पशुपालन के लिए लोन कैसे प्राप्त करें? | Pashupalan Loan Kaise Le

|| पशुपालन के लिए लोन कैसे प्राप्त करें? | How to get loan for animal husbandry in Hindi | Pashupalan loan scheme | Pashupalan loan kya hai | How to get loan for animal husbandry in Hindi | Documents required for identity proof | Pashupalan loan kya hai | Pashupalan loan yojana ||

How to get loan for animal husbandry in Hindi, भारत देश अपनी स्वतंत्रता के कई सालों के बाद भी यह मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला देश बना हुआ है। हमारे देश में बहुत से (Pashupalan loan scheme) लोगों के लिए, कृषि शब्द का अर्थ केवल खेत में हल जोत कर दिन रात काम करना और फसलों को उगाना ही होता (How to get loan for animal husbandry in Hindi) है। लेकिन यह कृषि का केवल एक सीमित अर्थ ही है। असलियत में, कृषि शब्द में कई अन्य धाराएँ और भाग शामिल होते हैं।

हमारे देश में पशुपालन कृषि का एक बहुत महत्वपूर्ण भाग है। पशुपालन का अर्थ होता है कि पशुओं के पालन-पोषण और चयनात्मक प्रजनन करना (Pashupalan loan kya hai) है। इस मामले में जानवरों की देखभाल करने वाला व्यक्ति वह किसान ही होता है। किसान देश में दूध, मांस, अंडे, ऊन, खाल की आपूर्ति करने के लिए जानवरों का उपयोग करता है।

भारत में ऐसे कई किसान हैं जो पशुपालन से जुड़े हुए हैं। भारत में खेती करने वाले कई अन्य किसानों की तरह ये पशुपालन करने वाले किसान भी कई बड़ी बड़ी कठिनाइयों से पीड़ित होते हैं और इन्हें भी अपने इस पशुपालन के व्यवसाय को बनाए रखने के लिए निरंतर धन की आवश्यकता होती (Documents required for animal husbandry loan) है। इन किसानों का साथ देने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि उन्हें धन की पहुंच समय पर हो इसके लिए भारत सरकार ने कई लाभकारी योजनाएं भी शुरू की (Pashupalan loan yojana) हैं। इन योजनाओं से हट कर बात की जाए तो कई ऐसे उधारदाता भी होते हैं जो पशुपालन के लिए मुख्य रूप से किसान को लोन उपलब्ध करवाते हैं।

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पशुपालन के लिए लोन कैसे प्राप्त करें? (How to get loan for animal husbandry in Hindi)

भारत ने हमेशा से ही खेती के साथ साथ कृषि पशुधन संसाधनों पर भी जोर दिया जाता है, जिसमें कृषि पशुपालन पर मुख्य रूप से जोर दिया जाता है। विभिन्न सार्वजनिक और निजी कंपनियों की ऐसी कई योजनाएँ हैं जो पशुपालन और कृषि के लिए लोन से संबंधित हैं। ये लोन मुख्य रूप से उन लोगों के लिए होता है जो कि गांव में रहते हैं ऐसा इसीलिए है कि वह लोग बिना किसी और चीज की चिंता किए पशुपालन को अपनाने में सक्षम हो सकें।

पशुपालन के लिए लोन कैसे प्राप्त करें Pashupalan Loan Kaise Le

पशुपालन लोन ख़ास तौर पर मुर्गा पालन, रेशम उत्पादन, सुअर पालन, डेयरी विकास, मत्स्य पालन विकास और मधुमक्खी पालन आदि से संबंधित बुनियादी ढांचे को खरीदने या उसके निर्माण के लिए दिया जाता है। पशुपालन के लिए लोन आमतौर पर अपनी भूमि को गिरवी रखने पर या किसी तीसरे पक्ष के व्यक्ति की गारंटी देने पर ही प्राप्त किया जा सकता है।

पशुपालन लोन की विशेषताएं (Features of Animal Husbandry Loan in Hindi)

किसानों को यह पशुपालन लोन उनके व्यवसाय में आर्थिक मदद देने के लिए दिया जाता है, जिससे की वह अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ा सकें। उधारदाताओं द्वारा किसानों को दिए गए ऋण की विशेषताएं उनके द्वारा बनाए गये गाइडलाइन्स के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। उन गाइडलाइन्स के आधार पर कुछ विशेषताएं निम्न प्रकार से हैं।

लोन की मात्रा (loan amount)

उधारदाताओं द्वारा किसानों को दी जाने वाली लोन की मात्रा आवेदन करने वाले के क्रेडिट प्रोफाइल और लोन देने वाले के गाइडलाइन पर निर्भर करती है। ज्यादातर किसानों को दी जाने वाले लोन की मात्रा उनके द्वारा गिरवी रखी गई संपत्ति या उनका जो प्रोजेक्ट है उसके 75% से 100% तक होती है।

ब्याज की दर (Interest rate)

किसानों द्वारा किसी भी लोन को लेने से पहले उसकी ब्याज दर देखना एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है। लोन लेने पर उसकी ब्याज दर आमतौर पर 7% से 12% प्रति वर्ष के बीच होती है। ब्याज की दर लोन ली गई राशि, आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल और लोन देने वाले की उधार देने की लागत पर निर्भर करती है।

लोन की अवधि (loan tenure)

आम तौर पर किसानों को दिया जाने वाला ये पशुपालन लोन लम्बी अवधि के लिए ही दिया जाता है। इस पशुपालन लोन की अवधि औसत 7 साल से 10 साल तक हो सकती है। लोन देने वाले और लोन लेने वाले के बीच व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गॉइडलाइन के अनुसार इन लोन को आसान और फ्लेक्सिबल ईएमआई में चुकाया जा सकता है।

लोन लेने की प्रकिया में लगने वाली फीस (Loan processing fee)

लोन लेने की प्रक्रिया में लगने वाली फीस को प्रोसेसिंग शुल्क कहा जाता है। यह फीस बहुत ही मामूली होती है जो लोन लेने वाले को लोन की मंजूरी प्राप्त करने के लिए देनी होती है। ज्यादा से ज्यादा प्रोसेसिंग फीस आमतौर पर लोन ली गई राशि का लगभग 5% तक हो सकता है। ये प्रोसेसिंग फीस लोन ली राशि पर ही आधारित होती है और बैंकों की गॉइडलाइन के हिसाब से कम और ज्यादा होती रहती है।

पशुपालन लोन के लिए जरुरी दस्तावेज़ (Documents required for animal husbandry loan in Hindi)

लोन लेने वाले व्यक्ति को लोन देने वाले व्यक्ति या बैंक के द्वारा निर्धारित सभी पात्रता मापदंडों को पूरा करना आवश्यक है तथा इसी के साथ-साथ उनको उनकी सत्यता को प्रमाण करने के लिए कुछ जरुरी दस्तावेजों को भी जमा करने की आवश्यकता होती है।

लोन लेने वाले व्यक्ति के द्वारा दिए गए डाक्यूमेंट्स केवाईसी किये हुए होने चाहिए। इन डाक्यूमेंट्स की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

पहचान प्रमाण के लिए जरुरी डाक्यूमेंट्स (Documents required for identity proof)

लोन लेने वाले व्यक्ति को अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए इनमें से कोई एक दस्तावेज को जमा करना जरुरी होगा।

  • आधार कार्ड
  • वोटर कार्ड
  • राशन कार्ड
  • पैन कार्ड

पते का सबूत देने के लिए दस्तावेज (Documents to provide proof of address)

लोन लेने वाले व्यक्ति को अपने पते का सबूत देने के लिए इनमें से कोई एक दस्तावेज को जमा करना जरुरी होगा।

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • बिजली का बिल
  • व्यापार लाइसेंस

आयु प्रमाण के लिए दस्तावेज (Documents for Age Proof)

लोन लेने वाले व्यक्ति को अपनी आयु का प्रमाण देने के लिए इनमें से कोई एक दस्तावेज को जमा करना जरुरी होगा।

  • पासपोर्ट
  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड

आय का प्रमाण देने के लिए दस्तावेज (Documents to prove income)

लोन लेने वाले व्यक्ति को लोन देने से पहले ये देखा जाता है कि वह लोन को चुका सकता है या नहीं इसके लिए उसकी आय को देखना जरुरी होता है। यह इसीलिए किया जाता है कि वह उस लोन की भरपाई कर सकता है या नहीं।

लोन लेने वाले व्यक्ति को अपनी आय का प्रमाण देने के लिए इनमें से कोई एक दस्तावेज को जमा करना जरुरी होगा।

  • पिछले 2 साल का आई.टी.आर
  • बैंक विवरण
  • संपत्ति के लिए परियोजना की लागत के लिए कोटेशन

सरकार द्वारा पशुपालन के लिए शुरू की गई कुछ योजनाएँ (Some schemes started by the government for animal husbandry in Hindi)

भारत देश की राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कुछ योजनाएं चलाई हैं जिनकी सहायता से किसानों को उनके व्यवसाय के लिए आवश्यक फाइनेंसियल और अन्य प्रकार की सहायता प्राप्त हो सकती है। भारत की केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई कुछ योजनाएं निम्न प्रकार से हैं।

  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन
  • राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्र
  •  2013-14 के दौरान केंद्र प्रायोजित योजना पशुधन स्वास्थ्य रोग नियंत्रण
  • डेयरी उद्यमिता विकास योजना
  • पशुधन बीमा योजना
  • किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • चारा विकास योजना
  • केन्द्रीय भेद पालक बीमा योजना
  • दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध प्रोत्साहन

एक अच्छे पशुपालन लोन का चयन करें (Choose a Good Animal Husbandry Loan in Hindi)

किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का लोन देने के लिए अलग अलग बैंकों के अपने अपने मापदंड व गाइडलाइन होती हैं। किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का लोन लेने से पहले ये कहा जाता है कि वह व्यक्तिगत रूप से बैंकों में जाके संपर्क करके और पता करें कि उनके द्वारा लिए जाने वाले लोन में क्या क्या मापदंड व गाइडलाइन शामिल हैं।

देश के अधिकांश हिस्सों में कई बैंक किसी न किसी प्रकार से कृषि और कृषि से संबंधित चीजों के लिए लोन प्रदान करते हैं, इसलिए आपको अपनी आवश्यकताओं को देखते हुए और उनके बारे में सोचते हुए ही बैंक का चुनाव करना चाहिए। पशुपालन से संबंधित लोन हासिल करने के लिए पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए सरकार की ओर से कई प्रकार की सब्सिडी भी प्राप्त करवाई जाती है। इसलिए, लोन के लिए आवेदन करते समय पशुपालन योजना से संबंधित लाभों के बारे में भी अच्छी तरह से पूछताछ कर लेनी चाहिए।

पशुपालन अवसंरचना विकास निधि योजना (Animal Husbandry Infrastructure Development Fund scheme in Hindi)

अगर आपको अपने लिए पशुपालन फॉर्म का निर्माण करना है, लेकिन आपके पास आपके पास उस फॉर्म के निर्माण के लिए पैसों की कमी हैं तो in पैसों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। इन योजनाओं का लाभ आप अलग अलग प्रकार से उठा सकते हैं। लोगों की पैसों के मामले में मदद करने वाली एएचआईडीएफ (पशुपालन अवसंरचना विकास निधि) सरकार द्वारा चलाई गई एक ऐसी ही योजना है।

भारत सरकार द्वारा एएचआईडीएफ योजना को भारत के किसानों और गांव में रहने वाले लोगों को पशुपालन के बारे मैं बताने और उसमें बढ़ावा देने के लिए ही शुरू किया गया था। भारत देश में छोटे किसानों के लिए पशुपालन पैसे कमाने का है सरल व लाभदायक व्यवसाय है और यह उनके लिए आय का एक अलग ही स्त्रोत हो सकता है। यह फसल की मौसमी खेती करने से और प्राक्रतिक आपदाओं के नुकसान से भी बचा रखता है।

पशुपालन अवसंरचना विकास निधि के उद्देश्य (Objectives of Animal Husbandry Infrastructure Development Fund in Hindi)

हमारे देश के प्रधान मंत्री ने देश के आर्थिक व्यवस्था को सुधारने, आर्थिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए और देशवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं निकाली, जिसमें से एक है पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ)। इसके लिए भारत सरकार ने अलग से 1500 करोड़ रुपए तक का फंड रखा हुआ है।

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यह फंड देश के छोटे किसान, छोटे छोटे व्यवसायों और एमएसएमई जैसे लोगों के लिए पशुपालन निर्माण और उसको विकसित करने के लिए इस फंड को दिया जाता है। इस फंड के उद्देश्य निम्न प्रकार से हैं।

  • पशुपालन व्यवसाय को एक कॉर्पोरेट व्यवसाय समूह के रूप में लाना ही इस योजना के एक मुख्य उद्देश्य है
  • इस योजना के द्वारा दूध और मांस की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और उत्पाद को बढ़ाने के लिए अलग अलग सहायता दी जाती है।
  • उत्पादक द्वारा उत्पाद किये गये प्रोडक्ट की बढ़ी हुई कीमत को हासिल करना।
  • स्थानीय बाजार के लिए अच्छे गुणवत्ता वाले मांस और दूध के निर्माण करना।
  • देश के कई कुपोषित बच्चों के लिए कम दाम के प्रोडक्ट्स के निर्माण करना।

पशुपालन के लिए लोन कैसे प्राप्त करें – Related FAQs

प्रश्न: पशुपालन के लिए लोन खान से प्राप्त किया हजा सकता है?

उत्तर: पशुपालन लोन को किसी भी प्राइवेट या सरकारी के बैंक से प्राप्त किया जा सकता है

प्रश्न: क्या कोई व्यक्ति पशुपालन लोन का पूर्व भुगतान कर सकता है?

उत्तर: हां, पशुपालन के लिए लिया गया लोन भी किसी अन्य लोन की तरह ही प्रीपेड किया जा सकता है। बस लोन देने वाले की गाइडलाइन में यह सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।

प्रश्न: क्या पशुपालन लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, यही आप इस लोन को लेने के लिए पात्र हैं तो आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन लोन देने वाले की वेबसाइट या ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न: लाभार्थी द्वारा किए जाने वाले निवेश की क्या आवश्यकता है?

उत्तर: वर्तमान में, परियोजना लागत का केवल 10% लाभार्थी द्वारा किया जाना आवश्यक है, और बैंक ब्याज की कम दर पर ऋण के रूप में शेष 90% की पेशकश करेगा।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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