एमआर कैसे बने? योग्यता, कोर्स, जॉब, सैलरी, करियर | Medical Representative kaise bane?

MR kaise bane, मेडिकल फील्ड एक ऐसी फील्ड हैं जहाँ नौकरी की अपार संभावनाएं होती हैं। इसमें डॉक्टर बनना सबसे बड़ी बात होती हैं हालाँकि हर किसी (MR kaise bante hai) के बस की बात भी नही होती हैं डॉक्टर बनना।

ऐसा इसलिए क्योंकि डॉक्टर बनने में पैसा और समय दोनों (How to become medical representative in India) ही बहुत ज्यादा देने पड़ते हैं। इसी में एक नाम आता हैं एमआर का जिसे मेडिकल रीप्रेजेंटेटिव भी कह देते है।

यदि आप भी एमआर की रूप में अपना भविष्य बनाने का सोच रहे हैं और इसके बारे में विस्तार से जानना चाह रहे हैं तो (MR banne ke liye kya karna padta hai) आज के इस लेख में हम आपको MR बनने के ऊपर संपूर्ण जानकरी देंगे।

इस लेख को पढ़ने के पश्चात आपका MR को लेकर कोई भी शंका शेष नही रहेगी। आइये जाने एक (MR banne ke liye kya karen) सफल MR बनने के लिए क्या क्या करना पड़ता हैं।

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एमआर कैसे बने? (MR kaise bane)

दरअसल किसी भी चीज़ में अपना करियर बनाने के लिए उसके बारे में सबकुछ जानना आवश्यक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब तक आप उसके बारे में पूर्ण रूप से जानेंगे ही नही तो आप उसमे अपना करियर कैसे ही बना पाएंगे।

ऐसे में यदि आपके पास यदि पहले से ही उस क्षेत्र के बारे में पूर्ण जानकारी हो तो आप उसमे आसानी से अपना करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। तो आइए जाने MR बनने के लिए आपको किन किन चीजों के बारे में जानना आवश्यक हैं।

एमआर कैसे बने? योग्यता, कोर्स, जॉब, सैलरी, करियर | Medical Representative kaise bane?

एमआर की फुल फॉर्म (MR ka full form in Hindi)

सबसे पहले बात की जाए एमआर की फुल फॉर्म की। तो एमआर की फुल फॉर्म होती है मेडिकल रीप्रेजेंटेटिव (Medical Representative). यदि MR का हिंदी में मतलब (Medical representative in Hindi) जानना हो तो MR को हिंदी में चिकित्सा प्रतिनिधि कहा जाएगा।

एक तरह से यह चिकित्सा के क्षेत्र में प्रतिनिधि का काम करता हैं जो (MR ka matlab) दवाई की कंपनी और डॉक्टर व मेडिकल स्टोर के बीच एक कड़ी का काम करता हैं।

एमआर क्या होता है (MR kya hota h)

अभी तक आपने एमआर की फुल फॉर्म तो जान ली लेकिन अभी तक आप एमआर की बारे में संपूर्ण रूप से जान नही पाए होंगे। ऐसे में आज हम आपको बता दे कि एक MR वह होता हैं जो किसी दवाई का प्रमोशन करने के लिए रखा जाता है। अब यह दवाइयां कोई सामान्य उत्पाद तो होता नही हैं जिसे लोगों को सीधे जाकर बेच दिया जाए कि लो जी यह दवाई खरीद लो और उस बीमारी से छुटकारा पा लो।

दवाई तो एक ऐसी चीज़ होती है जो डॉक्टर लिखेगा तो वही उसका रोगी खरीदेगा। साथ ही कभी कभार मेडिकल स्टोर वाले भी (MR kya hai in Hindi) अपनी ओर से कुछ दवाई का स्टॉक रखते है और डॉक्टर भी वही दवाई लिखता है। तो कुल मिलाकर बाजार में कौन सी दवाई चलेगी और कौन सी नही यह पूरी तरह से डॉक्टर व उसके बाद मेडिकल स्टोर वाले पर निर्भर करता है।

ऐसे में जो कंपनियां दवाई बना रही हैं  या जो फार्मास्यूटिकल कंपनियां हैं वह अपनी दवाई को बेचने के लिए एक ऐसी व्यक्ति को रखती हैं जिसने मेडिकल के क्षेत्र में कोई डिग्री ली हुई हो। ऐसा इसलिए ताकि वह मेडिकल स्टोर का व्यक्ति उनकी दवाई की उन डॉक्टर के सामने अच्छे से मार्केटिंग कर सके और उसे वह दवाई अपने रोगियों को लिखने के लिए प्रोत्साहित कर सके।

कुल मिलाकर एक MR एक फार्मास्यूटिकल कंपनी या दवाई वाली कंपनी तथा डॉक्टर के बीच की कड़ी होता हैं। MR का काम (MR banne ke liye kya kare) अपनी दवाई बनाने वाली कंपनी का प्रचार डॉक्टर व मेडिकल स्टोर के सामने करना होता है और अपनी कंपनी की सेल्स को बढ़ाना होता है।

एमआर बनने के लिए योग्यता/ विशेषता (MR banne ke liye kya kare)

अब बात करते हैं MR बनने के लिए आपके अंदर क्या क्या गुण होने चाहिए या फिर कैसे आप MR बन सकते हैं। दरअसल एक सफल MR बनने के लिए आपके अंदर कुछ गुण आवश्यक रूप से होने चाहिए अन्यथा आप इस क्षेत्र में पिछड (MR banne ke liye kya karna padega) जाएंगे। तो आइए जाने एक सफल MR बनने के लिए आपको क्या क्या करना पड़ेगा।

#1. भाषा पर पकड़

सबसे पहले तो आप जहाँ भी या जिस भी क्षेत्र में काम करेंगे वहां की भाषा पर आपकी अच्छी पकड़ होनी चाहिए। जैसे कि यदि आप कर्नाटक के हैं तो आपको कन्नड़ अच्छे से आनी चाहिए और यदि आप पंजाब के हैं तो आपको पंजाबी अच्छे से आनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका मुख्यतया सामना वहां के लोकल डॉक्टर से होगा होगा जो कि अपनी मातृभाषा में ही अच्छे से इम्प्रेस हो पाएंगे।इसलिए सबसे पहले अपनी भाषा पर पकड़ मजबूत बनाए।

#2. अंग्रेजी भी हो उतनी ही मजबूत

अब किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए अंग्रेजी भाषा में भी पकड़ मजबूत रहनी जरुरी होती हैं। साथ ही डॉक्टर के साथ बात करना हमेशा मातृभाषा में ही नही चलता। कुछ कुछ डॉक्टर अंग्रेजी भाषा बोलने वालो से भी इम्प्रेस होते हैं।

साथ ही यदि आपको बड़े अस्पताल में या कही पर प्रेजेंटेशन देने को कहा जाएगा तो वहां आपको अंग्रेजी भाषा का ही इस्तेमाल करना पड़ेगा। ऐसे में अपनी अंग्रेजी भी सही करें।

#3. सुनने की क्षमता

बोलने के साथ साथ आपके सुनने की क्षमता भी अच्छी होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि आप केवल बोलते ही रहेंगे और सामने वाले को सुनेंगे तो नही वे आपसे डील नही करेंगे। ऐसे में वे क्या बोल रहे हैं और उनकी क्या शंकाएं हैं इत्यादि आपको अच्छे से समझना आना चाहिए तभी आप एक सफल MR बन पाएंगे।

#4. मार्केटिंग स्किल्स

एक सफल MR बनने के लिए यह गुण एक बहुत ही आवश्यक गुण है क्योंकि आपके चाहे बोलने और सुनने की स्किल्स बहुत अच्छी हो लेकिन यदि आपकी मार्केटिंग स्किल्स ही बेहतर नही है तो फिर आप कैसे ही अपनी कंपनी की दवाइयों को बेच पाएंगे। ऐसे में सामने वाले को अपनी बातों से प्रभावित करना और उसे दवाई खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना भी एक कला हैं।

#5. उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी

अब जो आप उत्पाद बेचने जा रहे हैं या जिस भी फार्मा कंपनी में आप काम करते हैं, उसकी दवाई आप किसी और को बेचने जा रहे हैं तो आपको उस दवाई की पूरी जानकारी भी होनी चाहिए। सामने वाला व्यक्ति आपसे आपके उत्पाद के बारे में कोई भी प्रश्न पूछ सकता हैं।

ऐसे में यदि आपको ही उसके बारे में पूर्ण रूप से जानकारी नही हैं तो अवश्य ही वह आपसे डील कैंसिल कर देगा। इस तरह से आप ना केवल अपना बल्कि अपनी कंपनी का नाम भी ख़राब करेंगे।

#6. नकारात्मक प्रश्नों के लिए रहे तैयार

आपको अपने उत्पाद की जानकारी के साथ साथ बहुत से ऐसे प्रश्नों या स्थितियों का भी सामना करना पड़ेगा जब वे आपके सामने अपन शिकायत रखेंगे। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि आप अपनी कंपनी के प्रतिनिधि हैं।

ऐसे में यदि उस डॉक्टर या मेडिकल स्टोर वाले को आपकी कंपनी से कोई दिक्कत हुई हैं या कोई समस्या हैं तो वह उसे आपके समक्ष ही रखेंगे। ऐसे में आपको दवाई बेचने के अलावा अपनी कंपनी को उनकी समस्याओं से भी अवगत करवाना होगा।

#7. प्रतिस्पर्धी कंपनी की जानकारी

अब जो उत्पाद आप बेचने जा रहे हैं या उसकी मार्केटिंग कर रहे हैं तो उसकी आवश्यकता ही क्यों पड़ी? उसकी मार्केटिंग की आवश्यकता इसलिए ही पड़ी ना क्योंकि बाज़ार में उसकी प्रतिस्पर्धा में अन्य कंपनियां व उनके द्वारा बनाई जा रही दवाइयां हैं।

इसलिए आप जो दवाई बेचने जा रहे हैं तो उसके जैसी और कौन कौन सी दवाइयां हैं तथा आपकी दवाई कैसे उनसे बेहतर हैं इत्यादि का जानना भी एक बेहतर एमआर की लिए आवश्यक होता हैं।

एमआर बनने के लिए क्या करें (MR kaise bante hai)

सबसे पहली बात जो आपको MR बनने से पहले जननी चाहिए वह यह कि आपका मेडिकल के क्षेत्र में इंटरेस्ट होने के साथ साथ सेल्स व मार्केटिंग के क्षेत्र में भी इंटरेस्ट होना चाहिए। क्योंकि यह काम एक ऐसा काम हैं जो ना तो पूर्ण रूप से मेडिकल से संबंधित हैं और ना ही मार्केटिंग से। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि एक मार्केटिंग का बंदा यह काम नही कर सकता और ना ही एक मेडिकल का बंदा भी यह काम कर सकता हैं।

इसलिए आपको यदि MR बनना हैं तो आपको मेडिकल व मार्केटिंग दोनों के क्षेत्र में इंटरेस्ट होना चाहिए और आपको दोनों ही काम (MR banne ke liye kya karna hoga) अच्छे से आने चाहिए। अन्यथा आप एक MR बनने की दिशा में गलत ही आगे बढ़ रहे हैं। अब जानते हैं कि MR बनने के लिए आप क्या क्या कर सकते हैं।

तो सबसे पहले तो अपनी बारहवीं कक्षा को पास करें। वैसे तो आप बारहवीं किसी भी स्ट्रीम से पास कर सकते हैं लेकिन यदि आप यह मेडिकल लेकर पास करेंगे तो ज्यादा (Medical representative course) बेहतर रहेगा। कहने का अर्थ यह हुआ कि आपके पास 11वीं व बारहवीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी होनी चाहिए। इससे आप अपने MR बनने की दिशा में एक सही कदम उठाएंगे।

एमआर बनने के लिए कोर्स (MR course details in Hindi)

अब जानते हैं कि आप MR बनने के लिए क्या क्या कर सकते हैं। दरअसल इसके लिए आप मेडिकल से संबंधित कई तरह के कोर्स कर सकते हैं लेकिन दवाई का कोर्स करना सबसे ज्यादा सही रहता हैं। इस कोर्स का नाम हैं बी फार्मा या डी फार्मा। यदि आप आगे चलकर अपना भविष्य दवाइयां बेचने में बनाना चाहते हैं तो आपको इन दोनों में से किसी एक कोर्स को करना चाहिए।

डी फार्मा का अर्थ हुआ फार्मास्यूटिकल में डिप्लोमा करना और बी फार्मा का अर्थ हुआ फार्मास्यूटिकल में बैचलर डिग्री हासिल करना। डी फार्मा का कोर्स 3 वर्ष का होता हैं और इसे बारहवीं के बाद किया जा सकता हैं जबकि बी फार्मा का कोर्स 4 वर्ष का होगा और इसे भी बारहवीं के बाद ही किया जाएगा। इसे करने के बाद आप किसी भी फार्मास्यूटिकल कंपनी में एमआर की लिए (MR ka course) आवेदन कर सकते हैं।

यह जरुरी नही की MR बनने के लिए केवल यही कोर्स किया जाए या फिर इसे दूसरे शब्दों में कहा जाए तो दवाइयों की कंपनियां केवल डी फार्मा या बी फार्मा की डिग्री लिए हुए छात्रों को ही अपने यहाँ एमआर की नौकरी पर रखे, ऐसा जरुरी नही। इसलिए आप एमआर की नौकरी (Medical representative degree) पाने के लिए इनमे से भी किसी कोर्स को कर सकते हैं:

  • बैचलर डिग्री इन नर्सिंग
  • बैचलर डिग्री इन लाइफ साइंस
  • B.Sc in Pharmacy
  • बैचलर डिग्री इन मेडिकल साइंस
  • मास्टर डिग्री इन नर्सिंग
  • मास्टर डिग्री इन मेडिकल साइंस

इसके अलावा आप मेडिकल फील्ड से कोई भी संबंधित डिग्री या कोर्स करके भी MR बन सकते हैं लेकिन इसमें प्राथमिकता हमेशा डी फार्मा व बी फार्मा करने वाले लोगों (Medical representative course) को ही दी जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि यह दोनों ही कोर्स दवाई से संबंधित होते हैं और इनमे दवाइयों के बारे में ही संपूर्ण जानकारी दी जाती हैं।

एमआर बनने के बाद क्या करें (MR ka kam kya hota hai)

एक बार जब आप MR बन गए तो उसके बाद आपका काम क्या क्या होगा। इसके बारे में भी जानना बहुत आवश्यक हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि (MR ka kaam kya hota hai) आप MR बनने के लिए कोर्स तो कर लेंगे या डिग्री भी ले लेंगे लेकिन उसमे करना क्या क्या होगा, यह भी जाने। आइए जाने एक MR का क्या क्या काम हो सकता हैं।

  • डॉक्टर व मेडिकल स्टोर वालो के साथ मीटिंग schedule करना और एक टाईमटेबल बनाना।
  • उसी टाईमटेबल के अनुसार अपना काम करना और डॉक्टर से पहले ही अपॉइंटमेंट लेकर रखना।
  • डॉक्टर व मेडिकल स्टोर के सामने अपनी कंपनी के द्वारा लांच की गयी नयी दवाई के बारे में बताना।
  • डॉक्टर किस प्रकार की दवाई चाहते हैं या उनकी क्या इच्छा है, इसके बारे में जानना।
  • डॉक्टर के साथ एक अच्छे संबंध स्थापित करना।
  • मेडिकल सेक्टर के बारे में पूरी जानकारी रखना।
  • अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनी या लोगों पर नज़र बनाए रखना।
  • डॉक्टर या मेडिकल स्टोर वालों की समस्याओं से अपनी कंपनी को अवगत करना।
  • कंपनी के सेल्स टारगेट को पूरा करना।
  • रोजाना की स्प्रेडशीट व अन्य डॉक्यूमेंट को भरना।
  • डॉक्टर व मेडिकल स्टोर वालो से negoatite भी करना।

इस तरह एक एमआर की काम होते हैं अपनी कंपनी और विभिन्न डॉक्टर व मेडिकल स्टोर के बीच की एक कड़ी के रूप में काम करना।

एमआर बनने के लिए भारत के टॉप कॉलेज (Top B Pharma colleges in India)

अब जब आप MR बनने का निर्णय ले चुके हैं तो भारत के अंदर बी फार्मा या इससे संबंधित कोर्स करवाने वाले कौन कौन से कॉलेज यया यूनिवर्सिटी आपके लिए बेस्ट हो सकते हैं, उनके नाम हैं:

  • पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ [Panjab University, Chandigarh]
  • बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी [Birla Institute of Technology and Science, Pilani]
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई [Institute of Chemical Technology, Mumbai]
  • पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदरा [Parul University, Vadodara]
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नॉएडा [Amity University, Noida]
  • एस आर एम यूनिवर्सिटी, चेन्नई [SRM University, Chennai]

एमआर की नौकरी देने वाली प्रमुख कंपनियां (Top pharma companies in India)

अब जब आप MR का कोर्स कर लेंगे तो आपका यह भी जानना आवश्यक हैं कि कौन कौन सी कंपनियां आपको अपना यहाँ नौकरी पर रख सकती हैं। तो एमआर की नौकरी देने वाली कुछ प्रमुख कंपनियों के नाम हैं:

  • Cipla
  • Sun Pharma
  • Orbit Medical
  • Paragon
  • Ajanta Pharma
  • Mankind Pharma
  • Novartis
  • Orbit Medical
  • Abbott

एमआर की सैलरी (Medical representative salary in India)

अब सबसे अंतिम और प्रमुख बात और वो हैं कि एक MR कितना कमा लेता हैं। दरअसल यह आपके काम पर निर्भर करता हैं। साथ ही आपको जिस भी कंपनी में काम मिलेगा तो इसका अर्थ यह नही हुआ कि आप कही भी और किसी भी शहर के डॉक्टर से जाकर संपर्क कर सकते (MR ki salary kitni hoti h) हैं।

दरअसल हर कंपनी ने अपने एमआर की लिए एक क्षेत्र निर्धारित किया हुआ होता हैं। ऐसे में आपको केवल उस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डॉक्टर व मेडिकल स्टोर से ही डील करनी होती हैं।

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ऐसे में जैसे जैसे आपका अनुभव और पोस्ट बढ़ती जाती हैं तो वैसे वैसे ही आपकी सैलरी में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिलती हैं। यदि हम एमआर की शुरूआती सैलरी की बात करे तो यह सालाना 2 लाख से लेकर 5 लाख तक की हो सकती हैं। उसके बाद यह उसके पद व अनुभव के अनुसार बढ़ती जाती हैं।

एमआर कैसे बने – Related FAQs

प्रश्न: एमआर का काम क्या है?

उत्तर: एमआर का काम दवाई की कंपनी व डॉक्टर के बीच एक कड़ी बनकर अपनी कंपनी की दवाई को बेचना होता है।

प्रश्न: एमआर का फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर: एमआर का फुल फॉर्म मेडिकल रीप्रेजेंटेटिव होता है जिसे हिंदी में चिकित्सा प्रतिनिधि कह सकते है।

प्रश्न: चिकित्सा प्रतिनिधि की नौकरी की भूमिका क्या है?

उत्तर: एक चिकित्सा प्रतिनिधि अपनी दवाई की कंपनी के लिए उसकी दवाई की मार्केटिंग करता है और उसकी सेल्स बढ़ाने में सहायता करता है।

प्रश्न: एमआर की सैलरी कितनी होती है?

उत्तर: एमआर की शुरूआती सैलरी 2 लाख से शुरू होकर 5 लाख तक हो सकती है।

तो आज हमने जाना कि एक एमआर क्या होता है, एमआर बनने के लिए क्या क्या करना पड़ता है, उसके लिए कौन कौन से कोर्स किये जा सकते हैं, एक सफल एमआर की क्या पहचान होती है, उसके लिए कौनसे कॉलेज सबसे बेस्ट होते है, उसे कहां कहां नौकरी मिल सकती है तथा उसकी सैलरी क्या होती है इत्यादि।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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