लीगल नोटिस क्या होता है? लीगल नोटिस कैसे बनायें और भेजें?

लीगल नोटिस क्या होता है? Legal Notice कैसे बनाना चाहिए? हमारे आस पास बहुत से ऐसे करीबी होते हैं, जिनसे हमारा लेनदेन का कार्य होता रहता है। चाहे वह रिश्तेदार हो या दोस्त। सामाजिक जीवन में हम  एक दूसरे के ऊपर निर्भर रहते हैं। कई बार लोग व्यवसाय भी एक दूसरे के साथ मिलकर करते हैं और इन सब की वजह से कभी-कभी समस्या भी उत्पन्न होने लगती है। जब कभी किसी कार्य के लिए एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं, तो दो लोगों के बीच में विश्वास का होना भी आवश्यक माना जाता है।

कई बार हमारा विश्वास डगमगाने लगता है। किसी कारणवश सामने वाले ने हमारा पैसा ना दिया हो या भरोसा तोड़ा हो ऐसी अवस्था में कानून का सहारा लिया जा सकता है। ऐसे में लीगल नोटिस देकर मामलों से छुटकारा पाया जा सकता है।

लीगल नोटिस क्या होता है? What is a legal notice?

लीगल नोटिस क्या होता है? लीगल नोटिस कैसे बनायें और भेजें?

Legal Notice देने की प्रक्रिया कानूनी रूप से आगे बढ़ती है। इस नोटिस के द्वारा अपने विरोधी लोगों को कानूनी चेतावनी दे सकते हैं। जब काम खुद से नहीं हो सके तो ऐसे कार्य में कानूनी धमकी दी जा सकती है। इस कानूनी धमकी से हमारा बिगड़ा हुआ काम बन सकता है। Legal Notice में अपनी सारी शर्तों को शामिल किया जाता है यदि तय समय सीमा के अंदर आपके काम ना हो सके, तो कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है। Legal Notice के माध्यम से हम अपनी समस्याओं से बाहर आ सकते हैं। लीगल नोटिस सेक्शन 18 सीपीसी के तहत कार्य करता है।

लीगल नोटिस क्यों भेजा जाता है? Why is a legal notice sent?

कई बार ऐसा होता है कि सामने वाला हमारे साथ गलत करता है और हम सब कुछ सहते रहते हैं। Legal Notice के माध्यम से हम अपना अधिकार ले सकते हैं। जब भी ऐसा लगे कि किसी ने हमारे साथ गलत किया है या किसी बात के लिए धोखा दिया है ऐसे समय में Legal Notice भेजा जा सकता है। यदि किसी ने बेज्जती किया हो या किसी का चेक बाउंसहो या कोई बहुत बड़ा नुकसान हुआ है ऐसे में लीगल नोटिस भेजना सही रहता है। लीगल नोटिस भेजने से सामने वाला व्यक्ति आपकी बात सुनने के लिए बाध्य होता है।

लीगल नोटिस कैसे बनायें? How is a legal notice made in Hindi?

लीगल नोटिस तभी भेजा जाता है, जब कोई काम आसानी से ना हो सके। एक बार कोर्ट में लीगल नोटिस भेजा जाए तो वापस नहीं लिया जा सकता है इसलिए Legal Notice भेजते बनाते समय अच्छे से बनाएं जिससे कोई भी गलती ना होने पाए। यह नोटिस बनाने का काम किसी अच्छे वकील को ही देना चाहिए जिससे गलती की गुंजाइश ना हो और आसानी से काम भी हो जाए।

  1. Legal Notice बनाते समय तारीख को महत्व दिया गया है कि वह कब बना है? इस नोटिस में सबसे ऊपर दिनांक लिखिए उसके बाद लीगल नोटिस भेजने वाले का नाम एवं पता लिखिए।
  2. अगर आप एक से ज्यादा लोगों को Legal Notice भेज रहे हैं, तो सीरियल नंबर लिख कर नाम लिखें।
  3. अगर व्यक्ति किसी कंपनी, ऑफिस में हो, तो उनके ऑफिस के पते का विवरण दें।
  4. फिर सब्जेक्ट लिखने की जगह नोटिस का टाइटल लिखें, इससे यह बात समझ आ जाएगी कि आपने लीगल नोटिस भेजा है।
  5. Legal Notice स्पीड पोस्ट, कूरियर से भी भेज सकते हैं और उसका भी पूर्ण विवरण देना चाहिए।
  6. उसके बाद उसका कंपनी, व्यक्ति को संबोधित करें और अपनी बात को कम से कम शब्दों में स्पष्ट रूप से लिखें। सही कदम न उठाने पर स्थिति का विवरण  दे।
  7. आपकी जो भी शर्तें होंगे, उन सभी शर्तों का भी अपने नोटिस में विवरण करें।
  8. जिस कारण से भी आप लीगल नोटिस भेज रहे हैं, उसका पूरा विवरण दें ताकि  उन्हें बात समझ में आ सके।
  9. अपनी शर्तों और बातों को मानने के लिए जो समय आपने दिया है, उसका भी विवरण दें।
  10. Legal Notice में किसी भी प्रकार से शर्त पूरी ना होने की दशा में नुकसान की राशि का विवरण दें। साथ में कोर्ट में जाने की बात स्पष्ट करें
  11. लीगल नोटिस के हर पेज पर अपने हस्ताक्षर करें। साथ ही उन्हें पैसेज भी करें।
  12. जिसे भी नोटिस भेजा जा रहा है, उसे नोटिसी कहा जाता है। एक से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजना हो, तो नोटिसी 1 और नोटिसी 2 के नाम से भी संबोधित किया जा सकता है।

लीगल नोटिस का जवाब कैसे दें? How to respond to a legal notice?

यदि आपको किसी ने Legal Notice भेज दिया है। तो आपको इसका जवाब देना होगा। नोटिस का जवाब देते समय भी सही प्रकार से सारी जानकारी लिखा जाना चाहिए।

  1. जिसने भी लीगल नोटिस भेजा हो उसका नाम व ऑफिस के पते पर ही जवाब लिखें।
  2. नोटिस जिस दिनांक का बना हो, उसके जवाब का टाइटल “रिप्लाई आफ लीगल नोटिस डेटेड” लिखते हुए दे।
  3. सबसे पहले आप विरोधी पार्टी के वकील को संपूर्ण स्थिति से अवगत कराएं। आप उनको बताएं कि आप समस्त जानकारी से अनजान थे और आपके साथ धोखा हुआ है।
  4. उसके बाद नोटिस के जवाब में पूरी बात बताएं ताकि उन्हें भी समझ आए कि सच्चाई क्या है?
  5. Legal Notice में पारा नंबर के हिसाब से जवाब सटीक रूप से दें।
  6. जवाब भी अपनी भी शर्तों को लिखा जा सकता है। Legal Notice के जवाब की फीस की डिमांड भी किया जा सकता है।
  7. नोटिस की हर पेज पर हस्ताक्षर करना ना भूलें।
  8. बहुत जरूरी होने पर Legal Notice का जवाब दें वरना सामने वाली पार्टी को आपके डिफेंस का पता चल जाएगा।
  9. हो सके तो लीगल नोटिस का जवाब देने से बचें वरना सामने वाली पार्टी के पास लीगल नोटिस का जवाब सबूत के रूप में हो जाएगा।

लीगल नोटिस रिसीव करें या नहीं? Receive legal notice or not?

Legal Notice तभी भेजा जाता है, जब किसी के साथ कुछ गलत हुआ हो। लीगल नोटिस आती है, तो शुरू में समझ नहीं आता कि आखिर क्या करें? लीगल नोटिस के आने पर रिसीव जरूर करें उस से समझ में आएगा कि सामने वाली पार्टी आप से क्या चाहती है? इससे अपने मन में होने वाला आत्ममंथन भी कम हो पाएगा। यह नोटिस लेने से मना कर देते हैं,तो रिपोर्ट कोर्ट में जाती है। कोर्ट में जाने पर आपके द्वारा Legal Notice मना किया गया है, ऐसा ही समझा जाएगा।

यदि चेक संबंधित लीगल नोटिस आए तो, उसे रिसीव ना करना ही बेहतर समझा जाता है। ऐसे में एक रिपोर्ट बनाकर भिजवा दें कि पता गलत है, तो वह नोटिस रिसीव नहीं माना जाएगा। इस आधार पर केस भी जीता जा सकता है। चेक बाउंस संबंधित Legal Notice आने पर सतर्क होने की आवश्यकता होती है।

लीगल नोटिस भेजने के फायदे – Benefits of sending legal notice

कभी-कभी लीगल नोटिस भेजने का फायदा मिल जाता है। अगर आपको किसी से अपना बकाया पैसा लेना है, तो कुछ टाइम पीरियड देकर Legal Notice भेजने का फायदा होता है। ऐसे में कीमती समय भी बचता है। कई समस्याएं ऐसी होती हैं, जो Legal Notice देने के बाद आसानी से सुलझ जाती हैं। सभी चाहते हैं कि कोई भी मामला कोर्ट के बाहर ही सुलझ  जाएं। ऐसे में लीगल नोटिस से फायदा हो सकता है। लीगल नोटिस के माध्यम से ही बड़े खर्चे और अपना समय बचाया जा सकता है।

लीगल नोटिस से डरने की आवश्यकता नहीं – No need to be afraid of legal notice

जब कोई मामला आसानी से सुलझ नहीं पाता, तो ऐसे में नोटिस भेजा जाता है। Legal Notice मामला सुलझाने का जरिया है। जिनके माध्यम से कोर्ट के बाहर ही फैसला हो सकता है कभी कभी दूसरी पार्टी को डराने के उद्देश्य से ही लीगल नोटिस भेजा जाता है पर इसमें डरने की आवश्यकता नहीं होती है। जब भी Legal Notice भेजा जाता है, तो इसे ही कोर्ट का नोटिस समझा जाता है जो सही नहीं है। अगर व्यक्ति भेजे गए नोटिस को नहीं लेता तो इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इसका मकसद व्यक्ति तक सूचना पहुंचाना ही होता है। कोर्ट भी  नोटिस भेजकर आपसी सहमति का समय देता है इसलिए डरने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।

क्रिमिनल केस में लीगल नोटिस की आवश्यकता – Legal notice required in criminal case

क्रिमिनल केस में नोटिस भेजने की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। देखा जाए तो अवमानना को छोड़कर किसी भी प्रकार की Legal Notice की कोई खास आवश्यकता नहीं होती है। जब भी कोई काम हो, तो उसके पहले ही  विरोधी पार्टी को लीगल नोटिस दिया जा सकता है इसमें भी कोर्ट के बाहर समझौता किया जा सकता है।

लीगल नोटिस व्हाट्सएप पर भी भेजा जा सकता हैLegal notice can also be sent on WhatsApp.

हमेशा नोटिस सूचना देने के लिए भेजा जाता है। इस मामले में कोर्ट भी यही चाहती है कि मामला कोर्ट के बाहर ही सुलझ जाए। अगर चाहे तो व्हाट्सएप के जरिए भी नोटिस भेजा जा सकता है।  इसके लिए भेजे गए नोटिस पर ब्लू टिक आने पर ही कानूनी नोटिस सौंपा जाना मान लिया जाएगा। ब्लू टिक इस बात को साबित करता है कि सामने वाले ने मैसेज पढ़ लिया है। Legal Notice के मामले में भी यही समझा जाएगा। लीगल नोटिस भेजने के बाद यदि ब्लूटिक आए तो ऐसा माना जाएगा कि नोटिस पढ़ लिया गया है हालांकि इसका दुरुपयोग भी हो सकता है।

लीगल नोटिस भेजने की समय सीमा – Deadline for sending legal notice

जब भी लीगल नोटिस भेजा जाता है, तो हर मामले में थोड़ी समय सीमा दी जाती है। चेक बाउंस होने पर 30 दिनों के भीतर Legal Notice भेजा जा सकता है। कई दूसरे मामलों में यह समय सीमा 3 साल तक भी सकती है। लीगल नोटिस भेजने की शुरुआत तभी हो जाती है जब से आपको धोखा या नुकसान का पता लगा  हो।

इस प्रकार से लीगल नोटिस का उपयोग किया जा सकता है। अधिकतर देखा गया है कि जब भी कोई नोटिस आता है, तो हमें डर और घबराहट होने लगती हैं। इस मामले में ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। कानून इस बात के लिए समय देता है जिससे सारे मामले आप स्वयं ही सुलझा सकें। हमेशा सही दायरे में रहकर Legal Notice को भेजना चाहिए, तभी सही निर्णय हो पाएगा। इन सब कार्यों के लिए बेहतर वकील की आवश्यकता है, जो आपको सही मार्गदर्शन दे सके। अपना कार्य सतर्कता और सावधानी से करें ताकि कोई भी समस्या ना आने पाए।

तो दोस्तों यह थी लीगल नोटिस क्या होता है? नोटिस कैसे बनायें और भेजें? के बारे में थोड़ी सी जानकारी। यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें। ताकि उन्हें भी यह जानकारी प्राप्त हो सके। इसके साथ ही यदि आपका किसी भी प्रकार का सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। हम आपके सवालों का जल्द ही जवाब देंगे।। धन्यवाद।।

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2 thoughts on “लीगल नोटिस क्या होता है? लीगल नोटिस कैसे बनायें और भेजें?”

  1. सर, मुझे लीगल नोटिस बनवना और भेजना हैं, मेरा व्हाट्सएप नं. 9993522830 हैं, कृपया मार्गदर्शन करें।

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