पड़ोसी द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा हो तो क्या करें? | What to do, if there is harrasment by neighbours?

|| पड़ोसी द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा हो तो क्या करें? | What to do, if there is harrasment by neighbours? | पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के मामले में सबसे अधिक अपनाया जाने वाला उपाय क्या है? (In case of harassment by neighbours what is the most commonly used step? ||

हमारे देश में कहावत है कि रिश्तेदार बेशक अच्छे ना हों, लेकिन पड़ोसी जरूर अच्छे होने चाहिए। इसकी वजह यह है कि आजकल अधिकांश लोग नौकरी, काम-धंधे के चलते दूसरे शहरों में रहते हैं। ऐसे में रात-बेरात आपको जरूरत पड़ने पर आपके साथ पड़ोसी ही खड़े होंगे, जबकि रिश्तेदारों को आप तक पहुंचने में समय लगेगा। घर में भी आपका वक्त तभी शांति से तभी कट सकता है, जबकि आपका पड़ोस अच्छा हो।

लेकिन मान लीजिए कि आपका पड़ोसी अच्छा नहीं है और पड़ोसियों द्वारा आपको तंग किया जा रहा है, आपका उत्पीड़न किया जा रहा है तो ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगे? क्या कहा?, आपको नहीं पता, तो चिंता न करिए। आज इस पोस्ट में हम आपको यही जानकारी देंगे कि यदि पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा हो तो क्या करें?

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उत्पीड़न क्या होता है? (What is harrasment?)

मित्रों, सामान्य तौर पर उत्पीड़न (harrasment) का अर्थ किसी व्यक्ति को सताना अथवा दबाना है। लेकिन यदि परिभाषा की बात करें तो हम यह कह सकते हैं कि उत्पीड़न (Persecution) किसी व्यक्ति या उसके समुदाय (community) के साथ किसी अन्य व्यक्ति अथवा समुदाय द्वारा किया गया नियोजित (pre-planned) दुर्व्यवहार होता है। किसी व्यक्ति अथवा समुदाय के साथ यह दुर्व्यवहार जाति (caste), धर्म (religion), नस्ल (race), लिंग (sex), राजनीति (politics) अथवा किसी भी अन्य आधार पर हो सकता है।

What to do, if there is harrasment by neighbours

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न का अर्थ है? (What is the meaning of harassment by neighbours?)

मित्रों, हमने आपको अभी-अभी उत्पीड़न का अर्थ बताया है कि इसका अर्थ किसी व्यक्ति को सताना होता है। ऐसे में यदि साधारण तौर पर सीधे सीधे बात करें तो, जब किसी व्यक्ति को उसके पड़ोसी द्वारा सताया जाता है तो उसे पड़ोसी द्वारा उत्पीड़न पुकारा जाता है।

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के कितने प्रकार होते हैं? (How many types of harrasment are there by the neighbour?)

मित्रों, आप जानते हैं कि उत्पीड़न का कोई एक खास तरीका नहीं होता। कोई भी व्यक्ति अपने किसी पड़ोसी को तंग करने के लिए किसी विशेष तरीके का इस्तेमाल कर सकता है। जैसे-कोई पड़ोसी तेज आवाज में संगीत बजा सकता है, मना करने के बावजूद लाउडस्पीकर की आवाज तेज बजा सकता है, आपके घर में पत्थर फेंक सकता है, आपको गाली दे सकता है या फिर घर की महिलाओं को गलत तरीके से ताड़ सकता है आदि। लेकिन दोस्तों, यदि कानून और इंसाफ के नजरिए से देखें तो पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के कुछ विशेष तरीके हैं, जो इस प्रकार से हैं-

* पड़ोसी द्वारा यौन उत्पीड़न :

सबसे पहले यौन उत्पीडन की बात करते हैं। दोस्तों, भद्दे कमेंट पास करना, घूरना, धमकी देना, यौन उत्पीड़न के लिए जबरदस्ती पड़ोसी के घर में घुसना, यहां तक ​​कि पड़ोस के घर में गतिविधियों की रिकॉर्डिंग के लिए कैमरा लगाना भी इसी प्रकार के उत्पीड़न की कैटेगरी में आता है।

* उपद्रव के माध्यम से उत्पीड़न :

मित्रों, उपद्रव के द्वारा उत्पीड़न की कैटेगरी में किसी व्यक्ति द्वारा की जा रहीं वे सभी गतिविधियां/कार्य शामिल होते हैं, जिनसे उसके पड़ोस में संपत्ति पर रहने वाले लोगों को चोट/ खतरे की आशंका अथवा झुंझलाहट होती है।

* शरारत के जरिए उत्पीड़न :

यदि कोई व्यक्ति अपने किसी पड़ोसी को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने के इरादे से कार्य करता है तो उसे शरारत के जरिए उत्पीड़न के दायरे में रखा जाता है। पड़ोसी की किसी संपत्ति के विनाश का कारण बनना या उसकी संपत्ति में ऐसा कोई बदलाव करना, जो उसके मूल्य या उपयोगिता को नष्ट अथवा कम कर दे या उसे चोट पहुंचाना भी शरारत के जरिए उत्पीड़न कहलाता है। जैसे -मान लीजिए कि आपके फ्लैट की दीवार आपके पड़ोसी से मिलती है। आपका पड़ोसी अब नया निर्माण करा रहा है, जिससे आपकी प्रापर्टी क्षतिग्रस्त हो गई है। अब आप उससे नुकसान की भरपाई की मांग करते हैं। यदि बार बार कहने पर भी आपका पड़ोसी आपको राशि देने से इनकार करता है, यह शरारत द्वारा उत्पीड़न कहा जाएगा।

* अतिचार (trespass)/आपराधिक अतिचार के माध्यम से उत्पीड़न :

दोस्तों, किसी व्यक्ति का किसी पड़ोसी की संपत्ति में बगैर परमिशन घुसने को अतिचार कहेंगे। वही यदि कोई व्यक्ति बिना इजाजत के कोई अपराध करने की नियत से अपने पड़ोसी की प्रॉपर्टी में जबरन दाखिल होता है अथवा कब्जा करता है एवं संबंधित व्यक्ति का अपमान करता है, उससे झगड़ा आदि करता है तो इसे आपराधिक अतिचार द्वारा उत्पीड़न कहा जाएगा। जैसे मान लीजिए कि आप एक अपार्टमेंट में रहते हैं और अपनी खड़ा करने के लिए आपको पार्किंग की जगह अलॉटेड है, लेकिन एक दिन आप पाते हैं कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस जगह पर कब्जा कर लिया गया है। ऐसे में यदि कई बार बताने/चेतावनी देने पर भी वह पार्किंग की जगह ख़ाली नहीं करता तो यह आपराधिक अतिचार कहलाएगा।

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न किया जाए तो क्या करें? (What to do in case of harrasment by the neighbour?)

मित्रों, हमने आपको ऊपर पड़ोसियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के विभिन्न प्रकारों के बारे में बताया अब हम आपको बताएंगे कि यदि पड़ोसियों द्वारा आपका उत्पीड़न किया जा रहा है तो आप क्या करें?

* पड़ोसी से बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश करें:

यदि किसी पड़ोसी द्वारा आपका उत्पीड़न किया जा रहा है और आपको परेशान किया जा रहा है तो आप सबसे पहले पड़ोसी को समझाने की कोशिश करें। उससे इस मामले में समझौता करने की कोशिश करें। कई बार मामला बातचीत से सुधर जाता है।

* 100 नंबर डायल करके पुलिस को कॉल करें :

यदि आपका पड़ोसी बातचीत से नहीं मानता और उत्पीड़न का क्रम जारी रखता है तो आप टोल फ्री 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुला सकते हैं। पुलिस के आने पर पड़ोसियों के उत्पीड़न के संबंध में जानकारी देकर उनसे कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। पुलिस वाले पड़ोसियों को समझा सकते हैं।

* पुलिस में लिखित में शिकायत करें :

यदि इसके बावजूद आपके पड़ोसी नहीं मानते और उत्पीड़न का सिलसिला कायम रहता है तो आप अपने पड़ोसियों के खिलाफ पुलिस ने लिखित शिकायत कर सकते हैं। लेकिन यहां इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास पड़ोसियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत (enough proof) होने चाहिए। ऐसे में पुलिस उन उपकरणों को जब्त कर सकती है जिनका उपयोग उपद्रव के जरिए उत्पीड़न के लिए किया जाता है। जैसे- लाउडस्पीकर/साउंड बॉक्स, ड्रोन, कैमरा आदि।

* उत्पीड़न का सिलसिला न रुके तो कोर्ट जाएं :

यदि किसी पड़ोसी द्वारा उपद्रव के जरिए आप का उत्पीड़न किया जा रहा है तो आप इसके खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं। आपको बता दें दोस्तों कि उपद्रव को भारतीय दंड संहिता (indian penal code) की धारा 268 में परिभाषित किया गया है। आप इस धारा के अंतर्गत मजिस्ट्रेट की अदालत में एक आवेदन दायर कर सकते हैं।

* यदि कोई पड़ोसी आपके साथ शरारत कर उत्पीड़न कर रहा है और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं मान रहा है तो आपके पास यह अधिकार है कि आप भारतीय दंड संहिता की धारा 425 के अनुसार दीवानी अदालत में भी घोषणा एवं अनिवार्य निषेधाज्ञा के लिए मुकदमा दायर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप एक ही मुकदमे में नुकसान का भी दावा कर सकते हैं।

* यदि आपका पड़ोसियों द्वारा अतिचार/आपराधिक अतिचार के माध्यम से उत्पीड़न किया जा रहा है, तो ऐसे में आप मजिस्ट्रेट की अदालत में आईपीसी की धारा 441 एवं 447 के तहत आवेदन दायर कर सकते हैं। आपको बता दें दोस्तों कि धारा 447 के अंतर्गत आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर तीन माह का कारावास अथवा 500 रुपए का जुर्माना अथवा जेल एवं और जुर्माना दोनों सजाएं साथ भुगतनी पड़ सकती हैं।

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के मामलों में पुलिस का क्या रुख रहता है? (What is the police’s attitude in case of harrasment by neighbour?)

मित्रों, ज्यादातर पुलिस इस तरह के मामलों को अपने लेवल पर है समझा देती है और कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं होती लेकिन कई बार यह भी होता है कि पुलिस कानून होने के बावजूद मामले में ज्यादा हस्तक्षेप (interfere) नहीं करती है। इसकी इसकी वजह यह होती है कि कई बार दूसरा पक्ष बहुत प्रभावशाली (effective) होता है। ऐसे में यदि पुलिस का उत्पीड़न नहीं रुक रहा है तो आप बेखटके कोर्ट जाएं। वहां से आपको निश्चित तौर पर पड़ोसी के उत्पीड़न के मामले में मदद और न्याय दोनों मिलेंगे।

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के मामले में सबसे अधिक अपनाया जाने वाला उपाय क्या है? (In case of harassment by neighbours what is the most commonly used step?)

दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि पुलिस (police) द्वारा लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर (toll free number) 100 जारी किया गया है। यही वह उपाय है जो पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के मामले में भी लोगों द्वारा सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस को प्रतिदिन इस प्रकार के उत्पीड़न की हजारों शिकायतें देश भर में प्राप्त होती हैं। खास तौर पर विभिन्न धर्मों की मिश्रित आबादी (mixed population) वाले इलाकों (areas) से इस प्रकार की शिकायतें (complaints) अधिक आती हैं।

उत्पीड़न का शाब्दिक अर्थ क्या है?

उत्पीड़न का शाब्दिक अर्थ सताना अथवा दबाना है।

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पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न का क्या अर्थ है?

जब किसी व्यक्ति को उसके पड़ोसी द्वारा सताया जाता है तो साधारण शब्दों में से पड़ोसी द्वारा उत्पीड़न किया जाना कहा जाता है।

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के कितने प्रकार हैं?

पड़ोसियों द्वारा किसी का यौन उत्पीड़न, उपद्रव के द्वारा उत्पीड़न, शरारत के द्वारा उत्पीड़न, एवं अतिचार अथवा आपराधिक अतिचार के जरिए उत्पीड़न किया जा सकता है।

पड़ोसियों द्वारा यौन उत्पीड़न में क्या-क्या शामिल है?

पड़ोसियों द्वारा यौन उत्पीड़न में किसी को भद्दे कमेंट पास करना, घूरना, धमकी देना आदि शामिल हैं।

अतिचार किसे कहा जाता है?

जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की प्रॉपर्टी में बगैर इजाजत घुस जाता है, अथवा कब्जा करता है तो उसे अतिचार की संज्ञा दी जाती है।

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के मामले में सबसे अधिक अपनाया जाने वाला उपाय क्या है?

पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न के मामले में सबसे अधिक अपनाया जाने वाला रास्ता टोल फ्री 100 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाना है।

मित्रों, हमने इस पोस्ट (post) में आपको बताया कि यदि पड़ोसियों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है तो क्या करें? उम्मीद करते हैं कि इसकी सारी प्रक्रिया आपको स्पष्ट हो गई होगी। यदि इस पोस्ट के संबंध में आपका कोई सुझाव अथवा सवाल है तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके हमें बता सकते हैं। ।।धन्यवाद।

प्रवेश
प्रवेश
मास मीडिया क्षेत्र में अपनी 15+ लंबी यात्रा में प्रवेश कुमारी कई प्रकाशनों से जुड़ी हैं। उनके पास जनसंचार और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है। वह गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर से वाणिज्य में मास्टर भी हैं। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से व्यक्तिगत प्रबंधन और औद्योगिक संबंधों में डिप्लोमा भी किया है। उन्हें यात्रा और ट्रेकिंग में बहुत रुचि है। वह वाणिज्य, व्यापार, कर, वित्त और शैक्षिक मुद्दों और अपडेट पर लिखना पसंद करती हैं। अब तक उनके नाम से 6 हजार से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
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