वीडियो केवाईसी कैसे होती है? | How to do Video KYC In Hindi

आज का जमाना इंटरनेट एवं तकनीक का जमाना है। वह दिन लद चुके, जब बैंक एकाउंट खोलने के लिए ग्राहक को हर हाल में केवाईसी कराने बैंक जाना पड़ता था। कोरोना काल में बैंकों की ओर से दी गई वीडियो केवाईसी की सुविधा का विस्तार होने के बाद अब वह घर बैठे सेविंग एकाउंट, सैलरी एकाउंट, क्रेडिट कार्ड आदि के लिए वीडियो केवाईसी के माध्यम से अपनी पहचान को सत्यापित करा सकता है।

हालांकि सभी बैंकों ने अभी यह सुविधा शुरू नहीं की है। इसके बावजूद एसबीआई, एचडीएफसी आदि बैंक अपने कुछ प्रमुख खातों पर यह सुविधा दे रहे हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको इसी सुविधा यानी वीडियो केवाईसी के बारे में जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

केवाईसी का क्या है? (what is the meaning of kyc)

दोस्तों, इससे पहले कि आपको वीडियो केवाईसी के विषय में जानकारी दें, आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि केवाईसी का क्या अर्थ होता है? आपको बता दें दोस्तों कि केवाईसी की फुल फाॅर्म होती है नो योर कस्टमर (know your customer) यानी अपने ग्राहक को जानिए।

बैंक में जब आप एकाउंट खुलवाने जाते हैं तो बैंक आपसे बतौर ग्राहक आपकी जानकारी जैसे आपका नाम, पता, उम्र, व्यवसाय आदि हासिल करता हैं, जिनके प्रूफ के तौर पर आपसे कुछ दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटिंग आईडी, मोबाइल नंबर आदि मांगे जाते हैं। आपकी पहचान सत्यापित होने की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आपका खाता खोला जाता है।

वीडियो केवाईसी क्या होती है? (what is video kyc)

जब बैंक में खाता खोले जाने संबंधी केवाईसी प्रक्रिया (kyc process) को वीडियो कालिंग (video calling) के माध्यम से पूरा किया जाता है तो यह वीडियो केवाईसी कहलाती है। आपको बता दें कि कोरोना काल में जब बैंकों में अधिक भीड जुटाने पर पाबंदी थी लोगों को घर से ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए वीडियो केवाईसी (video kyc) की सुविधा दी गई थी।

बहुत से बैंकों ने इस सुविधा को बाद के लिए भी लागू कर दिया। इसका बैंकों के साथ ही ग्राहकों को भी बहुत लाभ है। वस्तुतः यह एक वेब एप्लिकेशन (web application) होता है, जिसमें वीडियो काॅल के माध्यम से ग्राहक का रिमोट वेरिफिकेशन (remote verification) किया जाता है।

आरबीआई (rbi) भी कह चुका है कि वीडियो केवाईसी ग्राहक की पूरी तरह केवाईसी कराने के ही समान है। इसके पश्चात ग्राहक बैंक की सभी वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। आपको बता दें कि कोई भी ग्राहक सभी कार्य दिवसों (working days) में सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

वीडियो केवाईसी कैसे होती है? | How to do Video KYC In Hindi

वीडियो केवाईसी के लिए आवश्यक पात्रता (eligibility for video kyc)

अब हम आपको जानकारी देंगे कि वीडियो केवाईसी के लिए आवश्यक पात्रता (eligibility) क्या है-

  • आवेदक भारत का नागरिक हो एवं फिजिकली भारत में मौजूद हो।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक हो।
  • आवेदक के पास एक वैध मोबाइल नंबर हो।

वीडियो केवाईसी के लिए आवश्यक दस्तावेज (documents required for video kyc)

  • आवेदक का पैन कार्ड (pan card)।
  • आवेदक का आधार कार्ड (aadhar card)।
  • आवेदक जन्म तिथि प्रमाण पत्र (birth certificate)।

वीडियो केवाईसी के लिए किन किन चीजों की आवश्यकता है

वीडियो केवाईसी के लिए आपको कई चीजों की आवश्यकता होती है, जिनके बारे में अब हम आपको जानकारी देंगे-

  • स्मार्ट फोन एवं अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट कनेक्शन।
  • आवेदक का पैन कार्ड।
  • आवेदक का वैध मोबाइल नंबर, जिस पर ओटीपी आएगा।
  • आवेदक के मोबाइल में लोकेशन का फीचर आन (on) मोड पर हो, जिससे उसकी लाइव लोेकेशन (live location) जानी जा सके।
  • आवेदक की बैक ग्राउंड क्लियर एवं उचित प्रकाश से पूर्ण हो।
  • कोरा सफेद कागज, नीले अथवा काले पेन के साथ।

वीडियो केवाईसी की क्या प्रक्रिया है (what is the process of video kyc)

  • सबसे पहले संबंधित बैंक की वेबसाइट (website) पर जाकर टेली कालिंग के माध्यम से वीडियो केवाईसी के लिए आवेदन पत्र भरना होगा।
  • इसके पश्चात संबंधित ग्राहक को वीडियो केवाईसी के लिए बैंक अधिकारी/वीडियो केवाईसी एक्जीक्यूटिव का अप्वाइंटमेंट (appointment) लेना होगा।
  • अब उसे बैंक की ओर से एक लिंक (link) भेजा जाएगा। उसे उस लिंक पर क्लिक करके अपनी व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारी भरनी होगी। इनमें नाम, उम्र, पैन कार्ड नंबर आदि की डिटेल शामिल है। पहचान के लिए आप आधार कार्ड की काॅपी भी अपलोड (upload) करनी होगी।
  • अब आपके एवं बैंक अधिकारी के बीच तय हुए समय पर फेस टू फेस (face-to-face) वीडियो काॅल होगी। डायनामिक वेरिफिकेशन कोड (dynamic verification code) की सहायता से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही इसे रिकार्ड (record) भी किया जाएगा।
  • अब आपको वीडियो काॅल अपना पैन कार्ड शो करना होगा। यदि आपने ई-पैन (e-pan) सबमिट (submit) किया हुआ है तो आपको इसकी आवश्यकता नहीं होगी। आपके पैन कार्ड की डिटेल (detail) उसे जारी करने वाली एजेंसी के डाटा बेस (data base) से वेरिफाई किया जाएगा।
  • यहां वीडियो काॅल से ही आपकी फोटो भी ली जाएगी। बैंक अधिकारी आधार अथवा पैन कार्ड डाटाबेस के साथ दर्ज आपके फोटो व अन्य जानकारी को मैच करेंगे।
  • अब जियो टेगिंग (gio tagging) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा कि आपकी मौजूदगी अपने देश भारत में ही है। इतना करने के पश्चात आपकी वीडियो केवाईसी पूरी हो जाएगी।
  • इसके पश्चात आपको आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर भरे हुए फार्म (form) की पीडीएफ काॅपी (PDF copy) मिलेगी। आपको इस पर e-sign करने होंगे। आप यह प्रक्रिया ओटीपी (otp) अथवा डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (digital signature certificate) की सहायता से पूरी कर सकते हैं।

वीडियो केवाईसी में किन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है? (what techniques are used in video kyc)

वीडियो केवाईसी पहचान प्रमाणित करने का एक माडर्न तरीका है। अब आपको जानकारी देते हैं कि इस प्रक्रिया में किन किन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। ये इस प्रकार से हैं-

जियो टैगिंग (gio tagging)-

इस तकनीक के जरिए ग्राहक की लाइव लोकेशन जांची जाती है। वीडियो केवाईसी के दौरान संबंधित ग्राहक की भारत देश में मौजूदगी इसी से जांची जाती है। इसके लिए ग्राहक को अपने फोन में लोकेशन (location) को आन रखना होता है।

फेशियल रिकग्निशन (facial recognition)-

इसमें ग्राहक के चेहरे की पहचान कंप्यूटराइज्ड तरीके से कैप्चर की जाती है।

बायोमेट्रिक रिकग्निशन (biometric recognition)-

बैंक ग्राहक की बायोमेट्रिक पहचान के लिए ओटीपी आधारित ईकेवाईसी कर सकता है। अथवा बिजनेस कारेस्पांडेंट (business correspondent) की सहायता से आफलाइन वेरिफिकेशन भी करा सकता है।

डायनामिक वेरिफिकेशन कोड (dynamic verification code)-

दोस्तों, आपको बता दें कि किसी सिस्टम अथवा साॅफ्टवेयर (system or software) के इस्तेमाल के दौरान टेस्टिंग (testing) को डायनामिक वेरिफिकेशन पुकारा जाता है।

ओसीआर (ocr)

मित्रों, सबसे पहले इसकी फुल फार्म जान लीजिए। इसे आप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (optical character recognition) भी पुकारा जाता है। इस तकनीक के माध्यम से कागज के फाॅर्म को इलेक्ट्रानिक फार्मेट (electronic format) में बदला जाता है।

इसे एआई (AI) यानी आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (artificial intelligence) की सहायता से आसानी से सर्च एवं एडिट (search and edit) किया जा सकता है।

वीडियो केवाईसी के साथ कौन-कौन सी शर्तें जुड़ी होती हैं (what conditions are there with video kyc)

मित्रों, अब आपको बताते हैं कि वीडियो केवाईसी के साथ कौन कौन सी शर्तें जुड़ी होती हैं-

  • सबसे पहली शर्त तो यह होती है कि संबंधित बैंक अथवा वित्तीय संस्थान वीडियो केवाईसी की सारी प्रक्रिया की व्यवस्था स्वयं करेगा। वह इस कार्य में किसी थर्ड पार्टी सर्विस (third party service) अथवा कंपनी की सहायता नहीं ले सकता।
  • दूसरी शर्त यह है कि डाटा प्रोटेक्शन बिल (data protection bill) के प्रावधानों के अनुसार सेंट्रल बैंक किसी भी कंपनी को ग्राहकों का डाटा स्टोर (data store) करने की अनुमति नहीं देता।
  • सभी संबंधित सवाल वीडियो काॅलिंग के दौरान ही होने चाहिए। यदि ये पूर्व रिकार्डेड (pre recorded) हैं तो केवाईसी नहीं मानी जाएगी।
  • संबंधित बैंक की ओर से भेजे गए लिंक पर ही वीडियो केवाईसी पूरी की जा सकती है। किसी थर्ड पार्टी एप (third party app) जैसे व्हाट्सएप काॅल (whatsapp call) अथवा गूगल डुओ एप (google duo app) आदि की सहायता नहीं ली जा सकती।

वीडियो केवाईसी के क्या लाभ हैं? (what are the advantages of kyc)

  • ग्राहक को केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने बैंक नहीं जाना पड़ता। घर बैठे वह इसे अंजाम दे सकता है
  • इससे ग्राहकों एवं बैंकों दोनों का टाइम बचता है।
  • इसमें बैंक कर्मी एवं ग्राहक के बीच न्यून संपर्क रहता है, ऐसे में कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) का पालन संभव होता है।
  • वीडियो केवाईसी की प्रक्रिया मिनटों में संपन्न हो जाती है।
  • वीडियो केवाईसी में किसी प्रकार की कागजी कार्रवाई (paper work) की आवश्यकता नहीं होती।

रिजर्व बैंक ने वीडियो केवाईसी की इजाजत कब दी (when rbi permitted video kyc)

अब हम आपको जानकारी देना चाहेंगे भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक आफ इंडिया (reserve Bank of India) ने वीडियो केवाईसी की इजाजत कब दी। आपको बता दें , रिजर्व बैंक ने नौ जून, 2020 को वीडियो बेस्ड कस्टमर आईडेंटिफिकेशन प्रोसेस (video based customer identification process) यानी वी-सीआईपी (v-cip) को प्रयोग करने की इजाजत दी। यही वीडियो केवाईसी होता है।

कोटक महिंद्रा बैंक (kotak mahindra bank) ने सर्वप्रथम अपने ग्राहकों को यह सुविधा उपलब्ध कराई। इसके पश्चात इंडसइंड बैंक (indusind Bank), आरबीएल बैंक (RBL bank), आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC bank), एक्सिस बैंक (AXIS bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने इस सुविधा को अपने ग्राहकों के लिए शुरू किया। आपको जानकारी दे दें कि अब भारतीय स्टेट बैंक (state bank of india) यानी एसबीआई (SBI) ने भी अपने ग्राहकों के लिए इस सुविधा को आरंभ कर दिया है।

देश में वीडियो केवाईसी की इजाजत क्यों दी गई (why video kyc permitted in country)

मित्रों, आपको जानकारी दे दें कि हमारे देश में वीडियो केवाईसी की इजाजत कोरोना काल में दी गई। उस समय इसका मकसद यह था कि लोगों को बैंकिंग सुविधाएं बैंक कर्मियों संग न्यून संपर्क के साथ हासिल हो सकें। यह वो समय था, जब अधिकांश बैंक बंद थे।

जो खुल रहे थे, उनमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जा रहा था। सोशल डिस्टेंसिंग को और सख्ती से लागू करने के लिए वीडियो केवाईसी की इजाजत दी गई, ताकि बैंक खाता खोलने अथवा किसी और कार्य के लिए केवाईसी कराने को ग्राहकों को बैंक तक न आना पड़े।

पीएनबी वीडियो केवाईसी सुविधा देने वाला पहला सरकारी बैंक (PNB was the first government bank to implement video kyc)

यहां हम आपको एक और जानकारी दे दें कि पंजाब नेशनल बैंक (punjab national bank) यानी पीएनबी (PNB) ऐसा पहला सरकारी बैंक है, जिसने अपने ग्राहकों को वीडियो केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई है।

इस बैंक में सेविंग एकाउंट (savings account) खोलने के लिए ग्राहकों को कतई इस बैंक की किसी शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं है। वे घर बैठे इस सुविधा के माध्यम से अपना खाता खोल सकते हैं।

एसबीआई ने योनो एप से भी वीडियो केवाईसी की सुविधा दी है (SBI also provided video kyc facilitiy through YONO app)

भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई ने अपने मोबाइल बैंकिंग एप (mobile banking app) योनो (YONO) के माध्यम से भी वीडियो केवाईसी की सुविधा दी है। इस बैंक के ग्राहक यह एप डाउनलोड (download) कर वीडियो केवाईसी करा सकते हैं।

एसबीआई की वेबसाइट पर इस एप को डाउनलोड करने का लिंक उपलब्ध है। एक बार इसे डाउनलोड करने के बाद आपको बार बार वेबसाइट को ओपन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आप सभी बैकिंग सुविधाएं इस एप के जरिए पा सकेंगे।

केवाईसी को कब अपडेट करना आवश्यक होता है (when it is necessary to update kyc)

यह एक बड़ा सवाल है, जो अधिकांश ग्राहकों के मन में होता है कि केवाईसी कब अपडेट करना आवश्यक होता है। तो आपको बता दें कि बैंक ग्राहकों के खातों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। एक हैं सर्वाधिक रिस्क (maximum risk) वाले एकाउंट।

दूसरे मीडियम रिस्क (medium risk) वाले और तीसरे कम अथवा बगैर जोखिम (without risk) वाले एकाउंट। इसी आधार पर इन खातों को अपडेट किया जाता है। सर्वाधिक रिस्क वाले एकाउंट्स को दो साल में एक बार अपने खाते का केवाईसी कराना आवश्यक होता है।

मध्यम रिस्क वाले ग्राहकों को आठ साल में एक बार, जबकि बगैर जोखिम वाले एकाउंट के ग्राहकों को दस साल में एक बार अपने एकाउंट का केवाईसी कराना होता है।

यदि कोई ग्राहक नियत समय पर केवाईसी नहीं कराता तो क्या होगा (what happens if customer doesn’t do kyc periodically)

मित्रों, अब आपको जानकारी देते हैं कि यदि कोई ग्राहक नियत समय पर अपने बैंक खाते की केवाईसी नहीं कराता तो क्या होता है। इसके बाद बैंक की ओर से संबंधित खाते में होने वाले लेन-देन पर रोक लगा दी जाती है।

कई बार तो खाते को फ्रीज भी कर दिया जाता है। आपको बता दें कि रिजर्व बैंक की ओर से केवाईसी को प्रत्येक खाते के लिए अनिवार्य किया गया है।

अलबत्ता, कोरोना संकट को देखते हुए आरबीआई की ओर से 31 दिसंबर, 2021 तक केवाईसी अपडेट न होने पर बैंकों के किसी भी खाते से लेन देन पर रोक पर प्रतिबंध लगाया था।

वीडियो केवाईसी क्या होती है?

वीडियो काॅलिंग के माध्यम से केवाईसी यानी पहचान सत्यापित कराने की प्रक्रिया को वीडियो केवाईसी पुकारा जाता है।

वीडियो केवाईसी में चेहरे की पहचान करने के लिए किस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है?

इसके लिए फेशियल रिकक्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

वीडियो केवाईसी का इस्तेमाल कब अधिक किया गया?

कोरोना काल के दौरान वीडियो केवाईसी का इस्तेमाल सबसे अधिक किया गया।

क्या वीडियो केवाईसी भारत के बाहर से भी कराई जा सकती है?

जी नहीं, इसके लिए ग्राहक को भारत में ही अपनी मौजूदगी साबित करनी होगी।

वीडियो केवाईसी में ग्राहक की भारत में मौजूदगी किस तरह से सत्यापित की जाती है?

वीडियो केवाईसी में ग्राहक की भारत में मौजूदगी जियो टैगिंग के माध्यम से सत्यापित की जाती है।

ओसीआर क्या होता है?

ओसीआर की फुल फार्म आप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन होती है। इस तकनीक के माध्यम से कागज के फाॅर्म को इलेक्ट्रानिक फाॅर्म में तब्दील किया जाता है।

दोस्तों, हमने आपको वीडियो केवाईसी कैसे होती है? | How to do Video KYC In Hindi के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। यदि इस पोस्ट को पढ़कर वीडियो केवाईसी के संबंध में आपके दिमाग में कोई सवाल आ रहा है तो बेखटके हमसे पूछ सकते हैं। इसके लिए आपको नीचे दिए गए कमेंट बाक्स (comment box) में कमेंट करना होगा। आपके सुझावों एवं प्रतिक्रियाओं का हमें हमेशा की भांति इंतजार है। ।।धन्यवाद।।

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