वेब डेवलपर कैसे बने? | योग्यता, कोर्स, जॉब व सैलरी | Web developer kaise bane

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Web developer kaise bane, आज के समय में यदि किसी चीज़ में सबसे ज्यादा करियर स्कोप कहा जा सकता है तो वह वेब डेवलपमेंट का या फिर यूँ कहे कि आईटी इंडस्ट्री में। वह इसलिए क्योंकि सब चीज़े ऑनलाइन हो (Web developer bnne ke liye kya kare) रही हैं। हर कोई अपने काम को ऑनलाइन लेकर जा रहा हैं। अब हर तरह का काम ऑनलाइन होने लगा है तो वह काम किसके द्वारा मैनेज किया जाता हैं? तो इसका उत्तर होगा वेब डेवलपर।

तो इसी से आप आज के समय में वेब डेवलपर की भूमिका को समझ सकते हैं और आंक सकते हैं। तो ऐसे में यदि आपके मन में भी वेब डेवलपर की इच्छा जोर पकड़ रही हैं और आप इसके लिए कोई रास्ता जानना चाह रहे हैं तो आज हम आपके साथ उसी पर ही बात करने वाले हैं। आज के इस लेख में ना केवल आपको वेब डेवलपर बनने के बारे में जानने को मिलेगा बल्कि साथ के साथ यह भी जानने को मिलेगा कि वेब डेवलपर बनने के बाद आप क्या क्या काम कर सकते हैं। तो आइए जाने वेब डेवलपर कैसे बना जा सकता हैं।

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वेब डेवलपर क्या होता है? (Web developer kya hota hai in Hindi)

सबसे पहले यह जान लेते है कि आखिरकार यह वेब डेवलपर होता क्या है और उसका काम क्या (Web developer kya hota hai) होता है। बस वेब डेवलपर का नाम जान लेने से ही कुछ नही होता है बल्कि उसकी परिभाषा या यूँ कहे कि उसके बारे में पूरा ज्ञान लेना जरुरी होता है। तो इसमें आप वेब से क्या समझते हैं। आपका उत्तर होगा जो आप और हम ऑनलाइन करते हैं। तो सही कहा आपने, दरअसल वेब का मतलब होता है इंटरनेट।

वेब डेवलपर कैसे बने योग्यता, कोर्स, जॉब व सैलरी Web developer kaise bane

यही कारण हैं कि हम कंप्यूटर में WWW को वर्ल्ड वाइड वेब कहते हैं अर्थात पूरे विश्व में फैला हुआ इंटरनेट का अंतरजाल। अब इसी में वेब का अर्थ इंटरनेट और उसके मायाजाल से हैं। अब इसमें दूसरा शब्द है डेवलपर जिसका अर्थ होता है किसी चीज़ का निर्माण करना। अब यह निर्माण केवल भौतिक रूप में ही हो यह जरुरी नही, यह इंटरनेट की दुनिया पर भी होता है।

तो अब सीधे शब्दों में कहा जाए तो इंटरनेट पर जिस भी चीज़ का निर्माण किया जा रहा है उसे वेब डेवलपमेंट कहा जाता है। अब उस चीज़ का निर्माण जो व्यक्ति करता है उसे वेब डेवलपर कहा जाता है। अब इंटरनेट पर किसी चीज़ का निर्माण होता है तभी तो वह चीज़ हमें और आपको दिख पाती हैं। तो हमें आशा है कि अब आप वेब डेवलपर का अर्थ अच्छे से समझ गये होंगे।

वेब डेवलपर का काम क्या होता है? (Web developer ka kya kaam hota hai)

अब जब आपने वेब डेवलपर की परिभाषा के बारे में जान लिया हैं तो आपको थोड़ा बहुत अंदाजा तो हो ही गया होगा कि उसका काम क्या होता होगा किंतु यह आपने मोटा मोटा जाना। कहने का मतलब यह हुआ कि इसके जरिये आपने बस यह जान लिया कि जो वेब डेवलपर होता है उसका काम इंटरनेट पर चीज़ों का निर्माण करना होता है लेकिन आपने यह नही जाना कि कैसे। तो अब हम उसके बारे में बात करेंगे।

तो आप और हम जो भाषा समझते हैं वह हिंदी, अंग्रेजी या अन्य कोई भाषा होती है। तो अब हमें किसी चीज़ को बनाना होगा तो उसके लिए हम किसी को गाइड करेंगे। जैसे कि आप किसी टेबल का निर्माण कर रहे हैं तो आप एक मजदूर लायेंगे, मशीन लेंगे, सामान लेंगे और अब उस मजदूर को अपनी पसंद के अनुसार टेबल का निर्माण करने को कहेंगे। यदि उसमे कुछ अलग करवाना है तो वह उसे बताएँगे।

अब यही चीज़ इंटरनेट पर करनी हैं तो उसका तरीका अलग होता है। अब इंटरनेट तो एक सिस्टम होता है जिसे आपकी और हमारी भाषा का ज्ञान नहीं होता है। तो इंटरनेट जो भाषा समझता है उसे कंप्यूटर की भाषा या कोडिंग करना कहा जाता है। तो एक वेब डेवलपर कोडिंग करके कंप्यूटर को कोई काम करने का निर्देश देता है। अब वह कंप्यूटर उस भाषा को पढ़कर यह समझ पाता हैं कि उसे क्या कुछ करना हैं।

कोडिंग क्या होती है? (Coding kya hoti hai)

अब ऊपर आपने एक शब्द पढ़ा कोडिंग तो आपके दिमाग में दौड़ रहा होगा की आखिरकार यह कोडिंग क्या होती है। क्या यह हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, स्पेनिश के जैसी एक अन्य भाषा है या इसका कोई और मतलब (Coding kya hoti hai in Hindi) है। तो यहाँ हम आपको बता दे कि होती तो यह एक भाषा ही है लेकिन थोड़ी हटकर। इस भाषा में गणित के जैसे फार्मूला होते हैं तो अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर। हालाँकि इसका अंग्रेजी भाषा से कोई संबंध नही है लेकिन इसकी वर्णमाला अंग्रेजी और गणित से मिलकर ही बनी होती है।

अब इसमें भी कोई एक भाषा नही होती है अर्थात कोडिंग की भी अलग अलग भाषा होती है। कहने का मतलब यह हुआ कि कंप्यूटर से बात करने के लिए भी कई तरह की भाषाएँ होती है। इसमें अलग अलग भाषाओँ की अलग अलग कमियां और खूबियाँ होती है। इन्हीं भाषाओँ को ही कोडिंग की भाषा कहा जाता है जो वेब डेवलपर सीखता है।

कोडिंग में भाषाओँ के प्रकार (Coding language types in Hindi)

अब आपके मन में यह जानने की जिज्ञासा भी उठ रही होगी कि आखिरकार इन कोडिंग भाषाओँ में कौन कौन सी भाषाएँ आती हैं। तो इसके बारे में भी हम आपको बता देते हैं। तो इसमें आपने सर्व प्रसिद्ध भाषा C के बारे में तो सुना ही होगा और यह बच्चों को एक क्लास के बाद पढ़ानी भी शुरू कर दी (Coding language kya hoti hai) जाती हैं। तो यदि हम C भाषा की बात करे तो यह कंप्यूटर की भाषा में ABCD कही जा सकती हैं अर्थात सबसे शुरूआती तौर की भाषा।

कोई भी व्यक्ति यदि वेब डेवलपर बनना चाहता हैं तो उसकी शुरुआत इसी भाषा के साथ ही होती हैं। अब यदि आप मनुष्य की कोई भाषा सीखेंगे तो उसके लिए उसकी वर्णमाला से ही शुरुआत करेंगे ना तो बस वैसा ही कुछ इस C भाषा के साथ हैं। तो ऐसे में कंप्यूटर की भाषाओं मे कोडिंग के जो विभिन्न प्रकार आते हैं, वे हैं:

  •  C
  • C++
  • Java
  • Angular Js
  • JavaScript
  • Advanced Java
  • Python
  • Oracle
  • SQL
  • HTML
  • CSS
  • PHP
  • Go
  • C# इत्यादि।

आज के बढ़ते प्रतिस्पर्धा के दौर में समय के साथ साथ नयी भाषा आती जा रही हैं या अभी की भाषा को ही अपग्रेड करके उनका नया वर्जन बनाया जा रहा हैं। ऐसे में यदि हम वर्तमान समय की बात करे तो कोडिंग में कई तरह की भाषाएँ प्रचलित हैं जिनमे से कुछ प्रमुख भाषाएँ हमने आपको ऊपर बताई हैं।

वेब डेवलपर कैसे बने? (Web developer kaise bane)

तो अब जब आप वेब डेवलपर बनने के ऊपर इतना सब जान चुके हैं तो अवश्य ही आपके मन में भी वेब डेवलपर बनने की चाह उठ रही होगी। तो यहाँ हम आपको बता दे कि इसके लिए आपको कठिन परिश्रम करने की जरुरत होगी क्योंकि वेब डेवलपर बनना कोई आसान काम नही (Web developer kaise bane Hindi me) होता है। वही यदि आप बिना मेहनत किये वेब डेवलपर बन भी गए तो आपकी कोई वैल्यू नही होगी। ऐसा इसीलिए क्योंकि आज के समय में कई वेब डेवलपर बेरोजगार बैठे हैं क्योंकि उन्होंने समय रहते अपनी पढ़ाई पर ध्यान नही दिया था।

तो यहाँ हम आपको शुरू से ही वेब डेवलपर बनने का पूरा प्रोसेस समझाएंगे जिससे भविष्य में आप एक सफल वेब डेवलपर बन सके। आइए जाने वेब डेवलपर बनने के लिए आपको क्या कुछ करना होगा।

स्कूल में एक्स्ट्रा विषय के रूप में कंप्यूटर का चुनाव

वेब डेवलपर बनने के लिये जो पहला पड़ाव होगा वह होगा आपका अपने स्कूल से ही इसके लिए तैयारी शुरू कर देना। अब स्कूल में एक समय के बाद आपको चुनने के लिए कुछ विषय दिए जाते हैं। इसमें सामान्य तौर पर जिन विषयों में से आपको एक विषय चुनने को कहा जाएगा उसमे कंप्यूटर, फाइन आर्ट्स, फिजिकल एजुकेशन इत्यादि होंगे।

तो जब भी आपके सामने ऐसा विकल्प आये तो आप बिना कोई सोच विचार किये कंप्यूटर विषय को चुन ले। इससे आपको स्कूल से ही वेब डेवलपर के रूप में अपना बेस बनाने में मदद मिलेगी जो आपकी आगे की राह को प्रशस्त करेगा।

दसवीं के बाद नॉन मेडिकल लेना

अब जब आप दसवीं को पास कर लेंगे तो उस समय ध्यान रखे कि तब भी आपके सामने 3 से 4 तरह के विकल्प होंगे। इसमें यदि आपने गलत चुनाव कर लिया तो फिर आप चाह कर भी वेब डेवलपर नही बन पाएंगे। इसमें जो जो विकल्प आपको दिए जाएंगे वे होंगे नॉन मेडिकल, मेडिकल, एकाउंट्स व आर्ट्स। तो इसमें सभी विकल्प की अपनी अलग अलग राह होगी।

बहुत से बच्चे इस समय दुविधा में रहते हैं कि उन्हें किस विकल्प का चुनाव करना चाहिए किंतु आपके सामने तो ऐसी कोई दुविधा नही है। आपको तो पता ही हैं कि यदि आप वेब डेवलपर बनना चाहते हैं तो आपको नॉन मेडिकल का चुनाव करना होगा। हालाँकि इसके लिए आपको अपनी दसवीं कक्षा में भी अच्छे अंक लाने होंगे ताकि आपका बिना किसी समस्या के अच्छे स्कूल में नॉन मेडिकल विषय में चयन हो सके।

बारहवीं कक्षा में पीसीएम में अच्छे अंक लाना

अब आपको आपनी 11 वीं और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई को बहुत ही सीरियस लेकर पढ़ना होगा। हालाँकि इसमें आपको कंप्यूटर विषय के बारे में इतना नही पढ़ाया जाएगा। इसमें जो मुख्य विषय आपको पढ़ाये जाएंगे वे होंगे फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स। यही नॉन मेडिकल स्ट्रीम के आधार होते हैं। किंतु यदि आप चाहते हैं कि आगे चलकर वेब डेवलपर बनने के लिए आपका एक अच्छे कॉलेज में प्रवेश हो तो आपको इन तीनो विषयों पर फोकस करना होगा और अच्छे अंक लाने होंगे।

साथ ही आपको बारहवीं कक्षा में भी कम से कम 60 प्रतिशत अंक लाने होंगे। साथ ही आपके पीसीएम में मार्क्स 70 प्रतिशत से अधिक होने चाहिए अन्यथा आप कई अच्छे कॉलेज से हाथ धो बैठेंगे। इसलिए आप बारहवीं कक्षा के फाइनल एग्जाम को बहुत ही अच्छे से दे और उसमे बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करे।

IIT और इसके जैसे कॉलेज की तैयारी करना

इस देश में इंजीनियरिंग करने के कई सारे कॉलेज है और आप किसी भी कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री कर सकते हैं। किंतु यदि आप चाहते हैं कि आप आगे चलकर एक सफल वेब डेवलपर बने तो इसके लिए आपका एक सही कॉलेज से इंजीनियरिंग करना बहुत ही जरुरी हो जाता है। तो उन कॉलेज में जो सबसे ऊपर आते हैं वे होते हैं IIT के कॉलेज।

तो आपको अपनी बारहवीं कक्षा को पूरी करने के बाद IIT में प्रवेश पाने के लिए JEE की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। कई बच्चे तो इसके लिए अपनी दसवीं कक्षा के बाद से ही तैयारी करना शुरू कर देते हैं। हालाँकि आप अपनी इच्छा के अनुसार इसका फैसला ले सकते हैं। यदि किसी कारणवश आपका IIT में चयन नही हो पाता है तो आप एक साल का ड्राप ले सकते हैं या फिर किसी अन्य अच्छे कॉलेज में प्रवेश ले सकते हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश लेना

अब यदि आपका IIT या ऐसे ही किसी अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेज में एडमिशन हो जाता है तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि आपको सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग या इससे मिलती जुलती ब्रांच में ही प्रवेश लेना होगा। इससे मिलती जुनती ब्रांच हो गयी इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग इत्यादि। तो यदि आपको इनमे प्रवेश नही मिल रहा हैं तो आप किसी और कॉलेज में कोशिश करे किंतु प्रवेश इसी में ले।

कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि आप चाहते हैं कि आप आगे चलकर वेब डेवलपर बने तो उसके लिए आपको इंजीनियरिंग की इन्ही ब्रांच में प्रवेश लेना होगा। इंजीनियरिंग की अन्य किसी ब्रांच में प्रवेश लेने पर आप वेब डेवलपर नहीं बन पाएंगे। तो इस बात का प्रमुखता के साथ ध्यान रखे कि आपका एडमिशन कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ही हो।

डिग्री के साथ साथ अलग से कंप्यूटर के कोर्स करना

अब जब आपको कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री में एडमिशन मिल जाएगा तो यह मत समझिये कि आपका काम हो गया। आज के समय में प्रतिस्पर्धा का दौर बहुत ज्यादा है और बहुत लोग वेब डेवलपर बनने की दिशा में आगे बढ़ (Web developer course in Hindi) रहे हैं। तो ऐसे में बाकियों से आपको क्या अलग बनाएगा तो उसका उत्तर होगा आपका स्पेशल ज्ञान जो आपने अपनी डिग्री के साथ साथ अर्जित किया है।

तो यदि आपको वेब डेवलपर बनने में सफल होना हैं तो उसके लिए आपको अपनी डिग्री को करने के साथ साथ कंप्यूटर में अलग से कोर्स करने की भी जरुरत होगी। इसमें हमने आपको ऊपर जो जो भाषाएँ बताई है, उनमे अपनी मन पसंद की भाषा में कोर्स करना होगा और स्पेशल योग्यता हासिल करनी होगी।

अपनी इंटर्नशिप पूरी करना

इंजीनियरिंग की डिग्री 4 वर्ष की होती हैं और इसमें तीसरे वर्ष और चौथे वर्ष के बीच में एक इंटर्नशिप आयोजित करवाई जाती हैं। यह इंटर्नशिप आपको कॉलेज कैंपस से बाहर किसी कंपनी में करनी होती है। इसके लिए आपको पैसे भी दिए जाते हैं या फिर फ्री में भी यह करवाई जा सकती हैं। यह पूर्ण रूप से आपके कॉलेज के स्टैण्डर्ड या आपकी गुणवत्ता पर निर्भर करती हैं।

तो इसमें आपसे 3 वर्ष में जो कुछ भी पढ़ा है, उसके बेस पर प्रैक्टिस करवाई जाती हैं। तो आपको अपनी इंटर्नशिप पर खास फोकस करने की जरुरत होगी। इस इंटर्नशिप को करने के बाद आपको एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिसमे आपकी परफॉरमेंस के बारे में लिखा हुआ होगा। तो यदि आप अच्छे से यह कर लेते हैं तो इसमें आपको अच्छे मार्क्स दिए जाएंगे।

एक बढ़िया प्रोजेक्ट को बनाना

कॉलेज के अंतिम वर्ष में आपको एक प्रोजेक्ट पर काम करने को कहा जाएगा। अब यह प्रोजेक्ट क्या होगा, यह चुनने का अधिकार पूर्ण रूप से आपका होगा। कहने का अर्थ यह हुआ कि आपने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री में 4 वर्ष में जो कुछ भी सीखा है, अब उसके बलबूते पर आपको यह प्रोजेक्ट तैयार करना होगा।

बहुत से छात्र इसे हल्के में लेते हैं और इसे सही से नहीं करते हैं जो बाद में चलकर उनके करियर पर असर डालती हैं। तो यदि आप चाहते हैं कि आप आगे चलकर वेब डेवलपर के रूप में सही से नौकरी कर पाए तो उसके लिए आपको इस प्रोजेक्ट पर भी ध्यान देना होगा।

डिग्री को अच्छे अंकों के साथ पास करना

इंजीनियरिंग में प्रोजेक्ट को पास करने के बाद अब आपको अपनी डिग्री लेनी होती हैं। डिग्री को लेने के बाद आप जिस भी कंपनी में वेब डेवलपर की जॉब पाने के लिए बैठेंगे वहां पर आपको अपनी डिग्री दिखानी होगी और उसमे मिले अंक भी। अब जरा आप ही सोचिये कि यदि आपके अंक कम हुए तो कौन सी कंपनी आपको अपने यहाँ वेब डेवलपमेंट के काम पर रखेगी।

तो यदि आप चाहते हैं कि आप अच्छी नौकरी पाए और आपकी सैलरी भी अच्छी हो तो आपको डिग्री भी अच्छे अंकों के साथ पास करनी होगी। इसलिए इंजीनियरिंग को हल्के में ना लेकर इस पर पूरा फोकस रखे।

प्लेसमेंट्स में बैठना और वेब डेवलपर की जॉब लेना

आपका कॉलेज बढ़िया हुआ तो आपके कॉलेज में ही कई बड़ी कंपनियां आ जाएगी जो आपको और अन्य छात्रों को वेब डेवलपर के रूप में नौकरी दे रही होगी। तो आप कॉलेज कैंपस की प्लेसमेंट में बैठिये। यहाँ पर आईटी कंपनियां आपका अलग अलग तरह से इंटरव्यू लेगी और आपको परखेगी।

यदि आप उन्हें सही कैंडिडेट लगते हैं तो आपको उस कंपनी में वेब डेवलपर के रूप में नौकरी पर रख लिया जाएगा। यदि आपके कॉलेज में आपके मनमुताबिक अच्छी कंपनियां नहीं आती हैं तो आप इसके लिए बाहर से भी आवेदन कर सकते हैं या ऑनलाइन उन कंपनियों में सीधे आवेदन भी भेज सकते हैं।

तो इस तरह से आप वेब डेवलपर बन सकते हैं और उसके जरिये एक अच्छी नौकरी पा सकते हैं। यह आपके भविष्य को सुनहरा बनाने में बहुत मदद करने वाला हैं।

वेब डेवलपर की सैलरी (Web developer salary in Hindi)

अब यदि आप वेब डेवलपर बनने के बाद अपनी सैलरी के बारे में जानना चाह रहे हैं तो इसकी कोई सीमा नही है। कहने का अर्थ यह हुआ कि यह पूर्ण रूप से आपके द्वारा पढ़े गए विषयों, कॉलेज, अंकों इत्यादि पर निर्भर करेगा। अब यदि आप हमारे द्वारा बताये गए दिशा निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ते हैं और सफलतापूर्वक अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री को अच्छे अंकों के साथ किसी अच्छे कॉलेज से पास कर लेते हैं तो आपकी सैलरी लाखों करोड़ो में भी हो सकती हैं।

एक सफल वेब डेवलपर महीने की 20 लाख सैलरी भी ले रहा होता हैं तो वही एक असफल वेब डेवलपर महीने के कुछ हज़ार रुपए ही कमा रहा होता हैं। तभी हमने आपको पहले ही बता दिया कि यदि आप एक अच्छे और सफल वेब डेवलपर बनना चाहते हैं तो उसके लिए आपको स्कूल से ही अपना बेस बनाना शुरू कर देना चाहिए।

वेब डेवलपर बनने के फायदे (Web developer benifits in Hindi)

वेब डेवलपर बनने के फायदे ही फायदे हैं। इसमें आपको आर्थिक रूप से लेकर अवसरों तक में हर जगह फायदे देखने को मिलेंगे। आइए उनमे से कुछ प्रमुख फायदों के बारे में जान लेते हैं।

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  • यदि आप अच्छे से वेब डेवलपर की पढ़ाई कर लेते हैं तो फिर आपको कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि इसमें होने वाली कमाई लाखों में होती हैं।
  • वेब डेवलपर के रूप में आपके पास कई तरह के अवसर होते हैं। आज के समय में लगभग हर कंपनी को अपने यहाँ वेब डेवलपर की जरुरत होती हैं। तो ऐसे में आपके पास दुनिया की लगभग हर कंपनी में वेब डेवलपर के रूप में काम करने का सुनहरा अवसर होगा।
  • एक अच्छे वेब डेवलपर को कंपनी मुहं माँगा पैसा देने को तैयार रहती हैं। तो यदि आप उन्हें कुछ अच्छा करके दिखाते हैं या आपकी परफोर्मेंस अच्छी रहती हैं तो फिर आपकी सैलरी बढ़ते हुए देर नहीं लगेगी।
  • आपके पास वेब डेवलपर के रूप में हमेशा कुछ ना कुछ नया सीखने का अवसर रहेगा जिससे आप अपनी स्किल्स को बढ़ा सकते हैं।
  • आप चाहे तो खुद का काम भी शुरू कर सकते हैं और एक सफल उद्यमी बन सकते हैं।

वेब डेवलपर कैसे बने – Related FAQs

प्रश्न: वेब डेवलपमेंट कोर्स कितने साल का होता है?

उत्तर: वेब डेवलपमेंट कोर्स 4 साल का होता है।

प्रश्न: वेब डेवलपर को कितनी सैलरी मिलती है?

उत्तर: वेब डेवलपर की सैलरी की कोई सीमा नही है और यह हजारों से लेकर करोड़ो तक में हो सकती है।

प्रश्न: 1 महीने में वेब डेवलपर कैसे बने?

उत्तर: वेब डेवलपर बनना कोई मजाक की बात नही होती है और आप एक महीने तो क्या एक वर्ष में भी वेब डेवलपर नहीं बन सकते हैं।

प्रश्न: वेब डेवलपर कैसे बने 2022?

उत्तर: इसके लिए आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पढ़ना चाहिए जिसमे आपको वेब डेवलपर बनने के ऊपर संपूर्ण जानकारी दी गयी है।

तो इस तरह से आज के इस लेख के माध्यम से आपने जान लिया कि यदि आप वेब डेवलपर बनना चाहते हैं तो उसके लिए आपको क्या कुछ करने की जरुरत होगी। साथ ही वेब डेवलपर बनकर आपको कितना फायदा देखने को मिल सकता है।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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