मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? | Mobile app business plan in Hindi

Mobile app business plan in Hindi :- हम सभी एक चीज का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करने लग गए हैं और वह है हमारे हाथ में मोबाइल। अब मोबाइल में आप जिस भी चीज का इस्तेमाल करते हैं क्या आपने कभी सोचा है कि वह चीज कैसे चलती है? तो इसका उत्तर है मोबाइल में इंस्टॉल की गई एप्स। आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हो या पेमेंट कर रहे हो या मोबाइल में कोई गेम खेल रहे हो किसी भी चीज का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल में ऐप को इंस्टॉल किया जाता (Mobile app business ideas in Hindi) है।

इसलिए मोबाइल को चलाने के लिए ऐप का होना बहुत ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि आज के समय में लगभग हर व्यक्ति मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है और उसमें तरह-तरह की ऐप के विकल्प आ चुके हैं। इसलिए इसमें बिजनेस भी बहुत ज्यादा फल फूल रहे हैं। पहले के समय की तुलना में आजकल लोग मोबाइल ऐप का बिजनेस बहुत ज्यादा करने लगे हैं और इससे लाखों करोड़ों रुपए भी कमा रहे (Mobile app business model in Hindi) हैं।

ऐसे में यदि आप भी मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आज के इस लेख में हम आपको इससे संबंधित हर एक जानकारी विस्तार से देंगे। आइए जानते हैं मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें और उसके लिए आपको किन-किन चीजों का ध्यान रखना (Mobile app ka business kaise kare) चाहिए।

मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? (Mobile app business plan in Hindi)

एक मोबाइल में कई तरह की ऐप को इंस्टॉल किया जा सकता है। यदि आप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर देखेंगे तो आपको विभिन्न क्षेत्रों की तरह-तरह की ऐप मिल जाएगी। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जिसकी ऐप का निर्माण न किया गया (Mobile app banane ka business in Hindi) हो।

Mobile app business plan in Hindi

जिन भी काम को हमें ऑफलाइन या किसी से पूछ कर करना पड़ता था आजकल के समय में उसके लिए ऐप आ गई है। उदाहरण के तौर पर यदि आप अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा रहे हैं तो उनके साथ किया गया खर्चा सही तरह से बांटने के लिए भी ऐप है, किसी को पैसे भेजने के लिए भी ऐप है, शॉपिंग करने के लिए भी ऐप है तो वहीं दूसरों से बात करने के लिए भी ऐप (Mobile app ka business karne ka tarika) है।

इस तरह से मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस भी बहुत ज्यादा फल फूल रहा है और इसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए यदि आपको मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस शुरू करना है तो आपको सही व कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भर्ती करने से लेकर अपने क्लाइंट के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखना जरूरी होता है। इसके लिए चरण दर चरण जाने कैसे आप मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस शुरू कर सकते (Mobile app development business in Hindi) हैं।

अपने बिज़नेस की एक योजना बनाएं

यदि आपको अपने लिए मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करना है तो इसके लिए एक कार्य योजना का बनाया जाना बहुत जरूरी होता है, इसे हम बिजनेस प्लान भी कह सकते हैं। हर बिजनेस को शुरू करने के लिए एक प्रॉपर बिजनेस प्लान को बनाकर हम उस बिजनेस के मॉडल को निर्धारित कर सकते हैं। इस तरह मोबाइल ऐप का बिजनेस करने के लिए भी आपको उसके लिए कितनी जगह की जरूरत होगी, ऑफिस का सेटअप कैसे होगा, कितने कर्मचारी की नियुक्ति करनी होगी, उसमें कितना तक का खर्चा आएगा व आप अपने क्लाइंट के साथ कैसे संपर्क करेंगे इत्यादि के बारे में पहले ही सोच कर (Mobile app development business ideas in Hindi) रखें।

इसलिए आप अपने बिजनेस की एक कार्य योजना पहले ही बना लेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। ऐसा करने से आपको यह समझने में सहायता मिलेगी कि आगे चलकर आपको इस बिजनेस में किस तरह की चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और आप उनसे किस तरह निपट सकते हैं।

पैसों का प्रबंध करें

किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत जरूर पड़ती है। यदि पैसा ही नहीं है तो आप बिजनेस किस तरह से शुरू करेंगे। इसलिए आप अपने मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करने के लिए पैसों का प्रबंध कहां से करने वाले हैं, क्या आपके पास इतना पैसा खुद के पास है या आप इसे किसी दोस्त या रिश्तेदार से उधार लेने वाले हैं या फिर आपको किसी बैंक या अन्य जगह से लोन लेने की जरूरत है इसके बारे में यदि आप पहले से ही सोच लेंगे तो बेहतर रहेगा।

सामान्य तौर पर मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करने के लिए 5 से 10 लाख की जरूरत पड़ती है। यदि आप इसे बड़े स्तर पर शुरू करने जा रहे हैं तो इसके लिए 30 से 50 लाख रुपयों की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही आपको अपने यहां पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर सहित अन्य लोगों को काम पर रखने की जरूरत होगी तो उन्हें भी महीने के अनुसार वेतन देना होगा। इसलिए इन सभी बातों का ध्यान पहले से ही रख कर चलेंगे तो बाद में चलकर पैसों की कोई दिक्कत नहीं (Mobile app development business plan in Hindi) होगी।

कंपनी का आधिकारिक नाम सोचें

क्या आपने कभी कोई कंपनी बिना नाम की सुनी है। यहां तक कि कोई व्यक्ति अपनी दुकान भी खोलता है चाहे वह छोटी हो या बड़ी, उसका एक नाम रखता है। इसलिए यदि आप कोई नई चीज शुरू करने जा रहे हैं चाहे वह बिजनेस हो या कोई कंपनी, उसका एक आधिकारिक नाम अर्थात उसकी पहचान होना आवश्यक होता है। आप तो वैसे भी मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस जिसे हम कंपनी कह सकते हैं, वह शुरू करने जा रहे हैं तो इसके लिए तो आपको सरकारी पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और कई तरह के लाइसेंस लेने होंगे।

इसलिए यदि आप अपने बिजनेस का नाम पहले ही सोच लेंगे तो आपके लिए बेहतर रहेगा। नाम रखने से पहले इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि यही आगे चलकर आपकी कंपनी की मुख्य पहचान बनेगा। इसलिए नाम रखने में किसी भी तरह की कोताही ना बरतें व दूसरों से अच्छे से सलाह करके बढ़िया नाम रखें।

सभी आवश्यक लाइसेंस लें

मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करने के लिए यदि आपने अपनी कंपनी का नाम सोच लिया है तो उसके बाद आती है अपनी कंपनी का नाम रजिस्टर करवाए जाने की। इसके लिए आपको अपनी कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर रजिस्टर करवाना होगा। आपके शहर में कई तरह के लोग इस तरह का काम करके देते होंगे। इसलिए आपको उनके ऑफिस में जाना होगा और बताना होगा कि आप मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं और उसके लिए आपकी कंपनी का नाम यह (Mobile app business plan in Hindi) है।

वह व्यक्ति उस नाम के आधार पर यह देखेगा कि क्या उस नाम से किसी व्यक्ति ने पहले ही कोई कंपनी खोल रखी है या नहीं। यदि किसी व्यक्ति ने पहले से कोई कंपनी नहीं खोल रखी है तो वह आपके नाम पर रजिस्ट्रेशन करवाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। इसके लिए आपको कुछ डाक्यूमेंट्स या पैसे जमा करवाने होंगे। यह प्रक्रिया दो सप्ताह से लेकर 1 महीने तक चल सकती है। एक बार रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपको इसका लाइसेंस मिल जाएगा और आप अपना मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

एक ऑफिस सेटअप करें

अब यदि आप अपना खुद का बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं तो इसके लिए एक ऑफिस सेटअप करने की जरूरत होती है। जिस प्रकार किसी व्यक्ति को कोई सामान बेचना होता है तो उसके लिए वह दुकान या गोदाम की व्यवस्था करता है ठीक उसी तरह मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करने के लिए एक ऑफिस की जरूरत होती है। यह किसी छोटी कंपनी या स्टार्टअप जैसा ही होता है जिसमें एक साथ बैठने के लिए कुछ लोगों को एक प्लेस की जरूरत होती (Mobile app business ideas in Hindi) है।

यह प्लेस आप अपने घर या आसपास की किसी जमीन पर एक ऑफिस सेटअप करके कर सकते हैं। आजकल बड़े शहरों में कई कंपनियों को एक साथ में ऑफिस खोलने की भी सुविधा दी जाती है जहां पर वे इसके लिए किराया देते हैं और अपने यहां काम करने वाले लोगों को वहां बैठने की सुविधा देते हैं। इसलिए पहले आप यह देखें कि आप मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू करने के लिए ऑफिस कहां शुरू करेंगे और उसकी लोकेशन कैसी होगी। इसके लिए आप चाहें तो कुछ समय ले सकते हैं लेकिन ऑफिस का सेटअप सही होना चाहिए।

इलेक्ट्रिक गैजेट्स को खरीदें

मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस करना है तो अवश्य ही उसके लिए इलेक्ट्रिक गैजेट्स की जरूरत होगी। यह सब काम ऑनलाइन होता है तो इसके लिए आपको मुख्य तौर पर कई कंप्यूटर, लैपटॉप, लैपटॉप की अन्य एसेसरीज जैसे कि कीबोर्ड, माउस, स्पीकर इत्यादि खरीदने होंगे। इसके अलावा आपको कई सॉफ्टवेयर और उनके लाइसेंस भी खरीदने होंगे जो मोबाइल ऐप बनाने के काम आते हैं। अब यहां मोबाइल ऐप की बात हो रही है तो स्वाभाविक तौर पर उसके लिए कई तरह के मोबाइल भी चाहिए (Mobile app business plan in Hindi) होंगे।

मोबाइल ऐप को बनाने के बाद उनकी अलग-अलग मोबाइल पर टेस्टिंग करने की भी आवश्यकता होती है। ऐसे में आपको तरह-तरह के सिस्टम वाले मोबाइल लेने होंगे जैसे कि आईओएस सिस्टम, एंड्रॉयड सिस्टम इत्यादि। ऐसे में आप यह पहले ही देख लें कि आप किस स्तर पर मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं और उसके लिए आपको अपने नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों के अनुसार कितने इलेक्ट्रिक गैजेट्स व अन्य उपकरणों की आवश्यकता होगी।

कुशल इंजीनियर को भर्ती करें

यदि आपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की हुई है या इससे संबंधित कोई डिग्री ली हुई है तो यह बहुत ही अच्छी बात है लेकिन यदि आप मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं तो इसमें केवल आप काम करें और वह भी सब काम कर लें ऐसा संभव नहीं है। यदि आपको अकेले स्तर पर काम करना है तो इसके लिए बिजनेस करना सही विकल्प नहीं है, आप किसी कंपनी में काम कर सकते हैं।

आज के समय में सॉफ्टवेयर कंपनियां एक नहीं बल्कि हजारों हैं जिनमें आप नौकरी लगकर अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं लेकिन यदि आपको खुद का बिजनेस या कंपनी खोलनी है तो इसके लिए आपको कम से कम तीन से चार सॉफ्टवेयर इंजीनियर को हायर करना ही होगा। अब यह पूर्ण रूप से आपके बजट और कंपनी के स्तर पर निर्भर करेगा कि आप शुरुआत में अपने यहां पर कितने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को भर्ती करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर आपको शुरुआत में 3 से 5 सॉफ्टवेयर इंजीनियर जो कि अच्छे कॉलेज से पढ़े हुए हो और उनको अच्छा ज्ञान हो को भर्ती करने की आवश्यकता है।

क्लाइंट्स के साथ संपर्क करें

अब यदि आपने मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू कर लिया है और उसके लिए कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियर को भी अपने साथ जोड़ लिया है तो बारी आती है अपने लिए क्लाइंट्स को ढूंढ कर ले जाने की। आखिर में आपको पैसा अपने क्लाइंट्स के द्वारा ही मिलेगा और आपने जिस चीज के लिए यह बिजनेस शुरू किया है वह भी सही क्लाइंट के कारण आगे बढ़ेगा। यह क्लाइंट किसी भी तरह के हो सकते हैं और किसी भी क्षेत्र से जुड़े हो सकते (How to open mobile app business in Hindi) हैं।

आपको इनसे संपर्क करना होगा और उनकी रिक्वायरमेंट के बारे में जानना होगा। आपको अपने क्लाइंट के बिजनेस, उसके मॉडल, उनके ग्राहक और उनकी क्या-क्या रिक्वायरमेंट है, इसके बारे में अच्छे से समझना होगा और वह सब कुछ अपने यहां काम कर रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बताना होगा। इसके लिए यदि आप पेशेवर लोगों को भी अपने साथ रख लेंगे तो आपके लिए ही काम आसान हो जाएगा। यह क्लाइंट्स और इंजीनियर के बीच में संपर्क बनाने और उन्हें समय पर डिलीवरी देने में बहुत सहायता करेंगे।

मोबाइल ऐप को बनाना शुरू करें

अब जब आपके पास क्लाइंट भी हो गए हैं तो वह आपको अपनी रिक्वायरमेंट अच्छे से समझा देंगे। एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि क्लाइंट किसी भी बिजनेस के लिए भगवान होता है और उसकी हर एक जरूरत को पूरा करना हर बिजनेसमैन का कर्तव्य होता है। ऐसे में यदि आप अपने क्लाइंट की बात अच्छे से नहीं सुनते हैं या उनके मन मुताबिक काम करके नहीं देते हैं तो इससे आपकी और आपकी कंपनी दोनों की छवि खराब होती है। ऐसे में आपका क्लाइंट जिस भी तरह से ऐप बनाने को कहे आप उस पर सिर्फ अपनी सलाह दे सकते हैं लेकिन अंतिम निर्णय आपके क्लाइंट का ही (How to start mobile app business in Hindi) होगा।

इसलिए आप अपने यहां काम कर रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर को क्लाइंट की रिक्वायरमेंट के बारे में स्पष्ट रूप से बता दें और क्लाइंट की डेड लाइन व अन्य सभी जरूरत के बारे में भी उन्हें बता दें। आपको भी समय-समय पर दोनों के बीच कनेक्टर के तौर पर काम करना होगा और डेडलाइन का खास तौर पर ध्यान रखना होगा। यदि आप अपने क्लाइंट्स को अच्छा काम करके देते हैं तो भविष्य में चलकर आपको और ज्यादा काम मिलने की संभावना होगी।

अपने बिज़नेस की मार्केटिंग करें

मोबाइल ऐप का बिजनेस शुरू कर लिया है और उसके लिए आप अपने क्लाइंट्स का काम भी करने लग गए हैं लेकिन यदि आपको जल्दी उन्नति करनी है और अपने बिजनेस को आगे लेकर जाना है तो उसके लिए बिजनेस की मार्केटिंग और प्रमोशन किया जाना भी बहुत जरूरी होता है। आज के समय में जिस बिजनेस ने समय पर और सही मार्केटिंग स्ट्रेटजी को फॉलो नहीं किया वह अवश्य ही अन्य प्रतिस्पर्धी बिजनेस की तुलना में पिछड़ जाता है।

इसलिए आप भी सोशल मीडिया सहित अन्य सभी डिजिटल मीडिया में ऑनलाइन उपकरणों की सहायता से अपने मोबाइल ऐप बनाने के बिजनेस का प्रमोशन करें। इसमें आप यह बताइए कि आप मोबाइल ऐप किस तरह से बनाते हैं और आपके द्वारा बनाई गई ऐप किस तरह से दिखती है। आप अपने द्वारा बनाई गई ऐप के मॉडल भी ऑनलाइन शो कर सकते हैं ताकि अन्य क्लाइंट्स भी आपकी और आकर्षित हो और आपको काम देने लगे। इस तरह से आपका काम कुछ महीनो में बढ़ने लगेगा और आप जल्दी अमीर बन जाएंगे।

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मोबाइल ऐप बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें – Related FAQs

प्रश्न: ऐप बनाने में कितना खर्च होता है?

उत्तर: ऐप बनाने में होने वाला खर्च अलग अलग स्थिति व ऐप के प्रकार पर निर्भर करता है। यह कुछ हज़ार से लेकर लाख तक में हो सकता है।

प्रश्न: ऐप विकसित करना कितना कठिन है?

उत्तर: आज के समय में तो ऐप बनाने की भी कई तरह की ऐप और वेबसाइट आ गयी है जिसमें आप अपनी जरुरत बता सकते हैं और ऐप को डिजाईन कर सकते हैं।

प्रश्न: क्या ऐप बनाना एक अच्छा व्यवसाय है?

उत्तर: निश्चित तौर पर ऐप को बनाना एक अच्छा व्यवसाय होता है क्योंकि हर कोई ऐप का इस्तेमाल कर रहा होता है। इसलिए आप भी ऐप बनाने का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

प्रश्न: गूगल प्ले स्टोर पर ऐप रखने में कितना खर्चा आता है?

उत्तर: गूगल प्ले स्टोर पर ऐप रखने में एक बार का ही खर्च होता है जो लगभग 25 डॉलर अर्थात 2 हज़ार रुपये के आसपास होता है।

इस तरह से आज के इस लेख के माध्यम से आपने मोबाइल ऐप बनाने के बिजनेस के बारे में बहुत कुछ जान लिया है। यहां आपने चरण दर चरण मोबाइल ऐप बिजनेस को शुरू करने से लेकर काम पाने और पैसे कमाने के बारे में हर एक जानकारी पा ली है। आशा है कि अब आप अपना खुद का मोबाइल ऐप बनाने का बिजनेस जल्द से जल्द शुरू करेंगे। यदि फिर भी आपके मन में किसी प्रकार की कोई शंका रह गई है तो आप नीचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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