महिला उत्पीड़न की शिकायत कैसे करें? महिला उत्पीड़न की धारा, सजा, नियम

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एक जमाना था, जब महिलाएं अपने साथ घर एवं बाहर हो रहे यौन उत्पीड़न की शिकायत को जुबां तक भी नहीं लाती थीं। उन्हें लगता था कि पुरुष प्रधान समाज में इसके लिए उन्हें ही दोषी समझा जाएगा। उनके लिए घर से बाहर निकलने के रास्ते भी बंद हो जाएंगे। लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बदल रही है। महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सचेत हो गई हैं और अपने साथ हो रहे यौन उत्पीड़न के खिलाफ भी आवाज उठा रही हैं।

यदि आप अथवा आपकी कोई प्रिय/रिश्तेदार/परिचित/ महिला भी यौन उत्पीड़न का सामना कर रही है तो आप भी चुप मत बैठिए, आवाज उठाइए। आज हम आपको बताएंगे कि आप महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे कर सकते हैं? (Where and how to make complaint of women harrasment?) आइए, शुरू करते हैं-

महिला उत्पीड़न से क्या आशय है? (What the meaning of women harrasment?)

दोस्तों, सबसे पहले आपको महिला उत्पीड़न (women harassments) के बारे में बताते हैं। बहुत से लोग यह मानते हैं कि केवल शारीरिक (physical) अथवा यौन उत्पीड़न (sexual harassments) ही महिला उत्पीड़न (women harassments) होता है, लेकिन ऐसा नहीं है।

महिला उत्पीड़न की शिकायत कैसे करें? महिला उत्पीड़न की धारा, सजा, नियम

महिला उत्पीड़न की जब बात होती है तो यह केवल शारीरिक उत्पीड़न (physical harrasment) नहीं होता। महिलाओं के साथ किया गया किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार, कोई मजाक, कोई भी अभद्र ईमेल अथवा फोन मैसेज अथवा फेसबुक मैसेज, जो भी उन्हें असहज महसूस कराए महिला उत्पीड़न में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार यदि देखें तो महिला उत्पीड़न के प्रकार इस प्रकार से हैं-

  • शारीरिक उत्पीड़न (physical harrasment)।
  • मानसिक/भावनात्मक उत्पीड़न (mental/emotional harrasment)।
  • यौन उत्पीड़न (sexual harrasment)।
  • आर्थिक उत्पीडन (economic harrasment)।
  • सामाजिक उत्पीड़न (social harrasment)।
  • सांस्कृतिक उत्पीड़न (cultural harrasment) आदि।

महिलाएं अपने साथ किस प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत कर सकती हैं? (Women can complaint of What type of harrasment with them?)

आपके मन में यह सवाल अवश्य आ रहा होगा कि आखिर महिलाएं किस प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत कर सकती हैं? आपकी सुविधा के लिए हाजिर है इन शिकायतों का ब्योरा। ये इस प्रकार से हैं –

  • यदि महिला के साथ घर अथवा बाहर छेड़खानी हो।
  • यदि महिला के साथ घर अथवा बाहर यौन उत्पीड़न (sexual harrasment) हो।
  • यदि सोशल मीडिया (social media) पर आपत्तिजनक संदेश मिल रहे हों।
  • यदि साइबर स्टाकिंग (cyber stockings) हो रही हो।
  • यदि साइबर बुलिंग (cyber bullying) हो रही हो।
  • यदि मोबाइल फोन (mobile phone) पर अश्लील कॉल अथवा मैसेज आए।

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां करें? (Where to complaint of women harrasment?)

यदि उत्पीड़न की शिकार महिला उत्तर प्रदेश की रहने वाली है तो वह वूमेन पावर हेल्पलाइन (women power helpline) के नंबर 1090 पर शिकायत कर सकती हैं। इस शिकायत पर वूमेन पावर काल सेंटर (women power call center) तुरंत एक्शन लेगा। आपको बता दें दोस्तों कि इस हेल्पलाइन की शुरूआत आज से करीब 12 वर्ष पूर्व सन् 2010 में हुई थी।

महिला सशक्तीकरण (women empowerment) की दिशा में इसे एक बेहद शानदार पहल माना गया था। इसके अतिरिक्त महिला अपनी शिकायत राज्य महिला आयोग state (women commission) में कर सकती है। यदि वह वहां के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो राष्ट्रीय महिला आयोग (national women commission) तक का दरवाजा खटखटा सकती है।

क्या महिला के अतिरिक्त कोई और भी उसके उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत कर सकता है? (Can anyone alse make a complaint in place of aggrieved women?)

जी हां, दोस्तों। बात वूमेन पावर हेल्पलाइन की करें तो इसके साथ खास बात यह है कि इस पर न केवल उत्पीड़िन की शिकार महिला, बल्कि उसकी कोई सहेली अथवा रिश्तेदार (friend or relative) भी शिकायत (complaint) दर्ज कर सकती है। संबंधित महिलाओं की पहचान को गुप्त रखा जाता है।

उन्हें किसी भी स्थिति में पुलिस थाने (police station) अथवा कार्यालय में नहीं बुलाया जाता। सारी शिकायत महिला पुलिसकर्मी सुनती हैं। पुरुष सहकर्मियों को उतनी ही सूचना अथवा जानकारी देती हैं, जितनी कि मामले की विवेचना के लिए आवश्यक हो। महिलाएं शिकायत के लिए वूमेन सिक्योरिटी एप (women security app) की भी मदद ले सकती हैं।

यदि पुलिस में महिलाओं की रिपोर्ट दर्ज न हो तो क्या करें? (What to do if police doesn’t register woman’s complaint?)

मित्रों, यदि उत्पीडन की शिकार महिला उत्तर प्रदेश (UP) की है तो और यदि उसकी शिकायत दर्ज (complaint register) करने में पुलिस आनाकानी करती है तो राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश (state women commission, up) में रिपोर्ट दर्ज करा सकती है। इसके लिए वह [email protected] पर ई मेल (email) कर सकती है।

यदि महिला व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए शिकायत करना चाहती है तो इसके लिए वह अपना मैसेज लिखकर 6306511708 नंबर पर भेज सकती है। महिला चाहे तो फैक्स (fax) के जरिए भी महिला आयोग तक अपनी शिकायत पहुंचा सकती है। इसके लिए उसे 0522-2728671 पर फैक्स (fax) भेजना होगा।

यदि यहां भी उसकी नहीं सुनी जाती तो वह राष्ट्रीय महिला आयोग (national women commission) यानी एनसीडब्ल्यू (NCW) को अपनी शिकायत भेज सकती है। इसके बारे में हमने आपको आगे जानकारी दी है।

महिलाएं राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत कैसे कर सकती हैं? (How women can make their complaint to national women commission?)

दोस्तों, यदि उत्पीड़न की शिकार महिला की कहीं नहीं सुनी जाती तो वह राष्ट्रीय महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। वह ऐसा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन (online/offline) दोनों तरीकों से कर सकती है। यदि महिला अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज (complaint online register) कराना चाहती है तो उसे इस प्रक्रिया (process) को फॉलो (follow) करना होगा-

Total Time: 30 minutes

पोर्टल वेबसाइट पर जाएं –

नेशनल वीमेंस कमीशन के पोर्टल पर जाएं (go to national women commission’s portal) सबसे पहले महिला को http://nceapps.nic in/online complaintsSV2/ लिंक पर जाना होगा।

शिकायत दर्ज करने के लिए यहां क्लिक करें के विकल्प पर क्लीक करें –

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे करें

यहां होम पेज (home page) पर ‘शिकायत दर्ज करने के लिए यहां क्लिक करें’ (click here to register a complaint) के ऑप्शन (option) पर क्लिक (click) करना होगा।

कंप्लेंट रजिस्ट्रेशन फार्म भरें –

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे करें 1 1

अब उसके सामने एक कंप्लेंट्स रजिस्ट्रेशन फॉर्म (complaint registration form) खुल जाएगा। इसमें उसे यह ब्योरा (details) दर्ज करना होगा। जैसे कि शिकायतकर्ता का व्यक्तिगत ब्योरा, जैसे-नाम, राज्य, जिला, पिनकोड, ईमेल आई, मोबाइल नंबर आदि

पीड़ित का ब्यौरा लिखें –

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे करें

पीड़िता का ब्योरा, जैसे- क्या शिकायतकर्ता ही पीड़ित है? यदि नहीं तो पीड़िता का नाम, पूरा पता, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, लिंग, जन्म तिथि, जाति धर्म आदि।

घटना का ब्यौरा भरें –

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे करें

इसके पश्चात घटना का ब्योरा दर्ज करना होगा कि पीड़िता के साथ कब? क्या? कैसे? घटित हुआ? जैसे कि प्रतिवादी की डिटेल्स-नाम, पता, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि।

शिकायत का ब्योरा भरें –

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे करें

शिकायत का ब्योरा, जैसे-प्रतिवादी का विभाग (यदि मामले में लागू हो), घटना की तिथि, क्या आपका आपका मामला कोर्ट में लंबित है? यदि जवाब ‘हां’ हो तो केस संख्या लिखें। क्या आपका मामला किसी राज्य महिला आयोग के पास लंबित है? यदि जवाब ‘हां’ में हो तो केस नंबर डालें

कंप्लेंट सबमिट करें (submit the complaint)

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां व कैसे करें

फार्म में सारी जानकारी सही सही भरने के बाद कैप्चा कोड (captcha code) डालें। इसके पश्चात सबमिट (submit) के ऑप्शन (option) पर क्लिक (click) कर दें। इस प्रकार आपका फार्म जमा हो जाएगा।

रसीद सँख्या प्राप्त करें –

आपको बता दें दोस्तों कि इसके बाद आपको एक रसीद संख्या (receipt number) मिल जाएगी। इसके आप भविष्य के संदर्भ (future reference) के लिए सुरक्षित रखें। आपकी शिकायत समेत इस प्रकार के सभी मामलों को राष्ट्रीय महिला आयोग का कंप्लेंट्स एंड इन्वेस्टिगेशन सेल (complaints and investigation cell) प्रोसेस करता है

महिला आयोग के पास ऑफलाइन शिकायत कैसे कर सकते हैं? (How to make an offline complaint to women commission?)

महिलाएं महिला आयोग के समक्ष न केवल ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती है, बल्कि वह चाहें तो अपनी शिकायत ऑफलाइन भी राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा सकती हैं। वे फोन नंबर के जरिए भी अपनी शिकायत आयोग को कर सकती है। इसके लिए आयोग की ओर से दो नंबर जारी किए गए हैं- 91-1126944880 एवं 91-1126944883।

यदि आप चाहें तो डाक के जरिए भी (by post) अपनी शिकायत लिखकर भेज सकती है। आयोग के कार्यालय का पता है-प्लॉट नंबर 21, एफसी 33, इंस्टीट्यूशनल एरिया, जसोला, नई दिल्ली-110025। यदि पीडित महिला चाहे वह इस बताए गए पते पर अपनी शिकायत स्वयं जाकर भी कर सकती है। कोई भी महिला इस संबंध में अधिक जानकारी टोल फ्री नंबर (toll free number) 18001805220 से प्राप्त कर सकती है।

विभिन्न संस्थानों ने महिला उत्पीड़न रोकने के लिए किस प्रकार की व्यवस्था बनाई है? (what type of arrangements have institutions made to stop women harrasment?)

जिन संस्थानों में 10 अथवा इससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक को लेकर समिति का गठन तो किया ही है, वहीं कई प्रकार की व्यवस्था की गई है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • घटना के संबंध में लिखित माफी।
  • ऐसा न करने को लेकर चेतावनी।
  • पदोन्नति अथवा वेतन वृद्धि रोकना।
  • काउंसिलिंग/कम्युनिटी सर्विस।
  • नौकरी से बाहर कर देना।

महिला उत्पीड़न के मामले में विभिन्न राज्यों की क्या स्थिति है? (What is the status of different states in case of women harrasment?)

मित्रों, अब हम आपको बताते हैं कि महिला उत्पीड़न के मामले में विभिन्न राज्यों की क्या स्थिति है? बात महिला अपराध की करते हैं। यदि राष्ट्रीय महिला आयोग (national women commission) के पास आई शिकायतों की बात करें तो इनमें 46 की वृद्धि दर्ज की गई है।

माना जा रहा है कि आयोग (commission) की ओर से जागरूकता शिविर आदि के आयोजन के फलस्वरूप ऐसा हुआ है। बड़ी बात यह है कि इनमें से आधे मामले अकेले उत्तर प्रदेश के हैं। यदि पिछले वर्ष यानी 2021 के पहले 8 महीनों की बात करें तो महिला आयोग में कुल 19,953 शिकायतें आईं थीं। जबकि इससे पहले साल इतने ही समय में कुल 13,618 मामले दर्ज किए गए थे। आपको बता दें दोस्तों कि दूसरे स्थान पर दिल्ली (Delhi) रहा।

आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश से 10,084, दिल्ली से 2,147, हरियाणा (haryana) से 995, जबकि महाराष्ट्र (Maharashtra) से कुल 974 शिकायतें राष्ट्रीय महिला आयोग के पास पहुंचीं। अब यदि इन अपराधों की कैटेगरी (categories of crime) की बात करें तो सर्वाधिक मामले 7,836 जीवन और सम्मान (life and honour) से जुड़े थे।

इसके बाद घरेलू हिंसा (domestic violence) के 4,289 केस दर्ज किए गए थे। दहेज शोषण (dowry exploitation) के 2,923 मामले सामने आए थे, जबकि साइबर अपराध (cyber crime) के कुल 585 मामले दर्ज किए गए। 1,022 मामले रेप (rape) एवं रेप की कोशिश (attempt of rape) के दर्ज किए गए।

महिला उत्पीड़न क्या होता है?

ऐसी कोई भी क्रिया अथवा संदेश, जिससे महिला असहज महसूस करे, महिला उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। इसमें फोन मैसेज, फेसबुक मैसेज तक शामिल हैं।

क्या यौन उत्पीड़न ही महिला उत्पीड़न कहलाता है?

जी नहीं, इस श्रेणी में केवल यौन उत्पीड़न ही शामिल नहीं, वरन महिला उत्पीडन शारीरिक, आर्थिक, मौखिक कई प्रकार का हो सकता है।

वूमेन पावर हेल्पलाइन का क्या नंबर है?

वूमेन पावर हेल्पलाइन का नंबर 1020 है।

क्या यह आवश्यक है कि हेल्पलाइन में उत्पीड़न की शिकार महिला अपनी शिकायत स्वयं करे?

जी नहीं, उसकी कोई रिश्तेदार अथवा सहेली भी उसके उत्पीड़न के संबंध में शिकायत कर सकती है।

क्या हेल्पलाइन में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के नाम गुप्त रखे जाते हैं?

जी हां, हेल्पलाइन में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के नाम गुप्त रखे जाते हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग में महिला उत्पीड़न की शिकायत किस प्रकार की जा सकती है?

राष्ट्रीय महिला आयोग में महिला उत्पीड़न की शिकायत करने की प्रक्रिया की जानकारी हमने आपको पोस्ट में दी है। आप वहां से पढ़ सकते हैं।

दोस्तों, हमने आपको इस पोस्ट (post) में महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां करें व कैसे करें विषय पर पर्याप्त एवं महत्वपूर्ण जानकारी दी। यदि इस पोस्ट को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप उसे नीचे दिए गए कमेंट बाक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके हम तक पहुंचा सकते हैं। ।।धन्यवाद।।

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