तोशाखाना क्या होता है? | इन दिनों तोशाखाना क्यों चर्चा में है?

तोशाखाना क्या होता है? | यह इन दिनों क्यों चर्चा में है? | What is Toshakhana? | Why it is in news these days? | तोशाखाना का क्या अर्थ होता है? | पाकिस्तान के तोशाखाना से बेचे गए उपहारों में क्या क्या शामिल था? | What is Toshakhana IN Hindi ||

यदि आप विदेशी मामलों और खास तौर पर भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में दिलचस्पी रखते हैं तो आपने इन दिनों तोशाखाना का नाम जरूर सुना होगा। पाकिस्तान में इस शब्द पर बहस-मुबाहिसा चल रहा है तो भारत में भी लोग डिक्शनरी लेकर इस शब्द के मायने तलाश रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि तोशाखाना क्या होता है? यदि नहीं तो आज आप एकदम सही जगह पर हैं। आज हम आपको तोशाखाना से जुड़ी सभी जानकारियां विस्तार में प्रदान करेंगे। आइए, शुरू करते हैं –

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तोशाखाना क्या होता है? (What is Toshakhana?)

दोस्तों, सामान्य रूप से तोशाखाना एक फारसी शब्द है, जिसका अर्थ ख़ज़ाने वाले कमरे से होता है। या यूं कह लीजिए कि इसका अर्थ एक ऐसे कक्ष से है, जहां राजा अथवा अमीरों के कपड़े, गहने, उपहारों आदि समेत तमाम महंगी चीजें संभालकर रखी जाती हैं। दोस्तों, आपको बता दें कि तोशाखाना शब्द का इस्तेमाल भारतीय उपमहाद्वीप में मुगल बादशाहों काल में सरकारी कामकाज के दौरान होना शुरू हुआ था। उस समय इसे मुगल बादशाहों को मिलने वाले तोहफे रखने वाले कमरे के लिए प्रयुक्त किया जाता था। वर्तमान में भी यह शब्द चलन में है।

तोशाखाना क्या होता है इन दिनों तोशाखाना क्यों चर्चा में है

यदि पाकिस्तान की बात करें तो वहां सरकार के संग्रहालय अथवा संग्रह स्थल को तोशाखाना पुकारा जाता है। यह अंग्रेजी में स्टेट डिपॉजिटरी (State Depository) भी कहलाता है। आपको बता दें कि वहां तोशाखाना कैबिनेट डिविजन (cabinet division) के नियंत्रण यानी कंट्रोल (control) में है। वहां इसकी स्थापना आज से करीब 49 वर्ष पूर्व यानी सन् 1974 में की गई थी।

पाकिस्तान में तोशाखाना कानून के अंतर्गत कौन-कौन आता है? (Who comes under the law of toshkhana in Pakistan?)

मित्रों, आइए अब समझ लेते हैं कि पाकिस्तान में तोशाखाना कानून के अंतर्गत कौन कौन आता है। पाकिस्तान में इस कानून के दायरे में राष्ट्रपति (president), प्रधानमंत्री prime (minister), सीनेट चेयरमैन (cenet chairman), डिप्टी चेयरमैन (deputy chairman), नेशनल असेंबली के स्पीकर (speaker of national assembly), असेंबली के डिप्टी स्पीकर (deputy speaker of assembly), कैबिनेट मंत्रियों (cabinet ministers) एवं राज्यमंत्रियों (state ministers) समेत सभी सांसद (parliamentarians)आते हैं।

मित्रों, आपको जानकारी दे दें कि पाकिस्तान में सरकारी अधिकारियों (government officers) के साथ ही स्वायत्त एवं अर्द्ध-स्वायत्त सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों पर भी यह कानून लागू है। इसका अर्थ यह है कि इन लोगों को किसी भी तरह के विदेशी दौरे पर मिले तोहफे तोशाखाना में जमा कराने होते हैं।

तोशाखाना इन दिनों चर्चा में क्यों है? (Why Toshakhana is in news these days?)

दोस्तों, तोशाखाना की चर्चा इस समय पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि भारत एवं विश्व के दूसरे मुल्कों में भी हो रही है। इसकी क्या वजह है? मित्रों, दरअसल पाकिस्तान के कानून के अनुसार विदेशों से अथवा विदेशी मेहमानों से मिले उपहारों को तोशाखाना में जमा कराए जाने की व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री को मिले उपहार राष्ट्र की संपत्ति माने जाते हैं।

यदि वहां के प्रधानमंत्री ये उपहार अपने पास रखना चाहते हैं तो उन्हें इन उपहारों का मूल्य चुकाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त इन उपहारों की नीलामी का भी प्रावधान है, लेकिन नीलामी से अर्जित राशि सरकारी खजाने में ही जमा की जाती है।

लेकिन इमरान खान पर देश का प्रधानमंत्री रहते हुए उनकी विदेश/आधिकारिक यात्राओं के दौरान मिले और तोशाखाना में जमा कराए गए करीब साढ़े 14 करोड़ रुपए के उपहारों को सस्ते में (2.15 करोड़ रुपये में) खरीदने एवं उन्हें फिर अधिक कीमत पर बाजार में बेचने का आरोप है। कहा जा रहा है कि उन्होंने इस तरीके से पांच करोड़ रुपए का अवैध मुनाफा कमाया। यहां तक कि इस घपले के लिए सरकारी कानून में बदलाव तक किए, जिसे लेकर इन दिनों तोशाखाना पर चर्चा गर्म है।

पाकिस्तान के तोशाखाना से बेचे गए उपहारों में क्या क्या शामिल था? (What was included in the gifts that were sold from Toshakhana of Pakistan?)

दोस्तों , आपको बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan’s ex prime minister Imran Khan) पर जिन उपहारों के तोशाखाना से पहले सस्ते में खरीदने व बाद में बेचने का आरोप है, उनमें एक ग्राफ घड़ी, एक जोड़ा कफलिंक, एक कीमती पेन, एक अंगूठी और रोलेक्स की चार घड़ियां भी शामिल थीं। बताया जाता है कि इन्हें इमरान को दुबई के प्रिंस द्वारा तोहफे में दिया गया था। इन करोड़ों के उपहारों को बेचे जाने का खुल जाने के बाद पाकिस्तान की सियासत में भूचाल आ गया था।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के विरुद्ध तोशाखाना मामला कब खुला? (When Toshakhana case was opened against ex prime minister of Pakistan?)

दोस्तों, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते वर्ष यानी सन् 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरने के कुछ महीने के पश्चात सत्तासीन पीएमएल-एन गठबंधन वाली सरकार के चुनिंदा सांसदों द्वारा पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (National assembly) के अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ (Raja Parvez Ashraf) के सामने यह तोशाखाना मामला उठाया गया था। उनके द्वारा एक लंबा-चौड़ा आरोप-पत्र तैयार किया था, जिसमें कहा गया था कि इमरान खान द्वारा उन्हें मिले उपहारों का ब्योरा तोशाखाने को नहीं सौंपा गया। उन पर उपहार बेचकर मुनाफा कमाने का आरोप लगाया गया।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर तोशाखाना मामले में आरोप के बाद क्या हुआ? (What happened to imran Khan, the former prime minister of Pakistan after allegations in Toshakhana case?)

दोस्तों, आपको बता दें कि इमरान खान पर तोशाखाना मामले में आरोपों के पश्चात पाकिस्तान नेशनल असेंबली (Pakistan’s national assembly) द्वारा जांच का आदेश (order of inquiry) दिया गया था। मामले में 8 सितंबर, 2022 को इमरान खान को एक नोटिस (notice) जारी किया गया। जवाब में इमरान द्वारा चार उपहारों को बेचने की बात अवश्य कुबूली गई, लेकिन उन्होंने इन्हें अपना निजी उपहार बताते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया था।

इमरान ने कहा था कि अगस्त 2018 से दिसंबर 2021 के बीच उन्हें मिले 58 विदेशी तोहफों में से केवल 14 ही उपहारों की कीमत 30 हजार पाकिस्तानी रुपयों से अधिक थी। इसके बाद मामला कोर्ट (court) में पहुंचा, जहां से इमरान खान के विरुद्ध गैर-जमानती वॉरंट (non bailable warrant) जारी किया गया। इसके बाद उन्हें लाहौर (Lahore) स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया और पंजाब की लखपतकोट जेल ले जाया गया।

दोस्तों, आपको बता दें कि इस तोशाखाना मामले में इमरान खान को जिला सत्र न्यायालय (district session court) द्वारा दोषी ठहराया गया है। इस मामले में इमरान को तीन साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही इस्लामाबाद (Islamabad) के अतिरिक्त न्यायाधीश (additional magistrate) हुमायूं दिलावर द्वारा इमरान पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह महीने और जेल में रखा जाएगा। यद्यपि इमरान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ की तरफ से मामले में पंजाब हाई कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की गई है। दोस्तों, आपको बता दें कि तोशाखाना मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (Pakistan election commission) यानी (ECP) की शिकायत पर दायर किया गया था। पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा ने 21 अक्तूबर, 2022 को झूठे बयान व गलत जानकारी देने के आरोप में इमरान सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

क्या भारत में भी तोशाखाना होता है? (Is there Toshakhana in India also?)

जी हां, दोस्तों। इस सवाल का जवाब हां है। आपको बता दें कि भारत में तोशाखाना विदेश मंत्रालय (foreign ministry) के नियंत्रण (control) में होता है। सभी सरकारी अधिकारियों को विदेशी दौरे के समय मिले तोहफों को इस तोशाखाना में जमा कराना होता है।

आपको बता दें दोस्तों कि इस संबंध में भारत सरकार (Government of India) द्वारा सन् 1978 में एक गजट नोटिफिकेशन (notification) जारी किया गया था, जिसमें सभी संबंधित पक्षों द्वारा तोशाखाना में तोहफे/उपहारों को जमा कराने की समय सीमा 30 दिन रखी गई थी। इसका आशय था कि उन्हें (gift) गिफ्ट मिलने के 30 दिन के भीतर उन्हें तोशाखाना में जमा करना अनिवार्य है।

तोशाखाना शब्द किस भाषा से लिया गया है?

तोशाखाना शब्द फारसी भाषा से लिया गया है।

तोशाखाना का क्या अर्थ होता है?

तोशाखाना से अर्थ एक ऐसे कक्ष से है, जिसमें कीमती उपहार, गहनों आदि के साथ ही महंगे सामान रखे जाते हैं।

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शुरुआत में तोशाखाना शब्द का इस्तेमाल कहां देखने को मिलता है?

तोशाखाना शब्द का इस्तेमाल मुगल काल के दौरान सरकारी कामकाज के दौरान देखने को मिलता है।

क्या भारत में भी तोशाखाना है?

जी हां भारत में भी तोशाखाना है, जिसमें सरकारी अधिकारियों को विदेशी दौरों के दौरान मिले उपहार जमा करने पड़ते हैं।

भारत में तोशाखाना किसके अधीन है?

भारत में तोशाखाना विदेशी मंत्रालय के अधीन है।

वर्तमान में तोशाखाना चर्चा में क्यों है?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के तोशाखाना के महंगे तोहफे कम कीमत पर खरीदकर उन्हें अधिक दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने के आरोप में फंसने के बाद से यह शब्द चर्चा में है।

तोशाखाना मामले में जांच के बाद इमरान पर क्या कार्रवाई की गई है?

इमरान को लाहौर स्थित उनके आवासीय गिरफ्तार कर लखपत कोर्ट जेल में डाला गया है।

दोस्तों, इस पोस्ट (post) में हमने आपको तोशाखाना के बारे में व्यापक रूप से जानकारी दी। उम्मीद करते हैं कि इस जानकारी से आपके ज्ञान में बढ़ोतरी हुई होगी। यदि इसी प्रकार के किसी रोचक व चर्चित विषय पर आप हमसे जानकारी चाहते हैं तो उसके लिए नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके हमें बता सकते हैं। ।।धन्यवाद।।

प्रवेश
प्रवेश
मास मीडिया क्षेत्र में अपनी 15+ लंबी यात्रा में प्रवेश कुमारी कई प्रकाशनों से जुड़ी हैं। उनके पास जनसंचार और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है। वह गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर से वाणिज्य में मास्टर भी हैं। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से व्यक्तिगत प्रबंधन और औद्योगिक संबंधों में डिप्लोमा भी किया है। उन्हें यात्रा और ट्रेकिंग में बहुत रुचि है। वह वाणिज्य, व्यापार, कर, वित्त और शैक्षिक मुद्दों और अपडेट पर लिखना पसंद करती हैं। अब तक उनके नाम से 6 हजार से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
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