सातवां वेतन आयोग क्या है? 7th Pay Commission In Hindi | सातवां वेतन आयोग लाभ, उद्देश्य

सातवां वेतन आयोग क्या है? Seventh pay commission In Hindi – भारत की आजादी के उपरांत देश के विकास के लिए भारतीय सरकार ने लोकतांत्रिक रणनीति के तहत काम करना शुरू किया था। जिसके लिए अलग अलग सरकारी कार्यलाय खोले गए थे। इन्ही कार्यालयों में जो लोग काम करते थे। वह एक सरकारी कर्मचारी के रूप में काम करते थे। जिनके लिए सरकार द्वारा उनके काम के लिए वेतन के रूप में कुछ धनराशि भी देती है। जिसका निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है।

सातवां वेतन आयोग Kya Hai? 7th Vetan Aayog In Hindi

इसी कड़ी में सरकार ने वेतन आयोग का गठन किया था व भारत में पहले वेतन आयोग का गठन 1946 में किया गया था, यह आयोग श्रीनिवास वरादाचरियर की अध्यक्षता में स्थापित किया गया था। सरकार के इस प्रशासनिक कार्य का सिलसला भारत में अब भी अपनी चरम सीमा पर है। व अभी हाल ही में पिछले कुछ साल पहले ही 7th Vetan Aayog को भारत में लागु किया गया है। आइये जानते हैं सातवां वेतन आयोग से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी :-

सातवां वेतन आयोग क्या है? What is the seventh pay commission?

जैसा कि आपको उपर बताया गया है की वेतन आयोग का गठन सन 1946 में किया गया था। लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए समय समय पर वेतन आयोग में संसोधन किया जाता रहा है। जिसे अलग अलग नाम से जाना जाता है। इसी कड़ी में 7th Vetan Ayog को वर्ष 2014 में गठित किया गया था। जिसका अध्यक्ष सम्मानित न्यायमूर्ति अशोक कुमार को बनाया गया था। इस वेतन आयोग के तहत तकरीबन 98 लाख सरकारी कर्मचरियों को लाभ प्राप्त होगा।

कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग के लाभ – Benefits of Seventh Pay Commission to employees

सातवाँ केंद्रीय वेतन आयोग के आने से कर्मचारियों को काफी लाभ मिलेगा। इस आयोग के अंतर्गत होने वाले मुख्य फायदे इस प्रकार हैं :-

न्यूनतम सरकारी सैलरी में बढ़ावा –

इस वेतन के लागू होते ही सबसे ज्यादा फायदे उन सरकारी कर्मचारियों को होगा। जिनकी महीने के सालाना आय अन्य सभी सरकारी महकमों के मुकाबले काफी कम थी। अब सरकारी न्यूनतम सैलरी में इजाफा कर के उसे 18000 रूपए कर दिया गया है। यानी कि अब सरकारी कर्मचारी का महीने का वेतन कम से कम 18000 तो पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

अधिकतम सैलरी –

मैक्सिमम सैलरी को भी बढ़ाया गया है। सातवें वेतन आयोग के तहत अब अधिकतम सैलरी दो लाख ढाई हजार रूपए कर दी गयी है।

इंक्रीमेंट में इजाफा –

इंक्रीमेंट में भी बढ़ोतरी कि गयी है। कर्मचारियो को हर साल तीन फीसदी के साथ इंक्रेमेंट बढ़ा कर सैलरी दी जाएगी।

पेंशनर्स को मिलेगा लाभ –

सरकारी कर्मचारियों के साथ साथ सातवें वेतन का लाभ पैंशनर्स को भी मिलेगा। पैंशनर्स के स्थाई मेडिकल भत्ते को बढ़ा दिया गया है। जहां पहले इन्हे 500 रूपए दिए जाते है। वहीं अब 1000 रूपए दिए जाया करेंगे साथ ही 100 प्रतिशित विकलांगता पर भी दिए जाने वाला भत्ते को भी बढ़ाया गया है। अब यह भत्ता 4500 रूपए से 6750 रूपए कर दिया गया है।

मिलिट्री सर्विस को इतने रूपए का प्रावधान –

सातवें वेतन आयोग के दौरान मिलिट्री सर्विस पे के तहत सर्विस अफसर, जेसीओ को क्रमश रूपए देने का प्रावधान किया गया है। पहले 15000, 10800. 5200 और 3600 रूपए दिए जायेंगे।

सियाचिन भत्ता में भी बढ़ोतरी –

भारतीय सैनिकों को मद्देनजर रखते हुए सियाचिन भत्ते को में भी काफी इजाफा किया गया है। पहले यह 14000 हजार रूपए था जिसे अब सातवें वेतन आयोग के तहत 30000 हजार रूपए कर दिया गया है। सैन्य अधिकारियों के लिए यह भत्ता 21000 रूपए से बढ़ाकर 42500 रूपए तय किया गया है। भारतीय सरकार के इस आयोग से करीब करीब 14 लाख सैन्य सैनिकों को लाभ पहुंचेगा।

नर्सिंग कर्मचारियों के अलाउंस को बढ़ाया गया –

सातवां वेतन आयोग का फायदा नर्सिंग स्टाफ को भी मिलेगा। जिसके तहत ही इनका अलाउंस को बढ़ाया गया है। जहां पहले मात्र 4800 दिए जाते थे। वहीं अब 7200 रूपए दिए जायेंगे। साथ ही ऑपरेशन थिएटर भत्ते में बढ़ोतरी की है। अब यह 360 रूपी से बढ़ाकर 540 कर दिया गया है। व हॉस्पिटल केयर भत्ता 2070 रूपए से बढ़ाकर 2100 रूपए कर दिया है। वहीं पेशेंट केयर अलाउंस में मिलने वाले रूपए को 4100 से 5300 रूपए कर दिया गया है।

ग्रेच्युटी लिमिट और डीए लिमिट में इजाफा –

सरकार के अंतर्गत काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग काफी राहत भरा रहा है। इसी कड़ी में ग्रेच्युटी लिमिट में बढ़ोतरी की गयी है। अब यह लिमिट 10 लाख से बढ़ाकर दुगनी यानी कि 20 लाख कर दी गयी है। साथ ही बता दें की डीए लिमिट में 50 फीसदी तक बड़ा दी गयी है। और वहीं ग्रेच्युटी लिमिट 25 फीसदी तक बढ़ा दी गयी है।

ग्रुप सी और डी के ट्रांसफर पर रोक –

सातवां वेतन आयोग के साथ ही एक फायदा ग्रुप सी और डी के अंतर्गत काम कर रहे कर्मचारियों के लिए भी है। अब इस स्टाफ के लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं किया जायेगा। लेकिन अगर कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान प्रमोशन होती है। तो उसे ट्रांसफर कर दिया जा सकता है। साथ ही ट्रांसफर के समय ट्रांसफर अलाउंस में भी इजाफा किया जाएगा।

शिक्षा प्रदान में सहायक –

सातवें वेतन का एक अन्य लाभ कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के दौरान भी दिया जायेगा। अगर कर्मचारी का बच्चा किसी भी क्षेत्र में ग्रेजुएशन,पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा या टेक्निकल कोर्स के लिए शिक्षा प्राप्त करता है। तो परिवार के दो बच्चों की सरकार द्वारा आर्थिक सहायता की जाएगी।

सरकार पर अनुमानित बोझ –

एक अनुमान के अनुसार सातवां वेतन आयोग का सरकार पर तकरीबन 1.02 लाख करोड़ का बोझ पड़ने वाला है। जिसका कारण है। सरकार का विभिन्न क्षेत्रों में पैसों का इजाफा करना व कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान कर के उनके जीवन को सरल बनाना है। इस आयोग का लाभ अधिकतर लोगों को मिलेगा। और वह आर्थिक रूप से अपना भविष्य सुरक्षित करने में सक्षम हो पाएंगे।

सातवां वेतन आयोग के मुख्य सदस्य – Chief Member of Seventh Pay Commission

इस आयोग के दौरान कुछ सम्मान जनक लोग मुख्य रूप से अपना योगदान दे रहे हैं।

  1. श्री न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर
  2. श्री विवेक राय
  3. डॉ. राथिन रॉय
  4. श्री मति मिना अग्रवाल

सातवां वेतन आयोग का उद्देश्य – The purpose of the seventh pay commission

भारत में आजादी के बाद चल रही वेतन आयोग की कड़ी का अब सातवां रूप लागू हो गया है। जिस में सरकार का मुख्य उद्देश्य अपने कर्मचारियों को सभी प्रकार के सुलियत देना है। जिसके लिए सरकार कई क्षेत्रों में आर्थिक सहायता और अन्य लाभदायक सेवाओं को अपने कर्मचारियों के साथ साझा करती है। व उनका जीवन सुखमय बनाती है।

दोस्तों, इस लेख में आप के साथ भारत के विकास की दिशा में चल रहे वेतन आयोग की कड़ी में Satva Vetan Aayog से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को साँझा किया गया है। लेकिन अगर फिर भी अगर आप के पास इस विषय से संबंधित कोई अन्य सुझाव या जानकारी है। तो आप हमे नीचे कमेंट कर के बता सकते हैं व अगर आप को यह जानकारी पसंद आती है। तो आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर भी कर सकते हैं।

Spread the love

Leave a Comment