रिपीटर क्या है? | रिपीटर काम कैसे करता है? इसके फायदे व नुकसान | Repeater kya hai

|| रिपीटर क्या है? | Repeater kya hai | How does repeater works in Hindi | वाई फाई रिपीटर क्या है? | रिपीटर के प्रकार (Repeater types in Hindi | रिपीटर काम कैसे करता है? | रिपीटर के फायदे (Repeater benefits in Hindi ||

Repeater kya hai:- बहुत से घरों में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए वाई फाई की सुविधा होती है। अब जहाँ एक या दो सदस्य ही हैं वहां वे मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन जिन घरों में दो से अधिक सदस्य होते हैं और सभी इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या फिर कोई हाई इंटरनेट वाला काम करना होता है या ऑफिस का काम करना होता है तो वहां वाई फाई लगाया जाना जरुरी हो जाता (Repeater kya hota hai) है।

अब इस वाई फाई को लगवाने के लिए हम कई तरह की वाई फाई की सुविधा देने वाली कंपनियों से संपर्क करते हैं और वे हमारे घर में वाई फाई का सेटअप करके जाते हैं। इसके लिए वे हमारे घर पर राऊटर लगा देते हैं जिसके माध्यम से हम तरह तरह की डिवाइस में वाई फाई को जोड़ते हैं और कार्य करते हैं या इंटरनेट का उपयोग करते हैं। अब क्या आपने कभी किसी घर में वाई फाई की सुविधा लेने के लिए राऊटर के साथ साथ रिपीटर का इस्तेमाल होते हुए देखा है? ऐसा आपने उन घरों में ज्यादा देखा होगा जो बड़े होते हैं या जिनके घर में दो से तीन मंजिल होती (Repeater kya hai in Hindi) है।

ऐसे में यह रिपीटर क्या होता है और इसका क्या कुछ काम होता है और क्यों ही इसे इस्तेमाल में लाया जाता है, इसके बारे में जानना आवश्यक हो जाता है। तो आज का हमारा यह लेख इसी विषय को ध्यान में रखकर ही लिखा गया है जहाँ आपको रिपीटर के बारे में शुरू से लेकर अंत तक हरेक जानकारी जानने को मिलेगी। आइये जाने रिपीटर के बारे में विस्तार (Repeater meaning in Hindi) से।

रिपीटर क्या है? (Repeater kya hai)

इस लेख की शुरुआत में हम सबसे पहले बात कर लेते हैं रिपीटर के बारे में और जानने का प्रयास करते हैं कि आखिरकार यह रिपीटर होता क्या है और इसे क्यों ही काम में लिया जाता है। तो हम अपने घर में वाई फाई का लाभ उठाने के लिए राऊटर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन उसकी रेंज या सीमा एक निश्चित दूरी तक ही होती है और उस दूरी के बाद राऊटर के सिग्नल कमजोर हो जाते हैं। अब यदि आपके घर में राऊटर सबसे नीचे वाली मंजिल पर लगा हुआ है और आप पहली मंजिल के किसी कमरे में जाते हैं या घर की छत पर जाते हैं तो वहां आते आते राऊटर की रेंज बहुत ही कम या सीमित हो जाती (What is repeater in Hindi) है।

रिपीटर काम कैसे करता है इसके फायदे व नुकसान Repeater kya hai

ऐसे में इस दुविधा से बचने के लिए ही उन घरों में रिपीटर का इस्तेमाल किया जाता है। रिपीटर कुछ और नहीं बस राऊटर के द्वारा दी जा रही रेंज को और लंबी दूरी तक बढ़ाने और उसे सुधारने का ही कार्य कर रहा होता है। कहने का अर्थ यह हुआ कि इस रिपीटर की सहायता से आप अपने घर में वाई फाई की रेंज को बढ़ा सकते हैं और उसे लंबी दूरी तक लेकर जा सकते हैं। इस तरह से आप एक ही वाई फाई कनेक्शन से कई मंजिल तक उसका इस्तेमाल कर सकते हैं और वाई फाई का लाभ उठा सकते (What is repeater explain in Hindi) हैं।

सीधे शब्दों में कहा जाए तो रिपीटर उसे कहा जाता है जो राऊटर से वाई फाई के सिग्नल पकड़ता है और फिर उन सिग्नल को अपने अंदर लेकर उन्हें दूर तक फैलाने का कार्य करता है। अब बहुत से लोग इसे सिग्नल को amplify करना कह देंगे लेकिन रिपीटर ऐसे काम नहीं करता है। इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए आपको यह समझना होगा कि आखिरकार रिपीटर काम कैसे करता है। तो आइये इसके बारे में भी जान लेते (Repeater in Hindi) हैं।

रिपीटर काम कैसे करता है? (Repeater working principle in Hindi)

अभी तक आपने रिपीटर क्या होता है, इसके बारे में जानकारी ले ली है लेकिन यह काम कैसे करता है, इसके बारे में भी जानकारी ली जानी उतनी ही जरुरी होती है। अब सभी को यह तो पता ही है कि यह राऊटर से सिग्नल लेकर उसे दूर तक पहुँचाने में मदद करता है लेकिन बहुत से लोग रिपीटर की कार्यप्रणाली को गलत समझ लेते हैं। उन्हें लगता है कि यह राऊटर के सिग्नल को आगे पहुँचाने के लिए उन्हें amplify करता है या उन्हीं सिग्नल को ही आगे पहुँचाने का कार्य करता है लेकिन ऐसा नहीं (Repeater working process in Hindi) है।

तो रिपीटर की कार्यप्रणाली कुछ इस तरह की होती है कि यह राऊटर से सिग्नल को पकड़ता है। अक्सर रिपीटर को वहां लगाया जाता है जहाँ से राऊटर के सिग्नल कमजोर होने लगते हैं। तो यह सिग्नल रिपीटर पकड़ लेता है और फिर उन्हें आगे भेजने की बजाये यह उन्हें कॉपी करता है। यह उस सिग्नल की हरेक बिट को कॉपी करता है और फिर उन सिग्नल को नए तरीके से वैसा का वैसा बनाता है। कहने का अर्थ यह हुआ कि जिस तरह के सिग्नल उस रिपीटर को किसी राऊटर से मिल रहे होते हैं, वह उन सिग्नल को वैसा का वैसा नया बना देता (How does repeater works in Hindi) है।

अब वह अपने यहाँ से उन सिग्नल को बाहर निकालता है जिस तरह से राऊटर निकाल रहा होता है। इस तरह से रिपीटर जहाँ पर स्थित होता है वहां से वह राऊटर के जैसे ही हुबहू सिग्नल को मजबूत रूप में फिर से फैलाने का कार्य करता है। तो इस तरह से हम रिपीटर को राऊटर की हुबहू कॉपी कह सकते हैं। बस यह सिग्नल का खुद से नव निर्माण नहीं करता है, यह उन्हें कॉपी पेस्ट की धारणा पर बना रहा होता है और फिर कमजोर सिग्नल को मजबूत सिग्नल में एमिट कर देता है।

वाई फाई रिपीटर क्या है? (WiFi repeater kya hai)

अब आपको यह जानकर हैरानी होगी लेकिन रिपीटर केवल इंटरनेट का इस्तेमाल करने में ही नहीं बल्कि कई अन्य जगह इस्तेमाल में होने वाले भी होते हैं किन्तु इनका काम वही होता है। कहने का अर्थ यह हुआ कि किसी भी जगह पर यदि रिपीटर को लगाया गया है तो वह कहीं ना कहीं से सिग्नल को ले रहा होता है और उन सिग्नल को फिर से कॉपी पेस्ट के फार्मूला पर बना रहा होता है और फिर उन्हें आगे बढ़ा देता है। तो यह तो रिपीटर के काम करने की प्रणाली हो (WiFi repeater meaning in Hindi) गयी।

अब इनमें जो रिपीटर सबसे ज्यादा उपयोग में लाये जाते हैं उन्हें वाई फाई की रेंज को बढ़ाने के काम में लाया जाता है। इसके माध्यम से वह रिपीटर इस तरह से कार्य करता है कि उसे वाई फाई से एक निश्चित दूरी पर रखा जाता है या फिर उसे हम राऊटर कह सकते हैं। उदाहरण के तौर पर आपके घर में सबसे निचली मंजिल पर राऊटर लगा हुआ है और आप पहली मंजिल पर रहते हैं और वहां आपको वाई फाई के कमजोर सिग्नल आते हैं तो आपको पहली मंजिल पर राऊटर की दिशा में ही एक रिपीटर लगवा लेना चाहिए।

पहली मंजिल पर वाई फाई रिपीटर लगवा लेने से वह उस राऊटर से इंटरनेट सिग्नल को लेकर उसे पहली मंजिल पर भी उसी रूप में ही पहुँचाने का कार्य करेगा जैसा आपको सबसे निचली मंजिल पर मिल रहा है। तो वाई फाई के कनेक्शन को लंबी दूरी तक पहुँचाने वाले रिपीटर को ही वाई फाई रिपीटर कहा जाता है।

रिपीटर के प्रकार (Repeater types in Hindi)

अब आपको हमने ऊपर ही बताया कि रिपीटर का काम तो एक जैसा होता है लेकिन वह किस जगह पर और किस काम के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है, उसके आधार पर उसके प्रकार बदल जाते (Repeater ke prakar) हैं। अब जो रिपीटर वाई फाई का कनेक्शन बढ़ाने के काम में आ रहा है तो उसे हम वाई फाई रिपीटर कह देते हैं लेकिन इसके अलावा भी रिपीटर को कई जगहों पर इस्तेमाल में लाया जाता है।

ऐसे में रिपीटर कितने प्रकार के हो सकते हैं, इसकी कोई सीमा तो नहीं है लेकिन फिर भी हम कुछ मुख्य रिपीटर के प्रकारों के नाम आपके सामने रखने जा रहे हैं।

  • वाई फाई रिपीटर
  • सैटेलाइट रिपीटर
  • ऑप्टिकल रिपीटर
  • टेलीफ़ोन रिपीटर
  • डेस्कटॉप रिपीटर
  • मेश रिपीटर

रिपीटर और राऊटर में क्या अंतर है? (Repeater or router in Hindi)

लेख को इतना पढ़ने के बाद शायद ही हमें रिपीटर और राऊटर के बीच के अंतर को समझाना पड़े लेकिन फिर भी हम इसके बारे में थोड़ी बहुत जानकारी आपको दे देते हैं ताकि आपके मन में किसी तरह की शंका शेष ना रहने पाए। तो राऊटर का काम तो इंटरनेट सिग्नल को देना होता है और उसे लोकल एरिया नेटवर्क से या ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया होता है। यह किसी नेटवर्क कंपनी के द्वारा लगाया गया होता है जिससे नेटवर्क सिग्नल निकलते हैं और उनका निर्माण भी होता (Difference between repeater or router in Hindi) है।

वहीं रिपीटर जो होते हैं वे पूर्ण रूप से इसी राऊटर से निकल रहे सिग्नल पर निर्भर होते हैं। कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि राऊटर ना हो तो फिर रिपीटर का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। वह इसलिए क्योंकि रिपीटर राऊटर से निकल रहे सिग्नल को ही कॉपी पेस्ट करके आगे फॉरवर्ड कर रहे होते हैं। एक तरह से यह राऊटर के सिग्नल को बूस्ट करने का काम कर रहा होता है। यही इन दोनों के बीच में मुख्य अंतर होता है।

रिपीटर के फायदे (Repeater benefits in Hindi)

अब आपको रिपीटर से मिलने वाले फायदों के बारे में भी जान लेना चाहिए ताकि आपको पता चल सके कि आखिरकार हम अपने घरों में या कार्यालय में रिपीटर लगवाते क्यों हैं। तो वैसे तो रिपीटर का मुख्य फायदा तो वही है कि यह राऊटर से मिल रहे सिग्नल को बूस्ट करने या उसे दूर तक पहुँचाने में सहायता करता है लेकिन इसके क्या कुछ और फायदे देखने को मिलते हैं, इसके बारे में भी जान लेना सही रहता है। आइये जाने रिपीटर के लाभ।

  • यह नेटवर्क या इंटरनेट की कवरेज को बढ़ाने में मदद करता है जिसकी सहायता से इंटरनेट को लंबी दूरी तक एक्सेस किया जा सकता है।
  • रिपीटर की सहायता से एक ही वाई फाई कनेक्शन में सीमित संख्या से अधिक डिवाइस को जोड़ने में सहायता मिलती है। कहने का अर्थ यह हुआ कि अभी तक जो लोग केवल निचली मंजिल पर ही राऊटर का इस्तेमाल कर पा रहे थे, वे अब रिपीटर की सहायता से उसे पहली मंजिल पर भी उपयोग में ला सकते हैं।
  • इससे हमें दो तरह के वाई फाई कनेक्शन नहीं लेने पड़ते हैं और हमारा बहुत सा पैसा बच जाता है। एक ही वाई फाई कनेक्शन का इस्तेमाल दो परिवार या दो पड़ोसी कर सकते हैं।
  • रिपीटर को अपने घर पर लगाना या उसे इनस्टॉल करना भी मुश्किल नहीं है और यह केवल कुछ ही मिनट का काम होता है।
  • रिपीटर ज्यादा महंगे भी नहीं होते हैं और सामान्य तौर पर यह एक से दो हज़ार के बीच में आ जाते हैं। वहीं यदि आप कंपनी का रिपीटर लेने जा रहे हैं तो इनका मूल्य भी 2 से 3 हज़ार के बीच में ही होता है।
  • रिपीटर के माध्यम से दूर तक भी बेहतर सिग्नल पहुँचाने में सहायता मिलती है और यही इसकी मुख्य खासियत भी है।

रिपीटर के नुकसान (Repeater disadvantages in Hindi)

अभी तक आपने रिपीटर का इस्तेमाल करने के तरह तरह के फायदों के बारे में जानकारी ले ली है लेकिन इसका इस्तेमाल करने से क्या कुछ नुकसान हो सकते हैं, उनके बारे में भी साथ के साथ जान लिया जाये तो यह बेहतर होता है। तो आइये जाने रिपीटर का इस्तेमाल करने से क्या कुछ नुकसान देखने को मिल सकते हैं।

  • रिपीटर का इस्तेमाल करने से सबसे पहला नुकसान यह होता है कि इससे आपका डाटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल राऊटर की तुलना में रिपीटर इतने सुरक्षित नहीं माने जाते हैं।
  • ऐसे में आपको केवल उन्हीं रिपीटर का ही उपयोग करना चाहिए जिस कंपनी का आप राऊटर इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि तब दोनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो पाता है।
  • राऊटर जब रिपीटर को सिग्नल भेजता है तो वह ज्यादा भागों में विभाजित हो जाते हैं और उससे नेटवर्क की स्पीड में अंतर देखने को मिल सकता है।
  • रिपीटर राऊटर से कमजोर सिग्नल को अधिक मात्रा में पकड़ता है और उसे पहली मंजिल पर फैलाने का कार्य करता है। ऐसे में सबसे निचली मंजिल पर सिग्नल पहले की तुलना में कमजोर हो सकते हैं।
  • यदि रिपीटर को सही स्थान पर नहीं रखा गया है तो इससे आपको ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिलता है। ऐसे में इसका सही स्थान पर होना बहुत ही आवश्यक हो जाता है।

हालाँकि रिपीटर के उपयोग से जो भी नुकसान होते हैं उन्हें ठीक किया जा सकता है और फिर इसका सही उपयोग लिया जा सकता है। एक तरह से रिपीटर के नुकसान को हम सावधानी की तरह देख सकते हैं और फिर इसका उपयोग करना शुरू कर सकते हैं। कुल मिलाकर रिपीटर का इस्तेमाल करना एक बार का निवेश है और उसके बाद इसका लाभ ही लाभ है।

रिपीटर क्या है – Related FAQs 

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प्रश्न: रिपीटर का काम क्या है?

उत्तर: रिपीटर कुछ और नहीं बस राऊटर के द्वारा दी जा रही रेंज को और लंबी दूरी तक बढ़ाने और उसे सुधारने का ही कार्य कर रहा होता है।

प्रश्न: रिपीटर का मतलब क्या होता है?

उत्तर: सीधे शब्दों में कहा जाए तो रिपीटर उसे कहा जाता है जो राऊटर से वाई फाई के सिग्नल पकड़ता है और फिर उन सिग्नल को अपने अंदर लेकर उन्हें दूर तक फैलाने का कार्य करता है।

प्रश्न: रिपीटर क्या है इन हिंदी?

उत्तर: रिपीटर के बारे में संपूर्ण जानकारी आपको इस लेख में जानने को मिल जायेगी जो आपको पढ़ना चाहिए।

प्रश्न: रिपीटर और राउटर क्या है?

उत्तर: रिपीटर और राउटर क्या है और इनके बीच में क्या अंतर है इसके बारे में आपको इस लेख के माध्यम से जानने को मिलेगा।

प्रश्न: रिपीटर के फायदे क्या हैं?

उत्तर: रिपीटर के फायदे आपको इस लेख के माध्यम से जानने को मिल जायेंगे जो आपको जानने चाहिए।

तो इस तरह से इस लेख के माध्यम से आपने रिपीटर के बारे में जानकारी हासिल कर ली है। आपने जाना कि रिपीटर क्या है रिपीटर काम कैसे करता है इसके प्रकार क्या हैं इसके फायदे और नुकसान क्या हैं इत्यादि। आशा है कि जो जानने के लिए आप इस लेख पर आए थे वह जानकारी आपको मिल गई होगी। यदि कोई शंका आपके मन में अभी भी शेष है तो आप हम से नीचे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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