श्री अन्न योजना 2024 क्या है? बजट में सरकार ने इस अन्न को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रावधान किए हैं?

श्री अन्न क्या होता है? श्री अन्न योजना क्या है? बजट में सरकार ने इस अन्न को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रावधान किए हैं? (What is Shri Anna? What is Shri Anna yojana? What provisions have been made by the government to promote this scheme?)

लोगों में इन दिनों डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टर लोगों की जीवनशैली एवं खानपान को डायबिटीज जैसी बीमारियों का जिम्मेदार मानते हैं। वे इससे बचने के लिए उन्हें मोटे अनाजों के उपयोग की सलाह देते हैं। जैसे-गेहूं के स्थान पर बाजरा, रागी, जई, मंडवा आदि के आटे का इस्तेमाल। यह जानते हैं कि इन अनाजों की खपत सर्दियों में ज्यादा होती है। अब इन्हीं मोटे अनाजों को सरकार द्वारा भी बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में सरकार श्री अन्न योजना लेकर हाजिर हुई है। इस योजना के संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी 1 फरवरी 2030 को जारी किए गए बजट में प्रावधान किया है। श्री अन्न क्या होता है? श्री अन्न योजना क्या है? सरकार ने बजट में श्री अन्न योजना को लेकर क्या प्रावधान किए हैं? आज इस पोस्ट में हम आपको इसी संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। इसे अच्छी तरह समझने के लिए आपको बस इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़ते जाना है। आइए, शुरू करते हैं

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श्री अन्न क्या होता है? (What is Shri Anna?)

मित्रों, श्री अन्न योजना के बारे में बात करने से पहले आइए समझ लेते हैं कि आखिर श्री अन्न क्या होता है? साथियों, हमारे देश में देहात में मोटे अनाज को ही ‘विश्वामित्री अन्न’ अथवा श्री अन्न कहा जाता है। जैसे-बाजरा, जई, रागी आदि। यह अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होता है। साथ ही इस मोटे अनाज की खासियत यह है कि यह अनाज ग्लूटेन फ्री (gluten free) एवं ‘ग्लाइसीमिक फ्री (glycemic free) होता है।

इस वजह से ये मधुमेह (diabetes) एवं हृदय रोगियों (heart patients) के लिए खास तौर पर मुफीद माना जाता है। दोस्तों यदि आप नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि हमारे देश में बाजरा का उत्पादन दुनिया में सर्वाधिक होता है। खेती किसानी की दृष्टि से देखें तो भी यह श्री अन्न लाभदायक होता है, क्योंकि इसकी पैदावार के लिए किसानों को कम लागत (less cost) एवं कम पानी (less water) की जरूरत होती है।

श्री अन्न में कौन कौन से अनाज शामिल होते हैं? (Which millets are included in Shri Anna?)

अब आप जरूर जानना चाहेंगे कि आखिर श्री अन्न यानी मोटे अनाज, जिन्हें सुपर फूड (super food) की भी संज्ञा दी गई है, में कौन-कौन से नाम शामिल होते हैं? तो आपको बता दें कि इसमें जई, ज्वार, बाजरा, कुट्टू, रागी, मंडवा, कोदा, सामा जैसे कुल 8 अनाज शामिल किए गए हैं, जिनको भारत सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। अलबत्ता, हमारे देश में मोटे अनाज की 13 किस्में पाई जाती हैं। इनका सेवन आपके शरीर को पोषण प्रदान करने के साथ ही आपकी सेहत को भी दुरुस्त रखता है। अब हम आपको इन मोटे अनाजों एवं इनकी खूबियों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे-

श्री अन्न योजना क्या है? बजट में सरकार ने इस अन्न को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रावधान किए हैं?

बाजरा :

दोस्तों, यदि भारत की बात करें तो बाजरा एक सबसे अधिक उगाए व खाए जाने वाला मोटा अनाज है। हमारे देश के कई इलाकों में बाजरा को बजरी एवं कंबु के नाम से भी जाना जाता है। यूं तो बाजरा को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है, लेकिन कम सिंचाई वाले इलाकों के लिए बाजरा की फसल वरदान के समान है।

इसकी खूबी यह है कि प्रोटीन, फाइबर, अमीनो एसिड समेत कई न्यूट्रिएंट यानी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इससे रोटी, ब्रेड, दलिया आदि बनाया जा सकता है। दोस्तों, इतना ही नहीं, बाजरा से मोटे दानों को अलग कर इसे पशु चारे के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि इसके फसल अवशेषों से जैव ईंधन यानी बायो फ्यूल (bio fuel) भी बनाया जाता है।

रागी :

मित्रों, यदि देसी भाषा की बात करें तो रागी को नचनी भी पुकारा जाता है। इस अनाज का रंग लाल-भूरा (red-brown) एवं स्वाद अखरोट जैसा होता है। इसकी खासियत यह है कि इसे सूखे एवं कम पानी वाले इलाकों में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसमें प्रोटीन (protein), विटामिन (vitamin), आयरन (iron), कैल्शियम (calcium) एवं विटामिन-बी (vitamin-B) आदि की प्रचुरता होती है। इसे खाने से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां कंट्रोल की जा सकती हैं।

कंगनी :

दोस्तों, कंगनी का स्वाद बहुत हद तक अखरोट की भांति होता है। इसके अनाज का दाना पीला होता है। इससे दलिया से लेकर पुलाव कई व्यंजन बनाए जाते है। कंगनी कम बारिश वाले इलाकों में आसानी से उगती है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम आदि की प्रचुरता होती है।

चेना

मित्रों, इस अनाज को पूरी दुनिया में उगाया जाता है। यह अनाज फैट व कोलेस्ट्रॉल फ्री (fat and cholesterol free) होता है। इसमें प्रोटीन (protein), फाइबर (fibre), विटामिन-बी (vitamin-B), आयरन (iron), जिंक (Zink) आदि कई पोषक तत्वों (nutrients) की भरमार होती है।

सांवा

सांवा को ऊडालू अथवा झंगोरा के नाम से भी जाना जाता है। इस मोटे अनाज में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, विटामिन-बी आदि शरीर को खास एनर्जी (energy) देते हैं। इसके नियमित सेवन से सूजन, दिल की बीमारी, मधुमेह आदि का खतरा भी कम हो जाता है। इसमें कीट आदि बीमारियां लगने का खतरा न होने से किसान भी उगाना पसंद करते हैं।

ज्वार :

दोस्तों, ज्वार कई प्रकार से लाभदायक है। यह मिनरल (mineral), प्रोटीन (protein), विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स (vitamin- B complex), कैल्शियम (calcium), आयरन (iron) समेत कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसके दानों को लोग भूनकर खाना पसंद करते हैं। यह कई रोगों को दूर करता है। जैसे कि सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर ज्वार के दानों को गुड़ में मिलाकर खाने से आराम पड़ता है। ज्वार के आटे से बने काजल से आंखों को ठंडक पहुंचती है।

कुटकी :

कुटकी की खेती करना किसानों के लिए बेहद आसान है। वहीं, इसको खाने के भी अनेक लाभ हैं। कुटकी की फसल महज 65 से 75 दिनों यानी कि दो से ढाई माह में पक जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट एवं प्रोटीन (carbohydrates and protein) की अच्छी मात्रा मिलती है। कैंसर (cancer) जैसी बेहद जोखिम भरी बीमारी के साथ ही डायबिटीज (diabetes) को कंट्रोल करने में कुटकी बेहद असरदार है।

कोदो :

कोदो औषधीय गुणों (medicinal use) से भरपूर एक ट्रेडिशनल अनाज (traditional millet) है। इसमें प्रोटीन (protein), फाइबर (fibre), कार्बोहाइड्रेट (carbohydrates) आदि अच्छी मात्रा में मिलते हैं। इसके दाने काफी छोटे एवं लाल-भूरे रंग के होते हैं, यद्यपि इसकी फसल धान की ही तरह लगती है। इसमें कैंसर, डायबिटीज एवं पेट के रोग दूर करने की ताकत है।

श्री अन्न योजना क्या है? (What is Shri anna scheme?)

मित्रों, आपको जानकारी दे दें कि केंद्र सरकार ने देश में मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत सरकार किसानों को मोटे अनाज की पैदावार करने के लिए आर्थिक और कृषि संबंधित (economic and agriculture related) मदद देगी। सरकार का लक्ष्य श्री अन्न की पैदावार में बढ़त करके किसानों की आय में वृद्धि करना एवं उसे दोगुना करना है। उसका मानना है कि इस योजना के माध्यम से भारत दुनिया में श्री अन्न के ग्लोबल लीडर (global leader) के रूप में उभरेगा।

श्री अन्न योजना के मुख्य उद्देश्य क्या क्या हैं? (What are the main objectives of Shri Anna scheme?)

दोस्तों हम आपको श्री अन्न योजना के बारे में बता चुके हैं। यदि इस योजना के मुख्य उद्देश्यों के बारे में बात की जाए तो वे इस प्रकार से हैं-

  • लोगों को पोषक तत्वों (nutritions) से युक्त अनाज मुहैया कराना।
  • आदिवासी एवं सूखाग्रस्त इलाकों के लोगों को कुपोषण (malnutrition) से मुक्ति दिलाना।
  • किसानों की आय को दोगुना (double) करना।
  • डायबिटीज़ एवं ह्रदय रोगियों के लिए लिए लो ग्लाइसीमिक (low glycemic) अनाज उपलब्ध कराना।
  • दुनिया में श्री अन्न का ग्लोबल लीडर (global leader) बनना।

बजट में सरकार ने इस अन्न को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रावधान किए हैं? (what provisions the government has made in the budget to promote Shri Anna in our country?)

दोस्तों, जैसा आप जानते हैं कि सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। ऐसे में उसके द्वारा 1 फरवरी, 2024 को जारी किए गए बजट को अमृत काल का पहला बजट कहा जा रहा है। इस आम बजट में सरकार ने ‘श्री अन्न’ योजना को बढ़ावा देने के लिए 2200 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान (budget provision) किया है। इसमें ऊपर बताए गए 8 मोटे अनाजों की पैदावार को बढ़ाने एवं किसानों को इसके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा इसके।

अतिरिक्त केंद्र सरकार (Central government) द्वारा वर्तमान आम बजट में मोटे अनाजों पर रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स इंस्टीट्यूट (international millets institute) खोलने की भी घोषणा की गई है। लगे हाथ यह भी बता दें कि वर्तमान में हैदराबाद (Hyderabad) स्थित बाजरा अनुसंधान केन्द्र (millets research center) से चौदह राज्यों (states) को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिशन मिलेट्स रिसर्च (Indian institute of mission millets research) से सहायता मिल रही है।

श्री अन्न यानी मोटे अनाज की खूबियों पर लोगों एवं सरकार का ध्यान कब गया? (When people and government both seriously thought about the specialities of Shri Anna?)

दोस्तों, ऐसा नहीं है कि कोई श्री अनाज की खूबी से वाकिफ न हो, बल्कि, 70 के दशक तक लोग बड़े पैमाने पर इस अनाज का उत्पादन (production) और इस्तेमाल (use) करते थे। ऐसे में वे बीमारी से भी दूर रहते थे, लेकिन इसके बाद अमेरिका (America) से आयातित गेहूं (imported wheat) ने लोगों की थाली में जगह बना ली। मोटा अनाज अब केवल गरीबों का भोजन रह गया।बदलते वक्त के साथ भारत में मोटे अनाज जैसे-बाजरा, कुट्टू, ज्वार, सामा, चीनी, रामदाना आदि की खपत कम होती चली गई।

गेंहू और चावल की खपत में इजाफा हुआ। ऐसे में धीरे-धीरे लोग पोषण से दूर होते चले गए और उनकी जीवनशैली (lifestyle) ने उन्हें अनेक रोगों का शिकार भी बना दिया। लेकिन अन्न को लेकर लोगों की सोच बदली। श्री अन्न के लाभ को देखते हुए केंद्र सरकार ने सन् 2018 को नेशनल मिलेट्स ईयर (National millets year) घोषित किया। लेकिन इन मोटे अनाजों की तरफ लोगों का ध्यान कोरोना काल (corona times) में विशेष तौर पर गया।

जब लोगों की प्रतिरोधक क्षमता पर बात उठी तो सभी को श्री अनाज की याद आई। श्री अन्न प्रतिरोधक क्षमता (immunity) विकसित करता है। ऐसे में कोरोना के समय डॉक्टरों ने इस अनाज के इस्तेमाल पर बहुत जोर दिया। इस अनाज की खूबी और इस्तेमाल की आवश्यकता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने साल 2024 को इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर (International Millet Year 2024) के रूप में मनाने का फैसला किया।

इसमें खास बात यह है कि भारत द्वारा भेजे गए प्रस्ताव (proposal) में 72 देशों के समर्थन (support) के बाद संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने यह फैसला लिया है। इस वर्ष में 8 मोटे अनाजों की पैदावार को बढ़ाने एवं लोगों को इसके इस्तेमाल के प्रति प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा।

जी-20 में मोटे अनाज का क्या रोल रहेगा? (What role Shri Anna will have in G-20?)

साथियों यह तो आप जानते ही होंगे कि हमारा देश भारत इस वर्ष ग्रुप-20 देशों की अगुवाई कर रहा है। देश के कई शहरों जैसे-आगरा (Agra), ऋषिकेश (Rishikesh) आदि में जी-20 के सम्मेलन (conference) होने हैं। भारत सरकार (government of India) ने तय किया है कि इन सम्मेलनों में शिरकत करने वाले विदेशी मेहमानों को मोटे अनाज से बने व्यंजन खिलाए जाएंगे। यह इन अनाजों की सबसे बड़ी ब्रांडिंग (branding) होगी।

किसान इन अनाजों की मार्केटिंग कैसे करेंगे? (How will the farmers market these Millets?)

बहुत से लोग यह मानते हैं कि इन अनाजों की अभी बहुत डिमांड नहीं है, ऐसे में किसानों को बाजारों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा ऐसे में उन्हें नुकसान भी सहना पड़ सकता है। लेकिन दोस्तों, यदि सरकार की तैयारी पर भरोसा किया जाए तो यह माना जा सकता है कि किसानों को बाजार का मोहताज नहीं होना पड़ेगा।

सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence), एग्रीटेक इंडस्ट्री (agritech industry) एवं मार्केट इंटेलिजेंस (market intelligence) के जरिए ऐसा प्रबन्ध (management) करने जा रही है, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (minimum support price) यानी एमएसपी (MSP) पर ही अपने उत्पाद (product) बेचने को मजबूर न होना पड़े।

दुनिया की कुल पैदावार का कितना मोटा अनाज भारत में उगता है? (Words how much share of millets produced in India?)

मित्रों, मोटे अनाजों की बात हो रही है तो इनके उत्पादन से संबंधित एक मोटी-मोटी जानकारी दे देते हैं। आपको बता दें कि मोटे अनाजों के उत्पादन में दुनिया में भारत अभी पहले स्थान पर है। दुनिया में मोटे अनाजों की कुल पैदावार का 41 प्रतिशत अकेले भारत में उगाया जाता है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि थोड़ी अधिक कोशिश द्वारा भारत की इस हिस्सेदारी को एक से दो वर्ष में बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक तो पहुंचाया ही जा सकता है।

यदि मोटे अनाजों के निर्यात की बात करें तो उस मामले में भारत दुनिया में अभी पांचवें स्थान पर है। मोटे अनाज को बढ़ावा देने के अभियान के तहत फिलहाल लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाना सरकार के प्राथमिक लक्ष्य में शुमार है। सरकार मोटे अनाजों से संबंधित रिसर्च पर भी अच्छा खासा जोर दे रही है।

किसानों एवं आम लोगों तक श्री अन्न योजना का लाभ कैसे पहुंचेगा? (How will farmers and common people get benefit of Shri Anna yojana?)

मित्रों, आप अभी सोच रहे होंगे कि केंद्र सरकार द्वारा श्री अन्न योजना शुरू किए जाने की घोषणा कर दी गई है, लेकिन किसानों एवं आम लोगों तक इस योजना का लाभ कैसे पहुंचेगा? तो आपको बता दें कि अभी सरकार द्वारा इस संबंध में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। ना ही इस संबंध में उसके द्वारा कोई वेबसाइट (website) ही अभी तक लांच (launch) की गई है। जैसे ही योजना के संबंध में कोई नया अपडेट (update) आएगा तो हम तुरंत इस संबंध में आपको जानकारी देंगे। तब तक आपको नियमित अंतराल पर हमारी वेबसाइट चेक करते रहनी होगी।

श्री अन्न क्या होता है?

श्री अन्न मोटा अनाज होता है। इसे विश्वामित्री अन्न भी कहा जाता है।

श्री अन्न योजना क्या है?

केंद्र की इस योजना के तहत मोटे अनाजों की पैदावार को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को आर्थिक एवं कृषि संबंधी मदद दी जाएगी।

श्री अन्न योजना शुरू करने की घोषणा कब और किसने की है?

1 फरवरी, 2024 को आए आम बजट में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्री अन्न योजना शुरू करने की घोषणा की है।

श्री अन्न योजना के क्या उद्देश्य हैं?

इस योजना के उद्देश्य लोगों को डायबिटीज आदि बीमारियों से बचाना, उन्हें पोषक तत्व प्रदान करना, किसानों की आय दोगुनी करना आदि हैं।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा सन् 2024 को कौन सा वर्ष घोषित किया गया है?

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2024 को इंटरनेशनल मिलैट्स ईयर घोषित किया गया है।

इस वर्ष में क्या किया जाएगा?

इस वर्ष में 8 मोटे अनाजों की पैदावार को बढ़ाने एवं लोगों को इनके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा।

श्री अन्न योजना मैं शामिल 8 मोटे अनाज कौन कौन से हैं?

श्री अन्ना योजना में शामिल यह अनाज हैं-बाजरा, ज्वार, रागी, सांवा कुटकी, कोदो, चेना एवं कंगनी हैं।

भारत में होने वाले जी-20 सम्मेलन का मोटे अनाजों से क्या लेना-देना है?

भारत में होने वाले जी-20 सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को मोटे अनाजों से बने व्यंजन परोसे जाएंगे।

श्री अन्न के प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी का कारण क्या है?

कोरोना के बाद से इम्यूनिटी पावर डेवलप करने के मद्देनजर लोगों की दिलचस्पी श्री अन्न में लगातार बढ़ रही है।

केंद्र सरकार द्वारा आम बजट में श्री अन्न योजना के लिए कितने बजट का प्रावधान किया गया है?

केंद्र सरकार द्वारा आम बजट में श्री अन्न योजना को बढ़ावा देने के लिए 2200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

भारत किस मोटे अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है?

भारत बाजरा का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है।

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किसानों एवं आम लोगों तक श्री अन्न योजना का लाभ कैसे पहुंचेगा?

केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। जैसे ही इस संबंध में कोई नई जानकारी मिलेगी, हम सबसे पहले आपको अपडेट देंगे।

मोटे अनाजों के उत्पादन में भारत का कौन सा स्थान है?

मोटे अनाज के उत्पादन में भारत पहले स्थान पर है।

दुनिया में मोटे अनाजों की कुल पैदावार का कितना हिस्सा भारत में उगाया जाता है?

सारी दुनिया में मोटे अनाजों की कुल पैदावार का 41% हिस्सा अकेले भारत में ही उगाया जाता है।

मोटे अनाजों के निर्यात में भारत का दुनिया में कौन सा स्थान है?

फिलहाल, मोटे अनाजों के निर्यात में हमारा भारत देश दुनिया में पांचवें स्थान पर है।

साथियों, इस पोस्ट (post) में अपने जाना की श्री अन्न क्या होता है? श्री अन्न योजना क्या है? बजट में सरकार ने इस अन्न को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रावधान किए हैं? यदि आप भी स्वस्थ रहना चाहते हैं और अपना ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि नहीं बढ़ाना चाहते तो मोटे अनाजों का उपयोग करें। लोगों की सेहत के मद्देनजर इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर (share) करें। ।।धन्यवाद।।

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प्रवेश
प्रवेश
मास मीडिया क्षेत्र में अपनी 15+ लंबी यात्रा में प्रवेश कुमारी कई प्रकाशनों से जुड़ी हैं। उनके पास जनसंचार और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है। वह गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर से वाणिज्य में मास्टर भी हैं। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से व्यक्तिगत प्रबंधन और औद्योगिक संबंधों में डिप्लोमा भी किया है। उन्हें यात्रा और ट्रेकिंग में बहुत रुचि है। वह वाणिज्य, व्यापार, कर, वित्त और शैक्षिक मुद्दों और अपडेट पर लिखना पसंद करती हैं। अब तक उनके नाम से 6 हजार से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
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