पीएफ पेंशन का पैसा कैसे निकालें? पीएफ पेंशन नियम 2022

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सामान्य रूप से कोई भी कर्मचारी जिंदगी भर मेहनत से काम करता है। अपने बच्चों की शिक्षा, विवाह जैसी अपनी सारी जिम्मेदारियों से निपटने के पश्चात उसे उम्मीद होती है कि रिटायरमेंट के बाद वह अपनी पेंशन के सहारे आराम से दिन काटेगा। उसकी इस आवश्यकता को महसूस करते हुए एक नौकरीपेशा की तनख्वाह में से कुछ हिस्सा इसीलिए काटकर पेंशन कोष यानी पेंशन फंड में जमा किया जाता है, ताकि वह रिटायरमेंट के पश्चात उसका लाभ उठा सके।

पीएफ पेंशन की बात करें तो वह कर्मचारी की बेसिक सैलरी के हिसाब से निर्धारित होती है। पेंशन निकालने के कुछ नियम भी निर्धारित किए गए हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको इसी संबंध में जानकारी देंगे कि पीएफ पेंशन का पैसा कैसे निकाला जा सकता है। आइए, शुरू करते हैं-

कर्मचारी पेंशन क्या होती है? (what is employee pension)

दोस्तों, इससे पूर्व कि हम आगे बढ़ें आइए, सबसे पहले जान लेते हैं कि पेंशन क्या होती है? कर्मचारी पेंशन से क्या तात्पर्य है? मित्रों, पेंशन मूल रूप से एक ऐसा कोष है, जिसमें किसी कर्मचारी के रोजगार अथवा सर्विस के वर्षों के दौरान पैसा जोड़ा जाता है।

पीएफ पेंशन का पैसा कैसे निकालें? (how to withdraw pf pension)

कर्मचारी के रिटायरमेंट के पश्चात कर्मचारी को इस कोष से आवधिक भुगतान किया जाता है। कर्मचारी की मृत्यु के पश्चात उसके पति/पत्नी को पेंशन मिलती है।

किसी नौकरीपेशा की पेंशन कैसे बनती है (how a service man’s pension is determined)

साथियों, अब आपको बता देते हैं कि किसी नौकरीपेशा की पेंशन कैसे बनती है। दरअसल, पीएफ (EPF) यानी कर्मचारी भविष्य निधि (employee’s provident fund) में दो तरह की योजनाओं में पैसा जमा होता है। एक होता है ईपीएफ (EPF) एवं दूसरा ईपीएस (EPS) यानी कर्मचारी पेंशन योजना (employee’s pension scheme)।

आपको बता दें दोस्तों कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% उसकी सैलरी (salary) से काटकर पीएफ (PF) में जमा किया जाता है। कंपनी का भी इतना ही अंशदान होता है, लेकिन उसका केवल 3.67% हिस्सा ईपीएफ में जमा होता है, जबकि बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस में जमा हो जाता है।

पेंशन कब बनती है? (when a person is eligible to get pension )

साथियों, अब आपके मन में यह सवाल अवश्य उठ रहा होगा कि पेंशन कब बनती है। आपको बता दें कि यदि आपकी नौकरी 10 साल की हो गई है तो आप पेंशन के हकदार हो जाते हैं। 58 वर्ष की उम्र हो जाने पर आपको मासिक पेंशन (monthly pension) के रूप में कुछ वेतन मिलने लगता है।

आपको यह भी जानकारी दे दें कि यदि आपका ट्रांसफर हो जाता है, अथवा आप एक नौकरी छोड़ दूसरी नौकरी करते हैं तो पेंशन की रकम आपकी सर्विस हिस्ट्री (service history) से जुड़ जाती है।

इसका अर्थ यह है कि यदि अलग अलग जगह नौकरी करते हुए भी आपकी सर्विस हिस्ट्री 10 वर्ष की हो जाती है तो आप पेंशन (pension) के हकदार होंगे।

पेंशनर बनने के लिए क्या आवश्यक है (what is necessary to be a pensioner)

दोस्तों, आपको बता दें कि ईपीएस (EPS)-95 एक्ट के अंतर्गत मासिक पेंशन पाने के लिए कुछ पात्रता निर्धारित की गई है, जो कि इस प्रकार है-

  • कर्मचारी के लिए 10 वर्ष की नौकरी पूरी करना आवश्यक है।
  • यह नौकरी किसी एक कंपनी अथवा अलग अलग स्थानों पर भी हो सकती है।
  • पेंशन के लिए 50 एवं नियमित पेंशन पाने के लिए 58 वर्ष की उम्र होनी आवश्यक है।

पेंशन की रकम कब निकाल सकते हैं? when a person can withdraw his pension)

मित्रों, अब आपको बताते हैं कि आप पेंशन की रकम कब निकाल सकते हैं। आपको जानकारी दे दें कि यदि आपकी सर्विस छह माह से कम की है, यानी आपने 180 दिन से कम काम किया है तो आप पेंशन नहीं निकाल सकते।

यदि आपकी नौकरी नौ वर्ष छह माह से अधिक हो गई है तो भी आप पेंशन की रकम नहीं निकाल सकते, क्योंकि इसे 10 वर्ष के बराबर माना जाता है।

इसका सीधा सा अर्थ यह है कि यदि आपकी नौकरी छह माह से अधिक हो चुकी है एवं नौ वर्ष छह माह से कम की है तो आप अपनी पीएफ की राशि के साथ पेंशन भी निकाल सकते हैं। इसके लिए नौकरी छोड़ने के दो महीने पश्चात आपको फाॅर्म (form) 19 एवं फ़ार्म (form) 10C भरना होगा।

आप अपनी पेंशन की राशि कैसे निकाल सकते हैं? (how one can withdraw his pension)

दोस्तों, पेंशन की राशि निकालने के लिए आपको साधारण रूप से अपने पीएफ आफिस (pf office) में जाकर पीएफ पेंशन (pf pension) के लिए आवेदन करना होगा। फाॅर्म भरकर ईपीएफओ के कार्यालय में ही जमा करना होगा।

फाॅर्म भरने के पश्चात पांच से 10 दिन के भीतर आपके आवेदन की प्रोसेसिंग (processing) यानी उस पर कार्रवाई शुरू कर दी जाती हैै।

सेवानिवृत्ति पर पेंशन निकालने के लिए कौन सा फाॅर्म सबमिट करना होगा? (which form to be submit on retirement for pension)

यह तो हम आपको बता ही चुके हैं कि यदि आपने 10 वर्ष से अधिक नौकरी कर ली है तो आप रिटायरमेंट के बाद ईपीएस (EPS)-95 के तहत पेंशन के हकदार हो गए हैं।

दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि कर्मचारी पेंशन योजना आज से 27 वर्ष पूर्व यानी ईपीएस सन् 1995 में शुरू की गई थी, इसीलिए इसे ईपीएस-95 के नाम से जाना जाता है। इसके लिए आपको फाॅर्म 10डी सबमिट करना होगा।

क्या फाॅर्म 10डी आनलाइन सबमिट किया जा सकता है (can form 10D submitted online)

जी हां, फाॅर्म 10डी को आनलाइन सबमिट किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित कर्मचारी को यूनिफाइड मेंबर पोर्टल unified member portal के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसका लिंक https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ है। इसके लिए कुछ बातें ध्यान रखी जानी आवश्यक हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-

  • आपका यूएएन (UAN) नंबर एक्टिवेट हो।
  • यूएएन में आपका आधार कार्ड लिंक हो एवं बैंक केवाईसी (Bank KYC) हो चुका हो।
  • यूएएन एकाउंट में आपकी प्रोफाइल फोटो (profile pic) लगी होनी चाहिए।
  • ई -नाॅमिनेशन (e-nomination) फाइल किया हुआ हो।
  • यह नाॅमिनेशन ई-साइन (e-sign) के जरिए वेरिफाई (verify) हो।
  • नौकरी ज्वाइन करने की तिथि एवं छोड़ने की तारीख अपडेट हो।
  • नौकरी के 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं।

फाॅर्म 10डी के आनलाइन आवेदन की क्या प्रक्रिया है? (what is the process to apply formD online )

  • आपको सबसे पहले यूएएन पोर्टल में लाॅगिन (login) करना होगा। इसका लिंक https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ है।
  • यहां आपको आनलाइन सर्विसेज (online services) का विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक (click) करके क्लेम फाॅर्म (claim form)-31, 19, 10सी एवं 10डी आप्शन चुनें।
पीएफ पेंशन का पैसा कैसे निकालें? (how to withdraw pf pension)
  • अब अपना बैंक एकाउंट नंबर (bank account number) दर्ज कर वेरिफाई (verify) करें।
  • अब proceed for online claim के विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब I want to apply for ड्राप डाउन menu में monthly pension from 10D चुनें।
  • डिटेल्स आफ स्कीम सर्टिफिकेट (यदि आपके पास कोई हो) तो जानकारी दर्ज करें।
पीएफ पेंशन का पैसा कैसे निकालें? (how to withdraw pf pension)
  • डिफर्ड पेंशन (deffered pension) आप्शन में yes अथवा no को चुनें।
  • फैमिली डिटेल्स (family details) में आपके नाॅमिनी (nominee) की डिटेल्स दिखेंगी। इन्हें जांच लें।
  • अब एंप्लाई एड्रेस (employee address) में अपना एड्रेस दर्ज करें।
  • बैंक डिटेल्स (bank details) में अपने बैंक एकाउंट का ब्योरा भरें।
  • अब upload scanned copy of cheque/passbook के विकल्प में संबंधित बैंक एकाउंट की चेक अथवा पासबुक की फोटो अपलोड करें।
  • इसके पश्चात Get aadhar के आप्शन पर क्लिक करें।
  • अब OTP भरकर submit के आप्शन पर क्लिक करें। अब आपका आवेदन हो जाएगा।
  • इसे भरने के 10 दिन के भीतर ईपीएफओ (EPFO) आपके क्लेम (claim) को प्रोसीड (proceed) कर देगा।

डिफर्ड पेंशन से क्या अर्थ है? (what does it mean by deffered pension)

मित्रों, अब आपको बताते हैं कि डिफर्ड पेंशन (deffered pension) का क्या अर्थ होता है? दोस्तों, यह तो हम आपको बता ही चुके हैं कि पेंशन की उम्र 58 होती है। यद्यपि आप चाहें तो 50 की उम्र के बाद भी पेंशन शुरू करा सकते हैं।

यदि आप 58 साल की उम्र हो जाने के बाद भी पेंशन नहीं लेना चाहते तो आप 59 अथवा 60 साल से अपनी पेंशन शुरू करा सकते हैं, इसमें आपको पेंशन बढ़कर मिलती है। डिफर्ड पेंशन में आपको yes का आप्शन चुनने के बाद 59 अथवा 60 की उम्र के बाद पेंशन लेने का लाभ मिलता है।

पेंशन को कैसे कैलकुलेट किया जाता है (how employee pension is calculated)

मित्रों, आपको बता दें कि पेंशन को कैलकुलेट करने का एक फाॅर्मूला है, जिसके जरिए आप अपनी पेंशन की गणना कर सकते हैं। यह फार्मूला है-

पेंशन= पेंशन योग्य वेतन × सेवा अवधि/70

मान लीजिए कि आपने 35 वर्ष नौकरी की है एवं आपका पेंशन योग्य वेतन 15,000 रुपए है तो इस हिसाब से आपकी पेंशन 7,500 रुपए मासिक बनेगी।

ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम एवं अधिकतम पेंशन कितनी है (what is the minimum and maximum pension under EPS-95)

दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम एवं अधिकतम पेंशन राशि भी निर्धारित की गई हैं। न्यूनतम पेंशन राशि 1,000 रूपये एवं अधिकतम पेंशन राशि 7,500 रूपये है।

ऐसे में यदि किसी कर्मचारी की नियमित पेंशन राशि 800 रूपये बनती है तो भी उसे न्यूनतम 1,000 रूपये मिलेंगे एवं किसी भी कर्मचारी को 7,500 रूपये से अधिक मासिक पेंशन नहीं मिलेगी।

यदि आप निर्धारित अवधि में पेंशन निकाल चुके हैं तो रिटायरमेंट पर क्या होगा

अब आपको बताते हैं कि यदि आप नौ वर्ष छह माह की नौकरी पूरी होने से पूर्व पीएफ संग अपनी पेंशन की राशि निकाल लेते हैं तो इसके पश्चात आप पेंशन के हकदार नहीं होंगे।

इसका अर्थ होता है फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (full and final settlement)। इसके पश्चात आपका वह पीएफ एकाउंट (pf account) पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है।

बहुत से लोगों के लिए पेंशन ही आजीविका का जरिया

साथियों, यहां हमने बात कर्मचारी पेंशन के संबंध में की है। इन दिनों सिंगल फैमिली का जमाना है। लोगों के बच्चे अपनी शिक्षा एवं विवाह के पश्चात नौकरी अथवा अन्य किसी कारण से मां बाप से अलग रहने लगते हैं। ऐसा अधिकतर केसों में देखने को मिलता है।

बहुत से बच्चे अपने माता-पिता के खर्चे के लिए पैसे भी भेजते हैं, लेकिन अमूमन अधिकांश मां-बाप के लिए उनकी पेंशन उनकी आजीविका का एक बड़ा सहारा होती है। इसी को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत सरकार भी ऐसे लोगों को पेंशन देती है, जिन्हें आर्थिक सहारे की आवश्यकता होती है।

जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन आदि। मित्रों, ईपीएस की बात करें अथवा इन पेंशन की। बेशक यह राशि बहुत अधिक नहीं होती, लेकिन इससे संबंधित व्यक्ति को आर्थिक सहारा मिलता ही है। उसे छोटी छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरे लोगों को मुंह नहीं देखना पड़ता।

ईपीएफओ ने अपने खाता धारकों को क्या चेतावनी दी है

मित्रों, आपको बता दें कि ईपीएफओ की ओर से अपने खाताधारकों को एक चेतावनी दी गई है। उसने खाताधारकों को अलर्ट (alert) किया है कि वे अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, यूएएन, बैंक एकाउंट अथवा ओटीपी जैसी जानकारी फोन पर अथवा सोशल मीडिया (social media) के जरिए किसी को न दें।

बढ़ते आनलाइन फ्राॅड (online fraud) को देखते हुए उसने अपने twitter handle के जरिए यह चेतावनी जारी की है। खाताधारकों को सतर्क रहने को कहा है। उसने साफ साफ कहा है कि ईपीएफओ कभी भी अपने खाताधारकों से व्हाट्सएप अथवा किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए अपनी सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार की राशि डिपाजिट करने की बात नहीं कहता। यदि आपके पास ऐसा कोई मैसेज अथवा काॅल आती है तो मान लीजिए यह फ्राॅड हो सकता है। इसकी रिपोर्ट करें।

कर्मचारी की सैलरी का कितना हिस्सा पीएफ के रूप में कटता है?

कर्मचारी की सैलरी का 12% हिस्सा पीएफ के रूप में कटता है।

पेंशन कैसे बनती है?

ईपीएफ के लिए कटने वाले कंपनी के अंशदान का 8.33% पेंशन फंड में जाता है।

पेंशन को कब निकाला जा सकता है?

कोई कर्मचारी छह माह से अधिक एवं नौ वर्ष छह माह से कम की सर्विस के दौरान पीएफ राशि के साथ पेंशन की राशि भी निकलवा सकता है।

पेंशन को कैसे निकाला जा सकता है?

इसके लिए कर्मचारी को पीएफ आफिस जाकर फाॅर्म 19 एवं फाॅर्म 10सी भरकर जमा करना होता है।

क्या पेंशन निकालने के लिए फार्म डी को आनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

जी हां, पीएफ की निकासी के लिए फार्मडी के आनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है।

कितनी अवधि के पश्चात व्यक्ति पेंशन का हकदार हो जाता है?

नौ वर्ष छह माह की नौकरी पूरी करने के पश्चात संबंधित व्यक्ति पेंशन का हकदार बन जाता है। पेंशन के मामले में नौ वर्ष छह माह को 10 वर्ष के बराबर ही माना जाता है।

क्या पीएफ खाता ट्रांसफर होने से पेंशन पर कोई फर्क पड़ेगा?

जी नहीं, पेंशन आपकी सर्विस हिस्ट्री से जुड़ जाती है। अलग अलग स्थानों पर 10 वर्ष की नौकरी के बाद आप पेंशन के हकदार हो जाते हैं।

पेंशन खाताधारक की मृत्यु होने पर पेंशन किसे मिलती है?

पेंशन खाताधारक की मृत्यु होने पर पेंशन संबंधित कर्मचारी के पति/पत्नी को मिलती है।

दोस्तों, हमने इस पोस्ट में आपको जानकारी दी कि आप पीएफ पेंशन किस तरह निकाल सकते हैं। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी साबित होगी। यदि आप इसी प्रकार की जानकारीवर्धक पोस्ट हमसे चाहते हैं तो नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। आपकी प्रतिक्रियाओं का स्वागत है। ।।धन्यवाद।।

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