पेनी ड्रॉप सत्यापन क्या है? पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन की क्या प्रक्रिया है? इस वेरिफिकेशन को किसके द्वारा अनिवार्य किया गया है?

यह तो आप जानते ही हैं कि कई बार खाते का सत्यापन न होने की वजह से सही अकाउंट में भुगतान नहीं होता या फिर मैनुअल सत्यापन की वजह से संबंधित खाताधारक को भुगतान में अनावश्यक देरी होती है। इस स्थिति में पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन बहुत मददगार होता है। पेनी ड्रॉप सत्यापन क्या है? पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन की क्या प्रक्रिया है? इस वेरिफिकेशन को किसके द्वारा अनिवार्य किया गया है? जैसे अनेक सवालों के जवाब आज आपको इस पोस्ट में मिलेंगे। आइए, शुरू करते हैं-

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पेनी ड्रॉप सत्यापन क्या है? (What is Penny drop verification?)

सबसे पहले यह जान लेते हैं कि पेनी ड्रॉप सत्यापन क्या है? मित्रों, यह एक तत्काल खाता सत्यापन सुविधा (quick account verification facility) है। इससे लाभार्थी (beneficiary) के खाते की वैधता जांची जाती है। खाते का का धनराशि भेजने से पूर्व सत्यापन हो जाने से धनराशि गलत एकाउंट (wrong account) में जाने से बच जाती है। इसके अतिरिक्त भुगतान में अनावश्यक विलंब भी नहीं होता।

पेनी ड्रॉप सत्यापन क्या है

पेनी ड्रॉप एकाउंट वेरिफिकेशन की क्या प्रक्रिया है? (What is the process of penny drop account verification?)

दोस्तों, आपको बता दें कि पेनी ड्रॉप एकाउंट वेरिफिकेशन (account verification) एक आसान सी प्रक्रिया है। इसके विभिन्न steps इस प्रकार से हैं-

  • सबसे पहले ग्राहक द्वारा अपनी बैंक खाता संख्या एवं आईएफएससी पेन ड्रॉप सर्विस प्रोवाइडर सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी (Central record keeping agency) के साथ साझा की जाती है ।
  • अब सर्विस प्रोवाइडर के डैशबोर्ड (dash board) अथवा पेनी ड्रॉप एपीआई के माध्यम से पेनी ड्रॉप फंक्शन के लिए कॉल (call) किया जाता है।
  • इसके पश्चात सीआरए के सिस्टम द्वारा ग्राहक के बैंक खाते में एक रुपया भेजा जाता है।
  • यदि ग्राहक का बैंक खाता वैध (bank account valid) है तो पेनी ड्रॉप प्रक्रिया (penny drop process) सफल हो जाती है।
  • यदि बैंक खाता बंद अथवा अमान्य (close or invalid) है तो सत्यापन प्रक्रिया विफल (verification process unsuccessful) हो जाती है।
  • पेनी ड्रॉप लेन-देन (penny drop transaction) के सफल हो जाने के पश्चात ग्राहक को मान्य करने हेतु सत्यापित खाता स्थिति (verified account status) एवं लाभार्थी का नाम वापस भेजा जाता है।

पेनी ड्रॉप वेरीफिकेशन का क्या उद्देश्य है? (What is the objective of Penny drop verification?)

दोस्तों, आइए, अब जान लेते हैं कि पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन का क्या उद्देश्य है? दोस्तों, इस प्रक्रिया का प्राथमिक उद्देश्य एनपीएस सदस्य (NPS member) के खाते में भेजे जाने वाली धनराशि को किसी गलत खाते में जाने से रोकना है। लिहाजा, इसके लिए पहले से ही एक पेनी अमाउंट (penny amount) के जरिए खाते को वेरीफाई (account verification) कर लिया जाता है।

इसके साथ ही इससे भुगतान में होने वाले अनावश्यक देरी भी नहीं होती। दोस्तों, यह तो आप जानते ही है कि आमतौर पर किसी सदस्य के बैंक खाते का मैन्युअल वेरीफिकेशन (manual verification) पूरा होने में ख़ासा समय लगता है।

पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन (penny drop verification) से यह समस्या दूर हो जाती है। दोस्तों इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि पेनी ड्रॉप वेरीफिकेशन किसी भी व्यक्ति के खाते के सत्यापन (verification), धन के सही व्यक्ति को भुगतान (payment), धोखाधड़ी की आशंका, बड़े धन हस्तांतरण (money transfer) से जुड़े जोखिम (risk) आदि को दूर करके धन हस्तांतरण (money transfer) को सुविधाजनक एवं सुनिश्चित बनता है।

एनपीएस सदस्य के खाते के वेरिफिकेशन के लिए केवल ₹1 ही क्यों भेजा जाता है? (Why only one rupee is sent to verify the account of NPS member?)

दोस्तों, अब आप सोच रहे होंगे कि एनपीएस सदस्य (NPS member) के खाते के वेरिफिकेशन (account verification) के लिए इस प्रक्रिया (process) में केवल ₹1 ही क्यों भेजा जाता है? तो जान लीजिए कि क्योंकि यह केवल खाता की वैधता जांचने एवं प्रमाणीकरण की प्रक्रिया (validation and verification of account) है। ऐसे में रुपए की न्यूनतम इकाई एक रुपया संबंधित एनपीएस सदस्य के खाते में भेजा जाता है।

इस वेरिफिकेशन को किसके द्वारा अनिवार्य किया गया है? (Who has made this verification mandatory?)

मित्रों, आपको बता दें कि पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (Pension Fund regulatory and development authority) द्वारा अपने एनपीएस सदस्यों के लिए पेनी ड्रॉप सत्यापन को अनिवार्य किया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो अब एनपीएस एकाउंट (NPS account) से धन निकालने अथवा ग्राहक के बैंक खाते के ब्योरे (bank account details) में संशोधन (changes) के लिए पेनी ड्रॉप सत्यापन (penny drop verification) जरूरी होगा।

पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन से क्या लाभ होगा? (What are the advantages of penny drop verification?)

आइए, अब एक नजर में यह जान लेते हैं कि पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन से क्या-क्या लाभ होंगे? ये लाभ इस प्रकार से हैं-

  • दोस्तों, आइए अब एक नजर पेनी ड्रॉप वेरीफिकेशन प्रक्रिया के लाभों पर डाल लेते हैं, जो कि इस प्रकार से हैं–
  • दोस्तों, इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे ग्राहक का धन गलत एकाउंट में जाने से बच जाता है।
  • विभिन्न वजहों के चलते ग्राहक के बैंक खाते में धनराशि जमा करने में होने वाली देरी पर रोक लगेगी।
  • पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन प्रक्रिया की मदद से बैंक खाता विवरण सत्यापित हो जाता है। इससे बड़े पैमाने पर नुकसान का जोखिम नहीं रहता।
  • पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन प्रक्रिया धोखाधड़ी को कम करने में भी सहायता करती है।
  • इस प्रक्रिया से धन के साथ ही वेतन/खर्चों को गलत खाते में स्थानांतरित होने से रोकना संभव होता है। लिहाजा, नियोक्ता एवं कर्मचारी तनाव मुक्त रहते हैं।

लाभार्थी के बैंक खाते में धनराशि जमा किए जाने में किस वजह से देरी होती है? (Why there is a late in depositing amount in beneficiary account?)

दोस्तों, आपको बता दें कि लाभार्थी के खाते में धनराशि जमा किए जाने में देरी की कई वजहें हो सकती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख वजहें इस प्रकार से हैं-

  • अमान्य खाता (invalid account)।
  • अमान्य खाता प्रकार (invalid account type)।
  • गलत आईएफएससी कोड (wrong IFSC code)।
  • बेमेल नाम (non match name)।
  • निष्क्रिय खाता (inactive account)।
  • स्थानांतरित या बंद खाता (transferred/closed account)।
  • क्रेडिट फ्रीज (credit freeze)। खाते की गैर मौजूदगी (non-availability of account)।

यदि पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन न हो तो क्या होगा? (What if penny drop verification does not happen?)

दोस्तों, आपको जो वजहें हमने ऊपर बताई हैं या किसी अन्य वजह से भी कई बार पेनी ड्रॉप ट्रांजैक्शन सफल नहीं होता। अब आप पूछेंगे कि ऐसी स्थिति में क्या होता है? तो दोस्तों आपको बता दें कि यदि भेजी गई राशि ग्राहक के खाते तक नहीं पहुंचती तो ऐसे में विवरण संशोधित (details revised) होने तक संबंधित धनराशि ट्रस्टी बैंक (trustee bank) की हिरासत में रहेगी। यदि किसी सदस्य का

बैंक खाता (bank account) और अन्य विवरण (other details) सही नहीं हैं, तो रिकॉर्ड को अपडेट (record update) करने के लिए वैकल्पिक खाता संख्या (optional account number) या अतिरिक्त सहायक दस्तावेज (additional related documents) जमा करने होंगे।

दोस्तों यह भी जान लीजिए कि यदि प्रोसेसिंग के दौरान पेनी ड्रॉप असफल होता है तो ऐसे में नोडल अधिकारी/पीओपी (nodal officer/POP) द्वारा ग्राहकों को बैंक खाता संख्या (bank account number) को सही करने एवं अपने आवेदन को पुनः जमा या सबमिट (submit) करने के लिए कहा जाएगा, ताकि उनकी withdrawal request को तय समयावधि के भीतर रिवाइज किया जा सके।

सदस्य के खाते के विवरण कैसे संशोधित किए जाते हैं? (How the details of member is revised?)

यदि पेनी ड्रॉप असफल हो जाता है तो ऐसे में सीआरए द्वारा एस2 फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। उसके द्वारा सीआरए सिस्टम में ग्राहक के बैंक खाते के विवरण (bank account details) को संशोधित करने के लिए नोडल कार्यालय (nodal office) को सूचित किया जाएगा। इसके साथ ही सीआरए द्वारा संबंधित ग्राहक के साथ ईमेल या मोबाइल नंबर (email/mobile number) के जरिए संवाद (communication) किया जाएगा।

वह उन्हें पेनी ड्रॉप की विफलता के बारे में सूचित करने के साथ ही उन्हें नोडल अधिकारी पीओपी यानी प्वॉइंट ऑफ प्रेजेंस से संपर्क करने के लिए कहेगा। अब विवरण संशोधित होने के पश्चात पुनः पेनी ड्रॉप सत्यापन प्रक्रिया दोहराई जाएगी। एक रुपया लाभार्थी के खाते में जमा किया जाएगा। वेरिफिकेशन के पश्चात सीआरए लाभार्थी के खाते से सेवा प्रदाता को देने के लिए राशि वसूल कर लेगा।

वर्तमान में पेमेंट ड्रॉप वेरिफिकेशन सुविधा एनपीएस की योजनाओं पर उपलब्ध है? (On which schemes of NPS penny drop verification is available at present)

दोस्तों, आपको बता दें कि वर्तमान में पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन सुविधा एनपीएस की किन-किन योजनाओं पर उपलब्ध है? तो जान लीजिए दोस्तों कि यह सुविधा एनपीएस पोर्टल (NPS portal), एनपीएस लाइट (NPS lite) एवं अटल पेंशन योजना Atal Pension yojana यानी एपीवाई (APY) पर उपलब्ध कराई जा रही है।

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पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन क्या है?

यह एक त्वरित खाता सत्यापन प्रक्रिया है।

इसकी खासियत क्या है?

इसमें लाभार्थी के खाते में ₹1 यानी अपनी भेज कर खाते की जांच की जाती है कि पैसा सही खाते में पहुंचा है या नहीं।

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पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन की क्या प्रक्रिया है?

इसकी प्रक्रिया हमने आपको ऊपर पोस्ट में विस्तार से बताई है। आप वहां से देख सकते हैं।

यह प्रक्रिया किसके लिए आवश्यक की गई है?

वर्तमान में एनपीएस सदस्यों के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक की गई है।

एनपीएस सदस्य के खाते के विवरण का मिलान कौन करता है?

यह जिम्मेदारी सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी की होती है।

लाभार्थी के बैंक खाते में भुगतान में देरी आम तौर पर किन वजहों से होती है?

इन वजहों के संबंध में हमने आपको ऊपर पोस्ट में विस्तार से बताया है। आप वहां से देख सकते हैं।

पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन प्रक्रिया के क्या लाभ हैं?

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि राशि सही लाभार्थी के खाते में पहुंचती है और उसमें अनावश्यक देरी नहीं होती।

वर्तमान में किन एनपीएस योजनाओं पर पेन ड्राइव वेरिफिकेशन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है?

वर्तमान में एनपीएस पोर्टल, एनपीएस लाइट एवं अटल पेंशन योजना यानी एपीवाई पर पेनी ड्रॉप वेरिफिकेशन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रवेश
प्रवेश
मास मीडिया क्षेत्र में अपनी 15+ लंबी यात्रा में प्रवेश कुमारी कई प्रकाशनों से जुड़ी हैं। उनके पास जनसंचार और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है। वह गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर से वाणिज्य में मास्टर भी हैं। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से व्यक्तिगत प्रबंधन और औद्योगिक संबंधों में डिप्लोमा भी किया है। उन्हें यात्रा और ट्रेकिंग में बहुत रुचि है। वह वाणिज्य, व्यापार, कर, वित्त और शैक्षिक मुद्दों और अपडेट पर लिखना पसंद करती हैं। अब तक उनके नाम से 6 हजार से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
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