राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना आनलाइन आवेदन

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देश में बेरोजगारी का प्रतिशत लगातार बढ़ा है। विभिन्न राज्यों के आंकड़ों को उठाकर देखें तो बेरोजगारों की तादाद कम नहीं। इस वक्त केंद्र सरकार समेत तमाम राज्य सरकारें बेरोजगारी के हालात से निपटने के लिए स्व रोजगार और स्व उद्यम पर जोर दे रही हैं। इसके लिए वह आवेदनकर्ता को कई तरह की छूट भी मुहैया करा रही हैं। राजस्थान सरकार भी बेरोजगारी से दो दो हाथ करने और राजस्थान के युवाओं के लिए स्व रोजगार के अवसरों में वृद्वि करने के लिए राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना लेकर हाजिर हुई है।

आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। जैसे कि यह योजना क्या है? इस योजना का उद्देश्य क्या है? योजना के तहत कितनी धनराशि का लोन लिया जा सकता है? योजना के तहत लाभार्थी कौन-कौन हो सकता है? लोन लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है? आदि-आदि। आइए, शुरू करते हैं-

राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना क्या है?

दोस्तों, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की ओर से शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश में स्वरोजगार के अवसरों में वृद्वि के लिए प्रारंभ की गई है। इस योजना का एक उद्देश्य राजस्थान राज्य के नागरिकों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना भी है। इससे बेरोजगारी की दर में भी कमी लाने का प्रयास किया जाएगा।

इस योजना के तहत राजस्थान सरकार की ओर से स्वरोजगार के लिए दिए गए लोन पर सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। यह स्वरोजगार उद्योग या फिर सर्विस सेक्टर में होने आवश्यक हैं। यह योजना राज्य के विकास में भी मददगार साबित होगी, ऐसा मानकर चला जा सकता है।

राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना डिटेल्स –

योजना का नाम राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना
किसने लॉन्च की राजस्थान सरकार
लाभार्थी राजस्थान के नागरिक
उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना
आधिकारिक वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2020
सब्सिडी दर 5% से 8%

लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत कितनी धनराशि का लोन लिया जा सकता है?

आपको बता दें कि इस योजना के तहत अधिकतम दस करोड़ तक का लोन लिया जा सकता है। वहीं, बिजनेस लोन की अधिकतम सीमा एक करोड़ रूपये रखी गई है। नए उद्यम यानी एंटरप्राइज स्थापित करने वाले लोग आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही जो उद्यम पहले से स्थापित हैं और उद्यमी अपनेे उद्योग का विस्तार यानी एक्सटेंशन (extension) और माडर्नाइजेशन (modernization) करना चाहते हैं, वह भी इस योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उ़द्योग प्रोत्साहन योजना आनलाइन आवेदन

आपको बता दें कि ऐसे बहुत से उद्यमी हैं, जो अपने उद्यम का विस्तार करके बहुत से अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना चाहते हैं। अपने सपनों को मूर्त रूप देने के उनके रास्ते में वित्त संबंधी कोई अड़चन न आए, इसे लेकर यह योजना एक बेहतर कदम साबित हो सकती है।

अलग अलग धनराशि के लिए पांच से आठ प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधाान –

योजना के तहत सब्सिडी की दर पांच से आठ प्रतिशत तक रखी गई है। 25 लाख रूपये तक के लोन पर आठ प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसी तरह 25 लाख से रूपये से लेकर पांच करोड़ रूपये के लोन पर छह फीसदी, जबकि पांच करोड़ से लेकर दस करोड़ रूपये तक के लोन पर पांच प्रतिशत सब्सिडी मुहैया कराए जाने का प्रावधान किया गया है। सब्सिडी का प्रावधान होने से आवेदक स्व रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। खास तौर पर ऐसे युवा जो पैसा पास न होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पाते, उन्हें अपना काम शुरू करने में सहायता मिलेगी।

दस लाख के लोन तक कोलैटरल सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं –

दोस्तों, आपको बता दें कि यह लोन समग्र, सावधि और कार्यशील पूंजी लोन हो सकते हैं। इस योजना से जुड़ी अच्छी बात यह है कि 10 लाख तक के लोन के लिए किसी भी तरह की कोलैटरल सिक्योरिटी (collateral security) की आवश्यकता नहीं है। दस लाख तक का लोन बगैर किसी इंटरव्यू के बैंक फाॅरवर्ड कर देगा। इस राशि से अधिक का लोन बैंक जांच करने के बाद जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (task force committee) को अग्रसारित करने के बाद ही प्रदान किया जाएगा। कुल मिलाकर इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि पैसा सही हाथों में जाए।

राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेज –

साथियों, जैसा कि हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि योजना के तहत स्वरोजगार के लिए लोन पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत आवेदन के लिए कुछ पात्रता और शर्तें भी निर्धारित की गई हैं, जिन्हें पूरा किए गए बगैर योजना का लाभ नहीं लिया जा सकता। साथ ही पात्रता के प्रमाण के तौर पर कुछ दस्तावेज भी आवेदक को लगाने आवश्यक किए गए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता और दस्तावेज इस प्रकार से हैं-

  • आवेदक को राजस्थान का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।
  • लोन के लिए आवेदक की न्यूतनम आयु 18 वर्ष होनी आवश्यक है।
  • आवेदक का आधार कार्ड।
  • आवेदक का आय प्रमाण पत्र।
  • और आवेदक का निवास प्रमाण पत्र।
  • आवेदक का मोबाइल नंबर।
  • आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।

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इन बैंकों, वित्तीय संस्थानों से लिया जा सकता है लोन –

दोस्तों, आइए अब आपको बताएं कि राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत लोन किन किन वित्तीय संस्थाओं और संस्थानों से लिया जा सकता है। यह इस प्रकार से हैं-

  • राष्ट्रीयकृत कामर्शियल बैंक
  • निजी सेक्टर शेड्यूल्ड कामर्शियल बैंक
  • शेड्यूल्ड स्माॅल फाइनेंस बैंक
  • रीजनल रूरल यानी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
  • राजस्थान फाइनेंशियल काॅरपोरेशन यानी राजस्थान वित्तीय निगम
  • एसआईडीबीआई

कौन हो सकते हैं योजना के लाभार्थी –

मित्रों, हम पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि राजस्थान का स्थायी निवासी कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना का लाभ उठा सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत आवेदन करने और लोन पर सब्सिडी प्राप्त करने का मौका दिया गया है। यह इस प्रकार से है-

  • स्वयं सहायता समूह यानी सेल्फ हेल्प गु्रप एसएचजी
  • सोसायटी
  • पार्टनरशिप फम्र्स साझेदारी संस्थान
  • कंपनियां
  • व्यक्तिगत आवेदनकर्ता

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राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत ऐसे आवेदन करें?

अब हम आपको बताएंगे कि राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन किस प्रकार से करें। दोस्तों, आपको बता दें कि यह आनलाइन (online) प्रक्रिया बेहद सरल है। आप महज कुछ स्टेप्स (steps) को फाॅलो (follow) कर आवेदन कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार से है-

  • आवेदक को सबसे पहले एसएसओ राजस्थान की official website https://sso.rajasthan.gov.in पर जाना होगा। आप यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट भी जा सकतें हैं। यहां आवेदक के सामने website का होम पेज खुल जाएगा।
  • यदि आवेदक पहले से ही पोर्टल पर रजिस्टर्ड है तो उसे लाॅगइन करना होगा। यदि आवेदक पोर्टल पर पहले से रजिस्टर्ड नहीं है तो उसे पहले इस पर Registration कराना होगा।
  • इसके लिए उसे https://sso.rajasthan.gov.in/register पर क्लिक कर कैटेगरी का चयन करना होगा। इतना करने के बाद आवेदक के सामने registration फाॅर्म खुल जाएगा।
  • आवेदक को इस registration फाॅर्म में पूछी गई सभी जानकारी सही सही भरनी होगी। इतना करने के बाद आवेदक को submit के option पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आवेदक को पुनः होम पेज पर जाकर login करना होगा। लाॅग इन करने के पश्चात आवेदक को राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना पर click करना होगा।
  • साथ इसके बाद आवेदक के सामने आवेदन फाॅर्म खुल जाएगा। आवेदक को इस आवेदन फाॅर्म में पूछी गई सभी जानकारी सही सही भरनी होगी।
  • इसके बाद आवेदक को फाॅर्म में मांगे गए सभी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इतना करने के पश्चात आवेदक को submit के option पर क्लिक करना होगा।
  • इस तरह आवेदक का योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पूरा हो जाएगा।

राजस्थान में बेरोजगारी में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है

दोस्तों, आपको बता दें कि राजस्थान में सेंटर फाॅर माॅनीटरिंग इंडियन इकोनाॅमी यानी सीएमआईई (CMIE) की एक सर्वे रिपोर्ट (survey report) के अनुसार राजस्थान प्रदेश में बेरोजगारी में 5.9 परसेंटेज प्वाइंट की बढ़ोत्तरी हुई है। यह 17.7 फीसदी तक पहुंच गई है। सितंबर, 2017 में यह दर 1.6 प्रतिशत थी। हालांकि राष्ट्रीय बेरोजगारी दर (NUR) 23.5 प्रतिशत से कम है।

सीएमआईई ने सर्वे में 43,600 घरों का सैंपल साइज लिया था। यह सर्वे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में किया गया था। बेरोजगारी का बढ़ना इस बात साफ द्योतक है कि जरूरत के हिसाब से उद्यम कम पड़ रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि नौकरी के हिसाब से स्किल कम है।

राजस्थान में किया गया है बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधाान –

साथियों, आपको पता ही होगा कि राजस्थान में बेरोजगारों के लिए आर्थिक मदद के रूप में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। हजारों बेरोजगार इस भत्ते का लाभ उठा रहे हैं। आपको बता दें कि यह भत्ता लेने के लिए आवेदक को राजस्थान का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके बाद शर्त यह है कि आवेदक बेरोजगार हो। इसके लिए आवेदक को 12वीं पास होना आवश्यक है। उसके पास ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी हो सकती है।

आवेदक की आयु न्यूतनम 21 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक की सालाना पारिवारिक आय तीन लाख या उससे कम होनी चाहिए। इस भत्ते को लेने के लिए आवेदक को रोजगार विभाग के पास रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।

अंतिम शब्द –

खनिजों से धनी राजस्थान में राजस्व का प्रमुख स्रोत टेक्सटाइल, टूरिज्म और जेम्स-ज्वेलरी आदि है। जेम्स और ज्वेलरी का तो यह हब है। इसके अलावा राजस्थान सीमेंट का बड़ा निर्माता है। यहां तांबा, जस्ता जैसी धातुएं प्रचुरता से उपलब्ध है। देश में मारबल और स्टोन का भी यह मुख्य उत्पादक राज्य है। मिनिएचर पेंटिंग और खास तौर पर मुगल पेंटिंग के लिए भी यह मशहूर है। इसके अलावा कारपेट, पाॅटरी, फैब्रिक और कठपुतलियों के लिए भी इसकी पहचान है।

आपको बता दें कि राजस्थान में स्व उद्यम में भी ढेरों लोग जुटे हैं। पर्यटन के बारे में बात करें तो यहां के जबरदस्त किलों को देखने के लिए देश विदेश से लोग पहुंचते हैं। यहां उद्यमों को और बढ़ावा देने के लिए और बड़े पैमाने पर लोगों को स्व रोजगार की ओर से आकर्षित करने के लिए राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना लेकर आई है। इससे खास तौर पर उन युवाओं के सपने पूरे होंगे जो अपना काम तो करना चाहते हैं, लेकिन पैसे न होने की वजह से उन्हें मन मसोसकर रहना पड़ जाता है। ऐसे में यह योजना युवाओं के पंख लगाएगी, इसमें संदेह नहीं।

साथियों, यह थी राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के संबंध में सारी जानकारी। यदि आपको इस योजना से जुड़ा कोई प्रश्न पूछना है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। यदि आप किसी अन्य विषय पर हमसे जानकारी चाहते हैं तो उसके लिए भी कमेंट बाक्स में कमेंट करके हमें अवगत करा सकते हैं। आपकी सभी प्रतिक्रियाओं और सुझावों का स्वागत है। ।।शुक्रिया।।

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