(MSSY) उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना आवेदन, एप्लीकेशन फॉर्म, उद्देश्य, लाभ, शर्तें

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देश में बेरोजगारी अपने चरम पर है। बड़ी बड़ी डिग्री हासिल युवा एक अदद नौकरी के लिए जूते चटकाते घूम रहे हैं या फिर एक ऐसी नौकरी करने को मजबूर हैं, जो उनकी योग्यता के सामने कुछ नहीं। दोस्तों, बेरोजगारी का आलम तो यह है कि सरकार की ओर से निकाली गई नाला गैंग की भर्ती के लिए एमबीए पास युवकों तक ने आवेदन किया था। कमोबेश लगभग हर राज्य में बेरोजगारी की यही स्थिति है।

नौकरियों के हालात को देखते हुए तमाम राज्यों की सरकारें अपने यहां युवाओं को रोजगार देने के लिए स्वरोजगार योजनाओं की घोषणा करती है। उत्तराखंड की सरकार भी युवाओं के लिए ऐसी ही एक स्वरोजगार योजना लेकर आई है। इसका नाम सीएम सौर स्वरोजगार योजना दिया गया है। आज इस पोस्ट में हम आपको इसी योजना के विषय में विस्तार से जानकारी देंगे, जैसे कि उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना क्या है? इसके तहत किसको रोजगार हासिल होगा? योजना के तहत क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं? आदि। आइए शुरू करते हैं-

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना क्या है?

दोस्तों, उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 8 अक्टूबर, 2020 को उद्घाटन किया है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के 10 हजार युवाओं और उद्यमियों को 25-25 किलोवाट के सोलर प्रोजेक्ट दिए जाएंगे। उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के साथ ही बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार दिए जाने की तैयारी है। यह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसे सफल बनाने के लिए अधिकारी जी जान से जुटे हुए हैं।

(MSSY) उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना आवेदन, उद्देश्य, लाभ, शर्तें

Mukhyamantri Saur Swarojgar Yojana 2020 Details –

योजना का नाममुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना
किसके द्वारा शुरू की गयीमुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी 
लाभार्थीराज्य के बेरोजगार युवा ,किसान ,प्रवासी
उद्देश्यरोजगार के अवसर प्रदान करना
ऑफिसियल वेबसाइट https://msy.uk.gov.in/frontend/web/index.php

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना का उद्देश्य –

उत्तराखंड में सरकारी नौकरियां बहुत ज्यादा नहीं रह गई है। ऐसे में सरकार लगातार युवाओं से स्वरोजगार का आह्वान कर रही है। वह चाहती है कि युवा उद्यमी बन दूसरे युवाओं को भी काम मुहैया कराए। युवाओं के लिए स्वरोजगार सुलभ कराने के लिए ही वह यह सीएम सौर स्वरोजगार योजना लेकर आई है, ताकि बेरोजगारी कम हो, इसके साथ ही कोरोना संक्रमण काल के दौरान बाहरी राज्यों से प्रदेश लौटे युवाओं को भी काम मिल सके और वह अपनी आजीविका चलाने के साथ ही दूसरे युवाओं के लिए भी आजीविका के साधन सृजित कर सकें।

इसके अतिरिक्त ग्रीन एनर्जी यानी हरित उर्जा को बढ़ावा देना भी इस योजना का खास उद्देश्य है ताकि रोजगार सृजन के साथ ही उर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण भी हो सके। बता दें कि उत्तराखंड के पहाड़ी जिले अपनी बेहतरीन आबोहवा के लिए जाने जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे अतिक्रमण के चलते यहां की आबोहवा प्रभावित होने लगी है। ऊर्जा के अन्य विकल्प प्रदूषण पैदा करने वाले हैं, इसीलिए सरकार उनका इस्तेमाल सीमित किए जाने पर जोर दे रही है।

सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए आवेदन को आवश्यक शर्तें –

यह सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए सरकार की ओर से कुछ शर्तें और नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक उत्तराखंड का निवासी हो और दूसरी आवश्यक शर्त यह है कि उसके पास 300 वर्ग मीटर जमीन होनी आवश्यक है। आपको यह भी बता दें कि सोलर पावर प्रोजेक्ट की 63 केवीए के ट्र्ांसफार्मर से दूरी पहाड़ में 300 मीटर और मैदानी क्षेत्रों में 100 मीटर होनी चाहिए। इसके बाद ही वह सोलर प्रोजेक्ट के लिए आवेदन कर सकेगा।

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना हेतु पात्रता –

  • (i) यह योजना केवल उत्तराखण्ड के स्थायी निवासियों हेतु ही मान्य होगी।
  • (ii)इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के उद्यमशील युवक, ग्रामीण बेरोजगार एवं कृषक जो 18 वर्ष से अधिक आयु के होंगे, प्रतिभाग कर सकते है।
  • (iii) इस योजना में प्रतिभाग हेतु शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नही होगी।
  • (iv) पइस योजना में एक व्यक्ति को केवल एक ही सोलर पावर प्लान्ट आवंटित किया जायेगा।

प्रोजेक्ट की लागत 10 लाख, सात लाख का मिलेगा लोन –

दोस्तों, आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब दस लाख रूपये अनुमानित है। इसमें सोलर पैनल लगाने के लिए सहकारी बैंक से सात लाख रूपए का लोन लिया जा सकेगा, जिस पर आठ प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना होगा। कुल दो लाख रूपये मार्जिन मनी के रूप में एमएसएमई के तहत समायोजित किए जाएंगे। यानी कि आवेदक को अपने स्तर पर केवल एक लाख रूपये लगाने होंगे।

आपको यह भी बता दें कि योजना के तहत स्टांप ड्यूटी का 49 हजार रूपये भी माफ किए गए हैं। यह सभी रियायतें देने का मकसद केवल इतना ही है कि स्थानीय युवा और बाहर से लौटे प्रवासी सरकारी की ओर से शुरू की जा रही स्वरोजगार प्रदान करने वाली इस योजना का बढ़ चढ़कर लाभ उठाएं।

बिजली खरीद को यूपीसीएल से होगा 25 साल का करार –

मित्रों, आपको बता देंगे कि सौर उर्जा यानी सोलर पैनल लगाने के बाद बिजली की खरीद को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड यानी यूपीसीएल से 25 साल का करार किया जाएगा। अनुमान लगाया गया है कि प्लांटों से 38 हजार यूनिट बिजली उत्पन्न होगी। तय किया गया है कि इसे चार रूपये से ज्यादा प्रतियूनिट की दर से यूपीसीएल खरीदेगा। एक प्लांट से सालाना 1.70 लाख की बिजली पैदा होगी।

बैंक की किश्त, मेंटिनेंस आदि की राशि काटने के पश्चात सोलर पैनल लगाने वाले को सालाना करीब 70 हजार रूपये की बचत होगी।लोन खत्म होने के बाद 14 हजार रूपये की कमाई सोलर पैनल लगाने वाला घर बैठे कर सकेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों के लिए घर बैठे यह राशि संतोषजनक कही जा सकती है। रोजगार की जद्दोजहद में बाहर जाने वाले अपना रहने, खाने का खर्च निकालकर लगभग इतनी या इससे थोड़ी ज्यादा या कम राशि ही बचा पाने में कामयाब हो पाते हैं। ऐसे में यदि उन्हें अपने गांव, घर में इतनी राशि की कमाई हो रही है तो उसे बहुत ज्यादा न सही, लेकिन कम नहीं माना जा सकता।

आपको बता दें कि दोस्तों कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और बैंकों को भी खास निर्देश दिए हैं कि योजना को लेकर समन्वय बनाकर काम किया जाए। किसी भी आवेदक को आवेदन में किसी संबंध की परेशानी न होने दी जाए।

मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना 2021 में आवेदन कैसे करे?

1. इस योजना हेतु उरेडा द्वारा Online Portal https://msy.uk.gov.in/frontend/web/index.php पर आवेदन आमंत्रित/प्राप्त किये जा रहें हैं। आप यहाँ क्लिक करके डायरेक्ट वेबसाइट पर जा सकतें हैं और आवेदन फॉर्म भर सकतें हैं।

2. आवेदन के साथ प्रत्येक लाभार्थी को रू0 500/- (जी0एस0टी0 सहित) आवेदन शुल्क के रूप में निदेशक, उरेडा, देहरादून के पक्ष में बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा कराया जाना होगा अथवा उरेडा के खाता सं0 4422000101072887,] IFSC Code: PUNB0442200, ब्रांच: विधानसभा में जमा कराया जाना होगा।

3.प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी हेतु प्रत्येक जनपद में निम्नानुसार ‘तकनीकी समिति’’ गठित की जायेगी :-

  • महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि।
  • यू0पी0सी0एल0 के सम्बन्धित जनपद के अधिशासी अभियन्ता।
  • जिला सहकारी बैंक के प्रतिनिधि।
  • उरेडा के जनपदीय अधिकारी, (समन्वयक)।

4. तकनीकी रूप से उपयुक्त पाये गये आवेदकों को परियोजना का आवंटन जनपद स्तर पर निम्नानुसार गठित समिति द्वारा किया जायेगा: –

  • जिलाधिकारी अथवा उनके द्वारा नामित मुख्य विकास अधिकारी – अध्यक्ष।
  • महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र – सदस्य।
  • अधिशासी अभियन्ता, यू0पी0सी0एल0 – सदस्य।
  • सम्बन्धित जनपद के सचिव/महाप्रबन्धक, जिला सहकारी बैंक – सदस्य।
  • वरि0 परि0 अधिकारी/परियोजना अधिकारी, उरेडा – सदस्य सचिव।

महत्वपूर्ण लिंक – 

इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने की भी कवायद –

साथियों, आपको बता दें कि सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने की इस महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजना के तहत इंटीग्रेटेड फार्मिंग को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। यानी कि जिस जमीन पर सोलर पैनल लगाा जाएगा उसी जमीन पर मौन पालन के साथ ही फल, सब्जी, जड़ी बूटी उत्पादन को भी सरकार बढ़ावा देगी। इसके लिए उसकी ओर से प्लांट वाली जमीन पर जलवायु आधारित औषधीय सगंध पौधे मुफ्त में वितरित किए जाएंगे। ताकि जमीन पर इनकी खेती से भी आय प्राप्त की जा सके।

दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए यदि जमीन का लैंडयूज बदलने की जरूरत पड़ेगी तो उसके लिए भी मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश रिए हैं। साफ कहा कि है कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। सीएम की महत्वाकांक्षी योजना होने के नाते इसका प्रचार प्रसार भी खूब किया गया है और अधिकारी अपनी ओर से भी आवेदकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

उत्तराखंड में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या –

देश के अन्य कई राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो बीते 2019 के दिसंबर महीने तक राज्य में 7,69,077 रजिस्टर्ड बेरोजगार थे। हकीकत में तो संख्या इससे कहीं अधिक ही होने की संभावना है। सरकार आम तौर पर युवाओं के लिए रोजगार मेलों का भी आयोजन करती है, ताकि उन्हें आन द स्पाॅट रोजगार मुहैया कराया जा सके, लेकिन इन मेलों के माध्यम से तीन साल में केवल 15,136 युवाओं को ही रोजगार हासिल हुआ है। जिस तरह कई राज्यों में युवाओं को रोजगार भत्ता दिया जा रहा है, ऐसी कोई भी व्यवस्था उत्तराखंड में फिलहाल लागू नहीं है।

दोस्तों, लगे हाथ आपको यह भी बता दें कि रोजगार न होना ही उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से मैदान की ओर पलायन की एक बड़ी वजह है। जहां यहां के अधिकांश युवा 10-12वीं के बाद सेना में जाने को प्राथमिकता देते हैं, वहीं रोजगार न होने की वजह से यहां की एक बड़ी आबादी दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में होटलों, रेस्टोरेंटों में काम कर रही थी। ढेरों लोग ड्र्ाइवर का काम कर रहे थे। दोस्तों, आपको जानकर हैरत होगी कि उत्तराखंड की एक बड़ी आबादी विदेशों में भी काम रही है। इनमें से ज्यादातर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय में ही लगे हुए हैं।

Mukhyamantri Saur Swarojgar Yojana 2020

उत्तराखंड के जायके का सभी जगह लोहा माना जाता है, इसलिए इस फील्ड में उत्तराखंड के लोगों को आसानी से रोजगार हासिल हो जाता है। दोस्तों, यहां आपको यह भी बता दें कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना का आधार ही यहां के युवाओं के लिए रोजगार और स्थानीय नागरिकों के लिए बिजली, पानी की आपूर्ति जैसे मूलभूत मुद्दे थे। यहां के निवासियों का मानना था कि यदि उत्तराखंड उत्तर प्रदेश से अलग होकर राज्य बनता है और गैरसैंण को यहां की राजधानी बनाया जाता है तो इससे पहाड़ का चारों और विकास होगा।

हालांकि राजधानी देहरादून को बना दिया गया और राज्य बनाने के पीछे जो सोच थी वह परवान नहीं चढ़ सकी। आज भी लोग स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। फिलहाल गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जा चुका है। लेकिन उत्तराखंड के लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं।

कोरोना संक्रमण की वजह से उत्तराखंड लौटे हजारों प्रवासी –

दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से देश भर में लगे लाॅकडाउन के चलते काम धंधे ठप हो गए, कंपनियों में छंटनी हो गई। ऐसे में हजारों प्रवासी उत्तराखंड लौटे हैं। अब यह वापस उन शहरों में नहीं लौटना चाहते। अपने पैतृक घरों में ही रहना चाहते हैं। उन्होंने अपने छोड़े गए घरों को सफाई, रंगाई-पुताई करके रहने लायक भी बना दिया है, लेकिन इनके पास अपने काम धंधे नहीं, ऐसे में सरकार उन्हें रोजगार देने के लिए कई योजनाएं लाई है। उन्हें मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन आदि के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जिलावार इन योजनाओं का लाभ लेने वाले प्रवासियों का डाटा भी तैयार कराया जा रहा है। यह डाटा बताता है कि इन योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुकों की तादाद कम नहीं। अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राज्य के युवाओं और बाहर से लौटे प्रवासियों के लिए यह सीएम सौर स्वरोजगार योजना लेकर हाजिर हुए हैं। माना जा रहा है कि यह योजना इन प्रवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी।

उरेडा के जनपदीय कार्यालयों के अधिकारियों के नाम, पते, दूरभाष संख्या एवं ई-मेल

क्र.सं.जिलानामपदकार्यालय पतामोबाइल नं.ईमेल आईडी
1देहरादूनश्री विजय सिंह रावतवरि0परि0अधिकारीकारगी ग्रांट, पो0ओ0 बंजारावाला, देहरादून9412077205uredaproject@gmail.com
2हरिद्वारश्री अजय कुमारवरि0परि0अधिकारीविकास भवन, रोशनाबाद, हरिद्वार9412364903uredahwr@gmail.com
3पौड़ीश्री शिव सिंह मेहरापरियोजना अधिकारीविकास भवन, पौड़9411157890ureda.pauri@gmail.com
4चमोलीश्री मनोज कुमारवरि0परि0 अधिकारीसिविल लाईन्स, नरेन्द्र नगर, टिहरी9411079047ureda.tehri@gmail.com
5उत्तरकाशीसुश्री वन्दनावरि0परि0 अधिकारी107, विकास भवन, उत्तरकाशी9412864765ureda_uki@yahoo.in
6रूद्रप्रयागशश्री संदीप सैनीपरियोजना अधिकारीस्वामी सचिदानन्द नगर, रूद्रप्रयाग9411774058, 7351476411uredarudraprayag@gmail.com
7चमोलीश्री वाई0एस0 विष्टपरियोजना अधिकारीनिकट पैट्रोल पम्प, गोपेश्वर, चमोली9412912732ureda_chamoli@rediffmail.com
8पिथौरागढ़श्री ए0के0 शर्मावरि0परि0 अधिकारीनिकट प्राईमरी स्कूल, टकाना रोड, पिथौरागढ़9411113247uredapth@yahoo.com
9बागेश्वरश्री राॅकी कुमारपरियोजना अधिकारीविकास भवन, 81, बागेश्वर9997865403uredabgr@gmail.com
10नैनीतालश्री सन्दीप भट्टवरि0परि0 अधिकारीप्रथम तल, भट्ट काम्प्लैक्स, निकट सुशाीला तिवारी अस्पताल, रामपुर रोड, हल्द्वानी, नैनीताल9412127981uredantl@gmail.com
11अल्मोड़ाश्री जी0सी0 मेहरो़त्रावरि0परि0 अधिकारीजिला पंचायत भवन, धारनौैला, अल्मोड़ा9412079436alm.uredado@gmail.com
12उधम सिंह नगरश्री आर0सी0 पाण्डेउप मुख्य परि0 अधिकारीजिला पंचायत भवन, रूद्रपुर, उधमसिंह नगर9412038927usn.uredado@gmail.com
13चम्पावतश्री मनोज कुमार बजेठापरियोजना अधिकारीपाण्डे भवन, मडाली, चम्पावत9411710656uredacmp@gmail.com

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना सम्बंधित प्रश्न उत्तर

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना क्या हैं?

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना की शुरुआत राज्य बढ़ती बेरोज़गार को दूर करने के लिए शुरू की गई हैं। इस योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं उद्यमियों को 25-25 किलोवाट के सोलर प्रोजेक्ट दिए जाएंगे।

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार 10 हज़ार युवाओ को रोज़गार प्रदान करके प्रदेश की बेरोज़गार दर कम करने के लिए शुरू की गईं हैं। यही इस योजना का उद्देश्य हैं।

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना में आवेदन कर सकते हैं?

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना में आप https://msy.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर आप अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना के क्या लाभ हैं?

Mukhyamantri Saur Swarojgar Yojana के अंतर्गत राज्य में रोजगार के लिए पलायन कर रहे युवाओ को प्रदेश में रोजगार प्राप्त होगा।

दोस्तों, यह थी उत्तराखंड सीएम सौर स्वरोजगार योजना के संबंध में जानकारी। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। यदि आप किसी अन्य सरकारी योजना के संबंध में हमसे जानकारी चाहते हैं तो उसके लिए हमें नीचे दिए गए कमेंट बाॅक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। आपकी प्रतिक्रियाओं और सुझावों का हमें सदैव की भांति इंतजार है। । धन्यवाद।।

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