जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2020 | प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस

जमीन एक व्यक्ति की जिंदगी का वह अनमोल हिस्सा होता है। जिस के लिए वह अपनी जीवन की महत्वपुर्ण कमाई को निवेश करता है। एक व्यक्ति के जमीन खरीदने के पीछे अलग अलग कारण हो सकते हैं। कोई घर बनाने के लिए जमीन लेता है।, तो कोई उस जमीन पर व्यापार करने के लिए जमीन लेता है। पर अब सवाल यह उठता है। कि किसी भी जमीन को वैध तरीके से अपने नाम कैसे करवाएं? इसके लिए व्यक्ति को खरीदी हुई जमीन रजिस्ट्री करवानी पड़ती है। जिस के लिए भारत के हर राज्य में अलग अलग नियम कायदे हैं।

हालांकि अधिकतर शहरों में यह नियम एक जैसे होते हैं। इस जमीन की रजिस्ट्री को लेकर आज भी बहुत से लोग अनजान हैं। कि जमीन रजिस्ट्री क्या होती है? जमीन रजिस्ट्री क्यों करवाते हैं? जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाते हैं? व अगर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाते तो इसके क्या नुकसान हो सकते हैं? आइये इस लेख की सहायता से जानते हैं। इन्ही सभी सवालों के आसान जवाब –

जमीन रजिस्ट्री क्या होती है?

भारत में जमीन रजिस्ट्री एक क़ानूनी प्रक्रिया है। जिस के सहायता से जमीन का खरीदार, खरीदी हुई जमीन के पहले मालिक का दस्तावेजों से नाम हटा कर अपना नाम दर्ज करवाता है। व स्थाई तौर पर उस जमीन का हकदार कहलाता है। जिसे वह खरीद कर अपने किसी भी कार्य के लिए उपयोग कर सकता है।

जमीन की रजिस्ट्री कैसे करवाएं?

एक व्यक्ति को जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए निम्नलिखित चरणों से होकर गुजरना पड़ता है। जो कुछ इस प्रकार है –

1) जमीन की वैल्यू निर्धारित करें :-

भविष्य में आप जो भी जमीन को खरीदना चाहते हैं।, उसकी रजिस्ट्री करवाने से पूर्व आप यह सुनिश्चित कर लें कि उस जमीन की मार्किट वैल्यू कितनी है। साथ ही साथ यह भी पता कर लें की उस क्षेत्र में जमीन का सरकारी मूल्य कितना है? इसके बाद आप को कागजी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। जिन्हे स्टैम्प ड्यूटी पेपर कहा जाता है।

जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2019। प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस

2) स्टैम्प ड्यूटी पेपर बनवायें –

यह पेपर एक तरह का जमीन के मालिक का लिए सबूत होता है। जमीन के खरीदार को यह पेपर खरीदने होते हैं।, जिसके लिए उसे कोर्ट जाना होता है। इन पेपरस के मूल्य को हर राज्य के हिसाब से तय किया जाता है। जमीन खरीदेते समय इन कागजों को नजरअंदाज ना करें। अन्यथा आप को भविष्य में अनेक क़ानूनी लफड़ों को झेलना पड़ सकता है। अगर आप किसी कारण से कोर्ट से इन पेपर्स को कोर्ट या वकील से नहीं खरीद पा रहे हैं। उस परिस्थिति में आप ऑनलाइन भी स्टैम्प ड्यूटी पेपर को खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको stemp.com या www.shcilestamp.com आदि अन्य वेबसाइट पर जाना होगा। जहां से आप को पेपर को डाउनलोड करना होता है।

3) जमीन खरीदने और बेचने से संबंधित कागज –

जमीन की रजिस्ट्री के तीसरे चरण के दौरान आप को कोर्ट में जा कर के वकील से एक ऐसा कागज बनवाना होगा। जिस में जमीन का विक्रेता यह लिखेगा की मैंने यह जमीन पूर्ण रूप से इस व्यक्ति के नाम कर रहा हूँ। इसके साथ ही अन्य औपचारिक भी बाते लिखनी होती है। जो यह सुनिश्चित करने में लाभ दायक होती हैं। की अब जमीन का मालिक बदला जा चूका है। व जमीन को इतने रूपए में बेचा गया है। विक्रेता द्वारा लिखी गयी हर बात को एक बार अच्छे से जरूर पढ़ लें।

4) सब – रजिस्ट्रार करेगा रजिस्ट्री –

इस औपचारिक प्रक्रिया के बाद आप को जमीन बेचने से जुड़े सभी कागजों को लेकर रजिस्ट्रार के कार्यालय में जाना होगा। इस दौरान जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले व्यक्ति को एक साथ में मौजूद होना पड़ता है। साथ ही में दो अन्य व्यक्तियों को भी मौके पर पेश होना होता है। जो उस समय एक गवाह के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे होते हैं। इन दोनों गवाहों के पास सरकारी तौर से बने हुए पहचान पत्रों का होना अनिवार्य होता है। जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि। रजिस्ट्रार के पास सभी कागजों को जमा करने के बाद वह आप को पुष्टि के आधार पर एक रसीद देता है। जिसे आप को भविष्य में बड़ी ही सुविधा से संभाले रखना होता है।

5) अब रजिस्ट्री को प्राप्त करें –

इन सब चरणों के बाद आप के द्वारा पेश किये गए सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच पड़ताल की जाएगी। जिन्हे देखने के बाद ही रजिस्ट्रार द्वारा यह निर्णय लिया जायेगा। कि जमीन खरीदने के लिए आप स्थाई रूप से सही हकदार बन चुके हैं। तत्पश्चात आप कुछ दिनों में अपनी जमीन से जुड़ी रजिस्ट्री रजिस्ट्रार के कार्यलय से प्राप्त कर सकते हैं। व अब जमीन आप के नाम हो चुकी है।

ध्यान रहे आप जो भी कार्यवाही कर रहे हैं। वह सब एक वकील की देख रेख में ही करें। क्यों की इस दौरान वकील एक ऐसा व्यक्ति होता है। जिसे रजिस्ट्री करवाने से जुड़ी सभी जानकारियों की अच्छी समझ होती है। व आप बिना किसी परेशानी के आसानी से रजिस्ट्री करवा सकते हैं।

रजिस्ट्री से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज ( documents )। Registry Ke Liye Dastavej –

रजिस्ट्री के समय कुछ ऐसे जरूरी दस्तावेजों की आवयश्कता होती है। अगर इनमे से किसी भी दस्तावेज में कोई भी गलती होती है। या फ्रॉड केस होता है। तब आप जमीन खरीदने में मुश्किल आ सकती है। आइये जानते है। जमीन से जुड़े कागजी दस्तावेज कौन कौन से है –

1) पहचान पत्र

2) खाता प्रमाण पत्र

3) NOC – नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट

4) जनरल पावर ऑफ़ अटार्नी

5) अलॉटमेंट लैटर

6) प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी लेटेस्ट रसीदें

7) बैनामा

जमीन रजिस्ट्री नियम 2020

जमीन की रजिस्ट्री करवाते वक्त इस बात का भी अवश्य ध्यान रखे की आप को भारत के कानून के आधार पर ही सभी उचित कार्यवाही को अंजाम देना होता है।

  • 1)एक नियम के तहत पावर ऑफ़ अटॉर्नी के साथ ही आवासीय प्रमाण पत्र को साथ में लगाना अनिवार्य है।
  • 2) जमीन को बेचते समय व्यक्ति को अपने हाथ की सभी उँगलियों के निशान देने होते है।
  • 3) जिस भी व्यक्ति के द्वारा जमीन को बेचा जा रहा है। उस व्यक्ति के रजिस्ट्री के दौरान जो कागज जमा करवाएं हैं। उनमे उसका सही नाम, पति या पुत्र का नाम व उसका स्थाई पता होना चाहिए।
  • 4) जमीन की रजिस्ट्री के नियम हर राज्य के हिसाब से अलग अलग होता है। जिसे जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को मानना अनिवार्य होता है।

जमीन रजिस्ट्री करवाते समय ध्यान देने योग्य बिंदु –

जमीन की रजिस्ट्री करवाते वक्त निम्नलिखित बातों का जरूर ध्यान रखे जैसे :-

फ्रॉड प्रॉपरटी डीलर से सावधान :- जमीन खरीदना और बेचना एक बड़ी ही सावधानी का कार्य होता है। क्यों की कई फ्रॉड डीलर लोगों को झूठे वादे कर के लोगों के पैसे ठगने का काम करते हैं।

2) विज्ञापनों पर न करें विश्वास :- किसी भी अख़बार या पोस्टरों पर छपें विश्वास न करें। जिसमे यह दिखाया जाता है। की यह जमीन बिकाऊ है।

3) नकली वकीलों से रहे सावधान :- जमीन कि रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों को एक वकील की आवश्यकता पड़ती है। तो आप ध्यान रखे की आप जिस भी वकील से रजिस्ट्री करवा रहे हैं। मार्किट में उसकी छवि अच्छी होनी चाहिए। व वकील को अपने काम की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अन्यथा वह आप को रजिस्ट्री करवाते वक्त परेशान भी कर सकता है।

4) व्यापार और घर की जमीन में भिन्नता :- आप जिस भी जमीन के लिए रजिस्ट्री करवा रहे हैं। ध्यान रहे उसके लिए अलग अलग रूप से सरकारी फीस तय की जाती है। घर के लिए ली गयी जमीन की तुलना में व्यापारिक (दूकान) रूप से जमीन की रजिस्ट्री करवाना थोड़ा महंगा होता है। व साथ ही जमीन के स्थान पर भी मूल्य को मापा जाता है। कि किस स्थान पर रजिस्ट्री की जमीन है।

STAMP DUTY CALCULATOR। स्टैंप ड्यूटी रेट कैसे चेक करें?

जमीन रजिस्ट्री करवाने में आपको स्टाम्प ड्यूटी भरनी होती है। अलग अलग प्रदेश और क्षेत्र में जमीन की कीमत और प्रकार के आधार पर स्टाम्प ड्यूटी अलग अलग होती है। और आपको उतनी ही धनराशी के स्टाम्प पेपर ख़रीदने होते हैं। आप नीचे बताये गए तरीके से स्टाम्प ड्यूटी चेक कर सकतें हैं –

  • स्टाम्प ड्यूटी चेक करने के लिए आपको वेबसाइट www.indiabullshomeloans.com पर जाना होगा। आप चाहें यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट जा सकतें हैं।
  • वेबसाइट पर आपको मेनू में से STAMP DUTY CALCULATOR पर क्लीक करना होगा।
  • अब आपको यहाँ अपने राज्य का नाम सेलेक्ट करना होगा। और फिर नीचे दिए गए बॉक्स में जमीन की कीमत लिखना होगा।

जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2019। प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस

  • इसके पश्चात् आपको Calculate आप्शन पर क्लीक करना होगा। जैसे ही आप calculate आप्शन पर क्लीक करेंगें। आपको स्टाम्प ड्यूटी पता चल जाएगी।

नोट –  इस calculator से आपको वास्तविक स्टाम्प ड्यूटी के बारे में पता नहीं चल पायेगा। लेकिन यहाँ मिलने वाले रिजल्ट और वास्तविक कीमत में थोडा ही फर्क होगा।

दोस्तों, इस लेख में आप को जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश दी गयी है। इसके उपरांत भी अगर आप के मन में कोई भी अन्य सवाल है। तो आप हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिख कर पूछ सकते हैं। साथ ही अगर आपको यह जानकारी लाभदायक व पसंद आती है। तो आप अपने किसी भी मित्र, रिश्तेदार से इसे शेयर कर सकते हैं।।धन्यवाद।।

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56 thoughts on “जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं? प्लाट-जमीन रजिस्ट्री के नियम 2020 | प्लाट रजिस्ट्री प्रोसेस”

  1. जिस रजिस्टरी मे पुराना इंतकाल नं नही होता उसका दाखिल खारिज केसे मान्य होता है

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  2. मेरा सुझाव हरियाणा सरकार को है कि पहले हम रजिस्टरी करवाते थे तो हमें सटांप पेपर के रूप मे बहुत मजबूत कागज़ मिलता था परंतु अब साधारण कागज पर ओन लाइन संटाप पेपर दे दिया जाता है मेरा सरकार से निवेदन है कि रजिस्टरी पत्र के रुप एक मजबूत कागज़ शुरू करें

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  3. Sir mere pitaji ko jamin liye 10-12 saal ho gye haien aur jamin rajistry karwane se pahle unki aur jamin ke maalik dono ki deth ho gai aur ab jamin ke maalik ke bhai ka kahna hai ki jamin ham waapas chahte haien aur jamin ka nagad paida de kar ghar banaya ja chuka hai to maien us jamin ki rajistry kaise karun mere pass maalik ka jamin ke likhe pepers gawaahon ke saanth hai par wo mujhe torcher kar raha hai to mujhe kya upay karna chahiye please iska upaye bataaiye…

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  4. दादाजी ने जमीन सेल डेड कर जमीन को मेरे नाम रजिस्ट्री करवा दी है तो क्या मैं जमीन को बेच सकता हूँ

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  5. Sir 70 gaj ka plote he or usme khsra no. Dale huye he wo jamin sc ke naam pe society patta nhi direct rajistry he use obc me rajistry krwani he kya problm aayegi wo jamin ke plote kate the tb society ko srender nhi ki direct rajistry khsra no. Se krwa di sir plzz help me

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  6. मेरे दादा के कुल 8 वारिस ह उन्होंने जमीन खरीदी और 2 के नाम रजिस्ट्री करवादी 35 वरस पहले अब उसमे बाकी लोगो के नाम भी जुड़वा दिए किसी ने। अब उन दो को क्या करना चाहिए नाम एक माह पहले जुड़वा ए ह मुझे अब पता लगा ह

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    • aap registry me koi term bhi diya gaya to use check kare. sampati pr sabhi varish ka hak hota hai. lekin ydi kisi vishesh vyakti ke nam registry kar di jati hai. to fir kisi anya varish ka hak nahi bachata hai. aap kisi achhe vakeel se samprk kijiye.

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      • कोई term and condition नहीं ह
        फिर भी नाम जुड़वा दिए है
        अब कोई अधिकारी की मिलभगत से हुआ है ऐसा प्रतीत होता है तो इस condition me case file kis i व्यक्ति विशेष पर किया जा सकता है क्या

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  7. SIR इसमें एक ओर खेत है जोकि मेरी दादी के नाम से खरीदा गया था और उन्होंने मेरे चाचा के नाम दान करके रजिस्ट्री करवादी थी उसमे भी 9 के नाम आ गए ह अब हमे क्या करना चाहिए और इसमें कोई मिलीभगत हो सकती ह क्या

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  8. कृषि जमीन खरीद लिया ओर ऊस का रजिस्ट्री करवा दिया 2004 मे खुद मालिक ने ओरअब रेट बढने के कारण उनकी बेटियो ने मुकदमा दर्ज करवा दिए की हमारे साईन नहीं है ओर हम रजिस्ट्री कसील करवा देगा नहीं तो अब ओर रूपये दो

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  9. विवादित प्लॉट पर बैंक लोन senction karta है कि नहीं??
    एक प्लॉट की एक से अधिक registry हो सकती है क्या?

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  10. कोई plot kharidana है तो कैसे पता करे कि ये sahi hai विवादित नहीं है?
    Plz help

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  11. Sr mujay jamen khriday 10 years ho gay hay aour rajestre huei hay ghar bhie banva liya hay. Magher dakhil kharij nhai karya kya ab dakhil kharij ho jay ga

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  12. हरियाणा सरकार में कैसे कैसे जमीन की रजिस्ट्री बंद है

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  13. Mene 1 plot ka registered agreement kya usk keemat 450000 thi 400000char lakh rupye use de diye pachas hajar shesh bhi de diye agreement ke bad parantoo vah vyakti bhag gaya he ab uski registry kaisekarayen.register notice bhejte hen to vah bapas aajayega kyonki vah to us sthan par he hi nahin
    Pl tell me next legal process to get registry

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  14. Sir meri abhi शादी हुई है और मैंने एक प्लॉट खरीदा है उस प्लॉट को मैं अपने वाइफ के नाम krwana चाह रहा hu लेकिन अभी उसके अधार कार्ड में मेरा नाम नहीं h ya ye कहिए abhi राशन कार्ड m bhi nahi h to kya ye meri wife k नाम से हो सकता है

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  15. Mere dada kind Kars his jamin Ko Abadi mai kava kr mere pita ji ne alag alag logo Ko bechi hai
    OR muje Bina puche
    Ab mai kya kr skta hu
    Plzz help me

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  16. मैं अपने दादाजी की पर्पटी अपने तीन भाई हैं के नाम रजिस्ट्री करवा लिया है जिसको मेरी चाची दावा कर रजिस्ट्री रद्द करने की कोशिश कर रही है।
    ऐसा हो सकता है क्या ?

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    • Ydi aapke dada ne swayam aap logo ke nam registry karvayi hai to koi dikkat nhi hogi. Lekin ydi aapne dhokhadhadi se karvaya hai. To dikkat aa skti hai. Kyonki aapke chacha chachi ka bhi dada ki property pr adhikar hai.

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  17. सर,मेरे दादाजी अनपढ़ है और उनकी जमीन मेसे किसी ने एक बीघा जमीन की रजिस्ट्रीअपने नाम करवा ली है तो उसे वापिस पाने के लिए क्या कर सकते हैं ।
    प्लीज़ सर् बताना और डिटेल में बताना ।

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  18. Sir Mene apni property sale ki hai, jiski registry bhi ho gai but dealer abhi tak payment nahi de raha
    Kya registry cancel ho sakti h

    Pls suggest

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  19. Sir ham dho bahi h or jamin 32 biga h ush ke heshe ki 16 biga le li or mere naam 13 biga hi h 3 biga par ush ne chori chupe antkal me apna naam kara liya .kya antkal cancel ho sakta h .or an muje kaya karna chahiye please comment

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