नेटवर्थ क्या होता है? नेटवर्थ कैसे कैलकुलेट करते हैं?

|| नेटवर्थ क्या होता है? उसे कैसे कैलकुलेट करते हैं? Net Worth Kya Hota Hai, नेट वर्थ कैसे निकाली जाती है, Net Worth Calculate Kaise Kare, नेट वर्थ की गणना करने का तरीका क्या होता है ||

आपने अक्सर सुना होगा कि बालीवुड स्टार शाहरूख खान की नेटवर्थ 400 से 600 मिलियन यूएस डालर है। या अमिताभ भारत के सबसे अमीर एक्टर हैं, उनकी नेटवर्थ इंडिया में सबसे ज्यादा है। यहां आपके मन में यह सवाल अवश्य सिर उठाता होगा कि यह नेटवर्थ क्या है? इसमें क्या क्या शामिल होता है? नेटवर्थ कैसे निकालते हैं? अधिक या कम नेटवर्थ का क्या मतलब होता है? आदि।

यदि आप भी नेटवर्थ को लेकर इसी प्रकार के प्रश्नों से दो चार होते हैं तो आज इस पोस्ट को आप अवश्य पढ़ें। हमने इस पोस्ट में नेटवर्थ पर आधारित ऐसे ही सवालों के जवाब देने की कोशिश की है। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको पसंद आएगी।

नेटवर्थ क्या है? (what is Net worth?)

नेटवर्थ (net worth) को हिंदी में शुद्ध संपत्ति भी कहा जाता है। इसे नेट एसेट वैल्यू (net asset value) भी पुकारा जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति (total assets) में से उसकी कुल देनदारी (total liabilities) को घटा दिया जाता हैं तो उसकी नेटवर्थ (net worth) निकल आती है।

सामान्य रूप से नेटवर्थ टर्म का प्रयोग किसी कंपनी अथवा किसी व्यक्ति विशेष की आर्थिक स्थिति जानने के लिए किया जाता है। इसी से पता चलता है कि कोई व्यक्ति अथवा कंपनी आर्थिक रूप से कितनी मजबूत अथवा कमजोर है। वह लाभ में है अथवा हानि में। खास तौर से शेयर मार्केट में लिस्टेड कंपनियों पर उनकी नेटवर्थ का बहुत असर पड़ता है।

नेटवर्थ क्या होता है? नेटवर्थ कैसे कैलकुलेट करते हैं?

नेटवर्थ आंकने का फार्मूला क्या है? (what is the formula to calculate net worth?)

अब बात करते हैं नेटवर्थ आंकने की। इसका एक फार्मूला निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार Net worth=total assets-total liabilities.

अब विस्तार से कुल संपत्ति (total assets) एवं कुल देनदारी (total liabilities) के बारे में जान लेते हैं-

कुल संपत्ति (total assets)-

हमने आपको बताया कि नेटवर्थ निकालने के लिए आपको सबसे पहले आपकी कुल संपत्ति पता होनी चाहिए। कुल संपत्ति में आपकी अचल संपत्ति यानी जमीन, घर की वर्तमान कीमत, घर में मौजूद गहनों, जेवर आदि समेत उसके सामान की कीमत एवं बैंक में कुल पूंजी के साथ ही आपके निवेश के पैसे आदि को शामिल किया जाता है।

कुल देनदारी (total liabilities)-

अब बारी है कुल देनदारी की। इसमें आपके ऊपर सभी तरह के लोन एवं वह भुगतान शामिल होते हैं, जो आपको चुकाने हों। जैसे घर बनाने के लिए लिया गया होम लोन, शिक्षा प्राप्त करने के लिए लिया गया एजुकेशन लोन अथवा अन्य किसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए लिया गया पर्सनल लोन। आपका क्रेडिट कार्ड पेमेंट (credit card payment), आपकी अन्य देनदारियां आदि।

एक उदाहरण से समझें नेटवर्थ कैसे निकालें? (learn from an example how to calculate net worth?)

अब हम आपको एक उदाहरण से समझाने की कोशिश करेंगे कि नेटवर्थ कैसे निकाली जा सकती है। मान लीजिए कि किसी कंपनी की कुल संपत्ति 80 करोड़ है एवं उसकी देनदारी 50 करोड़ है। ऐसे में उसकी नेटवर्थ निम्न प्रकार निकाली जाएगी-

total assets 80 करोड़-total liabilities 50 करोड़ = net worth 30 करोड़

इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति अपनी कुल संपत्ति एवं देनदारी का आंकलन कर अपनी नेटवर्थ निकाल सकता है। हालांकि यह कार्य उतना आसान नहीं है, जितना नजर आता है।

किसी व्यक्ति अथवा कंपनी की अच्छी नेटवर्थ का क्या अर्थ है? (what does it mean by a man or a company’s good net worth?)

किसी कंपनी की अच्छी नेटवर्थ से आशय है कि उस कंपनी की स्थिति बहुत बेहतर है। अच्छी नेटवर्थ वाली कंपनियों को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। यदि शेयर मार्केट की बात करें तो लोग कंपनियों की नेटवर्थ देखकर ही उसके शेयरों में निवेश करने में रूचि दिखाते हैं।

जिन कंपनियों के लोन, शेयर आदि की कीमत कई हजार करोड़ में होती है उनकी कुल संपत्ति एवं कुल देनदारी की गणना के बाद नेटवर्थ निकालने के लिए कई सीए लगाए जाते हैं, जो कई दिन लगाकर इस कार्य को अंजाम देते हैं। यदि व्यक्ति की बात करें तो कोई भी कंपनी ऐसे व्यक्ति को ही लोन देना पसंद करती हैं, जिसकी नेटवर्थ अच्छी हो।

इसीलिए आपने देखा होगा कि लोन देने से पूर्व कंपनियां संबंधित व्यक्ति की नेटवर्थ का आंकलन करती हैं। वे उसकी आय एवं संपत्ति देखती हैं। साथ ही यह भी पता करती हैं कि उस पर कोई बड़ी देनदारी तो नहीं। इसके बाद ही वह लोन देने अथवा न देने पर अपनी मुहर लगाती हैं।

किसी व्यक्ति को उसकी नेटवर्थ क्यों पता होनी चाहिए? (why a person should know his net worth?)

किसी व्यक्ति की नेटवर्थ उसकी आर्थिक हालत का पता देती है। उसे एक निश्चित अंतराल के पश्चात अपनी नेटवर्थ का आंकलन करते रहना चाहिए। सही आर्थिक स्थिति का पता चलने के बाद ही कोई भी व्यक्ति स्वयं से संबंधित बेहतर वित्तीय फैसले (financial decisions) ले सकता है।

यदि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं तो भी वह अपनी जिंदगी को लेकर सही वित्तीय फैसले ले सकता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं-

मान लीजिए मनोज एक आईटी कंपनी में काम करता है। वह एक कार लेना चाहता है। कार डीलर उसे बताता है कि कार आनरोेड लगभग साढ़े 10 लाख की पड़ेगी।

यदि वह कार लेता है तो उसे बतौर डाउन पेमेंट लगभग एक लाख रूपये चुकाने होंगे एवं महीने की ईएमआई लगभग 14 हजार रूपये बैठेगी। मनोज की माहवार तनख्वाह लगभग 90 हजार है। ऐसे में आज की तारीख में वह आसानी से कार खरीद सकता है।

लेकिन मान लीजिए कि उसे अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना है एवं साथ ही बहन की शादी की भी जिम्मेदारी उसके ऊपर है तो ऐसे में उसके खर्च को देखते हुए उसकी नेटवर्थ कम रह जाएगी। ऐसे में उसे इस संबंध में सोच-समझकर फैसला लेना होगा।

यह भी हो सकता है कि फिलहाल वह कार लेने का फेसला मुल्तवी कर दे। जाहिर सी बात है कि नेटवर्थ की कैलकुलेशन उसके सही वित्तीय फैसले लेने में मददगार साबित होगी।

नेटवर्थ एवं टर्नओवर में क्या अंतर है? (what is the difference between net worth and turn over?)

बहुत से लोग नेटवर्थ (net worth) एवं टर्न ओवर (turn over) को लेकर भ्रमित होते रहते हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको इन दोनों ही टर्म्स में अंतर स्पष्ट करना चाहेंगे। पहले बात टर्नओवर की।

यह एक निश्चित समयावधि में आपके व्यवसाय की शुद्ध आय है, जो कुल आय में से सभी व्यय को घटाकर बचती है। वहीं, आपकी कुल संपत्ति में से आपकी देनदारी को घटाकर जो राशि बचती है, वह आपकी अथवा किसी कंपनी की नेटवर्थ है।

नेटवर्थ सर्टिफिकेट क्या होता है? इसका क्या इस्तेमाल है? (What is net worth certificate? What is it’s use)

नेटवर्थ के बारे में आशा है आप अच्छी तरह समझ गए होंगे। अब हम आपको नेटवर्क सर्टिफिकेट के बारे में बताएंगे। यह नेटवर्क सर्टिफिकेट (net worth certificate) एक ऐसा फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट (financial instrument) अथवा कह लीजिए कि वित्तीय दस्तावेज होता है, जिसका इस्तेमाल बैंकों अथवा इसी प्रकार के वित्तीय संस्थानों को उनकी नेटवर्थ के आधार पर पूंजी देने के लिए किया जाता है। इसे सीए की ओर से जारी किया जाता है।

नेटवर्थ से जुड़े खास बिंदु (main features of net worth)

एक नजर में नेटवर्थ से जुड़े इन खास बिंदुओं पर नजर डाल लेते हैं, जो निम्नवत हैं-

  • बेहतर नेटवर्थ किसी भी व्यक्ति की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
  • यह किसी भी व्यक्ति की फाइनेंशियल ग्रोथ (financial growth) को समझने के काम आती है। उसे उसकी असल आर्थिक स्थिति बताती है।
  • किसी व्यक्ति अथवा कंपनी की प्राफिट (profit) कमाने की शक्ति एवं उसके दायित्वों के हिसाब से उसकी नेटवर्थ बदलती रहती है।
  • यदि किसी की संपत्ति से अधिक उसकी देनदारी होती है तो नेटवर्थ नेगेटिव (network negative) में चली जाती है, जो किसी भी व्यक्ति अथवा कंपनी के लिए बेहद खतरनाक बात है। कई लोग ऐसी स्थिति में फंसते हैं।

जानिए दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क की नेटवर्थ (know the net worth of world’s richest person Allen musk)

आपको यह जानना बेहद रोचक लग सकता है। आखिर दुनिया के सबसे अमीर आदमी माने जाने वाले एलन मस्क की नेटवर्थ कितनी होगी? क्या आप कोई अंदाजा लगा सकते हैं? नहीं न। रिपोर्ट्स के अनुसार स्पेस एक्स के संस्थापक एलन मस्क की नेटवर्थ 188 बिलियन यूएस डालर अर्थात 1,38,42,78,96,75 रूपये से भी अधिक आंकी गई है।

वे नेटवर्थ के मामले में अमेजाॅन के फाउंडर जेफ बेजाॅस को भी पीछे कर चुके हैं, जिनकी नेटवर्थ 187 बिलियन यूएस डाॅलर आंकी गई थी। अरबपतियों की नेटवर्थ की यह लिस्ट ब्लूमबर्ग (bloomberg) की ओर से जारी की गई थी, जिसमें दुनिया भर से 500 अरबपतियों को शामिल किया गया था।

भारत में सबसे अमीर आदमी कौन है, उसकी नेटवर्थ क्या है? (who is the richest person in india? What is his net worth?)

आपको भारत के सबसे अमीर आदमी के बारे में जानकारी देते हैं। साथ ही आपको यह भी बताते हैं कि उसकी नेटवर्थ कितनी है। यदि हम 25 जनवरी, 2022 को जारी Forbes के रीयल टाइम नेटवर्थ डाटा (real time net worth data) पर भरोसा करें तो इसके अनुसार गुजरात के उद्योगपति गौतम अडाणी इस समय भारत के सबसे अमीर आदमी हैं।

उनकी नेटवर्थ 90 अरब डाॅलर आंकी गई है। 31 दिसंबर, 2021 को गौतम अडाणी की नेटवर्थ 78 अरब डाॅलर थी। वहीं, अरबपति मुकेश अंबानी भारत के दूसरे सबसे अमीर आदमी हैं।

नेटवर्थ से क्या आशय है?

नेटवर्थ से आशय किसी व्यक्ति अथवा कंपनी की शुद्ध संपत्ति से है।

नेटवर्थ कैसे निकाली जाती है?

किसी व्यक्ति अथवा कंपनी की कुल संपत्ति में से उसकी कुल देनदारी को माइनस करके नेटवर्थ का आंकलन किया जाता है।

नेटवर्थ किस चीज की द्योतक होती है?

नेटवर्थ किसी व्यक्ति अथवा कंपनी की आर्थिक स्थिति की परिचायक होती है। अच्छी नेटवर्थ वाली कंपनी की वैल्यू बेहतर आंकी जाती है।

कुल संपत्ति में क्या कैश भी शामिल होता है?

जी हां, व्यक्ति की कुल संपत्ति में उसके पास मौजूद कैश, बैंक में मौजूद कैपिटल, उसकी घर, जमीन जैसी अचल संपत्ति एवं घर का अन्य सामान सभी कुछ शामिल किया जाता है।

कुल देनदारी में क्या क्या शामिल होता है?

कुल देनदारी में व्यक्ति अथवा कंपनी के ऊपर लोन, उसके क्रेडिट कार्ड पेमेंट एवं अन्य कर्ज इत्यादि को शामिल किया जाता है।

मान लीजिए एक व्यक्ति की कुल संपत्ति 10 करोड़ एवं उसकी देनदारी 4 करोड़ है तो उसकी नेटवर्थ कितनी होगी?

नेटवर्थ निकालने के फार्मूले के अनुसार इस व्यक्ति की नेटवर्थ कुल संपत्ति-कुल देनदारी अर्थात 10 करोड़- 4 करोड़= 6 करोड़ होगी।

क्या व्यक्ति का क्रेडिट कार्ड पेमेंट भी उसकी देनदारी में शामिल होगा?

जी हां, व्यक्ति का क्रेडिट कार्ड पेमेंट भी उसकी देनदारी में शामिल किया जाएगा।

हमने इस पोस्ट में आपको नेटवर्थ क्या होता है? इस विषय पर जानकारी दी। उम्मीद करते हैं कि नेटवर्थ को लेकर आपके दिल में जो भी सवाल उठे होंगे, आपको उन सभी का जवाब मिल गया होगा।

यदि इसके बावजूद कोई सवाल आपके दिमाग में है तो हमसे पूछ सकते हैं। इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि बाकी लोग भी इस महत्वपूर्ण टर्म नेटवर्थ के बारे में जान सकें और अपनी जानकारी में वृद्धि कर सकें। धन्यवाद।

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