नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल आनलाइन रजिस्ट्रेशन, उद्देश्य, पात्रता, दस्तावेज

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यह online का जमाना है। सरकार की ओर से सभी तरह की योजनाओं के लिए online आवेदन प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे समय और पैसे की बचत होती है। सिस्टम पारदर्शी होने से गड़बडियों की आशंका भी बेहद कम हो जाती है। पुरूषों और महिलाओं के साथ ही अन्य श्रेणी यानी ट्रांसजेंडर्स के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए आवेदन की भी सरकार ने आनलाइन सुविधा दी है।

इसके लिए उसकी ओर से नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। आज इस पोस्ट के जरिये हम आपको इसी पोर्टल के संबंध में विस्तार से जानकारी देंगे। मसलन, यह पोर्टल क्या है? इसका उद्देश्य क्या है? इस पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक पात्रता, दस्तावेज क्या क्या हैं? आवेदन प्रक्रिया क्या है? आदि। आइए शुरू करते हैं?

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल यानी NTP क्या है? National transgender Portal In Hindi-

दोस्तों, आपको बता दें कि इस नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने लांच किया है। इस पोर्टल के जरिये ट्रांसजेंडर्स घर बैठे अपना आईडी कार्ड बनवाने के साथ ही अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आप जानते ही हैं कि किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ उठाने के लिए आईडी कार्ड बेहद जरूरी होता है। प्रमाण पत्र बन जाने के बाद ट्रांसजेंडर्स अपनी आवेदन संख्या की सहायता से इन प्रमाण पत्रों को डाउनलोड भी कर सकते हैं।

इस पोर्टल के जरिये उनके लिए प्रमाण पत्र बनवाना सुविधाजनक हो जाएगा। उन्हें विभिन्न विभागों में संबंधित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। यदि आवेदन करने के बावजूद ट्रांसजेंडर्स का परिचय पत्र या प्रमाण पत्र नहीं बन पाता तो संबंधित लाभार्थी इस पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकता है और उसका समाधान प्राप्त कर सकता है। इसके लिए अलग से ग्रीवांस से जुड़ा विकल्प पोर्टल पर दिया गया है।

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल आनलाइन रजिस्ट्रेशन, उद्देश्य, पात्रता, दस्तावेज

एक ट्रांसजेंडर इस पोर्टल के जरिये अपने आवेदन का स्टेटस जानने में भी सक्षम होगा। इसके लिए भी उसे किसी तरह के विभाग में जाकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं होगी।

नेशनल ट्रांसजेंडर्स आनलाइन पोर्टल डिटेल्स –

पोर्टल का नाम नेशनल ट्रांसजेंडर पोर्टल
मंत्रालय केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग
लाभार्थी ट्रांसजेंडर समुदाय
उद्देश्य आईडी कार्ड तथा प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान करना।
आधिकारिक वेबसाइट http://transgender.dosje.gov.in/

Objective of National Transgender Portal –

साथियों, जिस तरह सरकार ने अन्य तमाम नागरिकों को घर बैठे विभिन्न सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों के आनलाइन आवेदन की सुविधा मुहैया कराई है, उसी तरह ट्र्ांसजेंडर्स की सुविधा के लिए उसने यह पोर्टल शुरू किया है। सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि ट्रांसजेंडर लाभार्थी घर बैठे विभिन्न दस्तावेजों के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उन्हें विभागों के चक्कर काटने और इधर-उधर भटकने से छुटकारा मिलेगा।

दूसरी बात यह कि आनलाइन सिस्टम पारदर्शी होने की वजह से वह किसी तरह की बेईमानी का शिकार होने से बचेंगे। आपको तो पता ही है कि सुविधा मुहैया कराने के नाम पर विभिन्न विभागों में कई ऐसे फर्जी लोग सक्रिय रहते हैं, जो लोगों से पैसे एंठने का काम करते हैं। ट्रांसजेंडर्स इस स्थिति से बच सकेंगे। कई बार देखा गया है कि विभिन्न पुरूषों और महिलाओं का ट्रांसजेंडर्स के साथ व्यवहार ठीक नहीं होता, वह आनलाइन आवेदन करने से इस तरह की असहज स्थिति से भी दो-चार नहीं होंगे। एक फायदा यह भी है कि निर्धारित समय में उनके दस्तावेज तैयार होंगे।

वह इनका प्रिंट लेकर इस्तेमाल कर सकेंगे। विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। आपको बता दें कि केंद्र सरकार का इस पोर्टल को आरंभ करने का एक सबसे बड़ा उद्देश्य देश के नागरिकों में समानता लाना भी है, ताकि ट्रांसजेंडर्स स्वयं को अन्य वर्ग/लिंग से अलग न समझें। उनके मन में एक नागरिक होने के नाते समानता का भाव जन्म ले। आपको बता दें कि आज भी उन्हें दोयम दर्जे का समझा जाता है। समाज में उन्हें हेय दृष्टि से देखा जाता है। यह पोर्टल कम से कम उनके लिए सुविधाओं संबंधी सहूलियत का एक माध्यम बनेगा।

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक पात्रता और दस्तावेज-

मित्रों, हमने अभी आपको बताया कि नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल क्या है। अब हम आपको बताएंगे कि इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आपकी पात्रता क्या होनी चाहिए और उसके लिए आवश्यक दस्तावेज क्या क्या हैं। यह इस प्रकार से हैं-

  • आवेदक भारत का स्थायी निवासी हो।
  • आवेदक का आधार कार्ड।
  • और आवेदक का राशन कार्ड।
  • आवेदक का निवास प्रमाण पत्र।
  • आवेदक का आय प्रमाण पत्र।
  • एंव आवेदक का मोबाइल नंबर
  • आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

आपको यह भी बता दें कि यदि आप रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक कोई भी दस्तावेज मुहैया नहीं करा पाते तो आपका रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो सकेगा और रजिस्ट्रेशन के अभाव में किसी भी सुविधा के लिए आवेदन कर सकना आपके लिए संभव  नहीं होगा।

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया-

साथियों, अब आपको बताते हैं कि आप नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किस प्रकार से कर सकते हैं। यह एक बेहद आसान सी प्रक्रिया है। इसके लिए आपको यह स्टेप्स फाॅलो करने होंगे-

  • सबसे पहले आपको नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट http://transgender.dosje.gov.in/ पर जाना होगा। आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल जाएगा।
  • इस पेज पर आपको register here के link पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपके सामने रजिस्ट्रेशन फाॅर्म खुल जाएगा।

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

  • आगे इस फाॅर्म में आपको पूछी गई सभी जानकारी मसलन आपका नाम, ईमेल, पता, मोबाइल नंबर, राज्य आदि भरना होगा। इसके बाद आपको रजिस्टर के option पर क्लिक करना होगा।
  • इस तरह से नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल पर आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल पर इस तरह login करें-

दोस्तों, पोर्टल पर registration करने के बाद अब बारी आती है login करने की। आपको बता दें कि आप इस प्रकार से कदम दर कदम चलते हुए पोर्टल पर login कर सकते हैं-

नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल से आईडी कार्ड ऐसे डाउनलोड करें-

यदि आप आईडी कार्ड बन जाने के बाद उसे नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल से डाउनलोड करना चाहते हैं तो आपको इस प्रक्रिया का पालन करना होगा-

  • सबसे पहले नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल जाएगा।
  • यहां आपको user name, password और captcha code डालना होगा। इसके बाद आपको लाॅगिन के option पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। आपको यहां अपनी आवेदन संख्या दर्ज करनी होगी।
  • इसके पश्चात आपका आईडी कार्ड स्क्रीन पर show हो जाएगा। आप इसे download कर इसका print ले सकते हैं।

भारत में चार लाख से भी अधिक ट्रांसजेंडर्स हैं-

साथियों, आपको बता दें कि भारत में ट्रांसजेंडर्स की संख्या लाखों में हैं। यदि देश की 2011 की जनगणना को आधार माना जाए तो उनकी संख्या 4,87,803 है। वह कुल जनसंख्या का 0.04 प्रतिशत हिस्सा हैं। 2021 की जनगणना में निश्चित रूप से उनकी संख्या में भी इजाफा देखने को मिलेगा। आपको बता दें कि यह खुद को पुरूष या महिला के तौर पर नहीं, बल्कि अन्य के तौर पर परिभाषित करते हैं। Trans का अर्थ है परे या पार और gender का मतलब है लिंग।

अप्रैल, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कानून में ट्रांसजेंडर्स को थर्ड जेंडर (third gender) यानी तीसरा लिंग घोषित किया है। इनका हिंदू पौराणिक कथाओं में भी लंबा इतिहास रहा है। उन्हें लेकर ट्रांसजेंडर्स अधिकार संरक्षण अधिनियम (TRPA) भी लाया गया, ताकि एक मानव के तौर पर उनके तमाम अधिकारों की सुरक्षा की जा सके।

आपको बता दें कि देश में अधिकांश ट्रांसजेंडर्स की स्थिति अच्छी नहीं। वह सब साथ मिलकर शहर की किसी कालोनी या बस्ती में रहते हैं। ज्यादातर का काम बधाई देने और ट्रेन या अन्य वाहनों में लोगों से शुक्राना लेकर चलता है। इस बीच कई बार लोगों से अधिक पैसे वसूले जाने को लेकर उनकी बहस भी होती है। ज्यादातर लोग उनके व्यवहार से डरकर तुरंत उनकी मांगी गई राशि देने में गुरेज नहीं करते।

लेकिन एक पहलू यह भी है कि शिक्षा का प्रसार होने से धीरे-धीरे उनमें जागरूकता बढ़ी है। हाल ही में एक ओपन यूनिवर्सिटी एक पूरा किन्नरों का बैच पास आउट होकर निकला है। इससे साबित होता है कि स्थितियां धीरे धीरे ही सही बदल रही हैं। अपने हकों को लेकर भी इनमें जागरूकता का प्रसार हुआ है। लेकिन जरूरत अभी भी इस बात की है कि लोग इनके प्रति अपनी सोच बदलें। इसी से समाज में इनके प्रति लोगों की स्वीकार्यता में बढ़ावा देखने को मिलेगा।

इन्होंने दिखाया कि थर्ड जेंडर भी किसी से पीछे नहीं

मित्रों, बात यदि उपलब्धियों की करें तो थर्ड जेंडर कहीं भी अन्य जेंडर्स से पीछे नहीं हैं। सबसे पहले बात शबनम मौसी की। शबनम मौसी ने सन् 2000 में विधायक बनकर देश को नई राह दिखाई। हैदराबाद की रहने वाली शबनम मौसी की जीत ने देश भर के ट्रांसजेंडर्स के लिए नए दरवाजे खोले थे। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में महिला काॅलेज की प्रिंसिपल मानबी बंधोपाध्याय देश की पहली ट्रांसजेंडर काॅलेज प्रिंसिपल हैं।

इससे पहले वह विवेकानंद संतोवार्षिकी महाविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर भी रहीं। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की रहने वाली मधु किन्नर ने 2015 में मेयर का चुनाव जीतकर इतिहास रचा। वहीं, कोयंबटूर के आरएसपुरम में पली-बढ़ीं पदमिनी प्रकाश के नाम देश की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर बनने का रिकार्ड है। इससे पूर्व सन 2001 में आशा देवी को गोरखपुर महानगर की महापौर चुना गया। उनका चुनाव चिन्ह चूड़ी था।

आशा देवी के चुनाव प्रचार की कमान भी उस समय मध्य प्रदेश की विधायक किन्नर शबनम मौसी ने संभाली थी। उन्होंने इस दौरान कई जनसभाएं की थीं और जनता को आशा देवी के पक्ष में वोट करने का काम किया था। स्थानीय किन्नर भी आशा देवी के साथ जुटे थे। 2013 में आशा देवी का आकस्मिक निधन हो गया।

दोस्तों, आपको बता दें कि केवल भारत ही नहीं, विदेश में भी ट्रांसजेंडर्स के हाथ जनता ने अहम सत्ता सौंपी है। 55 साल की मैरी काउ फ्रांस में चुनी गई पहली मेयर हैं। अब सुरक्षा बलों में भी थर्ड जेंडर्स को नियुक्त किए जाने पर विचार चल रहा है। इस तरह आपने देखा कि थर्ड जेंडर ने भी अन्य लोगों की तरह अपनी मेहनत और लगन से वह मुकाम हासिल किया, जिसे पाने में अच्छे अच्छों की जिंदगी लग जाती है।

दोस्तों, हमने आपको नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल से संबंधित जानकारी दी। यदि आप इसी तरह अन्य किसी महत्वपूर्ण योजना के बारे में जानना चाहते हैं तो हम तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। इसके लिए आपको नीचे दिए गए कमेंट बाॅक्स में कमेंट करना होगा। यदि नेशनल ट्रांसजेंडर्स पोर्टल को लेकर भी आपका कोई सवाल हैं तो आप कमेंट बाॅक्स के जरिए हम तक पहुंच सकते हैं। ।।धन्यवाद।।

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