राजस्थान छात्रगृह किराया योजना आनलाइन आवेदन, उद्देश्य | Rajasthan chhatrgrah kiraya yojana in Hindi

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राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र के जनजाति छात्र छात्राओं में बहुत से ऐसे हैं, जो खराब वित्तीय हालात के चलते अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। कुछ के यहां उच्च शिक्षा का चलन ही नहीं, वह अपने काम धंधों की तरफ ध्यान देना श्रेयस्कर समझते हैं। ऐसे छात्रों को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर करने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजस्थान सरकार राजस्थान छात्रगृह किराया योजना चला रही है।

इसके तहत छात्रों को उनके अध्ययन के दौरान मकान का किराया अदा करने के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। आज हम आपको इसी योजना के संबंध में जानकारी देंगे। जैसे कि यह योजना क्या है? इस योजना का उद्देश्य क्या है? इस योजना के पात्र कौन होंगे? योजना का लाभ लेने के लिए किन किन दस्तावेजों की आवश्यकता है? योजना के लिए आनलाइन आवेदन कैसे किया जा सकता है?आदि। आइए, शुरू करते हैं-

राजस्थान छात्रगृह किराया योजना क्या है

राजस्थान छात्रगृह किराया योजना के अंतर्गत यूनिवर्सिटी या कालेज हास्टल में स्थानाभाव के कारण किराये पर मकान लेने वाले राजस्थान प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र (sheduled areas) के जनजातीय (tribal) छात्र छात्राओं को सरकार की ओर से किराया भुगतान की सुविधा दी जाती है। भुगतान सीधे लाभार्थी को उसके बैंक खाते में राशि भेजकर किया जाता है।

इसके लिए संबंधित शैक्षणिक संस्थान के प्रधानाचार्य को इस आशय का प्रमाण पत्र देना होता है कि संबंधित छात्र उनके संस्थान में नियमित अध्ययन करता है और किराये के मकान में रहता है। मकान के किराये का पुनर्भरण यानी भुगतान जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के परियोजना अधिकारी की ओर से मकान मालिक को किया जाता है। यह भुगतान त्रैमासिक आधार पर होता है।

राजस्थान छात्रगृह किराया योजना आनलाइन आवेदन, उद्देश्य | Rajasthan chhatrgrah kiraya yojana in Hindi

राजस्थान छात्रगृह किराया सहायता योजना का उद्देश्य-

राजस्थान छात्रगृह किराया सहायता योजना का उद्देश्य राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र के जनजाति छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए यानी स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में अध्ययन करने के लिए प्रेरित करना है। आपको यह भी बता दें कि यह योजना केवल राजकीय महाविद्यालय में नियमित अध्ययन करने वाले छात्रों पर लागू होगी। यह नियमित अध्ययन सामान्य शिक्षा यानी कला, वाणिज्य या विज्ञान वर्ग से संबंधित होगा।

यदि छात्र किसी प्राइवेट काॅलेज या संस्थान में अध्ययनरत है तो उसे यह मकान किराया भुगतान की सुविधा नहीं प्रदान की जाएगी। इसके अलावा छात्र या छात्रा उस आय वर्ग से भी संबंधित न हो, जिसकी वजह से वह आयकर के दायरे में आता हो। अधिकतम पांच वर्ष तक गृह किराया सहायता दिए जाने का प्रावधान है दोस्तों, इस राजस्थान छात्रगृह किराया सहायता योजना के अंतर्गत छात्र छात्राओं को अधिकतम पांच वर्ष तक गृह किराया सहायता उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उन छात्रों की खास तौर पर मदद होती है, जिनके माता पिता उनके बाहर रहने का खर्च उठाने में अक्षम हैं। किराया भरने से मुक्त होने पर छात्र पूरा फोकस अपनी पढ़ाई पर लगा सकते हैं।

आपको बता दें कि ढेर सारे छात्र शहर जाकर पढ़ाई का सपना इसीलिए पूरा नहीं कर पाते, क्योंकि किराये सहित अन्य खर्च उठाने में उनकी वित्तीय हालत उनको इजाजत नहीं देती। इसी को दृष्टिगत रखते हुए और अनुसूचित जनजाति के छात्र छात्राओं में उच्च शिक्षा का प्रतिशत बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार ने यह पहल की है।

यह है राजस्थान छात्रगृह किराया सहायता दर

साथियों, अब हम आपको बताएंगे कि राजस्थान छात्रगृह किराया योजना के तहत राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र के रहने वाले जनजाति छात्र छात्राओं को दी जाने वाली मकान किराया सहायता दर कितनी है। आपको बता दें कि संभाग मुख्यालय में किराये पर रहने वाले छात्रों को 10 माह तक प्रतिमाह 500 रूपये की दर से 5000 रूपये का भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार जिला मुख्यालय में किराये पर रहने वाले छात्रों को 10 माह तक प्रतिमाह 400 रूपये की दर से चार हजार रूपये की किराया सहायता दी जाएगी।

वहीं, अन्य किसी स्थान पर रहने वालों को 10 माह प्रतिमाह 300 रूपये की दर से 3000 रूपये का भुगतान किया जाएगा। आपको देखने में भले ही मासिक आधार पर यह राशि बहुत ज्यादा न लगे, लेकिन दोस्तों यह भी सच है कि किराया सहायता राशि भुगतान के तौर पर एकमुश्त राशि का भुगतान मिलने से उन्हें अच्छी खासी मदद मिल जाती है। जिन लोगों के वित्तीय हालात बेहद खराब हैं, उनके लिए यह योजना विशेष रूप से लाभप्रद है।

राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता/शर्तें-

मित्रों, हर किसी छात्र या छात्रा को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। राजस्थान सरकार ने इसके लिए कुछ पात्रता और शर्तें निर्धारित की हैं, उनको पूरा करने के बाद ही संबंधित छात्र छात्रा इस योजना के दायरे में आ सकेंगे। यह आवश्यक पात्रता या कह लीजिए कि शर्तें इस प्रकार से हैं-

  • छात्र छात्राओं को राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र का मूल निवासी होना आवश्यक है।
  • छात्र छात्र-छात्राओं का राजस्थान में ही अध्ययनरत होना जरूरी है।
  • जिन छात्राओं के माता पिता इन्कम टैक्स पेयर हैं, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी।
  • छात्र के बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात आगे निरंतर अध्ययन में कोई अंतराल यानी गैप नहीं होना चाहिए।
  • आवेदक के पास वैध भामाशाह कार्ड या आधार कार्ड होना चाहिए।

दोस्तों, आपको बता दें कि यह तमाम पात्रताएं इसलिए निर्धारित की गई हैं, ताकि उसी वर्ग को इस सुविधा का लाभ मिल सके, जो कि इसका वास्तविक हकदार है। हालांकि, आवेदन की आफलाइन प्रक्रिया के दौरान कई तरह की गड़बड़ी और घोटाले इस तरह की योजनाओं में देखने को मिलते हैं, लेकिन अब योजना की आवेदन प्रक्रिया आनलाइन होने के बाद इस तरह की संभावनाओं पर काफी हद तक रोकथाम संभव हो गई है।

ऐसे में योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों को ही मिलता है। इसी से इस राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का उद्देश्य भी सिद्ध हो रहा है।

राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज-

साथियों, प्रत्येक सरकारी योजना की तरह इस राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का लाभ लेने के लिए भी आवेदक को अपने आवेदन फाॅर्म के साथ कुछ दस्तावेज संलग्न करने होंगे। यह कागजात इस प्रकार से हैं-

  • कक्षा 10वीं और 12वीं की उत्तीर्ण की marksheet।
  • आवेदक के माता-पिता/अभिभावक/ संरक्षक का स्वघोषित आय प्रमाण पत्र।
  • अभिभावक का आयकरदाता न होने का प्रमाण पत्र।
  • आवेदक का राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र।
  • आवेदक के बैंक खाते की फोटो काॅपी।
  • शैक्षणिक संस्थान में नियमित अध्ययन का प्रमाण प़त्र।
  • आवेदक की ओर से मकान किराये पर लेकर अध्ययन करने का स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र।
  • आवेदक की ओर से चुकाए गए किराये की रसीद की फोटो काॅपी।

आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि आप मांगे गए सभी दस्तावेजों को आवेदन फाॅर्म के साथ मुहैया कराएं। यदि आप ऐसा करने में असमर्थ रहते हैं तो निश्चित रूप से आपका आवेदन फाॅर्म मंजूर नहीं किया जाएगा और आप इस राजस्थान छा़त्रगृह किराया सहातया योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

इसलिए आप यदि बगैर किसी व्यवधान के इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसके लिए पहले से ही तमाम दस्तावेजों को चेक करके मुस्तैद करके रखें। इससे आपको सुविधा होगी।

राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का लाभ लेने के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया

मित्रों, अब हम आपको राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का लाभ लेने के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देंगे। यह प्रक्रिया बेहद ही आसान है। इसे आप किसी जनसेवा केंद्र की सहायता से भी संपूर्ण कर सकते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है-

  • आवेदक को सबसे पहले वेबसाइट www.tad.rajasthan.gov.in पर जाना होगा। आप यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट भी वेबसाइट पर जा सकतें हैं।
  • यहां से आवेदक को online portal for tad education incentive schemes के link पर click करना होगा।
  • यहां से राजस्थान छात्रगृह किराया योजना का application form डाउनलोड करना होगा। इस application form में सभी जानकारी सही-सही भरें।
  • इसके पश्चात भामाशाह कार्ड के साथ पोर्टल पर अपलोड कर दें। submit के option पर click कर दें। इसका print out अपने पास संभालकर रखें।
  • छात्र/छात्रा जिस कालेज में अध्ययनरत है, वह आनलाइन भरे गए फाॅर्मों की जांच कर इन्हें परियोजना अधिकारी को अग्रसारित करेंगे।
  • प्राप्त आवेदन पत्रों को मंजूर कर संबंधित विभाग आनलाइन मंजूरी प्रदान करेगा। अपूर्ण आवेदन पत्र पुनः कालेज को फाॅरवर्ड कर दिए जाएंगे।
  • मंजूर आवेदन पत्रों को जिला कार्यालय की ओर से जांच के बाद संबंधित जिला ट्रेजरी को भेजा जाएगा।
  • यहां से पारित बिलों की राशि को भामाशाह कार्ड में अंकित छात्र या उसके अभिभावक के बैंक खातों में भेज दिया जाएगा।

आपको बता दें कि आवेदन फाॅर्म भरते वक्त वेबसाइट पर दिए गए सभी दिशा निर्देशों को ध्यान से पढ़ना होगा और उनका अक्षरशः पालन करना होगा। यह भी आवश्यक है कि आप फाॅर्म सही-सही भरें। यदि आप अपने विषय में कोई गलत जानकारी भर देते हैं तो आपका आवेदन फाॅर्म अस्वीकृत हो जाएगा। क्योंकि सहायता राशि को मंजूरी देने से पूर्व आपके आवेदन पत्र का पूर्ण रूप से सत्यापन किया जाएगा।

पीडीऍफ़ फॉर्म में दडिटेल्स डाउनलोड करने के लिएयहाँ क्लीक करें।

Help Desk

E-mail Address: ddit.tad@rajasthan.gov.in

Contact Number : 7300443141 (9.00 AM to 6.00 PM)

अंतिम शब्द –

मित्रों, आप जानते ही हैं कि मकान किराया अच्छी खासी आमदनी वाले व्यक्ति के लिए भी एक बड़ी सिरदर्दी होता है, फिर छात्र छात्राओं के लिए तो यह सिरदर्द बढ़ाने वाला विषय है ही। कापी-किताब, स्टेशनरी का खर्च, भोजन, पोशाक का खर्च समेत कई ऐसे छोटे मोटे व्यय होते हैं, जो हजारों में जाकर पड़ते हैं। ऐसे में मकान के किराये के लिए मिली मामूली सी सहायता भी छात्र छात्राओं को बड़ी राहत देती है। राजस्थान सरकार ने अधिकतम पांच सालों के लिए वहां के अनुसूचित क्षेत्र के जनजातीय छात्र छात्राओं के लिए जो सुविधा शुरू की है, वह बड़ी कारगर है।

इससे उन छात्र छात्राओं को राहत मिलेगी, जिन्हें मजबूरी में पढ़ाई के लिए घर से दूर रहना पड़ रहा है और जो किराये का सारा बोझ अपने माता-पिता पर नहीं डालना चाहते। राजस्थान में उच्च शिक्षा संस्थानों पर नियंत्रण रखने और शिक्षा की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए एक नियामक आयोग बनाने की बात चलती चली आ रही है। पहले की सरकारों ने भी इसका वायदा किया है। हालांकि यह अभी दूर की कौड़ी साबित हुई है। इस दिशा में अभी आगे नहीं बढ़ा जा सका है। हालांकि आपको बता दें कि फिलहाल सरकार वंचितों तक शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं और लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इन प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए।

दोस्तों, यह थी राजस्थान छात्रगृह किराया योजना से जुड़ी सारी जानकारी। हमें भरोसा है कि यह जानकारी आपके लिए काम की साबित होगी। यदि आप ऐसी ही जनहित से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानने के इच्छुक हैं तो लगातार हमारी वेबसाइट पर आते रहें। आपकी प्रतिक्रियाओं और सुझावों का हमें हमेशा की तरह शिद्दत से इंतजार है। आपके सवालों का भी स्वागत है।  धन्यवाद।।

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