रेलवे में पैंट्री कार टेंडर कैसे लें? | Railway pantry car tender in Hindi

Railway pantry car tender in Hindi : भारतीय रेलवे के बारे में कौन नहीं जानता। यह एक तरह से भारत देश में दूसरा सबसे बड़ा नौकरी देने वाला माध्यम है। पहले नंबर पर भारतीय सी आती है तो दूसरे नंबर पर भारतीय रेलवे। अब आप यह भी जाने कि भारतीय रेलवे केवल नौकरी नहीं देता है बल्कि यह लोगों को अपने साथ व्यापार करने का मौका भी देता है। आपने भी अपने जीवन में कई बार रेल यात्रा की होगी। दरअसल रेलवे लोगों को एक शहर से दूसरे शहर में पहुंचाने का एक प्रमुख माध्यम (How to get pantry car tender in railway in Hindi) है।

अब जब कभी भी आप रेल से यात्रा करने के लिए रेलवे स्टेशन जाते हैं तो वहां पर आपको कई तरह के दुकाने मिलती हैं जहां पर आपको तरह-तरह का खाना खाने को मिलता है। आज के समय में इन दुकानों में कई तरह की विविधता आ गई है जो बड़े स्टेशन से लेकर छोटे स्टेशन तक अलग-अलग रूप में होती है। इसे रेलवे खुद संचालित नहीं करता है बल्कि यह लोगों को पैंट्री बिजनेस के रूप में देता है। इसे रेलवे का पैंट्री कार बिजनेस कहा जाता है जिसके लिए रेलवे के द्वारा टेंडर निकाला जाता (Train pantry business plan in Hindi) है।

इसलिए यदि आपको भी रेलवे के साथ काम करना है और उसके अंतर्गत पैंट्री कार का बिजनेस शुरू करना है तो आपको एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। आज के इस लेख में हम आपके साथ रेलवे में पेंट्री कार का टेंडर कैसे लें और उसके लिए क्या कुछ किया जाना चाहिए इसके बारे में संपूर्ण जानकारी सांझा करने वाले (Pantry car tender railway in Hindi) हैं।

रेलवे में पैंट्री कार टेंडर कैसे लें? (Railway pantry car tender in Hindi)

रेलवे के साथ बिजनेस करना अच्छा और लाभदायक बिजनेस तो है लेकिन यह बिजनेस सभी को यूं ही नहीं मिल जाता है। इसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है और साथ ही रेलवे के द्वारा बनाए गए सभी तरह के नियमों और शर्तों का पालन करना भी जरूरी होता है। इतना ही नहीं इसके लिए रेलवे के द्वारा टेंडर निकाला जाता है उस टेंडर के लिए बहुत से लोग आवेदन करते (Railway pantry car tender full information in Hindi) हैं।

Railway pantry car tender in Hindi

अब उनमें से रेलवे को किसका आवेदन पसंद आता है और रेलवे के द्वारा किस व्यक्ति को अपने यहां पैंट्री कार खोलने का बिजनेस दिया जाता है इसकी भी एक प्रक्रिया है। हालांकि आप तो केवल रेलवे में पैंट्री कार लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं उसके बाद का सारा कार्य रेलवे विभाग और उनके अधिकारियों पर निर्भर करता है। ऐसे में आप किस प्रक्रिया के तहत रेलवे में पेंट्री कार का टेंडर ले सकते हैं उसके बारे में समुचित जानकारी के लिए चरणबद्ध तरीके से जान लेते (Railway pantry car tender kaise le) हैं।

यहाँ हम आपको चरण दर चरण रेलवे में पैंट्री कार लेने के बारे में जानकारी देने वाले हैं। ऐसे में आइये जाने उसके लिए आपको क्या कुछ करना होगा।

  • सबसे पहले तो आप यह जान लें कि रेलवे में पैंट्री कार का टेंडर देने के लिए डिविजन को आधार बनाया जाता है।
  • आपने भी तरह तरह के डिविजन के नाम सुने होंगे जिन्हें उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण इत्यादि में बांटा गया होता है।
  • ऐसे में रेलवे में जो भी टेंडर निकाले और दिए जाते हैं, वह पूर्ण रूप से इन्हीं डिविजन के आधार पर ही तय किये जाते हैं।
  • ऐसे में यदि आपको भी रेलवे में पेंट्री कार का टेंडर लेना है तो आपको भी डिविजन के आधार पर ही टेंडर के लिए आवेदन देना होगा।
  • अब आप यह मत सोचिये कि यदि आप दक्षिण भारत से आते हैं तो आप उत्तर भारत या पश्चिमी या मध्य भारत में टेंडर लेने के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।
  • देश का कोई भी व्यक्ति रेलवे के किसी भी डिविजन में पैंट्री कार टेंडर के लिए अपना आवेदन कर सकता है और इसके लिए किसी भी तरह की रोक टोक नहीं है।
  • रेलवे के साथ पैंट्री कार का बिज़नेस करने के लिए आपको रेलवे के द्वारा बनायी गयी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जिसका https://ireps.gov.in/ लिंक है।
  • यह वेबसाइट रेलवे विभाग के द्वारा मुख्य तौर पर जारी किये जा रहे टेंडर के बारे में बताने और लोगों का आवेदन मांगने के लिए ही लॉन्च की गयी है।
  • आपको इस वेबसाइट पर क्लिक कर उसे खोलना होगा और वहां उपलब्ध टेंडर के बारे में जानना होगा।
  • यहाँ पर समय समय पर रेलवे विभाग के द्वारा हर डिविजन में निकल रहे टेंडर के बारे में जानकारी दी जाती है और लोगों से उसके लिए आवेदन मांगे जाते हैं।
  • यहाँ आप यह भी जान लें कि सभी तरह के टेंडर की शर्तें और उसके नियम अलग अलग हो सकते हैं। यह नियम टेंडर के प्रकार, डिविजन और रेलवे स्टेशन के प्रकार पर भी निर्भर करते हैं।
  • ऐसे में आप जिस भी टेंडर के लिए आवेदन कर रहे हैं, उससे पहले उसके साथ जोड़े गए सभी तरह के नियमों को अच्छे से पढ़ लेंगे तो बेहतर रहेगा।
  • यदि आप इन नियमों का पालन कर रहे हैं तभी आप रेलवे के अंतर्गत टेंडर को भरें अन्यथा आप किसी और टेंडर के निकलने की प्रतीक्षा कर सकते हैं।
  • अब इस टेंडर के साथ ही उसे भर कर देने के लिए एक फॉर्म भी दिया गया होगा। आप चाहें तो इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भर सकते हैं या फिर इसका प्रिंट आउट भी निकलवाया जा सकता है।
  • ऑनलाइन भर रहे हैं तो आपको उस फॉर्म को अच्छे से पढ़कर और वहां पूछी गयी सभी तरह की जानकारी देकर, उसके साथ अपने डाक्यूमेंट्स की सॉफ्ट कॉपी भी अपलोड करनी होगी। इसके बाद आप दी गयी जानकारी के आधार पर उस फॉर्म को जमा करवा दें।
  • यदि आप फॉर्म को ऑफलाइन अर्थात प्रिंट आउट निकलवा कर भर रहे हैं तो आपको फॉर्म को भर कर दिए गए पते पर भेजना होगा। इसी के साथ ही आपको संबंधित डाक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी भी उसके साथ सलंग्न करनी होगी।
  • जब रेलवे को आपका फॉर्म मिल जाएगा तो उसके बाद वह संबंधित लोगों व अधिकारियों के साथ संपर्क करेगा।
  • रेलवे के अधिकारी आपके पास फोन कर सकते हैं और दी गयी जानकारी को सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए अलग अलग लोगों से बोलियाँ मांगी जाती है और जिसकी बोली सबसे कम होती है और जहाँ से रेलवे को लाभ हो रहा होता है, उसे ही पैंट्री कार का टेंडर मिल जाता है।
  • जैसे ही रेलवे विभाग के द्वारा आपको पैंट्री कार का टेंडर दिया जाएगा तो उसी के साथ ही आपको एक अनुबंध अर्थात एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करके देने होंगे।
  • इस अनुबंध पर रेलवे के साथ बिज़नेस करने और पैंट्री कार खोलने के सभी नियम विस्तार से दिए गए होंगे।
  • यदि आपको रेलवे के साथ काम जारी रखना है तो आपको इन सभी नियमों का पालन करना होगा।

तो कुछ इस तरह से आप रेलवे के साथ पैंट्री कार का बिजनेस कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि आपके पैंट्री कार में भोजन की कीमत, उसकी गुणवत्ता इत्यादि के बारे में रेलवे के नियमों का पालन किया जाना आवश्यक होता है। रेलवे ही निर्धारित करता है कि आपकी दुकान पर कौन सा सामान मिलेगा और उसका मूल्य क्या होगा।

रेलवे के साथ पैंट्री कार का बिज़नेस करने के लिए जरुरी योग्यता (Railway pantry car tender eligibility criteria in Hindi)

अब यदि आपको रेलवे के साथ पैंट्री कार का बिजनेस करना है तो उसके लिए कुछ योग्यताओं का होना आवश्यक होता है। जैसा कि हमने आपके ऊपर ही बताया कि रेलवे पैंट्री कार का टेंडर देते समय कुछ नियमों व शर्तों को रखता है। इन्हीं नियमों व शर्तों को ध्यान में रखते हुए कई लोगों के द्वारा उसके लिए आवेदन किया जाता है। फिर रेलवे के अधिकारी सही लोगों को फोन करते हैं और टेंडर की प्रक्रिया पर आगे बढ़ते हैं।

ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि आपके पास भी रेलवे अधिकारी का फोन आए और वह आपका टेंडर पास कर दें तो आपके अंदर कुछ योग्यताओं का होना आवश्यक होता है। आइए जाने उनके बारे में।

  • इसके लिए आपका काम से कम दसवीं पास होना आवश्यक होता है। जो लोग पढ़े लिखे हुए होते हैं उनको रेलवे की पैंट्री कार का टेंडर आसानी से मिल जाता है।
  • यदि आपका बिजनेस में या खास तौर पर पैंट्री कार में काम करने का पहले का अनुभव है तो आपको रेलवे के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
  • सामान्य तौर पर जिन लोगों को 5 वर्ष या उससे अधिक का पैंट्री कार का अनुभव है उन लोगों को रेलवे के द्वारा पैंट्री का टेंडर दे दिया जाता है।
  • यदि आपके पास पैसों की कमी नहीं है और आप रेलवे के द्वारा मनचाही बोली लगा देते हैं तो भी आपको टेंडर मिल सकता है। ऐसे में उस टेंडर के लिए कितने पैसों की आवश्यकता होगी और रेलवे किस चीज की चाह रख रहा है उसके बारे में पहले ही जान लें।
  • इन सभी के अलावा टेंडर जारी करते समय रेलवे के द्वारा जो नियम व शर्तें रखे गए हैं उन्हें ध्यान से पढ़ें और उनका आकलन करें। यदि आप उन नियमों व शर्तों पर खरे उतरते हैं तो अवश्य ही आपको रेलवे का टेंडर मिल जाएगा।

तो इस तरह से आपके अंदर यदि ऊपर बताई गई योग्यताएं हैं तो आपको रेलवे के द्वारा पैंट्री का टेंडर मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

कितने दिन के लिए मिलता है टेंडर

अब यदि आप सोच रहे हैं कि आपको रेलवे के द्वारा पैंट्री कार का टेंडर मिल गया है तो यह जीवन भर के लिए आपका हो गया तो आप गलत हैं। पहले के समय में ऐसा ही होता था लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रेलवे में कई तरह के परिवर्तन किए गए हैं जिसमें से एक परिवर्तन टेंडर प्रक्रिया और उसको दिए जाने की अवधि के बारे में भी है। अब किसी भी टेंडर पर किसी एक ही ठेकेदार या व्यक्ति का वर्चस्व ना रहे इसके लिए रेलवे ने कई तरह के नियम व शर्तें जोड़े हैं।

नए नियम व शर्तों के अनुसार जिस भी व्यक्ति को रेलवे में टेंडर मिलता है वह केवल अगले 5 वर्ष के लिए मान्य होता है। इसके बाद वह टेंडर किसी नए व्यक्ति को दिया जाता है। यदि उस व्यक्ति को फिर से टेंडर लेना है तो उसे आम व्यक्ति की तरह ही फिर से आवेदन करना होगा। इस प्रक्रिया के तहत रेलवे के द्वारा नए लोगों को भी पैंट्री कार का टेंडर दिया जा रहा है।

टेंडर में दिया जा रहा है लोकल उत्पाद को बढ़ावा

जब से भारत देश में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से ही भारतीय उत्पादों व सेवाओं के बारे में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसी के तहत ही रेलवे में भी सभी तरह के उत्पादों के लिए भारतीय प्रोडक्ट्स को ही प्राथमिकता दी जा रही है। यह बात पैंट्री कार के भोजन और उसमें मिल रहे अन्य प्रोडक्ट्स पर भी लागू होती है। भारतीय रेलवे के द्वारा उन व्यक्तियों को टेंडर दिए जा रहे हैं जो भारतीय प्रोडक्ट्स को अपनी पैंट्री में रखते हैं।

ऐसे में यदि आप भी रेलवे के साथ पैंट्री कार का बिजनेस करने जा रहे हैं तो आपको अपनी दुकान या फुडमार्ट में भारतीय बाजार से बने प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देनी होगी। समय-समय पर रेलवे के अधिकारी भी इसकी जांच करते रहेंगे और इसमें किसी तरह की खुदाई बढ़ती जाती है तो आपका टेंडर निरस्त भी किया जा सकता है।

पैंट्री कार टेंडर का किराया (Indian railway pantry car rate in Hindi)

अब यदि आप यह सोच रहे हैं कि रेलवे में पेंट्री कार का बिजनेस शुरू करने में कितना खर्चा आता है तो इसके लिए कोई निश्चित सीमा नहीं है। वह इसलिए क्योंकि यह संपूर्ण रूप से रेलवे स्टेशन के प्रकार, उसके प्लेटफार्म, स्थिति इत्यादि कई कारकों पर निर्भर करता है। अब कुछ रेलवे स्टेशन ऐसे होते हैं जिन पर सामान्य भीड़ रहती है तो कुछ रेलवे स्टेशन ऐसे भी रहते हैं जहां पर बहुत ज्यादा मात्रा में भीड़ होती है तो कुछ ऐसे भी दिख जाएंगे जहां पर नाम मात्र ट्रेन रूकती है और भीड़ भी बहुत कम होती (Railway pantry car food price in Hindi) है।

ऐसे में किस पैंट्री कार को किस रेलवे स्टेशन पर खोला जा रहा है और वहां पर ट्रेनों और लोगों की आवाजाही कितनी है इसी के आधार पर उससे पैसे अर्थात किराया वसूला जाता है। इसलिए जब आप टेंडर के लिए आवेदन कर रहे होंगे तभी आपको यह दिख जाएगा कि किस रेलवे स्टेशन पर टेंडर खोलने के लिए आपसे कितने रुपए किराए के तौर पर लिए जाएंगे।

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रेलवे में पैंट्री कार टेंडर कैसे लें – Related FAQs

प्रश्न: रेलवे में टेंडर लेने के लिए क्या करना पड़ता है?

उत्तर: रेलवे में टेंडर लेने के लिए आपको रेलवे विभाग की वेबसाइट पर जाकर निकाले गए टेंडर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना आवेदन देना होता है।

प्रश्न: रेलवे में टेंडर कैसे मिलता है?

उत्तर: रेलवे में टेंडर लेने की संपूर्ण प्रक्रिया को हमने सिलसिलेवार तरीके से इस लेख में समझाया है जिसे आप पढ़ सकते हैं।

प्रश्न: क्या हम ट्रेन में पेंट्री कार से गुजर सकते हैं?

उत्तर: निश्चित ही आप ट्रेन में पैंट्री कार से गुजर सकते हैं और इसमें किसी भी तरह की रोकटोक नहीं होती है। हालाँकि किसी किसी परिस्थिति में आपको रोका जा सकता है।

प्रश्न: पेंट्री कार सेवाएं क्या हैं?

उत्तर: पैंट्री कार वह होता है जिसमें आप लोगों के लिए भोजन तैयार करते हैं और उन्हें देते हैं। मुख्य तौर पर रेलवे में पैंट्री कार सेवाओं के लिए टेंडर निकाले जाते हैं।

इस तरह से आज के इस लेख में आपने रेलवे में पेंट्री कार बिजनेस शुरू करने के बारे में संपूर्ण जानकारी ले ली है। इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि यह एक सरकारी कार्य है और इसमें कुछ समय लग सकता है। साथ ही आपको सरकारी नियमों व शर्तों का संपूर्ण ध्यान रखने की आवश्यकता है। यदि आप इसमें से किसी में भी चूक जाते हैं तो न केवल आपको टेंडर्नेस किया जाएगा बल्कि इसके साथ ही आपके ऊपर कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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