वैवाहिक दुष्कर्म इन हिंदी | मैरिटल रेप की धारा, सजा, नियम

|| वैवाहिक दुष्कर्म क्या है? What is marital rape? वैवाहिक दुष्कर्म क्या है in Hindi, झूठे धारा 376 के आरोप से बचाव के उपाय, दुष्कर्म क्या होता है, मेडिकल जांच ||

भारत में पुरातन काल से जहां कन्या को देवी का दर्जा दिया गया है, वहीं, महिलाएं पति को देवता का दर्जा देती आई हैं। ऐसी कई कथाएं भी प्रचलित हुईं हैं, जिन्होंने पति को परमेश्वर के रूप में प्रतिस्थापित करने में सहायता की है। आप भारत का सिनेमा उठाकर देख लीजिए, ‘नसीब अपना अपना’ जैसी तमाम फिल्में हैं, जो पति को देवता के रूप में प्रतिस्थापित करती हैं।

यही वजह है कि जब पति यौन हिंसा पर उतर आता है तो अधिकांश महिलाएं अपना मुंह सिल लेती हैं। एक दिक्कत यह भी है कि अधिकांश महिलाएं वित्तीय रूप से पति पर निर्भर हैं। दूसरे, जो महिलाएं आवाज उठाना चाहती हैं, उन्हें समाज में अच्छी नजर से नहीं देखा जाता।

हालत यह है कि वैवाहिक दुष्कर्म की शिकार भी हजारों महिलाएं होती हैं, लेकिन उनमें से आवाज उठाने का साहस चंद ही महिलाएं करती हैं। इन दिनों वैवाहिक दुष्कर्म मुद्दा बना हुआ है। दिल्ली हाईकोर्ट के वैवाहिक दुष्कर्म के संबंध में खंडित फैसला देने के बाद वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर फिर बहस छिड़ गई है।

आज इस पोस्ट में हम आपको यही बताएंगे कि वैवाहिक दुष्कर्म क्या है? भारत में वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर कानून क्या कहता है? दुनिया के अन्य देशों में वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर क्या प्रावधान हैं? आदि। आइए, शुरू करते हैं-

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दुष्कर्म क्या है? (What is rape?)

मित्रों, इससे पूर्व कि वैवाहिक दुष्कर्म की चर्चा करें, सबसे पहले जान लेते हैं कि दुष्कर्म क्या होता है? (What is rape?) आपको बता दें कि धारा (section) 375 के अनुसार किसी भी स्त्री से उसकी सहमति के बगैर जबरन शारीरिक संबंध स्थापित करने को दुष्कर्म कहा जाता है। इसे अंग्रेजी में रेप (rape) भी पुकारा जाता है।

यदि दुष्कर्म में एक से अधिक लोग शामिल हों तो इसे सामूहिक दुष्कर्म कहा जाता है। आपको बता दें कि दुष्कर्म को सबसे घिनौने जुर्म में शुमार किया जाता है। इसकी सजा न्यूनतम 10 वर्ष है और अधिकांश मामलों में उम्र कैद या फांसी तक भी हो सकती है।

वैवाहिक दुष्कर्म क्या है? मैरिटल रेप सजा, नियम, धारा

किन स्थितियों में सहमति के बावजूद बनाया गया संबंध दुष्कर्म होगा? (In which conditions there will be rape inspite of consent?)

साथियों, इस प्रकार की कई स्थितियों का वर्णन कानून में किया गया है, जिसमें सहमति के बावजूद स्त्री के साथ बनाया गया संबंध दुष्कर्म होगा। ये स्थितियां इस प्रकार से हैं-

  • यदि महिला की सहमति उसकी हत्या, उसे नुकसान पहुंचाए जाने अथवा उसके किसी करीबी के साथ ऐसा करने का डर दिखा हासिल की गई हो।
  • यदि महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए गए हों।
  • यदि सहमति देते वक्त महिला की मानसिक स्थिति सही न हो।
  • यदि महिला महिला नशे में हो एवं वह सहमति के नतीजों/परिणामों को समझ पाने की स्थिति में न हो।
  • यदि महिला की उम्र 16 वर्ष से कम हो तो उसकी मर्जी/सहमति के साथ/बगैर बनाया गया संबंध।

वैवाहिक दुष्कर्म क्या है? (What is marital rape?)

अब जान लेते हैं कि वैवाहिक दुष्कर्म क्या होता है? (What is marital rape?) मित्रों, यदि सामान्य शब्दों में कहा जाए तो पत्नी की सहमति के बगैर (without wife’s consent) पति का जबरन शारीरिक संबंध कायम करना वैवाहिक दुष्कर्म होता है। इसे अंग्रेजी में मैरिटल रेप (Marital rape) पुकारा जाता है। इसके लिए पति किसी प्रकार से बल का प्रयोग करता है। अथवा पत्नी या किसी ऐसे शख्स को जिसको लेकर पत्नी परवाह करती है, चोट पहुंचाने का डर दिखाता है।

वैवाहिक दुष्कर्म शब्द इन दिनों क्यों चर्चा में है? (Why the word Marital rape is the centre point of talks these days?)

दोस्तों, आप भी इन दिनों वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर टीवी, अखबारों में खबरें देख-सुन-पढ़ रहे होंगे। इन दिनों यह शब्द बेहद चर्चा में है। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने हाल ही में वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर एक बंटा हुआ फैसला (split decision) दिया है।

एक जज के अनुसार-आईपीसी (IPC) की धारा 375, संविधान के अनुच्छेद (article) 14 का उल्लंघन है। ऐसे में पत्नी से जबरदस्ती संबंध बनाने पति सजा दी जानी चाहिए। लेकिन दूसरे जज ने वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध नहीं माना।

आपको बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 14 में देश के प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार (right to equality) दिया गया है। इसमें प्राकृतिक, आर्थिक, कानूनी आदि सभी प्रकार की समानता का अधिकार सम्मिलित है।

वैवाहिक दुष्कर्म के मामले में भारत में क्या कानून है? (What is the law regarding marital rape in India?)

दोस्तों, अब इस मामले में कानूनी स्थिति (legal status) की बात करते हैं। आपको जानकारी दे दें कि भारतीय दंड संहिता यानी इंडियन पीनल कोड (indian penal code) अथवा आईपीसी (IPC) की धारा 375 में दुष्कर्म को परिभाषित किया गया है।

इसमें वैवाहिक दुष्कर्म को अपवाद (exemption) माना गया है। यह धारा कहती है कि यदि पत्नी बालिग है यानी उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है तो उसके साथ उसके पति द्वारा बनाया गया संबंध दुष्कर्म नहीं माना जाएगा। चाहे पति ने पत्नी की सहमति के बगैर उसके साथ जबरन संबंध बनाए हों।

धारा 375 के अनुसार दुष्कर्म के मामले में यदि आरोपित संबंधित महिला का पति है तो उस पर रेप का केस (case of rape) भी दर्ज नहीं हो सकता।

यदि महिला वैवाहिक दुष्कर्म की शिकार है तो वह क्या कर सकती है? (If a woman is victim of marital rape what she can do?)

हमने आपको अभी बताया कि धार 375 में पति द्वारा जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने पर पति पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। तो ऐसे में पत्नी के पास क्या उपाय है? आपको बता दें दोस्तों कि ऐसे में पति द्वारा दुष्कर्म यानी वैवाहिक दुष्कर्म की शिकार महिला उसके खिलाफ धारा 498ए के अंतर्गत यौन हिंसा (sexual violence) का मामला दर्ज करा सकती है।

यदि महिला को किसी प्रकार की चोट आई है तो वह आईपीसी की धारा में भी केस दर्ज करा सकती है। इसके अतिरिक्त वह 2005 में लाए गए घरेलू हिंसा कानून (domestic violence law) के तहत भी पति के खिलाफ यौन हिंसा का मामला दर्ज करा सकती है।

वैवाहिक दुष्कर्म पर केंद्र सरकार का क्या मानना है? (What is the Central Government stand on marital rape?)

साथियों, समाज की बात महत्वपूर्ण है, लेकिन वैवाहिक दुष्कर्म के मसले पर सरकार क्या सोचती है? यह भी बहुत अहमियत रखता है। फिलहाल यदि केंद्र सरकार की बात करें तो वह भारत में वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध (crime) बनाए जाने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं दिखती।

कुछ वर्ष पूर्व केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) में वैवाहिक दुष्कर्म के अपराधीकरण किए जाने की स्थिति में भारतीय समाज (indian society) में विवाह की व्यवस्था के अस्थिर हो जाने की आशंका जताई थी। उसका कहना था कि इस प्रकार का कानून लाया गया तो पत्नियों के पास पतियों के उत्पीड़न (harrasment) का एक हथियार आ जाएगा।

दुनिया में कितने देश ऐसे हैं, जहां वैवाहिक दुष्कर्म अपराध नहीं? (How many countries are there in the world, where marital rape is not a crime?)

दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि भारत समेत दुनिया में 34 देश ऐसे हैं, जहां वैवाहिक दुष्कर्म अपराध नहीं है (marital rape is not a crime)। न ही पति के खिलाफ कोई महिला दुष्कर्म का केस दर्ज करा सकती है। हालत यह है कि दुनिया के 12 देशों में बलात्कार के अपराधी के महिला से शादी कर लेने पर उसे बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया जाता है।

यदि यूएनओ (UNO) की एक रिपोर्ट (report) पर भरोसा करें तो आज से चार साल पहले तक संसार के 185 देशों में से केवल 77 ही देश ऐसे थे, जहां वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित किए जाने को लेकर स्पष्ट कानून बना है।

इसके अतिरिक्त 108 देशों में से 74 देश ऐसे हैं, जहां महिलाओं के अपने पति द्वारा दुष्कर्म किए जाने के विरूद्ध आपराधिक शिकायत दर्ज कराए जाने संबंधी प्रावधान (provision) किए गए हैं।

सबसे पहले किस देश ने वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध करार दिया था? (Which was the first country to declare marital rape a crime?)

साथियों, अब आपको जानकारी देते हैं कि वह कौन सा देश था, जिसने पति की जोर जबरदस्ती के खिलाफ महिलाओं की संवेदना को समझा था और वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध का दर्जा दिया था। आपको बता दें कि वह देश पोलैंड (Poland) था। वहां 1932 में वैवाहिक दुष्कर्म के खिलाफ कानून लाया गया।

70 का दशक आते आते स्वीडन (Sweden), नार्वे (Norway), सोवियत संघ (Soviet union), डेनमार्क (Denmark), चेकोस्लोवाकिया (Czechoslovakia) जैसे देशों ने भी वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित कर दिया। आपको बता दें कि इसी दशक में आस्ट्रेलिया (Australia) भी इन देशों में शामिल हो गया।

इसके पश्चात 80 के दशक में अमेरिका (America), कनाडा (Canada), दक्षिण अफ्रीका (South Africa), आयरलैंड (Ireland), न्यूजीलैंड (newzealand), मलेशिया (Malayasia), इजराइल (Israel) एवं घाना (Ghana) ने भी अपने यहां वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित कर दिया।

वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर यूएनओ का क्या रूख है? (What is the stand of UNO on Marital rape?)

मित्रों, आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations organization) ने तीन वर्ष पूर्व 2019 में दुनिया के तमाम देशों से वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर चिंता जताई थी और इस संबंध में सख्त कानून बनाए जाने की भी अपील की थी।

यद्यपि भारत की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने एक कांफ्रेंस के दौरान वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित किए जाने की आवश्यकता से इन्कार किया था।

लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ता (human rights activist) वैवाहिक दुष्कर्म एवं महिलाओं के साथ ज्यादती के मुद्दे को उठाते हुए इसे तुरंत अपराध घोषित करने की मांग करते रहे हैं।

वैवाहिक दुष्कर्म को किस आधार पर अपराध घोषित किए जाने की मांग हो रही है? (On which ground Marital rape is being demanded to declare crime?)

दोस्तों, दिल्ली हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर जो खंडित फैसला सुनाया है, अब उसकी पृष्ठभूमि (background) जान लेते हैं। दरअसल, हाईकोर्ट बेंच एनजीओ आरईटी फाउंडेशन (RET foundation) एवं आल इंडिया डेमोक्रेटिक वीमेंस एसोसिएशन (all india democratic womens’ association) की ओर से जारी पीआईएल (PIL) पर सुनवाई कर रही थी।

इस पीआईएल के जरिए बलात्कार कानून के अंतर्गत पतियों को प्राप्त छूट खत्म करने की मांग की गई। याचिका कर्ताओं ने इस आधार पर आईपीसी की धारा 375 की संवैधानिकता को चुनौती दी थी कि यह पत्नियों के साथ उनके पतियों द्वारा यौन उत्पीड़न के खिलाफ भेदभाव करती है। न्यायमूर्ति राजीव शकधर एवं न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की दो जजों की बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हो रही थी।

मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी से बाहर क्यों रखा गया? (Why Marital rape was kept out from the category of Marital rape?)

मित्रों, बहुत लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर मैरिटल रेप (marital rape) यानी वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी से बाहर क्यों रखा गया? दोस्तों, आपको बता दें कि आईपीसी-1860 को सन 1861 में लागू किया गया था। उसी समय से यह प्रावधान अपवाद के तौर पर अपराध की श्रेणी से बाहर है।

इसकी वजह यह लग सकती है कि भारत की संसद (parliament of India), जिसमें अधिसंख्य पुरुष हैं, वे इस बात से सहमत नहीं कि वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में रखा जाए। पिछले करीब पौने दो सौ साल से वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने का यही कारण दिखता है।

अब धारा 375 के इसी पहलू को चुनौती दी गई है। कई गैर सरकारी संगठन वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में लाए जाने की पैरवी कर रहे हैं। पति पत्नी के शरीर, मस्तिष्क एवं आत्मा के मालिक होते हैं, वे इस सोच को खत्म किए जाने के लिए आवाज उठा रहे हैं।

वैवाहिक दुष्कर्म का क्या अर्थ है?

पति का अपनी पत्नी के साथ उसकी सहमति के बगैर जबरन शारीरिक संबंध स्थापित करना वैवाहिक दुष्कर्म कहलाता है।

वैवाहिक दुष्कर्म को अंग्रेजी में क्या पुकारा जाता है?

वैवाहिक दुष्कर्म को अंग्रेजी में मैरिटल रेप पुकारा जाता है।

आईपीसी की कौन सी धारा में दुष्कर्म को परिभाषित किया गया है?

आईपीसी की धारा 375 में दुष्कर्म को परिभाषित किया गया है।

क्या भारत में वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध माना गया है?

जी नहीं, भारत में वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध नहीं माना गया है।

क्या भारत में पत्नी अपने पति पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा सकती है?

जी नहीं, भारत में पत्नी अपने पति पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज नहीं करा सकती।

यदि भारत में पत्नी वैवाहिक दुष्कर्म की शिकार हो तो वह क्या कर सकती है?

वह भारत में पत्नी वैवाहिक दुष्कर्म की शिकार है तो वह पति पर यौन हिंसा का मामला दर्ज करा सकती है। वह घरेलू हिंसा कानून के अंतर्गत भी अपने पति पर यौन हिंसा का केस करा सकती है।

दुनिया का कौन सा देश था, जिसने सबसे पहले वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित किया?

दुनिया में पोलैंड वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित करने वाला सबसे पहला देश है।

पोलैंड ने वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित किए जाने का कानून कब बनाया था?

पोलैंड ने आज से 90 वर्ष पूर्व सन 1932 में इसके लिए कानून बनाया था।

हाल ही में वैवाहिक दुष्कर्म शब्द क्यों चर्चा में रहा है?

दिल्ली हाईकोर्ट के जजों द्वारा वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर बंटा हुआ फैसला दिए जाने की वजह से इन दिनों यह शब्द चर्चा में है।

वैवाहिक दुष्कर्म पर दिल्ली हाईकोर्ट का बंटा हुआ फैसला क्या है?

इसमें एक जज ने आईपीसी की धारा 375 को संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया। कहा कि पत्नी से जबरन संबंध बनाने पर पति को सजा दी जानी चाहिए। वहीं, दूसरे जज ने वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध ही नहीं माना।

दुनिया में ऐसे कितने देश हैं, जहां पर वैवाहिक दुष्कर्म कोई अपराध नहीं है?

भारत समेत दुनिया में 34 देश ऐसे हैं, जहां वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध नहीं माना जाता है।

दोस्तों, हमने आपको इस पोस्ट (post) में वैवाहिक दुष्कर्म के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है। यदि आपको इस पोस्ट के संबंध में कोई सवाल पूछना है तो आप बेखटके नीचे दिए गए कमेंट बाक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। आपकी प्रतिक्रियाओं का हमारे पास खुले मस्तिश्क के साथ स्वागत है। ।।धन्यवाद।।

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