पावर ऑफ अटॉर्नी क्या है? मुख्तारनामा के प्रकार, खासियत, समय सीमा, रजिस्ट्रेशन

हमारे सामान्य दिनचर्या में कई ऐसे कार्य होते हैं ,जो आसानी से नहीं हो पाते लेकिन हमारे लिए जरूरी भी होते हैं। कई बार ऐसे कार्य को करने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ कार्य को करते समय लोगों को धोखाधड़ी भी होने लगती हैं इस धोखाधड़ी से बचने के लिए कानूनी रूप से कार्य किया जाना उचित माना जाता है। Power of Attorney का उपयोग कानून में बहुत पुराना है लेकिन देखा जाए तो लोग अब जागरूक होने लगे हैं। सामान्यतः पावर ऑफ अटॉर्नी अर्थात मुख्तारनामा का उपयोग प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए किया जाता है जिससे लोगों को आसानी से मदद हो सके।

मुख्तारनामा/ पावर ऑफ अटॉर्नी क्या है? What is Power of Attorney?

पावर ऑफ अटॉर्नी / मुख्तारनामा एक प्रकार का कानूनी दस्तावेज है जिससे लोगों को बिजनेस करने में बहुत ही आसानी हो जाती हैं। जो किन्ही कारणों से अपने कार्य को सही तरीके से संचालित नहीं कर पाते हैं, वे कानूनन इस कार्य को करने में सक्षम हो जाते हैं। सारे नियम और शर्तों को मानते हुए मुख्तारनामा लागू की जा सकती है। यह एक प्रकार का शक्ति पत्र है ,जो की लिखित अनुमति होती है जिसके अंतर्गत निजी मामलों व्यवसाय में किसी दूसरे कानूनी मामले में किसी अन्य की ओर से प्रतिनिधित्व का कार्य करते हैं।

पावर ऑफ अटॉर्नी क्या है? मुख्तारनामा के प्रकार, खासियत, समय सीमा, रजिस्ट्रेशन

लिखित अनुमति के हिसाब से जिस व्यक्ति को प्रतिनिधित्व घोषित किया जाता है उसको एजेंट कहा जाता है और जो व्यक्ति घोषित करता है उसको प्रिंसिपल कहा जाता है। पावर ऑफ अटॉर्नी बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है जिसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना जरूरी होता है।

वित्तीय मामलों में मुख्तारनामा का उपयोग – Use of power of attorney in financial matters

पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग वित्तीय मामलों में किया जाता है। एजेंट प्रिंसिपल के बदले उनके सभी कानूनी वित्तीय लेनदेन दूसरे कार्यों के लिए फैसले ले सकता है। प्रिंसिपल के बदले कोई भी कार्य करने के लिए मान्य होता है। यह सभी फैसले कानूनी रूप से मान्य होते हैं। ऐसा समझा जाता है कि एजेंट को पेशे से वकील होना जरूरी है पर ऐसा नहीं है। एजेंट कभी भी Power of Attorney के दायरे मे जा सकता है। यदि किसी वजह से प्रिंसिपल को कोई नुकसान हो, तो एजेंट को ही सारा नुकसान भरना पड़ता है। कभी-कभी पावर ऑफ अटॉर्नी किसी अचल संपत्ति के मालिकाना हक को ट्रांसफर करने के लिए तैयार की जाती है। मकान की रजिस्ट्री करवाते समय भी मुख्तारनामा का इस्तेमाल किया जाता है।

जब कभी प्रॉपर्टी का मालिक बीमार या किसी दूसरे वजह से कोर्ट में नहीं जा सकता तब पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग किया जा सकता है।

पावर ऑफ अटॉर्नी के प्रकार – Types of Power of Attorney

Power of Attorney कई उद्देश्यों के लिए तैयार की जाती है। यह दो प्रकार की होती है –

  1. General power of attorney
  2. Special power of attorney

1 – जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी – General power of attorney

जब किसी भी व्यक्ति को किसी खास काम के लिए Power of Attorney दी जाए तो ,यह स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी कहलाता है। Power of Attorney में एजेंट कई सारे फैसले लेने में सक्षम होता है। जब कभी प्रॉपर्टी बेचना या खरीदना हो तब यह जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के अंतर्गत आता है।

2 – स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी – Special power of attorney

स्पेशल पावर आफ एटर्नी किसी भी काम के लिए दिया जा सकता है। इस प्रकार के पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से पैसे और संपत्ति के बारे में फैसले लेने की शक्ति मिलती है। प्रबंध बैंक , बिल्डिंग सोसायटी, अकाउंट, बिलों का भुगतान एकत्रित करना और घर बेचने के काम भी आता है। कई बार स्पेशल मुख्तारनामा का उपयोग किया जाता है जिससे सहायता भी प्राप्त होती है। किसी प्रकार की समस्या आने पर भी मामला स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी से मामला सही हो जाता है।

मुख्तारनामा की खासियत – Importance of power of attorney

एक बार सार्वजनिक कार्यालय के साथ पंजीकरण होने पर इसे तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी को कभी भी रद्द किया जा सकता है। यदि वह खत्म हो जाए तो जिसके नाम से मुख्तारनामा बनाई गई है उसके नाम पर एक नोटिस भेजा जाता है। साथ ही रद्द होने की जानकारी भी दे दी जाती है। कभी-कभी जनरल पावर अटॉर्नी रद्द नहीं होते। जनरल पावर आफ एटर्नी का दायरा स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी से बड़ा होता है।

पावर ऑफ अटॉर्नी कब मान्य होती है? When is the power of attorney valid?

पावर ऑफ एटर्नी प्रिंसिपल या एजेंट की मौत के बाद मान्य नहीं रहती है। यदि कभी किसी दुर्घटना में प्रिंसिपल कागजात साइन करने योग्य नहीं रहता ,तो तय की गई Power of Attorney की सीमा खत्म हो जाती है। प्रिंसिपल पावर ऑफ अटॉर्नी को कैंसिल करने का फैसला भी लेता है। कभी-कभी स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी की सहमति से भी खत्म कर दिया जाता है। जो सही फैसला होता है।

मुख्तारनामा/ पावर ऑफ अटॉर्नी का रजिस्ट्रेशन – Registration of power of attorney in Hindi

यदि जनरल पावर आफ एटर्नी का रजिस्ट्रेशन होता है, तो इसका महत्व बढ़ जाता है। यदि किसी जगह पर मामला संपत्ति से जुड़ा हो रजिस्ट्रेशन करवा ही लेना चाहिए। रजिस्ट्रेशन का काम नोटरी भी कर सकते हैं। पावर ऑफ अटॉर्नी के रजिस्ट्रेशन के समय दो सबूतों का होना आवश्यक माना गया है। यदि आगे किसी प्रकार की समस्या होती है तो रजिस्ट्रेशन के होने से फायदा मिल जाता है और किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो पाती है।

Power of Attorney के तहत प्रॉपर्टी की खरीदी, बिक्री का अधिकार जमीन मालिक के परिवार के सदस्यों को ही मिल सकता है जिसमें जमीन मालिकों के माता-पिता ,भाई-बहन और नाती नातिन शामिल हैं। यदि किसी अन्य को प्रॉपर्टी बेची जाए ,तो मुख्तारनामा देने के लिए रजिस्ट्री के बराबर की कीमत होगी।

किसी प्रकार की धोखाधड़ी रोकने के लिए एवं पंजीयन के लिए राज्य शासन को नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया है। पावर ऑफ अटॉर्नी में प्रॉपर्टी बेचने का अधिकार परिवार के सदस्यों को ही होगा। इसके लिए ₹1000 की स्टांप ड्यूटी और ₹500 रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।

पावर ऑफ अटॉर्नी की समय सीमा – Power of attorney deadline

पावर आफ एटर्नी की समय सीमा 1 वर्ष की होती है। किसी वजह से 1 वर्ष के अंदर एजेंट किसी प्रकार का दुरुपयोग करने लगे तो इस स्थिति में न्यायालय में शिकायत दर्ज की जा सकती है। यदि किसी प्रकार की समस्या हो, तो इसे रद्द भी किया जा सकता है।

विदेश में मुख्तारनामा – भारत से बाहर पावर ऑफ अटॉर्नी कैसे बनाई जाती है?

पावर ऑफ अटॉर्नी को विदेश में भी कराया जा सकता है परंतु यदि देश के बाहर कराए जाने की स्थिति में देश आने से 3 माह के अंदर इसे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से मान्यता दिलाना आवश्यक हो जाता है। कई बार ऐसी स्थिति भी आती है ,जब व्यक्ति विदेश में रहे और बगैर आए अपने संपत्ति को बेचना चाहता है ,तो ऐसे में Power of Attorney तैयार कर उसे नोटराइज्ड करा सकते हैं। जिससे कार्य आसान हो जाता है और आगे कोई दिक्कत नहीं आती है।

पावर ऑफ अटॉर्नी और रियल एस्टेट – Power of Attorney and Real Estate

जब संपत्ति खरीदने या बेचने की बात आती है, तो पावर ऑफ अटॉर्नी संपत्ति के शीर्षक को स्थानांतरित करने के लिए वैद्य साधन नहीं है। एक संपत्ति विलेख संपत्ति के शीर्षक को स्थानांतरित करने के लिए जाना चाहिए जिसके बाद खरीदार को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना होगा। विक्रेता को लेनदेन पर पूंजीगत लाभ का बोझ भी उठाना पड़ेगा। एक जनरल मुख्तारनामा के माध्यम से संपत्ति का शीर्षक स्थानांतरित करके इन समस्याओं से बचा जा सकता है। विक्रेता के दृष्टिकोण से एक सामान्य Power of Attorney लेन देन को ले जाने के लिए संभव करता है भले ही वे स्पष्ट संपत्ति किताब ना रखते हो।

कानूनी तौर पर कृषि भूमि को कृषि उपयोग में परिवर्तित किए बिना आवासी उद्देश्यों के लिए बेचा नहीं जा सकता था। अन्य कानूनी प्रतिबंध है जो संपत्ति के मालिकों का जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी से बिक्री में संलग्न होने के लिए संकेत देते हैं। कुछ मामलों में एक परिवार के सदस्य जनरल पावर अटॉर्नी के माध्यम से संपत्ति के अधिकार प्राप्त करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश – Order of supreme court

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह कहा गया है कि पावर ऑफ अटॉर्नी किसी भी अधिकार अचल संपत्ति में रुचि या शीर्षक के संबंध में स्थानांतरण कर एक साधन नहीं है। अदालतों ने भी नगर निकायों को इन दस्तावेजों व आधार पर संपत्तियों को पंजीकृत नहीं करने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय के हिसाब से के माध्यम से किए गए वास्तविक लेनदेन होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि

” कुछ भी प्रभावित पार्टियों को अपना खिताब पूरा करने के लिए पंजीकृत होने से नहीं रोकता है। संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम की धारा 531 तहत विशिष्ट प्रदर्शन प्राप्त करने या कब्जे के बचाव के लिए भी लेन देन का उपयोग किया जा सकता है।”

कानून के हिसाब से पावर आफ एटर्नी अचल संपत्ति में किसी भी अधिकार शीर्षक या ब्याज के संबंध में स्थानांतरण का साधन नहीं है लेकिन जनरल पावर आफ एटर्नी के माध्यम से दिए गए किसी भी वास्तविक लेनदेन को कानून के तहत वैद्य माना जाता है।

आजकल पावर ऑफ अटॉर्नी का तरीका सही माना गया है जहां पर कानूनी रूप से जरूरी दस्तावेजों से अपनी प्रॉपर्टी को सुरक्षित रखा जा सकता है । कानूनी सहायता से कार्य सही तरीके से होते हैं। यह प्रायः परिवार के सदस्यों के लिए होता है जिसे बाहर नुकसान से बचाया जा सकता है। कानूनी रूप से सलाह लेने पर हमें सही जानकारी प्राप्त हो पाती है और हम सही तरीका अपना सकते हैं।

अंतिम शब्द…

साथियों, यह थी पावर ऑफ अटॉर्नी क्या है? मुख्तारनामा के प्रकार, खासियत, समय सीमा से जुड़ी सारी जानकारी। हमें पूरी उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी और आपके बहुत काम आएगी। मित्रों, अगर मुख्तारनामा के बारे में अभी भी कोई संशय आपके मन में चल रहा है तो उसे आप हमसे क्लियर कर सकते हैं इसके लिए आपको नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके हम तक पहुंचाना होगा। अगर किसी अन्य विषय के बारे में आप जानने के इच्छुक हैं तो भी अपनी बात हमसे साझा कर सकते हैं। इसके लिए भी आपको नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करना होगा। हमें आपकी प्रतिक्रियाओं का बेहद इंतजार रहेगा। ।।धन्यवाद।।

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