National Girl Child Day 2022 | राष्ट्रीय बालिका दिवस कब है?

बालिकाओं को समाज में समानता लाने के लिए भारत सरकार द्वारा हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का शुभारंभ भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 24 जनवरी 2008 को किया गया था। इस कार्यक्रम को इसलिए शुरू किया गया था। ताकि समाज में महिलाओं को समान सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। प्रत्येक वर्ष की तरह भी इस वर्ष भी भारत सरकार द्वारा 14 वा National Girl Child Day को मनाया जा रहा है।

हर वर्ष देश की सभी राज्य सरकारें अपने अपने तरीके से राष्ट्रीय बालिका दिवस को मनाते है। लेकिन अभी भी हमारे बीच ऐसे कई नागरिक हैं जिन्हें राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है? इसका महत्व क्या है? तथा राष्ट्रीय बालिका दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? क्या आपको पता है राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को क्यों मनाया जाता है?

अगर आप भी इन सभी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त  हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है तो आइए जानते हैं राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022 | National Girl Child Day 2022

हमारे समाज में पहले से ही लड़का लड़की के बीच काफी मतभेद होता आ रहा है जिसकी वजह से बालिकाओं को अमानताओं, अलैंगिक मतभेदों के कारण कई समस्याएं झेलनी पड़ती थी। जिसे देखते हुए भारत सरकार ने देश भर की सभी बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने बालिका शिक्षा के महत्व और उनके स्वास्थ्य तथा पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत सरकार के द्वारा हर वर्ष 24 जनवरी को National Girl Child Day 2022 मनाया जाता है।

इस कार्यक्रम को शुरू करने का सबसे महत्वपूर्ण कारण कन्या भ्रूण हत्या तथा यौन शोषण जैसे सभी मुद्दों पर बालिकाओं और पूरे देशवासियों को जागरूक करना है ताकि देश में बालिकाओं को असमानताओं, अधिकारों, शिक्षा स्वास्थ्य एवं अलैंगिक मतभेदों का सामना करना ना पड़े। और देश की बालिकाओं को उनके सभी अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके ताकि वह अपने अधिकारों का सदुपयोग करके समाज में सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें।

National Girl Child Day 2022 | राष्ट्रीय बालिका दिवस कब है?

राष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास | History of National Girl Child Day 2022

राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है इसके बारे में जानने से पहले हम इसके इतिहास पर एक नजर डाल लेते हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2008 में शुरू किया गया था।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत बालिकाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनका सशक्तिकरण तथा असमानता के बारे में जागरूक करने के लिए आज ही के दिन यानी 24 जनवरी को भारत की सभी राज्य सरकारों के द्वारा कई कार्यक्रम जैसे-

सेव द गर्ल चाइल्ड, चाइल्ड सेक्स रेश्यो आदि के साथ – साथ बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए कई अन्य जागरूकता कार्यक्रम को भी शुरू किया गया था।

इतना ही नहीं 24 जनवरी को ही भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने भी प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की थी। आज भी National Girl Child Day को सभी राज्य की सरकारें लड़कियों को जागरूक करने के लिए अपने स्तर पर अलग – अलग तरीके से मनाती है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस का महत्व

एक समय था जब किसी परिवार में बेटी का जन्म होता था तो उसे बाल विवाह जैसी कुप्रथा से गुजरना पड़ता था। लेकिन आज के समय में कोई भी क्षेत्र को हर क्षेत्र में बेटियां अपना परचम लहरा रहे हैं जिसकी वजह से जिस घर में आज बेटी पैदा होती है उस घर के सभी सदस्यों का सर गर्व से उठ जाता है। लेकिन समाज में अभी भी कई ऐसे लोग हैं जो अलैंगिक के कारण बेटियों को आगे नहीं बढ़ने देती।

इसी समस्या को देखते हुए तथा बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने बेटियों के लिए कई कानून और अधिकार प्रदान किए हैं जिनके बारे में सभी बालिकाओं मैं जागरूकता फैलाने के लिए 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रुप में मनाया जाता है।

जिसमें पूरे देश के समस्त राज्य की राज्य सरकारें अलग अलग तरीके से बेटियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

भारत मे लड़कियों की स्थिति

आज भारत सरकार राज्य में बालिकाओं का स्तर सुधारने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिकाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने तथा उनका सशक्तिकरण करने में अहम कदम उठा रही है। जहां पहले के समय में बालिकाओं को बाल विवाह जैसी कुप्रथा में जोर दिया जाता था।

वही भारत सरकार ने इस प्रथा पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है इसके अलावा भारत सरकार ने लिंग मतभेद को पूर्ण रूप से रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड परीक्षण के द्वारा लिंग भेदभाव को भी गैरकानूनी करार दे दिया है।

बालिकाओं के स्वास्थ्य और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए भी सरकार कई तरह की सुविधाएं प्रदान कर रही है इसके अतिरिक्त गरीब परिवार की बेटियों को आर्थिक रूप से पढ़ाई तथा शादी के लिए मदद प्रदान करने के लिए भी सरकार के द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं।

जिसकी जानकारी बालिकाओं तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस तथा 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाती है।

लड़कियों के लिए सरकार के उठाये गए कदम

भारत सरकार हमारे समाज में मौजूद पितृसत्तात्मक प्रकृति की वजह से महिलाओं खा स्तर पर लड़कियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

भारत की सभी लड़कियों के अस्तित्व सुरक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा कन्या भ्रूण हत्या को पूर्ण रूप से रोकने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार ने मिलकर सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं जो समाज में बालिकाओं की स्थिति सुधारने तथा उनका सशक्तिकरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं-

कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना

लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण ज्ञान प्रदान करने तथा सीखने की प्रक्रिया में मजबूती लाने के उद्देश्य से वर्ष 2014 में इस योजना को शुरू किया गया था। जिसके अंतर्गत अभी तक लगभग 3.6 लाख छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करके एक बेहतर भविष्य बना चुकी है।

बालिका समृद्धि योजना

हमारे देश की सरकार द्वारा बालिकाओं को शिक्षा में मदद प्रदान करने के लिए अगस्त 1997 में बालिका समृद्धि योजना को शुरू किया गया। ताकि बालिका उच्च शिक्षा प्राप्त करके समाज की प्रगति में अपना हाथ बढ़ा सकें।

इस सरकारी योजना का लाभ ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाली बालिकाओं के भविष्य को बेहतर बनाने तथा उन्हें शिक्षित करने के लिए शुरू की गई है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

समाज में हो रहे बाल लिंगानुपात की धारणा को खत्म करने तथा लड़कियों के अस्तित्व सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2015 में इस सरकारी योजना को लांच किया गया था।

जिसे खासतौर पर बालिकाओं के उज्जवल भविष्य और ज्वलंत मुद्दों को हल करने के लिए तैयार किया गया था। आज भी सरकार इस योजना के अंतर्गत कई बालिकाओं को लाभ प्रदान कर रही है।

सुकन्या समृद्धि योजना

जो अभिभावक अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए पैसे जमा करना चाहते हैं उनके लिए वर्ष 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना को शुरू किया गया था।

जिसके अंतर्गत अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर बैंक अकाउंट ओपन करा कर उच्च ब्याज हासिल कर सकते हैं वह भी एकदम टैक्स फ्री ताकि उनकी बालिका उच्च शिक्षा हासिल कर सकें।

Sukanya Samriddhi Yojana के अंतर्गत खाता खोलने के लिए आपको प्रारंभिक रूप में न्यूनतम ₹1000 जमा करके खाता खोलना होगा। इसके पश्चात आप 100 रुपए के गुणकों में पैसे जमा कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत न्यूनतम ₹1000 और अधिकतम डेढ़ लाख रूपय प्रतिवर्ष खाते में जमा किया जा सकता है।

यदि अभिभावक माता पिता की दो बेटियां हैं। तो Sukanya Samriddhi Yojana 2022 खाते में डेढ़ लाख- डेढ़ लाख कुल मिलाकर ₹300000 जमा कर सकते हैं।

साक्षर भारत मिशन

शिक्षा एवं साक्षरता विभाग व मानव संस्थान विभाग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के शुभ अवसर पर साक्षर भारत मिशन को शुरू किया गया था।

जिसके अंतर्गत महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। ताकि महिलाएं शिक्षित होकर अपने खिलाफ हो रहे अत्याचारों से लड़कर अपने अधिकारों को जान सकें।

National Girl Child Day FAQ

राष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाया जाता है?

राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को पूरे देश में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है?

बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा समाज में उन्हें सशक्त तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत कब हुई?

24 जनवरी 2008 को राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा की गई थी।

आज हमने अपने इस लेख के माध्यम से National Girl Child Day 2022 से जुड़ी सभी जानकारी को आपके साथ साझा किया है। मैं आशा करती हूँ कि आपको इस लेख में National Girl Child Day 2022 से जुड़ी तमाम जानकारी मिल गयी होंगी।

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