World Top 10 Universities कौन सी हैं? विश्व की टॉप यूनिवर्सिटी Selection Parameter

दुनिया में कई ऐसी नामी गिरामी Universities हैं, जिनमें शिक्षा पाना किसी का भी ख्वाब हो सकता है। हमारे देश में जहां ज्यादातर Students देश की Top Universities में पढ़ना चाहते हैं, वहीं Students भी कम नहीं, जो World Top 10 Universities में पढ़कर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। ऐसा सदियों से चला आया है। मशहूर गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन से लेकर देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तक कभी पढ़ाई तो कभी professional practice के नाम पर बाहर जाने का क्रम अनवरत जारी रहा है।

World Top 10 Universities कौन सी हैं? विश्व की टॉप यूनिवर्सिटी Selection Parameter

आज हम आपको विश्व की World Top 10 Universities के बारे में बताएंगे। आपको यह भी बता दें कि यह Ranking times higher education की ओर से जारी की गई है। विदेश में पढ़ने के लिए जाने वाले Students के लिए बेहतरीन Universities की जानकारी बेहद अहम होती है। यहीं से उनकी जिंदगी का नया अध्याय शुरू होता है। जाहिर है कि हर student बेहतरीन University में शिक्षा ग्रहण करना चाहता है। आइए, आज इस post के माध्यम से जानते हैं इन Top Universities के बारे में।

World Top 10 Universities कौन कौन सी हैं –

World Top 10 Universities की बात करें तो Times higher education World University Rankings 2019 के मुताबिक यह Universities हैं सबसे ऊपर –

  1. University of oxford, united kingdom
  2. University of cambridge, united kingdom
  3. stanford University, united states
  4. massachUsetts institute of technology, united states
  5. california institute of technology, united states
  6. harvard University, united states
  7. princeton University, united states
  8. yale University, united states
  9. imperial college london, united kingdom
  10. University of chicago, united states

World Top 10 Universities की इस list में शामिल हर University का अपना अलग मुकाम है, लेकिन oxford और cambridge दो ऐसे नाम हैं, जो दुनिया के हर scholar का ख्वाब होती हैं। बहुत सारे Students होते हैं, जो बचपन से ही इन Universities में प्रवेश लेने का सपना लिए बड़े होते हैं।

वित्तीय अभाव से अब बंद नहीं होते रास्ते –

यह बात राहत देने वाली है कि वित्तीय अभाव की वजह से अब Students के रास्ते बंद नहीं होते हैं। विभिन्न बैंकों की ओर से रियायती दर पर मिलने वाले Students और education loan ने उनकी राह को काफी हद तक आसान किया है। रोजगार हासिल होने के बाद उनको इस loan को चुकाना होता है। इसके लिए कुछ मियाद और शर्त भी निर्धारित होती हैं। तब तक उनकी degree बैंक के पास रहती है। यह नहीं होता तो banks security के तौर पर अपने पास loan लेने वाले Students का कोई न कोई document जरूर रखते हैं। ऐसा इसलिए ताकि उनका दिया हुआ loan डूबत ऋण न साबित हो।

World Top 10 Universities की Ranking का आधार –

Top 10 Ranking के बारे में जानने के बाद अब आपके दिमाग में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर इस Ranking का आधार क्या है? तो हम आपको बता दें कि Ranking में 1250 Universities शामिल की गई थीं। इन्हें 13 performance indicators के आधार पर points दिए गए। विभिन्न Universities की ओर से दिए गए data का पर्याप्त investigation करने के बाद इस list को अंतिम रूप दिया जाता है और इसके बाद सभी के Use के लिए इसे जारी किया जाता है।

Performance Indicators क्या हैं –

साथियों, World की World Top 10 Universities की रैंकिंग में भी लगभग वही Parameters Use किए गए हैं,जो कि भारत की World Top 10 Universities की Ranking करते हुए NIRF यानी National Institutional Ranking Framework इस्तेमाल करता है। 100% को इन Parameters के हिसाब से वर्गीकृत किया गया है। इनमें शामिल है –

1- Teaching (सीखने का वातावरण-30%) इसमें शामिल है-

a-reputation survey

b-staff और student ratio

c-doctorates और bachelor’s ratio

d- academic staff को doctorate award का ratio

e-institutional income

2-research (volume, income and reputation-30%) –

a-reputation survey

b-research income

c-research productivity

3- citations (research प्रभाव-30%)

4- international outlook (staff, Students और research-7.5%) –

a-international Students का अनुपात

b-international staff का अनुपात

c-international collaboration

5- industry income (knowledge transfer 2.5%) –

जैसा कि आप देख सकते हैं कि इन performance indicators में सबसे ज्यादा value अलग-अलग रूपों में research को ही ही दी गई है। इन Parameters के आधार पर हासिल अंकों का योग ही Top Ranking तय करता है। विदेश के Universities में दाखिला लेने के लिए वहां जाने को छात्रों, छात्राओं को student Visa की जरूरत होती है। इसके लिए उन्हें दूतावास से संपर्क करना होता है। इससे पहले एक language test भी आयोजित किया जाता है।

कई companies होती हैं, जो visa assistance प्रदान करती हैं। इसके लिए Students को निर्धारित Documents भी जमा करने होते हैं। इसमें शिक्षा से जुड़े Documents के साथ ही संबंधित University का बुलावा पत्र भी शामिल होता है। Oxford की बात कर रहे हैं तो यह भी जान लें कि research और innovation contracts के जरिए ही इस University को सबसे ज्यादा आय प्राप्त होती है। दोस्तों, आपको बता दें कि Oxford अलहदा विषयों पर research projects को मंजूरी देता है। इसमें तकरीबन हर field से जुड़े विषय शामिल हैं।

Oxford University का दुनिया भर में नाम क्यों है –

पढ़ाई के क्षेत्र में Oxford, Cambridge जैसी Universities का अलग ही मुकाम है। खास तौर पर Oxford की बात करें तो इसका दुनिया में कोई सानी नहीं। मसलन Oxford ने मारग्रेट थैचर समेत uk को 28 प्रधानमंत्री दिए हैं। यहां के 72 स्कालर्स को आगे चलकर nobel prize हासिल हुआ। यहीं की alumnai के नाम 106 ओलंपिक medal रहे हैं। यह। Oxford University का गौरवशाली इतिहास ही है कि पढ़ाई के लिए दुनिया भर के Students की Top priority list में शामिल है यह University. धनी मानी अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा को अपने status से जोड़कर देखते हैं। इसे status symbol समझते हैं, ऐसे में इन दुनिया की Top 10 में से University में अपने नौनिहाल को दाखिला दिलाने में पीछे नहीं रहते।

उदाहरण के लिए आप फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों, राजनेताओं के बच्चों या business tycoons के चश्म ओ चिरागों को ही ले लें। कोई विख्यात University में film production या acting से जुड़ा course करता मिलेगा तो कोई finance से जुड़ा कोई course.कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके राहुल गांधी को ही लें, जिन्होंने Oxford से finance में degree ली और कुछ समय तक London में banker के तौर पर काम भी किया।

यह अलग बात है कि भारत वापस आने पर उन्होंने finance से जुड़ी अपनी राह बदल ली और अपने परिवार की परंपरा पर चलते हुए politics में उतर गए। एक राजनेता के तौर पर भी अपने finance से जुड़े ज्ञान का इस्तेमाल करने का उनके पास बहुत scope है। भारत जिस तरह की वित्तीय चुनौती से जूझ रहा है, यदि भविष्य में कभी सत्ता में लौटने का मौका मिलता है तो उन्हें अपनी knowledge के implementation का भी मौका मिलेगा।

NIRF के भी ज्यादातर यही Parameters –

जैसा कि आप ऊपर देख और पढ़ चुके हैं, इनमें ज्यादातर Parameters वहीं हैं, जो कि हमारे देश में Universities की Ranking के लिए NIRF Use करता है। चूंकि NIRF 2015 में ही सामने आया है, ऐसे में माना जा सकता है कि इसने अपने Parameters international level पर best Universities की Ranking Parameters से मिलते-जुलते तय किए हैं। इसका मकसद भी वही है, जो दुनिया की Top Universities का है, यानी कि Ranking pattern में एकरूपता लाए जाना।

जरूरत के मुताबिक इसमें मामूली बदलाव framework अपने स्तर पर करता है। जो कि MHRD यानी मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गठित Expert committe के सुझावों के आधार पर होता है। इनमें Teaching यानी learning resourses, research outcome, professional practice आदि जैसे Parameters खास तौर पर शामिल हैं।

अलग-अलग देशों की Universities के लिए है Craze –

Students में अलग-अलग देशों की Universities के लिए craze होता है। World Top 10 Universities में जिन विश्वविद्यालय का नाम शामिल है, उनके प्रति तो Students का craze है ही, इसके अलावा अन्य कई देशों की Universities उनकी priority list में होती हैं। इसकी वजह उन विदेशी Universities में शिक्षा का सस्ता होना है। मसलन इन दिनों medical Students का रुझान बांग्लादेश की Universities की ओर ज्यादा बढ़ रहा है। इसकी वजह वहां medical की पढ़ाई सस्ता होना है। Engineering, technology के लिए Students US को prefer करते ही हैं।

इसके अलावा Australia, China जैसे देशों में पढ़ने जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां लगे हाथ आपको यह भी बता दें कि भारत भी संस्कृत भाषा के लिए नेपाल से पढ़ने आने वाले Students का गढ़ रहा है। इसके अलावा Russia, Germany आदि जगहों से भी cultural और language Studies के लिए बड़ी संख्या में Students India का रुख करते हैं। इसमें male और female दोनों ही तरह के Students की अच्छी खासी तादाद होती है। अब तो center की भाजपा सरकार yoga Studies को भी खूब बढ़ावा दे रही है। इसकी ओर भी विदेशी Students बड़े पैमाने पर आकर्षित हो रहे हैं।

Oxford ने वक्त के साथ किया बदलाव भी –

दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि समय के अनुसार इस University ने स्वयं में बदलाव भी किया है। यहां undergraduate, graduate, continuing education के अलावा अब वक्त की जरूरत को देखते हुए Online और distance learning education course भी संचालित किए जा रहे हैं। इससे फायदा यह है कि दूर बैठे Students भी आराम से इन courses का लाभ उठा सकते हैं।

भारत में भी है पूरब का Oxford –

इनकी महत्ता को इसी से समझा जा सकता है कि हमारे देश की Allahabad University को पूरब का Oxford पुकारा गया। इन दोनों ही Universities ने बड़े कलाकार, वैज्ञानिक, प्रशासक, चिंतक, राजनेता और खिलाड़ी इस दुनिया को दिए हैं। वह दुनिया में बड़े Students के role model हैं। वह उन जैसी ख्याति अर्जित करने की चाह में इन Universities में पढ़ने की इच्छा अपने मन में पाले हुए होते हैं। आपको यह भी बता दें कि वहां तक पहुंच आसान कदापि नहीं। चयन प्रक्रिया कठिन और लंबी है। दूसरे USA, UK में पढ़ाई बहुत महंगी है। बाहर से जाने वाले ज्यादातर Students ऐसे हैं, जो अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए वहां अन्य कार्य करने के लिए भी मजबूर हैं। वहां उन्हें दोहरा जीवन जीना पड़ रहा है।

तो दोस्तों, यह थी World की World Top 10 Universities कौन सी हैं? उनके Ranking Parameters आदि पर आधारित जानकारी। आशा है कि आपको यह post पसंद आई होगी। अगर दुनिया की किसी भी University के बारे में जानने के लिए आपके दिल और दिमाग में भी आ रहा है कोई सवाल तो आप यहां comment करके पूछ सकते हैं। इसके अलावा भी आपका कोई suggestion है तो उसका भी स्वागत है। आपके comments, suggestions का हमें इंतजार रहेगा।। धन्यवाद ।।

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