोनों गवाहों के पास सरकारी तौर से बने हुए पहचान पत्रों का होना अनिवार्य होता है | जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि | रजिस्ट्रार के पास सभी कागजों को जमा करने के बाद वह आप को पुष्टि के आधार पर एक रसीद देता है | जिसे आप को भविष्य में बड़ी ही सुविधा से संभाले रखना होता है |

5) अब रजिस्ट्री को प्राप्त करें –

इन सब चरणों के बाद आप के द्वारा पेश किये गए सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच पड़ताल की जाएगी | जिन्हे देखने के बाद ही रजिस्ट्रार द्वारा यह निर्णय लिया जायेगा | कि जमीन खरीदने के लिए आप स्थाई रूप से सही हकदार बन चुके हैं | तत्पश्चात आप कुछ दिनों में अपनी जमीन से जुड़ी रजिस्ट्री रजिस्ट्रार के कार्यलय से प्राप्त कर सकते हैं | व अब जमीन आप के नाम हो चुकी है |

ध्यान रहे आप जो भी कार्यवाही कर रहे हैं | वह सब एक वकील की देख रेख में ही करें | क्यों की इस दौरान वकील एक ऐसा व्यक्ति होता है | जिसे रजिस्ट्री करवाने से जुड़ी सभी जानकारियों की अच्छी समझ होती है | व आप बिना किसी परेशानी के आसानी से रजिस्ट्री करवा सकते हैं |

रजिस्ट्री से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज ( documents ) | Registry Ke Liye Dastavej –

रजिस्ट्री के समय कुछ ऐसे जरूरी दस्तावेजों की आवयश्कता होती है | अगर इनमे से किसी भी दस्तावेज में कोई भी गलती होती है | या फ्रॉड केस होता है | तब आप जमीन खरीदने में मुश्किल आ सकती है | आइये जानते है | जमीन से जुड़े कागजी दस्तावेज कौन कौन से है –

1) पहचान पत्र

2) खाता प्रमाण पत्र

3) NOC – नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट

4) जनरल पावर ऑफ़ अटार्नी

5) अलॉटमेंट लैटर

6) प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी लेटेस्ट रसीदें

7) बैनामा

जमीन रजिस्ट्री के लिए नियम –

जमीन की रजिस्ट्री करवाते वक्त इस बात का भी अवश्य ध्यान रखे की आप को भारत के कानून के आधार पर ही सभी उचित कार्यवाही को अंजाम देना होता है |

  • 1)एक नियम के तहत पावर ऑफ़ अटॉर्नी के साथ ही आवासीय प्रमाण पत्र को साथ में लगाना अनिवार्य है |
  • 2) जमीन को बेचते समय व्यक्ति को अपने हाथ की सभी उँगलियों के निशान देने होते है |
  • 3) जिस भी व्यक्ति के द्वारा जमीन को बेचा जा रहा है | उस व्यक्ति के रजिस्ट्री के दौरान जो कागज जमा करवाएं हैं | उनमे उसका सही नाम, पति या पुत्र का नाम व उसका स्थाई पता होना चाहिए |
  • 4) जमीन की रजिस्ट्री के नियम हर राज्य के हिसाब से अलग अलग होता है | जिसे जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को मानना अनिवार्य होता है |

जमीन रजिस्ट्री करवाते समय ध्यान देने योग्य बिंदु –

जमीन की रजिस्ट्री करवाते वक्त निम्नलिखित बातों का जरूर ध्यान रखे जैसे :-

फ्रॉड प्रॉपरटी डीलर से सावधान :- जमीन खरीदना और बेचना एक बड़ी ही सावधानी का कार्य होता है | क्यों की कई फ्रॉड डीलर लोगों को झूठे वादे कर के लोगों के पैसे ठगने का काम करते हैं |

2) विज्ञापनों पर न करें विश्वास :- किसी भी अख़बार या पोस्टरों पर छपें विश्वास न करें | जिसमे यह दिखाया जाता है | की यह जमीन बिकाऊ है |

3) नकली वकीलों से रहे सावधान :- जमीन कि रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों को एक वकील की आवश्यकता पड़ती है | तो आप ध्यान रखे की आप जिस भी वकील से रजिस्ट्री करवा रहे हैं | मार्किट में उसकी छवि अच्छी होनी चाहिए | व वकील को अपने काम की पूरी जानकारी होनी चाहिए | अन्यथा वह आप को रजिस्ट्री करवाते वक्त परेशान भी कर सकता है |

4) व्यापार और घर की जमीन में भिन्नता :- आप जिस भी जमीन के लिए रजिस्ट्री करवा रहे हैं | ध्यान रहे उसके लिए अलग अलग रूप से सरकारी फीस तय की जाती है | घर के लिए ली गयी जमीन की तुलना में व्यापारिक (दूकान) रूप से जमीन की रजिस्ट्री करवाना थोड़ा महंगा होता है | व साथ ही जमीन के स्थान पर भी मूल्य को मापा जाता है | कि किस स्थान पर रजिस्ट्री की जमीन है |

STAMP DUTY CALCULATOR | स्टैंप ड्यूटी रेट कैसे चेक करे –

जमीन रजिस्ट्री करवाने में आपको स्टाम्प ड्यूटी भरनी होती है | अलग अलग प्रदेश और क्षेत्र में जमीन की कीमत और प्रकार के आधार पर स्टाम्प ड्यूटी अलग अलग होती है | और आपको उतनी ही धनराशी के स्टाम्प पेपर ख़रीदने होते हैं | आप नीचे बताये गए तरीके से स्टाम्प ड्यूटी चेक कर सकतें हैं –

  • स्टाम्प ड्यूटी चेक करने के लिए आपको वेबसाइट www.indiabullshomeloans.com पर जाना होगा | आप चाहें यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट जा सकतें हैं |
  • वेबसाइट पर आपको मेनू में से STAMP DUTY CALCULATOR पर क्लीक करना होगा |
  • अब आपको यहाँ अपने राज्य का नाम सेलेक्ट करना होगा | और फिर नीचे दिए गए बॉक्स में जमीन की कीमत लिखना होगा |

जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं ? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2019 | प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस

  • इसके पश्चात् आपको Calculate आप्शन पर क्लीक करना होगा | जैसे ही आप calculate आप्शन पर क्लीक करेंगें | आपको स्टाम्प ड्यूटी पता चल जाएगी |

नोट –  इस calculator से आपको वास्तविक स्टाम्प ड्यूटी के बारे में पता नहीं चल पायेगा | लेकिन यहाँ मिलने वाले रिजल्ट और वास्तविक कीमत में थोडा ही फर्क होगा |

दोस्तों, इस लेख में आप को जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश दी गयी है | इसके उपरांत भी अगर आप के मन में कोई भी अन्य सवाल है | तो आप हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिख कर पूछ सकते हैं | साथ ही अगर आपको यह जानकारी लाभदायक व पसंद आती है | तो आप अपने किसी भी मित्र, रिश्तेदार से इसे शेयर कर सकते हैं ||धन्यवाद ||

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