प्राइमरी मास्टर (शिक्षक) कैसे बनें? सरकारी अध्यापक कैसे बने? सैलरी और योग्यता

इन दिनों युवाओं में करियर को लेकर बहुत जागरूकता है। अधिकांश छात्र छात्राएं स्कूली शिक्षा खत्म होने से पहले ही यह तय कर लेते हैं कि वह भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। मसलन डाक्टर बनने की इच्छा रखने वाले बायो विषय लेकर पढ़ाई करने लगते हैं तो वहीं इंजीनियरिंग वाले मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री में जुट जाते हैं। ढेरों छात्र छात्राएं प्राइमरी मास्टर बनना चाहते हैं। वह अपने प्रयास से बच्चों के भविष्य को एक नई दिशा देना चाहते हैं।

दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि प्राइमरी शिक्षक यानी प्राइमरी मास्टर कैसे बना जा सकता है? एक प्राइमरी शिक्षक की सैलरी क्या होती है? एक प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? आज इस post के माध्यम से हम आपको प्राइमरी मास्टर बनने से जुड़ी सारी जानकारी मुहैया कराएंगे। आइए शुरू करते हैं।

प्राइमरी मास्टर (शिक्षक) कैसे बनें? प्राइमरी मास्टर का क्या कार्य है?

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है एक प्राइमरी मास्टर यानी प्राइमरी शिक्षक का संबंध प्राइमरी विद्यालय से है। वह प्राइमरी विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने का कार्य करता है। जैसे कि आप पहले से जानते हैं कि शिक्षा का अधिकार यानी RTE (right to education) अधिनियम के तहत कक्षा 1 से 5 तक के स्कूलों के लिए शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं। प्राइमरी मास्टर की तैनाती इसी के तहत होती है। राज्य और केंद्र सरकार अपने अपने प्राइमरी विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की भर्ती करती हैं। इसके लिए समय समय पर अधिसूचना भी जारी की जाती है।

प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए क्या योग्यता है? What is the qualification to be a primary teacher?

मित्रों, अब हम आपको बताएंगे कि प्राइमरी शिक्षक के लिए क्या शैक्षिक और अन्य योग्यता चाहिए। दोस्तों, यह योग्यता इस प्रकार है-

  • अच्छे अंकों के साथ स्नातक यानी graduation
  • डीएलएड (diploma in elementary education) /बीटीसी (basic training certificate)
  • TET/CTET उत्तीर्ण
  • शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण

अच्छा शैक्षिक रिकार्ड आवश्यक | It’s must to have good academic record –

प्राइमरी मास्टर (शिक्षक) कैसे बनें? सरकारी अध्यापक कैसे बने? सैलरी और योग्यता

दोस्तों, आपको एक बात साफ कर दें कि यदि आप प्राइमरी शिक्षक बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हाईस्कूल से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। आपका शैक्षिक रिकार्ड बेहतर होना चाहिए। इसका फायदा आगे मेरिट लिस्ट बनाए जाते समय मिलता है। अभ्यर्थी को इंटरमीडिएट और स्नातक में भी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होना चाहिए। यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी के स्नातक में न्यूनतम 50 फीसदी अंक हों। वह इसलिए क्योंकि बीटीसी/डीएलएड में दाखिला स्नातक की मेरिट के आधार पर होता है। जिसके आधार पर इन कोर्स में दाखिला मिलता है।

बीटीसी/डीएलएड का पाठ्यक्रम क्या है? What is the syllabus of BTC / d.el.ed?

अब हम आपको डीएलएड / बीटीसी के पाठ्यक्रम की जानकारी देंगे। यह चार सेमेस्टर का कोर्स होता है। हर सेमेस्टर के सिलेबस का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार से है-

सेमेस्टर-1

  1. बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया
  2. शिक्षा अधिगम के सिद्धांत
  3. सामाजिक अध्ययन
  4. संस्कृत
  5. हिंदी
  6. गणित
  7. विज्ञान
  8. कंप्यूटर
  9. कला/संगीत/शारीरिक शिक्षा
  10. इंटर्नशिप

सेमेस्टर-2

  1. वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा
  2. प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास
  3. सामाजिक अध्ययन
  4. विज्ञान
  5. गणित
  6. हिंदी
  7. अंग्रेजी
  8. समाजोपयोगी उत्पादक कार्य
  9. कला/संगीत/शारीरिक शिक्षा
  10. इंटर्नशिप

सेमेस्टर-3

  1. शैक्षिक मूल्यांकन
  2. क्रियात्मक शोध एवं नवाचार
  3. समावेशी शिक्षा
  4. विज्ञान शिक्षण
  5. गणित शिक्षण
  6. सामाजिक अध्ययन शिक्षण
  7. हिंदी शिक्षण
  8. संस्कृत शिक्षण
  9. उर्दू शिक्षण
  10. कंप्यूटर शिक्षण
  11. कला एवं संगीत शिक्षण
  12. शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा
  13. इंटर्नशिप

सेमेस्टर-4

  1. आरंभिक स्तर पर भाषा के पठन, लेखन एवं गणितीय क्षमता का विकास
  2. शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन
  3. विज्ञान शिक्षण
  4. गणित शिक्षण
  5. सामाजिक अध्ययन शिक्षण
  6. हिंदी शिक्षण
  7. अंग्रेजी शिक्षण
  8. शिक्षा एवं सतत विकास
  9. कला एवं संगीत शिक्षण
  10. शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा
  11. इंटर्नशिप

बीटीसी/डीएलएड के बाद क्या करना होगा? What to do after BTC / d.el.ed?

प्राइमरी शिक्षक बनने के इच्छुक छात्र छात्राओं को इन कोर्स को करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET/CTET उत्तीर्ण करना पड़ता है। और इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में शिरकत करनी होती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद प्राइमरी शिक्षक बनने का किसी का भी सपना पूरा हो जाता है।

अभ्यर्थी TET/CTET दोनों में बैठ सकते हैं?

जो छात्र राज्य के परिषदीय स्कूलों में अध्यापक बनना चाहते हैं, उन्हें टीईटी उत्तीर्ण करना होता है। जैसे कि उत्तर प्रदेश शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थी को टीईटी करना होगा। जबकि केंद्र सरकार के अधीन स्कूलों में अध्यापक बनने के लिए सीटीईटी करना होगा। दोस्तों, आपको स्पष्ट कर दें कि छात्र छात्राएं अगर चाहें तो दोनों ही परीक्षाओं में भी बैठ सकते हैं।

कई ऐसे राज्य जो स्वयं TET आयोजित नहीं करते, वह CTET वालों को टीचर नियुक्त करते हैं। यह परीक्षा पास करने के पश्चात ही अभ्यर्थी किसी भी सरकारी विद्यालय में शिक्षक के रूप में आवेदन करने के योग्य हो जाता है।

प्राइमरी शिक्षक की सैलरी कितनी है? How much is the primary teacher’s salary?

एक प्राइमरी शिक्षक की सैलरी आकर्षक है। यदि उत्तर प्रदेश की बात करें तो एक प्राइमरी शिक्षक का वेतन 41 हजार के करीब होता है। यह प्रत्येक राज्य में निर्धारित वेतन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। 

प्राइमरी का शिक्षक बनने के लिए देना होगा पेपर-1

प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए आप कक्षा 1 से 5 तक के लिए निर्धारित paper-1 दे सकते हैं। इस परीक्षा में 50 फीसदी अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी पास और दो साल का डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन वाले अभ्यर्थी बैठ सकते हैं। इसके अलावा 50 फीसदी अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी और 4 साल का की बैचलर्स इन एलीमेंट्री एजुकेशन डिग्री हासिल अभ्यर्थी यह परीक्षा दे सकता है।

यदि किसी ने ग्रेजुएशन के साथ डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन किया है तो वह भी इस परीक्षा में शामिल हो सकता है। इसके अलावा 50 फीसदी अंक के साथ ग्रेजुएशन और बीएड करने वाला अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में बैठ सकता है। शर्त यह है कि उसे नियुक्ति के बाद NCTE का छह माह का ब्रिज कोर्स भी करना होगा।

CTET के लिए आवेदन कैसे करें? How to apply for CTET?

जैसा कि आप जानते हैं सीटीईटी यानी CTET की फुल फॉर्म सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट है। इसे हिंदी में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा भी कहा जाता है यह केंद्र सरकार के विद्यालयों (केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय central Tibetan school) के साथ ही इनके नियंत्रण और केंद्र शासित प्रदेशों के इसके नियंत्रण वाले स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए योग्यता परीक्षा है। इसके लिए आवेदन को आपको यह कदम उठाने होंगे-

  • सबसे पहले सीटीईटी की वेबसाइट www.ctet.nic.in पर log in करें।
  • इसके बाद आपके सामने website का main page खुल जाएगा।
  • इस page पर दिए गए link fill the form पर क्लिक करें।इसके बाद आपके सामने फॉर्म की wind खुल जाएगी।
  • साथ ही form में सभी मांगी गई जानकारी को भरें। जैसे नाम, पिता का नाम, मां का नाम, जन्म तिथि, शैक्षिक योग्यता आदि।
  • इस फार्म में आपको अपनी स्कैन्ड फोटो और हस्ताक्षर को भी अपलोड करना होगा। ध्यान रखें कि फोटो इमेज jpg/jpeg format में हो। 30 kb तक।
  • फार्म में आपको एक password भी भरना होगा। आपको बता दें कि यह वह 8 से लेकर 13 अंकों का होगा।
  • Form भरने के बाद एग्जाम फीस जमा करें। परीक्षार्थी ई चालान या ऑनलाइन मोड जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से अपनी फीस जमा कर सकते हैं ।
  • फार्म भरने के बाद एक रजिस्ट्रेशन और एक एप्लीकेशन नंबर जेनरेट हो जाएगा।
  • फीस जमा करने के बाद confirmation page का print out अपने पास रख लें। और साथ ही यह सावधानी भी बरतें कि अपना password किसी को न बताएं।

CTET के लिए आवेदन शुल्क क्या है? What is the application fee for CTET?

अब आपको CTET के आवेदन शुल्क के बारे में बताते हैं। अभी तक सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पेपर-1 के लिए 1000/- शुल्क निर्धारित है। SC/ST अभ्यर्थियों को 500/- चुकाने होंगे। इस आवेदन शुल्क पर जीएसटी भी चार्ज किया जाएगा।

CTET परीक्षा पैटर्न क्या है? What is the CTET exam pattern?

साथियों, हम बता चुके हैं कि पेपर-1 प्राइमरी स्टेज तक के टीचरों के लिए होता है। इस परीक्षा की अवधि ढाई घंटे निर्धारित की गई है। यानी दोनों पेपर के लिए पांच घंटे। यह प्रश्न पत्र 150 अंकों का होता है। इसमें 150 ही प्रश्न पूछे जाते हैं। यानी हर प्रश्र एक अंक का होता है। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं। यानी एक सवाल के चार जवाब यानी विकल्प दिए होते हैं। इनमें से सिर्फ एक ही सही जवाब होता है। किस विषय के कितने प्रश्न आते हैं, उसकी जानकारी इस प्रकार से है-

  1. Child development and pedagogy 30 प्रश्न
  2. language-1 30 प्रश्न
  3. language-2 30 प्रश्न
  4. mathematics 30 प्रश्न
  5. environmental studies 30 प्रश्न

हिंदी या english भाषा में हल कर सकते हैं paper

मित्रों, आपको बता दें कि पेपर हिंदी या english में से किसी भी भाषा में हल किया जा सकता है। child development and padagogy और Language के दोनों मिलाकर कुल तीनों पेपर compulsory हैं। Child development के पेपर के जरिए अभ्यर्थियों की 6 से 11 साल तक के बच्चों के मनोविज्ञान की जानकारी का परीक्षण किया जाता है। मैथ्स में बेसिक कैलकुलेटिव skills जांची जाती हैं। साथियों, environmental studies में जो प्रश्न आते हैं, वह NCERT के निर्धारित सिलेबस से जुड़े होते हैं।

17 भाषाओं में से पेपर के लिए किसी Language को सेलेक्ट कर सकते हैं –

आपको बता दें कि language-1 और language-2 के पेपर के लिए आप 17 भाषाओं में से किसी भी भाषा का चयन कर सकते हैं। यह 17 भाषाएं इस प्रकार हैं-

इंग्लिश, हिंदी, असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगू, उर्दू

Qualify करने के लिए 60 फीसदी अंक जरूरी –

CTET qualify करने के लिए इस परीक्षा में 60 फीसदी अंक लाना आवश्यक है। हम आपको यह भी बता दें कि कई सारे अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जो कि qualifying marks हासिल नहीं कर पाते। ऐसे में अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के लिए भी परीक्षार्थी कई बार इस परीक्षा में बैठते हैं।

CTET कितने साल के लिए मान्य है?

यदि आप CTET qualify कर लेते हैं तो परीक्षा का certificate सात साल के लिए मान्य है। यानी कि इस certificate के आधार पर टीचर भर्ती के लिए आप सात साल तक योग्य होंगे। दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि आप CTET के लिए कितने भी अर्थात जितने चाहें, उतने प्रयास कर सकते हैं।

Reassessment, rechecking की सुविधा नहीं

इस परीक्षा को देने के बाद किसी भी तरह का रिएसेसमेंट, रिचेकिंग आदि नहीं कराया जा सकता। लेकिन हां, यह जरूर है कि अगर आप अपने आवेदन में कोई गलत जानकारी देते हैं तो आपके रिजल्ट को कैंसिल किया जा सकता है। आपके प्रमाण पत्र को जब्त किया जा सकता है। और बहुत से ऐसे भी मामले हैं, जिनमें आपको कानूनी रूप से सजा भी मिल सकती है।

परीक्षा में Negative marking नहीं होती

आपको इस परीक्षा से जुड़ी एक और अहम जानकारी देते हैं और वो ये कि CTET में negative marking नहीं होती। इसका मतलब यह है कि गलत जवाब देने पर भी आपका कोई अंक नहीं कटने जा रहा। ऐसे में आप सारे questions हल कर सकते हैं। चाहे आपको उसका जवाब ठीक से न भी आता हो।

TET में पूछे जाते हैं 150 प्रश्न

जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि राज्य के स्कूलों में नियुक्ति की पात्रता हासिल करने को TET करनी होगी। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में नियुक्ति को ही लें। शिक्षक पात्रता हासिल करने को TET करनी होगी। यह परीक्षा तीन घंटे की होती है। परीक्षा offline मोड में आयोजित की जाती है। परीक्षा में 60% बाल विकास पर आधारित पूछे जाते हैं। कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं। हर सवाल के लिए एक-एक अंक निर्धारित है। यानी कि प्रश्न पत्र 150 अंकों का होता है।

TET के लिए आवेदन शुल्क क्या है? What is the application fee for TET?

शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET के लिए आवेदन करने को सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC अभ्यर्थियों को 400/- रुपए आवेदन शुल्क चुकाना होगा। वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति यानी SC/ST वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह शुल्क 200/- रखा गया है।

TET के लिए आयु संबंधी योग्यता | Age related qualification for TET

TET के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक आवेदन कर सकते हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को तीन साल की छूट दी गई है। वह 18 से लेकर 38 वर्ष तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं, SC/ST अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 40 साल तक रखी गई है। पीएच अभ्यर्थी 18 साल से लेकर 45 वर्ष की आयु तक इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एक बात और साफ कर दें कि ढेर सारे लोगों को यह गलतफहमी होती है कि अगर वह TET)/ CTET qualify कर लेंगे तो उन्हें टीचर के रूप में नियुक्ति मिल जाएगी। ऐसा नहीं है। इस परीक्षा को क्वालीफाई करना इस बात का गारंटी पत्र नहीं है कि आप को नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। समझ लीजिए कि यह टीचर के रूप में आवेदन करने की योग्यता मात्र है।

TET/CTET के लिए तैयारी कैसे करें? How to prepare for TET / CTET?

दोस्तों, अब हम आपको TET/CTET परीक्षा की तैयारी के टिप्स देंगे। आपको यह बताएंगे कि आप कम समय में अच्छी तैयारी कैसे कर सकते हैं। यह tips इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले आपको करीब पांच साल पुराने पेपर लेकर सॉल्व करने होंगे और उनका analysis करके यह देखना होगा कि किस विषय से संबंधित कैसे प्रश्न पूछे गए हैं।
  • जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि इस परीक्षा में ज्यादातर questions एनसीईआरटी के सिलेबस से आते हैं तो इसके लिए आप एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ें।
  • एनसीईआरटी की किताबों की pdf आपको इसकी वेबसाइट ncert.nic.in से हासिल हो सकती है।
  • सबसे अच्छी बात जो इस परीक्षा के साथ है वो ये कि इस परीक्षा में negative marking नहीं है। लिहाजा, आप जितना भी पेपर कवर करेंगे आपको फायदा होगा।
  • अपना time table तैयार करें। सबसे ज्यादा समय उस विषय को दें, जिसमें आपको तैयारी की जरूरत ज्यादा है।
  • लिखित में यानी रोज लिख लिखकर practice करेंगे तो आपको फायदा होगा, क्योंकि इससे आपको पेपर को निर्धारित समय यानी ढाई घंटे के अंदर समाप्त करने का अभ्यास हो जाएगा।

तो साथियों, यह थी प्राइमरी मास्टर (शिक्षक) कैसे बनें? सरकारी अध्यापक कैसे बने? सैलरी और योग्यता के बारे में पूरी जानकारी। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। दोस्तों, यदि इस post के बारे में आपके दिमाग में कोई सवाल या ख्याल है तो उसे आप हमसे साझा कर सकते हैं। आपको उसके लिए नीचे दिए गए comment box में comment करके हम तक भेजना होगा। इसके अलावा अगर कोई सुझाव आपके दिमाग में आ रहा हो तो उसे भी आप हमसे शेयर कर सकते हैं। हमेशा की तरह आपकी प्रतिक्रियाओं का हमें इंतजार है। ।। धन्यवाद।।

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