गोल्डन बीयर अवार्ड क्या है? और क्यों दिया जाता है? What is golden bear award? Why the award is given?

यदि आप फिल्मों की दुनिया में रुचि रखते हैं तो आपको बताने की आवश्यकता नहीं है कि फिल्मों की दुनिया में आस्कर अवार्ड को ऊंचा दर्जा हासिल है। लेकिन दोस्तों, ढेरों ऐसे अवार्ड हैं, जो कि बेहद प्रतिष्ठित हैं। गोल्डन बीयर अवार्ड एक ऐसा ही अवार्ड है। किसी भी देश का फिल्मकार इस अवार्ड को हासिल करने में गर्व महसूस करता है। दोस्तों, आज इस post के माध्यम से हम आपको गोल्डन बीयर अवार्ड से जुड़ी संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश करेंगे। हमें उम्मीद है कि यह post आपको पसंद आएगी। आइए शुरू करते हैं-

गोल्डन बीयर अवार्ड क्या है? What is the Golden Bear Award?

गोल्डन बीयर अवार्ड जर्मनी के बर्लिन में होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान दिया जाता है। यह अवार्ड फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। हर देश के अच्छे और आफबीट फिल्मकार की आंख इस अवार्ड पर लगी होती है। यह अवार्ड उनके कार्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने में अहम भूमिका का निर्वाह करता है।

गोल्डन बीयर अवार्ड कब शुरू हुआ? When did the Golden Bear Award begin?

गोल्डन बीयर अवार्ड क्या है? और क्यों दिया जाता है? What is golden bear award? Why the award is given?

गोल्डन बीयर अवार्ड के स्थापना वर्ष की बात करें तो यह अवार्ड आज से करीब 69 वर्ष पूर्व सन् 1951 में शुरू किया गया था। मित्रों, लगे हाथों आपको यह भी बता दें कि बर्लिन का धरोहरिक पशु भालू है। इसलिए इस अवार्ड का नाम गोल्डन बीयर अवार्ड रखा गया है। गोल्डन बीयर का ही प्रतीक चिन्ह बर्लिन के सैन्य हथियार और ध्वज पर भी अंकित किए गए हैं। इस अवार्ड समारोह में शामिल होने के लिए दुनिया भर के फिल्म जगत की हस्तियों में होड़ लगी रहती है। इसके साथ ही इस अवार्ड के प्रसारण को देखने के लिए भी खूब दर्शक जुटते हैं।

पहली बार गोल्डन बियर अवार्ड कब दिया गया था? When was the Golden Bear Award given for the first time? 

आपको बता दें कि 1951 में जब यह अवार्ड शुरू किया गया था तो इसके विजेताओं का चयन पश्चिम जर्मनी के एक पैनल ने किया था। यह अवार्ड पांच कैटेगरी के अनुसार पांच विजेताओं को दिया जाता है। इसके पश्चात सन् 1952 और सन् 1955 के बीच तीन साल तक ऑडियंस को विजेता चुनने का हक मिला। लेकिन सन् 1956 में FIAPF ने अवार्ड को औपचारिक मान्यता दी। तब से इसे इसी संस्था द्वारा दिया जाता है।

सन् 1951 में किन किन फिल्मों को मिला पुरस्कार | Which films received the Golden Bear award in 1951 –

अब हम आपको जानकारी देंगे कि 1951 में जिन जिन फिल्मों को यह अवार्ड दिया गया था, वह कौन कौन सी फिल्में थीं। तो दोस्तों आइए, एक नज़र इन पर डालें और साथ ही आपको बता दें कि इन फिल्मों को दर्शकों के साथ ही आलोचकों की भी भरपूर सराहना मिली। यह इस प्रकार से हैं-

  • * Four in a zeep (ड्रामा जोनर की यह फिल्म स्विट्जरलैंड की थी)
  • * Without leaving an address (कॉमेडी जोनर की यह फ्रांस की फिल्म थी)
  • * In the beaver valley (डॉक्यूमेंट्री जोनर की यह फिल्म यूनाइटेड स्टेट्स यानी यूएस की थी)
  • * Justice is done ( थ्रिलर और एडवेंचर कैटेगरी की यह फ्रांस की फिल्म थी)
  • * Cinderella ( यह म्यूजिक फिल्म भी यूनाइटेड स्टेट्स यानी यूएस की ही थी)

गोल्डन बीयर अवार्ड कब नहीं दिया गया? When was the Golden Bear Award not given?

गोल्डन बीयर अवार्ड के इतिहास में ऐसा भी हुआ, जब यह अवार्ड नहीं दिया जा सका। आज से करीब 50 साल पहले यानी सन् 1970 वह साल था, जब यह अवार्ड नहीं दिया जा सका। एंटी वार फिल्म को award के लिए शामिल किए जाने को लेकर खड़े रहे विवाद के चलते ऐसा हुआ। साथियों, आपको यह भी बता दें कि गोल्डन बीयर अवार्ड न दिए जाने पर फिल्मों से जुड़े एक धड़े में बहुत नाराज़गी थी।

ऑनरेरी गोल्डन बीयर अवार्ड क्या है? What is the Honorary Golden Bear Award?

अब आती है आनरेरी गोल्डन बीयर अवार्ड की बारी। आपको बता दें कि यह अवार्ड भी बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिया जाता है। इसकी शुरुआत सन् 1982 में हुआ था। यह प्रतिष्ठित और जाना माना अवार्ड फिल्म जगत की मशहूर हस्तियों को लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए दिया जाता है। दोस्तों, 1982 में यह अवार्ड जेम्स स्टीवर्ट को दिया गया था, जबकि इस साल यानी 2020 में यह अवार्ड हेलन मिरैन को प्रदान किया गया।

अब तक किनको किनको मिला ऑनरेरी गोल्डन बीयर अवार्ड? Who has received the Honorary Golden Bear Award so far?

अब बारी है यह जानने की कि अब तक किस किस हस्ती को फिल्म जगत में उसके अहम योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जा चुका है। यह इस प्रकार है-

  1. 1982- जेम्स स्टीवर्ट
  2. 1988- एलेक गिनीज
  3. 1989- डस्टिन हाफमैन
  4. 1990- ओलिवर स्टोन
  5. 1993- ग्रेगरी पैक और बिली विल्डर
  6. 1994- सोफिया लारेन
  7. 1995- एलेन डिलान
  8. 1996- एला कजान और जैक लैमन
  9. 1997- किम नेवाक
  10. 1998- कैथरीन
  11. 1999- शर्ले मैक्लीन
  12. 2000- जेनी मारियो
  13. 2001- किर्के डगलस
  14. 2002- राबर्ट आल्टमैन और क्लाउडिया
  15. 2003- अनाक ऐमी
  16. 2004- फर्नांडो
  17. 2005- इन क्वान टैक और फर्नांडो गोम्ज
  18. 2006- आंद्रेज और इयान मैक्लीन
  19. 2007- आर्थर पेन
  20. 2008- फ्रांसिस्को रोसी
  21. 2009- मारिस जेरे
  22. 2010- वुल्फ गैंग और हाना शिगुलिया
  23. 2011- अर्मीन मुलर
  24. 2012- मेरिल स्ट्रीप
  25. 2013- क्लाउड लेंजमैन
  26. 2014- केन लोच
  27. 2015- विम वैंडर्स
  28. 2016- माइकल बलौस
  29. 2017- मिलाना कैनोनीरो
  30. 2018- विलियम डैफो
  31. 2019- शैरलौट रैंप्लिंग
  32. 2020- हेलन मिरैन

ऑनरेरी गोल्डन बीयर अवार्ड कब कब नहीं दिया गया? When was the Honorary Golden Bear Award not given?

साथियों, आपको यह भी बता दें कि ऐसे सात साल रहे, जब यह ऑनरेरी गोल्डन बीयर अवार्ड नहीं दिया जा सका। वर्ष की बात करें दोस्तों तो सन्
1983, 1984, 1985, 1986, 1987, 1991 और 1992 ऐसे साल रहे जब इसका आयोजन नहीं किया गया।

2020 में गोल्डन बीयर अवार्ड किस फिल्म को मिला? Which film won the Golden Bear Award in 2020?

अब हम आपको बताएंगे कि इस साल यानी 2020 में गोल्डन बीयर अवार्ड किस फिल्म को दिया गया। दोस्तों, इस साल ईरान की फिल्म ‘There is no evil’ इस पुरस्कार की हकदार बनी है। इस फिल्म के निर्देशक मोहम्मद रसूलाफ हैं। पर्शियन भाषा में बनी इस फिल्म की समयावधि 150 मिनट यानी सवा घंटे की है।

ईरान में मृत्युदंड पर आधारित है फिल्म – There is no evil

दोस्तों, 20 फरवरी, से लेकर 29 फरवरी, 2020 तक चले बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जिस फिल्म There is no evil को गोल्डन बीयर अवार्ड दिया गया, वह ईरान में मृत्युदंड पर आधारित है। इस फिल्म में चार कहानियां प्रदर्शित की गई हैं। यह फिल्म मोहम्मद रसूलाफ ने न केवल डायरेक्ट की, बल्कि उन्होंने ही इसे लिखा भी है। मोहम्मद रसूलाफ ने पुरस्कार पाने के बाद एक वीडियो इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने जो अनुभव किया उसे ही पर्दे पर उतारने की कोशिश की है। फिल्म का निर्माण उन्होंने कवेह फरमाम और फरजाद पाक के साथ मिलकर किया। फिल्म में आमिर मलकपुर ने संगीत दिया है।

इस फिल्म में मुख्य भूमिकाएं कैवेह अहंगर, महताब सरवती और बारान रसूलाफ ने निभाई है। दोस्तों, सच यह है कि इस फिल्म के जरिए मोहम्मद रसूलाफ ने अपने रचनात्मक साथियों के साथ मिलकर ईरान की असल स्थिति दिखाने की कोशिश की है और वह भी बगैर किसी भी तरह के के दबाव में आए। साथियों, हालांकि वह कई बार मोहम्मद रसूलाफ अपने साथियों के साथ वतन से बाहर ना जाने को लेकर पाबंदी झेल चुके हैं। जेल भी जा चुके हैं। इसके बावजूद उनके हौसले कम होने का नाम नहीं लेते। और वह अपनी फिल्मों में आम आदमी से जुड़े मसलों को पूरी शिद्दत के साथ उठाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

बैन की वजह से अवार्ड लेने नहीं आ सके डायरेक्टर –

साथियों, जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि There is no evil फिल्म को इस साल 2020 का गोल्डन अवार्ड हासिल हुआ है, आपको यह भी बता दें कि फिल्म के डायरेक्टर मोहम्मद रसूलाफ इस अवार्ड को लेने के लिए खुद बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में खुद उपस्थित नहीं हो सके, क्योंकि उन पर ईरान छोड़कर जाने पर पाबंदी लगाई गई थी। उनके स्थान पर उनकी पुत्री बारान रसूलाफ ने यह अवार्ड ग्रहण किया। दोस्तों, आपको यह जानकर भी धक्का लगेगा कि गोल्डन बीयर अवार्ड मिलने के बाद 4 मार्च, 2020 को उन्हें 1 साल की सजा भी सुनाई गई। उन पर सिस्टम के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने का आरोप लगाया गया था।

लगे हाथों आपको यह भी बता दें कि इससे पहले 2011 में मोहम्मद रसूलाफ को उनके सह निर्माता जफर के साथ गिरफ्तार भी किया गया था। उस वक्त इन पर परमिट के बगैर फिल्मांकन का आरोप लगा था। दोनों को ही 6 साल की जेल की सजा हुई। साथ ही 20 साल के लिए फिल्मेकिंग पर रोक लगाई गई। लेकिन बाद में अपील करने पर मोहम्मद रसूल की सजा को केवल 1 साल तक सीमित कर दिया गया। सन् 2017 में भी मोहम्मद रसूलाफ की फिल्म A man of integrity को कांस फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार से नवाजा गया। लेकिन उस वक्त भी मोहम्मद रसूलाफ पुरस्कार ग्रहण करने के लिए फ्रांस नहीं जा सके। उन पर ईरान से बाहर यात्रा पर पाबंदी लगी थी।

सिल्वर बीयर रनर अप ज्यूरी अवार्ड एलिजा को

अब बात सिल्वर बीयर रनर अप ज्यूरी अवार्ड की। यह अवॉर्ड इस साल 2020 में एलिजा हिटमैन को उनकी फिल्म Never, rarely, sometimes, always के लिए दिया गया। यह एक टीनएज अबार्शन ड्रामा था। आलोचकों ने इस लीक से हटकर फिल्म की बहुत सराहना की। इसमें सिडनी फ्लैगनिगन ने 17 साल की लड़की का रोल अदा किया है, जिसे अबॉर्शन के लिए पेंसिलवेनिया से न्यूयॉर्क जाने के लिए बाध्य कर दिया जाता है ।

कम ही ऐसा हुआ कि कोई विवाद नहीं उठा –

दोस्तों, कोई भी फिल्म समारोह विवादों से बचा रहे ऐसा कम ही होता है। कभी फिल्मों के पार्टिसिपेशन को लेकर विवाद खड़ा होता है तो कभी किसी और बात पर। और बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के दौरान भी यही रहा कि आयोजन स्थल के बाहर कई पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने डेरा जमाए रखा। वह लगातार नारेबाजी करते रहे। उनका आग्रह यही था कि पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की तरफ भी ध्यान दिया जाए। अब इस प्रदर्शन से प्रदर्शनकारियों के मुद्दे कितने हल हो पाए, यह बात अलग ए।

लेकिन इस तरह के मुद्दे फेस्टिवल के दौरान उठाए जाने से विश्व बिरादरी का ध्यान तो अपनी ओर खींचते ही हैं। इसके अलावा फिल्म के किसी category में शामिल किए जाने या न किए जाने से जुड़े विवाद भी अंंतरराष्ट्रीय स्तत पर सुर्खियां बटोरने में पीछे नहीं रहते। बहुत सारे देश इस अव्वल अवार्ड  के लिए अपनी एंट्री भेजते हैं, लेकिन पुरस्कार केवल उसी के हिस्से आता है, जो हर स्तर पर इक्कीस साबित होती है। ऐसे में पुरस्कार पाने की इच्छा रखने वाले अन्य फिल्मकारों का इंतजार लंबा खिंच जाता है।

साथियों, इस पोस्ट के जरिए हमने आपको गोल्डन बीयर अवार्ड के संबंध में जानकारी दी। अगर इस अवार्ड से जुड़े किसी अन्य पहलू पर आप जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे दिए गए comment box बॉक्स में comment करके हम तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। यदि किसी विशेष पुरस्कार/अवार्ड के बारे में आप जानना चाहते हैं तो भी comment box में comment करके हमें अवगत करा सकते हैं। हमें आपकी प्रतिक्रियाओं का शिद्दत से इंतजार है। ।।शुक्रिया।।

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