समीक्षा अधिकारी क्या होता है? समीक्षा अधिकारी कैसे बने?

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अधिकांश लोग पढ़ लिखकर नौकरी करना चाहते हैं। इस पर भी वे ऐसा पद चाहते हैं, जिसकी समाज में प्रतिष्ठा हो। लोगों के बीच पूछ हो। बहुत से अभ्यर्थी ग्रेजुएशन के पश्चात पीसीएस, आईएएस आदि की परीक्षा में इसीलिए बैठते हैं। यह अलग बात है कि इनमें से कितने कामयाबी की नदी पार उतरते हैं।

समीक्षा अधिकारी का पद भी ऐसा है, जिसके लिए नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं में क्रेज होता है। इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि समीक्षा अधिकारी क्या होता है? समीक्षा अधिकारी का कार्य क्या होता है? समीक्षा अधिकारी बनने के लिए क्या क्या पात्रता होती है? समीक्षा अधिकारी कैसे चुना जाता है? आदि।

यदि आप भी समीक्षा अधिकारी बनना चाहते हैं तो फिर ये पोस्ट आपके ही लिए है। आपको यहां इस पद से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी। बस एक बार आपको इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़ते चले जाना है-

समीक्षा अधिकारी का क्या कार्य होता है? (What are the functions of a review officer?)

समीक्षा अधिकारी क्या होता है? समीक्षा अधिकारी कैसे बने?

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, एक समीक्षा अधिकारी (review officer) का कार्य समीक्षा करना होता है। वह क्लैरिकल ग्रेड (clerical grade) के कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा करता है। विभाग में आए आधिकारिक पत्रों (official letter) को रिव्यू करता है। इन्हें रिव्यू आफिसर भी पुकारा जाता है।

किसी भी प्रदेश के सचिवालय (secretariat) के विभिन्न विभाग (department) होते हैं। इन विभागों के एक या अधिक अनुभाग (section) बनाए जाते हैं। इन्हीं में समीक्षा अधिकारी नियुक्त (appoint) किए जाते हैं।

समीक्षा अधिकारी पद के लिए क्या क्या पात्रता अनिवार्य है? (What is the eligibility to be a review officer?)

समीक्षा अधिकारी पद के लिए सरकार की ओर से कुछ पात्रता (eligibility) निर्धारित की गई हैं, जो कि निम्नवत हैं-

  • आवेदक भारत का नागरिक हो।
  • आवदेक के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त होना आवश्यक है।
  • आवेदन के लिए आवेदक की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष एवं अधिकतम उम्र 40 वर्ष होनी चाहिए।
  • आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में छूट का प्रावधान किया गया है।

समीक्षा अधिकारी का वेतन कितना होता है? (What is the salary of a review officer?)

किसी भी पद के लिए फाॅर्म भरने से पूर्व अभ्यर्थी यह जानने के लिए बेहद उत्सुक होता है कि अमुक पद पर यदि उसका चयन होता है तो वह कितने वेतन (salary) का हकदार होगा। जहां तक समीक्षा अधिकारी (review officer) के पद की बात है तो सरकार की ओर से इस पद के लिए वेतन 9,300-34,800 रूपये निर्धारित किया गया है।

यदि वेतन एवं सुविधाओं में किसी प्रकार का परिवर्तन (change) होता है तो सरकार की ओर से इसकी जानकारी उल्लिखित कर दी जाती है।

समीक्षा अधिकारी का चयन कैसे होता है? (What is the selection process of a review officer?)

अब बाती है सबसे मेन बात। आखिर समीक्षा अधिकारी का चयन कैसे होता है। आपको जानकारी दे दें कि एक समीक्षा अधिकारी का चयन लोक सेवा आयोग (public service commission) द्वारा होता है।

यदि उत्तर प्रदेश (up) की बात करें तो इस पद पर भर्ती (recruitment) के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अर्थात यूपीपीएससी (UPPSC) समीक्षा अधिकारी (RO) एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पद के लिए परीक्षा (exam) का आयोजन करता है।

इसमें यूपीएससी की भांति इंटरव्यू (interview) नहीं होता। केवल प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (preliminary and main exam) होती है। इस परीक्षा का पैटर्न (exam pattern) निम्नवत है-

प्रारंभिक परीक्षा (preliminary exam)

यह 200 अंकों की परीक्षा होती है। इसमें एक पेपर सामान्य अध्ययन (general studies) का होता है, जिसमें 140 बहुविकल्पीय यानी आब्जेक्टिव (objective type) प्रश्न पूछे जाते हैं।

विषयप्रश्न स०अंक
सामान्य अध्ययन140140
हिंदी6060

वहीं, हिंदी के पेपर में 60 मल्टीपल च्वाइस सवाल (multiple choice questions) आते हैं। सभी प्रश्नों के सही जवाब के लिए एक-एक अंक निर्धारित किया गया है। सामान्य अध्ययन में सामान्यतः निम्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं-

  • भारतीय इतिहास (indian history)।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था (India economy)।
  • विश्व भूगोल (world geography)।
  • भारतीय संविधान (indian constitution)।
  • कृषि (agriculture)।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (science and technology)।

अब यदि हिंदी के पेपर की बात करें तो उसमें सवालों के अनुसार अंकों का बंटवारा निम्न प्रकार से होगा-

क्रम स०हिंदी पाठ्यक्रमप्रश्नों की स०
1.विलोम शब्द10 प्रश्न
2.वाक्य शुद्धि एवं वर्तनी10 प्रश्न
3.अनेक शब्दों के लिए एक शब्द10 प्रश्न
4.तत्सम और तद्भव10 प्रश्न
5.विशेषण और विशेष्य10 प्रश्न
6.पर्यायवाची शब्द10 प्रश्न
कुल प्रश्नों की संख्या60

मुख्य परीक्षा (main exam)

जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित होते हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए न्योता भेजा जाता है।यह परीक्षा 400 अंकों की होती है। इसके अंतर्गत उम्मीदवार को चार प्रश्न पत्र हल करने होते हैं। इन प्रश्नपत्रों का ब्योरा निम्न प्रकार से है-

1. सामान्य अध्ययन (general studies)-

इस प्रश्नपत्र में कुल मिलाकर 120 प्रश्न होेते हैं। प्रत्येक सवाल के सही जवाब के लिए एक अंक निर्धारित है। यानी यह प्रश्नपत्र पूरे 120 अंक का है। परीक्षा के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

2. सामान्य हिंदी एवं आलेखन (general hindi)-

यह द्वितीय प्रश्नपत्र है। इसमें अभ्यर्थी से एक-एक अंक के कुल 100 सवाल पूछे जाते हैं। परीक्षा अवधि 2 घंटे, 30 मिनट अर्थात कुल ढाई घंटे निर्धारित की गई है।

3. सामान्य शब्द एवं हिंदी व्याकरण (general words and hindi grammar)-

यह परीक्षा का तृतीय प्रश्न पत्र होगा। इसमें अभ्यर्थी को 30 प्रश्न हल करने होंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए दो अंक निर्धारित किए गए हैं। अर्थात यह पेपर कुल 60 अंकों का होगा। परीक्षा की अवधि कुल 30 मिनट अर्थात आधा घंटा निर्धारित की गई है।

4. हिंदी निबंध (hindi essay)-

यह परीक्षा का चौथा प्रश्नपत्र होगा। 120 अंकों के लिए पेपर के लिए परीक्षा अवधि तीन घंटे निर्धारित की गई है। इसमें अभ्यर्थी को किसी विषय पर हिंदी में निबंध लिखने को कहा जाएगा। इसमें अभ्यर्थी के लेखन कौशल के साथ ही उसकी जानकारी एवं विचारों का भी परीक्षण होगा।

जो अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा का द्वार पार कर लेता है, इसके पश्चात मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है एवं चयनित अभ्यर्थियों के मुहैया कराए गए पते पर उनके चयन संबंधी सूचना भेज दी जाती है।

समीक्षा अधिकारी बनने के लिए तैयारी कैसे करें? (How to prepare to be a review officer?)

समीक्षा अधिकारी बनने का सपना देखने वाले युवाओं के सामने एक बड़ा सवाल यह खड़ होता है कि वे इस पद के लिए तैयारी कैसे करें? उन्हें कोई भी गाइड करने वाला अथवा उनका मार्गदर्शन करने वाला नहीं मिलता। यदि आप भी ऐसे ही अभ्यर्थी हैं, तो चिंता न करें, हम आपको बताएंगे कि आप इस परीक्षा की तैयारी कैसे कर सकते हैं-

  • सामान्य अध्ययन के लिए आपको अपनी जनरल नाॅलेज (general knowledge) बढ़ानी होगी। इसके लिए आप इंटरनेट (internet) की मदद बखूबी ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसी लाइब्रेरी की सदस्यता लेकर वहां अपना सामान्य ज्ञान सुधार सकते हैं।
  • यदि विज्ञान (science) के गूढ़ रहस्यों को पढ़कर समझना आपको जटिल लगता है तो यूट्यूब (YouTube) की मदद ले सकते हैं। आपको ढेरों ऐसे आथेंटिक चैनल (authentic channel) मिल जाएंगे, जिनके जरिए आप विज्ञान को आसानी से समझ सकेंगे।
  • योजना, फ्रंटलाइन जैसी किताबों से आपको देश में चल रहीं पंचवर्षीय योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाने में सहायता मिलेगी।
  • भारतीय संविधान (Indian constitution) के बारे में इंटरनेट पर विस्तार से जानकारी उपलब्ध है। आप यहां से संविधान के बारे में पढ़ सकते हैं।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था (indian economy) को समझने के लिए आप अपने किसी प्रोफेसर की मदद ले सकते हैं।
  • यदि आपको बेहतर लगे और आपकी जेब इजाजत देती हो तो आप आरओ की तैयारी कराने वाले किसी कोचिंग संस्थान (coaching institute) को भी ज्वाइन कर सकते हैं। यहां पढ़ाई का माहौल आपको तारतम्य बिठाने में मदद करेगा।
  • यह बताने की बात नहीं कि आप तैयारी के लिए अपना एक टाइम टेबल (time table) तय कर लें। सवालों के जवाब लिखकर देने की कोशिश करें, ताकि आपकी स्पीड बनी रहे। जैसे-हिंदी निबंध के ही पेपर को लें। आप जितना लिखकर प्रैक्टिस करेंगे उतना ही आपके लिए बेहतर होगा।
  • यदि आप चाहें तो इस पद के लिए आवेदन कर रहे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक स्टडी ग्रुप (study group) भी बना सकते हैं। एक दूसरे के साथ अपने डाउट्स क्लियर (doubts clear) कर सकते हैं। ऐसे में अच्छी पढ़ाई होती है।
  • इस परीक्षा को निकाल चुके छात्रों से मिलकर भी उनसे बेहतर तैयारी के टिप्स (tips) लिए जा सकते हैं। खास बात यह है कि प्रारंभिक परीक्षा में 60-65 प्रतिशत अंक हासिल करने पर मुख्य परीक्षा के लिए बुलावा आ जाता है। ऐसे में पहले प्रारंभिक परीक्षा निकालने पर अपना फोकस रखें। इसके बाद मुख्य परीक्षा पर फोकस करें।
  • फेज वाइज (phase wise) तैयारी करें। साथ ही अपने लिए पढ़ाई के शार्ट टर्म गोल्स (short term goals) निर्धारित करें। एक ही साथ सब कुछ पढ़ने एवं समझने की कोशिश आपके दिमाग में सब-कुछ पढ़ा हुआ गड्ड मड्ड कर देगी। इस तरह तैयारी करने से बचें।
  • यदि बहुत अच्छी तैयारी करने के बावजूद आप पहले प्रयास में इस परीक्षा में नाकाम रहे हैं तो भी निराश न हों और दिल छोटा न करें। यह देखें कि आप कहां चूक गए। दुगुने उत्साह के साथ दूसरा प्रयास करें। इस एग्जाम को क्रैक करने में आप निश्चित रूप से सफल होंगे।
  • यदि आपने इस परीक्षा के लिए फार्म भर दिया है तो इस बीच किसी अन्य एग्जाम के लिए तैयारी में न जुट जाएं। एक ही परीक्षा पर एक बार में फोकस करें। बहुत से विद्यार्थी दस जगह के फार्म भर देते हैं। ऐसे में पैटर्न अलग होने से तैयारी में दिक्कत आती है और वे एक भी परीक्षा निकाल नहीं पाते। इससे बचने की आवश्यकता है।

समीक्षा अधिकारी क्या करता है?

जैसा कि नाम से स्पष्ट है, एक समीक्षा अधिकारी क्लैरिकल ग्रेड के कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा करता है।

समीक्षा अधिकारी को अन्य किस नाम से पुकारा जाता है?

समीक्षा अधिकारी को रिव्यू आफिसर के नाम से भी पुकारा जाता है।

समीक्षा अधिकारी का चयन किस परीक्षा के माध्यम से होता है?

उत्तर प्रदेश की बात करें तो वहां इस पद पर चयन लोक सेवा आयोग के माध्यम से होता है।

समीक्षा अधिकारी पद के लिए परीक्षा का पैटर्न क्या होता है?

इस पद के लिए अभ्यर्थी को प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है। प्रारंभिक परीक्षा में खरे उतरने के बाद ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने का न्योता आता है।

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा कितने कितने अंकों की होती है?

प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा क्रमशः 200 एवं 400 अंकों की होती है।

क्या समीक्षा अधिकारी बनने के लिए भारत का नागरिक होना अनिवार्य है?

जी हां, समीक्षा अधिकारी बनने के लिए भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।

समीक्षा अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता क्या रखी गई है?

समीक्षा अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन रखी गई है।

हमने आपको समीक्षा अधिकारी क्या होता है? समीक्षा अधिकारी कैसे बने? इस संबंध में विस्तार से जानकारी देने की कोशिश की। यदि आप भी समीक्षा अधिकारी बनना चाहते हैं तो निश्चित रूप से इस पोस्ट से आपको बहुत सहायता मिलेगी। जानकारी के मद्देनजर अपने मित्रों, परिचितों के साथ इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करना न भूलें। धन्यवाद।

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