Station Master Kaise Bane? स्टेशन मास्टर कैसे बने? आयु, कार्य, सैलरी और योग्यता

|| Station master kaise bane, स्टेशन मास्टर का सिलेबस क्या है? स्टेशन मास्टर का वेतन कितना है? रेलवे में स्टेशन मास्टर कैसे बनते हैं? रेलवे में सबसे ज्यादा सैलरी किसकी होती है? ||

आप में से हर किसी ने कभी ना कभी ट्रेन में सफर किया ही होगा। ट्रेन में सफर करते समय हमारा ध्यान अवश्य ही आसपास की हो रही गतिविधियों की ओर जाता हैं। इसी क्रम में आपने कई बार रेलवे स्टेशन पर काले कोट में (Station master kaise banta hai) घूमते हुए एक व्यक्ति को देखा होगा जो टीटी नही होता हैं अर्थात उसका काम लोगों की टिकट चेक करना नही होता हैं।

दरअसल वह व्यक्ति स्टेशन मास्टर होता हैं। उसकी पर्सनालिटी और रुतबे को देखकर आपके मन में भी कभी कभार यह ख्याल आता होगा कि यदि आपको वह उस पद (Railway station master kaise bane) पर काम करना के अवसर मिले तो कितना अच्छा होगा।

इसलिए आज हम आपको इस लेख में स्टेशन मास्टर कैसे बने और उसका काम क्या होताहैन इत्यादि (How to get station master job in railway) के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे। इसे पढ़कर आपको पता चलेगा कि एक स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

स्टेशन मास्टर क्या होता हैं (Station master kya hota hai)

आप स्टेशन मास्टर तो बनना चाहते हैं लेकिन सबसे पहले हमारा यह जानना जरुरी हैं कि आखिरकार यह स्टेशन मास्टर होता क्या हैं। जिस तरह से एक आपके या हमारे शहरे में एक कलेक्टर होता हैं और उसका काम शहर का संचालन करना होता हैं जैसे कि शहर में कब क्या होगा, सरकार के नियमों की पालना हो रही है या नही, कहीं कानून का दुरूपयोग हो रहा हैं या नही, पुलिस ठीक से काम कर रही हैं या नही, सभी जगह सबकुछ ठीक से चल रहा हैं या नही, यह सब कलेक्टर के ऊपर ही होता हैं।

Station Master Kaise Bane? स्टेशन मास्टर कैसे बने? आयु, कार्य, सैलरी और योग्यता

ठीक उसी तरह एक रेलवे के एक प्लेटफार्म को आप एक शहर ही समझ लीजिए जहाँ पर हर दिन सैकड़ों की संख्या में रेलगाड़ी आती व जाती हैं और हजारों यात्री इधर से उधर जाते हैं।

साथ ही उस स्टेशन पर रेलवे पर विभिन्न पदों पर तैनात कर्मचारी भी काम करते हैं। अब उन सभी चीज़ों में समन्वय स्थापित करने और प्लेटफार्म का काम सुचारू रूप से चलाये रखने के लिए एक निर्देशक की आवश्यकता होती हैं।

इन्हीं सब कामों को देखना और उनका संचालन करने का उत्तरदायित्व एक स्टेशन मास्टर का होता हैं। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि किसी भी स्टेशन के लिए स्टेशन मास्टर वहां का कलेक्टर होता हैं और उसी के ऊपर वहां हो रही सब गतिविधियों को देखने और सब नियमों का पालन करने का कर्तव्य होता हैं।

स्टेशन मास्टर का क्या काम होता हैं (Station master kya karta hai)

अभी तक तो हमने यह जाना कि एक स्टेशन मास्टर का मतलब क्या होता हैं किंतु अब हम यह जानेंगे कि एक स्टेशन मास्टर का आखिर में काम क्या होता हैं। मान लीजिए कि एक स्टेशन हैं जो बीकानेर शहर में स्थित हैं। अब उस बीकानेर शहर के उस स्टेशन पर हर दिन सकदों रेलगाड़ी व मालगाड़ी आएँगी व जाएँगी। उस स्टेशन पर कुल प्लेटफार्म की संख्या 10 हैं।

ऐसे में कौन सी गाडी को किस प्लेटफार्म पर रुकना हैं, उसे किस समय पर आना हैं और किस समय में वहां से निकलना हैं। इन सभी चीज़ों का उत्तरदायित्व स्टेशन मास्टर पर ही होता हैं। जैसे कि प्लेटफार्म नंबर 3 ओअर एक गाड़ी पहले से ही खड़ी हैं लेकिन उसी प्लेटफार्म पर दूसरी रेलगाड़ी आने का समय हो रहा हैं तो अब यह स्टेशन मास्टर के ऊपर आएगा कि इस समय वह क्या करें। क्या वह पीछे आ रही गाडी का प्लेटफार्म बदलता हैं या फिर आगे खड़ी गाड़ी को आगे निकालने को कहता हैं।

इसी तरह उस स्टेशन पर जो भी कर्मचारी काम कर रहे हैं जैसे कि माल चढ़ाने वाले, सफाई करने वालेम दुकान लगाने वाले, टीटी, परचा चिपकाने वाले, सूचना देने वाले, सीआरपीएफ वाले इत्यादि तो उन सभी के बीच समन्वय स्थापित करने और सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करवाने का उत्तरदायित्व भी स्टेशन मास्टर पर ही होगा।

इसमें रेलवे स्टेशन की सफाई, हर प्लेटफार्म पर स्वच्छता, दुकान समय पर खुली या नही, कोई अन्य अवैध गतिविफ्ही तो नही हो रही, रेलवे यात्रियों की सुरक्षा, कोई पशु तो नही आया वहां, कोई यात्री बिना टिकट के हैं तो उस पर जुर्माना, इत्यादि सभी को देखने की जिम्मेदारी स्तैओं मास्टर पर ही आएगी या वो बाकि कर्मचारियों को उनका पालन करने को कहेगा।

स्टेशन मास्टर कैसे बने (Station master kaise bane)

स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपको पहले से ही कुछ चीज़ों का ध्यान रखने की आवश्यकता हैं अन्यथा आप स्टेशन मास्टर बनने से चूक जाएंगे। इसलिए यदि आप स्टेशन मास्टर पद के लिए (Station master ke liye yogyata) निकालने वाली भर्ती के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो उससे पहले इन मापदंडो को अवश्य पूरा कर ले। आइए जाने स्टेशन मत्सरे बनने के लिए आपको क्या-क्या करना पड़ेगा।

#1. बारहवीं में लाये 50 प्रतिशत से अधिक अंक

यदि आप स्टेशन मास्टर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले बारहवीं में अच्छे नंबर लेकर आये। इसके लिए यह जरुरी नही कि आपकी बारहवीं में कोई स्पेसिफिक ब्रांच ही होनी चाहिए जैसे कि आर्ट्स, मेडिकल, नॉन मेडिकल या कॉमर्स। आपका जिस भी ब्रांच में 12वीं करने का मन हैं आप उसी में कर लीजिए क्योंकि स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपका 12वीं  में पास होना और उसमे न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक होता हैं।

#2. स्नातक करें पूरी (Station master banne ke liye qualification)

अब जब आपने बारहवीं अच्छे नंबर से पास कर ली हैं तो बारी आती हैं ग्रेजुएशन करने की। यदि आपका लक्ष्य आगे चलकर स्टेशन मास्टर बनने का हैं तो आप कौनसी डिग्री में अपनी स्नातक पूरी करते हैं, यह मायने नही रखता। चाहे आप बीए करे करें इंजीनियरिंग या कुछ और। कोई भी स्टेशन मेटर बनने के लिए आवेदन कर सकता हैं बस उसकी ग्रेजुएशन पूरी होनी चाहिए अर्थात उसका किसी विषय में ग्रेजुएट होना जरुरी हैं तभी वह स्टेशन मास्टर के लिए आवेदन कर सकता हैं।

#3. कंप्यूटर भी सीखें

आप बारहवीं और ग्रेजुएशन तो पूरी कर लेंगे ओत अच्छे नंबर भी ले आएंगे लेकिन यदि आपको कंप्यूटर चलन नही आता या उसके बारे में सामान्य जानकारी भी नही हैं तो आपको बहुत नुकसान हो जाएगा। दरअसल स्टेशन मास्टर को कंप्यूटर पर ही काम करना होता हैं क्योंकि आजकल सभी जानकारी ऑनलाइन आने लगी हैं जैसे कि कौन सी ट्रेन किस समय आएगी और किस समय वह वहां से रवाना होगी।

इसके साथ ही उक्त रेलगाड़ी का प्लेटफार्म नंबर क्या हैं, क्या किसी ट्रेन में कोई खामी आ गयी हैं और वह देर से आएगी या वो पिछले स्टेशन पर आ चुकी हैं या नही या कोई और बात। इसके साथ ही सर्क्लर के द्वारा ऑनलाइन क्या जानकारी दी गयी हैं इत्यादि। किस ट्रेन में कितने यात्री हैं और कितनी सीट खाली हैं, रिजर्वेशन हुआ हैं या नही, कोई ट्रेन कैंसिल हुई हैं या नही इत्यादि सभी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से ही आएगी।

ऐसे में यदि स्टेशन मास्टर को कंप्यूटर की ही जानकारी नही हैं तो फिर ऐसे स्टेशन मास्टर का क्या ही लाभ। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपका जल्दी से और आसानी से स्टेशन मास्टर की पोस्ट पर चयन हो जाए तो आपको कंप्यूटर की बेसिस जानकारी लेनी होगी। यह कोई ज्यादा मुश्किल काम भी नही हैं।

आपको किसी मान्यता प्राप्त कंप्यूटर इंस्टिट्यूट से कुछ महीने के लिए कंप्यूटर का कोर्स करना होगा और वहां आपको कंप्यूटर चलाने के उपाय सामान्य जानकारी दे दी जाएगी। बस कुछ महीनो की मेहनत के बाद ही आप कंप्यूटर को अच्छे से चलन और हैंडल करना सीख जाएंगे। इसके बाद आपको उस कोर्स को करने का एक सर्टिफिकेट भी दे दिया जाएगा जो आपके आगे चलकर बहुत काम आएगा।

स्टेशन मास्टर बनने के लिए क्या करें (Station master kaise banta hai)

अब जब आपने अपनी बारहवीं पूरी कर किसी विषय में ग्रेजुएशन या स्नातक भी कर ली हैं और कंप्यूटर के बारे में भी सामान्य जानकारी प्राप्त कर ली हैं तो बात आती हैं मुख्य मुद्दे कि और वह हैं (Station master banne ke liye kya karna padega) कि स्टेशन मास्टर बनने के लिए क्या करें।

इसके लिए आपको स्टेशन मास्टर बनने की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानना होगा। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि स्टेशन मास्टर की चयन प्रक्रिया किस तरह से होती हैं, इसके बारे में जानना होगा।

स्टेशन मास्टर बनने की चयन प्रक्रिया (How to be a station master in railway)

स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपको चार5 तरह के चरणों का पालन करना (Station master ka syllabus) होगा जो नीचे दिए गए हैं।

#1.CBT1- स्टेशन मास्टर बनने के लिए पहली परीक्षा (RRB CBT 1 exam)

स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपकी तीन तारक की परीक्षाएं ली जाएँगी जिसमे पहला पड़ाव होगा CBT1 की परीक्षा। इसमें आपको पास करना होगा और तभी आप आगे की परीक्षाओं में बैठ पाएंगे। कहने का अर्थ यह हुआ कि यह एक तरह से स्टेशन मास्टर के पद के लिए क्वालीफाई करने वाली परीक्षा हैं और इसके अंक अंत में नही जुड़ेंगे। इसे एक तरह से परीक्षार्थियों की छंटनी के लिए लिया जाता हैं ताकि केवल सही परीक्षार्थी ही आगे की परीक्षाओं में बैठ सके।

CBT 1 की परीक्षा में आपसे कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे जिनमे प्रत्येक सही उत्तर का एक अंक दिया जाएगा और गलत होने पर 25 प्रतिशत अंक काट लिए जाएंगे। मतलब यदि आपने सही उत्तर दिया तो आपको एक अंक मिलेगा जबकि गलत उत्तर देने पर आपका .25 अंक काट लिए जाएंगे। कोई उत्तर नही देने पर ना कुछ मिलेगा और ना कुछ कटेगा। इसे करने के लिए आपके पास कुल 90 मिनट का समय रहेगा।

CBT 1 की परीक्षा में सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव होंगे अर्थात इसमें आपको अ, ब, स, द में से कोई एक विकल्प का चुनाव करना होगा। इसमें जिन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं वह हैं गणित, सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी व हिंदी।

इस तरह इन सभी विषयों में से सामान्य प्रश्न आपसे पूछे जाएंगे और उसमे आपको कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाने आवश्यक हैं तभी आप आगे की परीक्षाएँ में बैठ (Railway station master syllabus in Hindi) पाएंगे। हालाँकि जनरल बर्ग के अतिरिक्त अन्य वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के ;लिए न्यूनतम अंक में कुछ छूट दी जाती हैं।

#2. CBT2- स्टेशन मास्टर बनने के लिए दूसरी परीक्षा (RRB CBT 2 exam)

यदि आपने स्टेशन मास्टर बनने के लिए प्रारम्भिक परीक्षा को सही नंबर लाकर पास कर लिया हैं तो इसका मतलब आप आगे की परीक्षाओं में बैठ पाएंगे। इसमें आपका अगला जो एग्जाम होगा उसके अंक आपकी अंतिम मेरिट लिस्ट में जुड़ेंगे। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि अब जो परीक्षा होगी वो आपकी मेरिट बनाने का काम करेगी।

इसमें भी आपसे इन्हीं विषयों में से ही प्रश्न पूछे जाएंगे लेकिन इसमें प्रश्नों की संख्या बढ़ जाएगी जो 100 ना होकर 120 होगी लेकिन समय वही 90 मिनट का रहेगा। इसलिए आप जल्दबाजी में सभी प्रश्न हल ना करें क्योंकि आपकी नेगेटिव मार्किंग भी हो सकती हैं जो आपको दूसरे से नीचे ले जाएगी। इसलिए जिन प्रश्नों का उत्तर आप सही से जानते हैं केवल उन्हीं को हल कीजिए।

#3. CBT3- स्टेशन मास्टर के लिए एप्टीट्यूड़ टेस्ट (RRB CBT 3 exam)

स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपकी जो अंतिम परीक्षा होगी वह होगी एप्टीट्यूड़ टेस्ट। इसे CBT3 या साइको टेस्ट भी कहा जाता हैं। यहाँ आप साइको का अर्थ पागल से मत लीजिए। साइको का मतलब हुआ कि आपके दिमाग का टेस्ट अर्थात आप अपना दिमाग कितना तेज दौड़ा सकते हैं। इसे रीजनिंग भी कह सकते हैं।

इसमें आपसे इस तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे जो आपके निर्णय लेने की क्षमता, सोचने विचारने की क्षमता, आप कितनी जल्दी किसी चीज़ पर क्या निर्णय लेते हैं और वह निर्णय कैसा होता हैं इत्यादि।

इसलिए इस टेस्ट में आपको एक तरह से पूरी तरह से परखा जाता हैं क्योंकि एक स्टेशन मास्टर के ऊपर उस स्टेशन की पूरी जिम्मेदारी होती हैं और ऐसे में उन्होंने किसी गलत व्यक्ति का चुनाव कर लिया तो लेने के देने पड़ सकते हैं।

#4. कंप्यूटर की जानकारी

स्टेशन मास्टर बनने केलिए वैसे तो आपको तीन परीक्षाएं ही देनी होगी जिनके बारे में ऊपर बताया गया हैं लेकिन इसका मतलब यह नही कि आपका चयन हो गया। स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपको कंप्यूटर के बारे में सामान्य जानकारी होनी चाहिए। यदि आपका तीनो परीक्षाओं में चयन हो भी जाता हैं और फिर भी आपको कंप्यूटर की जानकारी नही हैं तो इसकी बहुत ज्यादा संभावना हैं कि आपको रिजेक्ट कर दिया जाए।

इसलिए अपनी कंप्यूटर की तैयारी को पूरा रखिए ताकि जब भी आपसे कंप्यूटर के बारे में कोई भी प्रश्न पूछा जाये या उसे चलाने को कहा जाए तब आप आसानी से उसे चलाकर अपनी क्षमता का परिचय दे सके।

#5. दस्तावेज सत्यापन

जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया कि स्टेशन मास्टर बनने के लिए प्रारम्भिक परीक्षा के अंक अंत में नही जोड़े जाएंगे और वह केवल क्वालीफाई करने के लिए होगी तो उस परीक्षा में मिले अंकों को भूल जाइये। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप उसी में पास नही होते तो दूसरी व तीसरी परीक्षा दे ही नही पाते। इसलिए उस परीक्षा में मिले अंकों का अब कोई महत्व नही।

हां, अब दूसरी और तीसरी परीक्षा के अंकों को मिलाकर एक मेरिट लिस्ट निकाली जाएगी। इसमें दूसरी परीक्षा में मिले अंकों का मूल्य 70 प्रतिशत व तीसरी परीक्षा में मिले अंकों का मूल्य 30 प्रतिशत होगा। फिर 100 प्रतिशत में से जिसके भी जितने भी अंक आते हैं, उसके आधार पर एक मेरिट लिस्ट निकाल दी जाएगी।

यदि आपका उस मेरिट लिस्ट में नाम हैं तो इसके बाद आपको डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। इसमें आपके सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया (Station master banne ke liye kya karen) जाएगा ताकि आपकी पहचान सत्यापित की जा सके और किसी गलत व्यक्ति को स्टेशन का मास्टर ना बनाया जाए। स्टेशन मास्टर के लिए आपको जिन-जिन डाक्यूमेंट्स की आवश्यकता होगी वे नीचे दिए गए हैं।

स्टेशन मास्टर बनने के लिए जरुरी दस्तावेज (Station master ke liye documents)

स्टेशन मास्टर की सभी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के पश्चात जब आपसे आपके डाक्यूमेंट्स को सत्यापित करने के लिए कहा जाएगा तब आपको निम्नलिखित दस्तावेज सौंपने होंगे।

  • आवास प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • बारहवीं की अंकतालिका
  • स्नातक की डिग्री
  • आयु प्रमाण पत्र

स्टेशन मास्टर बनने के लिए कितनी आयु होनी चाहिए (Railway station master age limit)

यदि आप स्टेशन मास्टर बनना चाहते हैं तो आपकी न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित हैं अर्थात आप 21 वर्ष की आयु से पहले स्टेशन मास्टर की परीक्षा में नही बैठ सकते। वही स्टेशन मास्टर बनने के लिए अधिकतम आयु की सीमा 32 वर्ष हैं। हालाँकि यह जनरल वर्ग के छात्रों के लिए हैं और आपका वर्ग जनरल के अलावा कुछ और हैं तो आप कुछ और वर्षों तक रेलवे स्टेशन की पोस्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

स्टेशन मास्टर की सैलरी कितनी होती है (Station master ki salary)

स्टेशन मास्टर बनने के लिए अब जब आप इतनी मेहनत कर रहे हैं तो आपका इसकी सैलरी जानना भी उतना ही आवश्यक हैं। बिना सैलरी जाने कौन इतनी मेहनत करेगा भला। तो हम आपको बता दे कि एक स्टेशन मास्टर की सैलरी 30,000 से लेकर 42,000 तक होती हैं। इसके साथ ही आपको हर वर्ष चार हज़ार के आसपास ग्रेड पे (Railway station master grade pay) मिला करेगा अर्थात हर वर्ष आपकी इतनी सैलरी बढ़ जाया करेगी।

सैलरी के अलावा एक स्टेशन मास्टर को सरकार की ओर से अन्य सुविधाएँ भी मिलती हैं जैसे कि रहने को मकान, बिजली पानी का खर्चा, आने जाने का खर्चा, मोबाइल फोन का बिल इत्यादि। इस तरह से जो आपकी सैलरी आएगी वो ज्यादातर बचत में ही निकल जाएगी।

स्टेशन मास्टर का प्रमोशन कैसे होता हैं (Station master ka promotion)

अब जब आप स्टेशन मास्टर बन गए हैं तो आपको यह जानना भी होगा कि इसमें प्रमोशन किस तरह से होगा। इसके लिए पहले आपको स्टेशन मास्टर के पद पर कम से कम 5 वर्ष के लिए नौकरी करनी होगी। इसके पश्चात आपके काम के आधार पर आपका प्रमोशन कर दिया जाएगा।

स्टेशन मास्टर को प्रमोट करके स्टेशन सुपरिटेंडेंट का पद दिया जाता हैं। हालाँकि यदि आपका काम बहुत ही अच्छा है तो आपको इस पद पर 5 वर्ष से पहले ही नियुक्त किया जा सकता हैं और काम बुरा हैं तो इसमें समय लग सकता हैं।

स्टेशन सुपरिटेंडेंट बनने के बाद आप कुछ वर्षों में असिस्टेंट ऑपरेशन मेनेजर व उससे भी बड़े पद पर पदोन्नत हो सकते हैं। इसलिए इस बात का पूरा ध्यान रखिए कि आपकी पदोन्नति पूरी तरह से आपके काम पर ही निर्भर करेगी और किसी भी चीज़ पर नही।

स्टेशन मास्टर की ड्यूटी कितने समय की होती हैं (Station master ka kam)

सब कुछ जान लेने के पश्चात आपके मन में जरुर यह प्रश्न कौंध रहा होगा कि एक स्टेशन मास्टर को दिन में कितने समय तक काम करना पड़ता हैं क्योंकि रेलवे स्टेशन पर तो गाड़ियों की आवाजाही 24 घंटे और सातों दिन होती रहती हैं। ऐसे में हम आपको पहले ही बता दे कि एक स्टेशन मास्टर को दिन में 8 से 10 घंटे का काम करना होता हैं। फिर दूसरे स्टेशन मास्टर को उसकी जगह लगा दिया जाता हैं।

इसके साथ ही कोई स्टेशन बहुरत बड़ा हैं तो इसका अर्थ यह नही हुआ कि उस पूरे स्टेशन पर आपको ही नियुक्त किया जाएगा। ऐसे में तो आपका काम बहुत बढ़ जाएगा। बड़े रेलवे स्टेशन पर वहां की जरुरत के अनुसार एक से अधिक स्टेशन मास्टर को नियुक्त किया जाता हैं जो संख्या कितनी भी हो सकती हैं। फिर उन स्टेशन मास्टर में काम को बाँट दिया जाता हैं ताकि सभी अपना-अपना काम सुचारू रूप से कर सके।

रेलवे स्टेशन मास्टर की परीक्षा की तैयारी कैसे करे (Station master ki taiyari kaise karen)

अब आपके मन में यह प्रश्न आ रहा होगा कि आखिरकार एक रेलवे स्टेशन मास्टर की परीक्षा की तैयारी करने के लिए आपको क्या-क्या करना होगा। तो आप नीचे दिए गए कुछ पॉइंट्स का पालन करें तो अवश्य ही आपका स्टेशन मास्टर के पद पर चयन हो जाएगा।

  • सबसे पहले तो स्टेशन मास्टर की परीक्षा में जो भी प्रश्न पूछे जाते हैं या जो भी पाठ्यक्रम आता हैं उसे जुटा ले और उसी के अनुसार तैयारी करें।
  • अपने पूरे दिन की एक निर्धारित दिनचर्या बना ले और पढ़ाई के घंटे सेट करे। इसके बाद आप उन घंटों में मन लगाकर अच्छे से स्टेशन मास्टर की तैयारी करे।
  • साथ के साथ अपनी कंप्यूटर सीखने की तैयारी भी जारी रखें ताकि आप इसमें पिछड ना जाए।
  • स्टेशन मास्टर बनने के लिए अपनी अंग्रेजी को भी ठीक करें। इसके लिए आप अपने घर पर अंग्रेजी समाचार पत्र लगवा सकते हैं और उसे पढ़ सकते हैं। इससे आपकी अंग्रेजी भी अच्छी होगी और साथ ही सामान्य जानकारी मिलेगी वो अलग।
  • हर दिन जो घटित हो रहा हैं चाहे आपके राज्य में या देश में, उन सभी घंटों पर नज़र बनाए रखें और एक पुस्तक में नोट कर ले। इससे आपका सामान्य ज्ञान मजबूत बनेगा और आप परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल कर पाएंगे।
  • अपनी निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करे क्योंकि हर स्टेशन मास्टर से यह अपेक्षा की जाती हैं कि वह समय व परिस्थिति के अनुसार जल्दी और सही निर्णय ले ताकि बाद में किसी तरह की कोई समस्या ना होने पाए।
  • पिछले कुछ वर्षों के स्टेशन मास्टर के परीक्षा प्रश्न पत्र इकट्ठे कीजिए और उन्हें हल कीजिए। इससे आपकी तैयारी बाकियों से और ज्यादा मजबूत बनेगी और आपका आत्म-विश्वास भी बढ़ेगा।
  • आजकल ऑनलाइन का जमाना हैं रो ज्यादातर सबकुछ ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में आप ऑनलाइन रेलवे स्टेशन के पाठ्यक्रम के बारे में और जानकारी जुटाए और उसके अनुसार तैयारी कीजिए।

स्टेशन मास्टर Related FAQs

स्टेशन मास्टर की परीक्षा कौन आयोजित करता है?

स्टेशन मास्टर की परीक्षा भारतीय रैल्क्वय की ओर से RRB अर्थात रेलवे भर्ती बोर्ड/ Railway Recruitment Board आयोजित करता हैं।

स्टेशन मास्टर की नौकरी किस श्रेणी में आती हैं?

सरकार में जिस पद पर भी भर्ती निकलती हैं उसमे चार समूह होते हैं जिन्हें A, B, C व D समूह में वर्गीकृत किया जाता हैं। इसमें स्टेशन मास्टर का पद ग्रुप सी में आता हैं।

स्टेशन मास्टर के लिए मिनिमम क्वालिफिकेशन क्या हैं?

इसके लिए आपका किसी भी विषय में मिनिमम ग्रेजुएट होना जरुरी हैं फिर चाहे आपने ग्रेजुएशन किसी भी जगह से की हो।

स्टेशन मास्टर का सिलेबस क्या है?

स्टेशन मास्टर में जिन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं वे हैं गणित, अंग्रेजी, रीजनिंग, समान्य ज्ञानव सामान्य बुद्धि।

स्टेशन मास्टर का वेतन कितना है?

स्टेशन मास्टर का मासिक वेतन 30 हज़ार से लेकर 42 हज़ार तक होता हैं।

स्टेशन मास्टर में कितने पेपर होते है?

स्टेशन मास्टर में कुल 3 पेपर होते हैं जिन्हें CBT 1, 2 व 3 कहकर वर्गीकृत किया जाता हैं।

स्टेशन मास्टर को हिंदी में क्या कहते हैं?, Station master ka hindi

एक स्टेशन मास्टर को उस स्टेशन का प्रधान अधिकारी कहा जाता हैं।

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