पति के लिए कानून | पत्नी के खिलाफ शिकायत के नियम 2022

पति के लिए कानून, पत्नी के खिलाफ शिकायत के नियम 2022, पति उत्पीड़न की शिकायत

पति की प्रताड़ना के खिलाफ शिकायत करने के लिए पत्नी को पर्याप्त अधिकार दिए गए हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम (domestic violence act) को ही ले लीजिए। इसके अलावा 498A के तहत भी महिलाओं को खासे अधिकार दिए गए हैं, लेकिन अब कई मामलों में सामने आया है कि उनकी ओर से इसका गलत इस्तेमाल हो रहा है।

अब महिलाएं पुरूषों को प्रताड़ित करने में होड़ में हैं। ऐसे कई पुरूष हैं, जिनकी पत्नियां उनसे झाडू-पोंछा लगवाना, कपड़े धुलवाना, खाना बनाना जैसा काम कराती हैं, जिसकी वजह से उनकी नौकरी तक छूट चुकी है, इसके बावजूद ऐसा करने से मना करने पर वह झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी देती है। पुरूषों को लेकर इस मामले में कानून का हाथ थोड़ा तंग है।

लेकिन आपको जानकारी दे दें कि इसके बावजूद पत्नी यदि मानसिक अथवा शारीरिक रूप से प्रताड़ित करे अथवा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे तो पति भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है। आज इस पोस्ट में हम आपको इसी विषय पर विस्तार से जानकारी देंगे-

पत्नी से परेशान पति यह कदम उठा सकता है –

1. यदि पत्नी किसी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती है अथवा अन्य किसी प्रकार की गलत धमकी देती है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। पति को बगैर देर किए उसके खिलाफ प्राथमिकी यानी एफआईआर (FIR) दर्ज करानी चाहिए।

यह तो आप जानते ही हैं कि कानून में हर नागरिक को अपने बचाव में समान अधिकार दिए गए हैं। पति को भी पत्नी के खिलाफ एफआईआर का पूरा हक है।

2. यदि पत्नी 498A यानी दहेज प्रताड़ना के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देती है अथवा आत्महत्या की बात कहकर धमकाती-डराती है तो भी बगैर देर किए उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन (police station) में शिकायत दर्ज करा दें।

क्योंकि यदि पहले आपकी पत्नी की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई तो उस वक्त पुलिस, प्रशासन के सामने आपके पास बचाव का साधन रहेगा। वरना आपको परेशानी झेलनी पड़ेगी।

3. यदि पत्नी के साथ संबंध ठीक नहीं, अक्सर चेतावनी, धमकी की नौबत आ रही हो तो धारा 9 का मुकदमा दर्ज कराएं। पत्नी द्वारा किए जा रहे गलत कार्य, व्यवहार की लिखित शिकायत फैमिली कोर्ट (family court) में कर सकते हैं। फैमिली कोर्ट ऐसे मामलों में काउंसिलिंग करता है। मामले का निदान हो जाता है।

यदि निदान नहीं होता तो पत्नी की ओर से झूठे मुकदमे की स्थिति में आपका पक्ष मजबूत रहता है कि आप सुधार की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में कोर्ट का पहला दृष्टव्य, जो अमूमन महिला के पक्ष में रहता है, वह आपके पक्ष में रहता है। साथ ही पत्नी की मानसिकता भी कोर्ट में एक्सपोज (expose) हो जाती है।

4. हिंदू विवाह व भरण-पोषण अधिनियम की धारा 13 के तहत तलाक

यदि पत्नी काउंसिलिंग के बाद भी न माने, अपनी मनमानी पर अड़ी रहे एवं कोर्ट की बात पर भी समझने को तैयार न हो तो संबंधित व्यक्ति के पास उससे पृथक यानी अलग होने का अवसर होता है।

पति के लिए कानून | पत्नी के खिलाफ शिकायत के नियम 2022

पीड़ित व्यक्ति हिंदू विवाह व भरण-पोषण अधिनियम की धारा 13 के तहत शिकायत दर्ज तलाक के लिए दरख्वास्त कर सकता है। वह काउंसिलिंग समेत उसे समझाने के अन्य सुबूतों को अपने पक्ष में इस्तेमाल कर सकता है।

धमकाने के मामले में लगने वाली धारा एवं सजा

अब हम आपको बताएंगे कि आईपीसी (IPC)- 1860 के अनुसार धमकाने के मामले में कौन सी धारा लगती है एवं क्या सजा तजवीज होती है- ‌

  • 1. भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी- 1860 की धारा 506 के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति किसी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा। इसकी सजा दो साल है।
  • 2. यदि कोई व्यक्ति अपराध की धमकी देता है तो इसे आपराधिक संत्रास पुकारा जाएगा। इसकी सजा सात साल अथवा जुर्माना है।
  • 3. यदि कोई व्यक्ति खुदकुशी करने की कोशिश अथवा ऐसा करने के लिए कोई कार्य करेगा तो धारा 309 के प्रावधान के तहत उसे एक साल की जेल होगी। आपको यह जानकारी भी दे दें दोस्तों कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद इस धारा में बदलाव कर इसे अपराध की श्रेणी में हटा दिया गया है। लेकिन अब व्यापक छानबीन की व्यवस्था की गई है। जांच के दौरान आप यह बता सकते हैं कि खुदकुशी की धमकी आपको मानसिक उत्पीड़न के लिए दी गई है।

चेन्नई हाईकोर्ट कह चुका-पति के पास पत्नी जैसा मजबूत कानून नहीं

यह सच है दोस्तों। चेन्नई हाईकोर्ट (chennai highcourt) यानी मद्रास हाईकोर्ट कह चुका है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पति के पास अपनी के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम जैसा कोई प्रावधान नहीं।

यह टिप्पणी चेन्नई हाईकोर्ट के जस्टिस एस वैद्यनाथन (justice s Vaidyanathan) की पीठ ने पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान निदेशक के आदेश के खिलाफ एक पशु चिकित्सक पी शशिकुमार की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान की।

शशिकुमार का दावा था कि तलाक से कुछ ही दिन पूर्व उनकी पूर्व पत्नी की ओर से दायर एक शिकायत के आधार पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। पत्नी ने उन पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। कोर्ट ने माना कि शिकायत करने का समय दर्शाता है कि पत्नी ने तलाक के आदेश का अनुमान लगाते हुए याचिकाकर्ता के लिए अनावश्यक परेशानी पैदा की।

शशिकुमार की पत्नी ने सलेम (salem) में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था। साथ ही तलाक (divorce) का मामला भी शुरू कर दिया। इसके पश्चात शशिकुमार ने सलेम में एक शिकायत जज के सामने दर्ज कराई थी, जिसमें उसने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाया था।

कोर्ट में प्रताड़ना साबित कर पुरूष तलाक ले सकता है

यदि पत्नी शारीरिक अथवा मानसिक तौर पर परेशान करे तो पति उससे इस आधार पर तलाक की मांग कर सकता है। परंतु इस संबंध में पति को कोर्ट में प्रताड़ना को साबित करना होगा। आपको यह भी बता दें साथियों कि पति को ऐसे मामलों में पहले पुलिस में शिकायत करनी चाहिए। कोर्ट में यह कदम काम आता है।

पति एवं पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ झूठी शिकायत भी क्रूरता एवं प्रताड़ना

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट साफ कर चुकी है कि यदि पति एवं उसके पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ पत्नी झूठी शिकायत दर्ज कराती है तो यह भी प्रताड़ना एवं क्रूरता है। पति इस आधार पर तलाक का हकदार है। हाईकोर्ट की जस्टिस रितु बाहरी एवं जस्टिस अर्चना पुरी की खंडपीठ ने रोहतक (rohtak) के एक व्यक्ति के मामले में कोर्ट ने यह बात कही।

उन्होंने रोहतक फेमिली कोर्ट (rohtak family court) के आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी की तलाक के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया। मामले में सामने आया था कि अपीलकर्ता की पत्नी क्रूर एवं लड़ाकू प्रवृत्ति की है। वह शादी के तीन महीने से कम समय में ससुराल का घर छोड़ने, अपने पति एवं उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ फर्जी शिकायत करती रही है।

महिलाओं ने 80-90 साल के पारिवारिक सदस्यों को भी फंसाया

कई मामलों में तो यह भी देखने को मिला है कि 80-90 साल के पारिवारिक सदस्य, जो अपने सहारे उठने-बैठने में भी सक्षम नहीं, महिलाएं उन्हें भी 498A के तहत फंसाने में पीछे नहीं हटतीं। कई मामलों में इसी तरह की प्रवृत्ति को देखते हुए इस धारा के तहत आरोपी एवं उसके पारिवारिक सदस्यों की गिरफ्तारी पर रोक का प्रावधान किया गया है।

आलम यह है कि बहुत सी महिलाएं घरेलू हिंसा अधिनियम के प्रावधानों का भी दुरुपयोग करने से नहीं कतरा रहीं। इसी को देखते हुए इन दिनों पुरुष अधिकारों की बात भी जोर शोर से उठने लगी है। आपको इस संबंध में एक आईआईटीयन की बाबत जानकारी दें, जिसने ऐसे ही पुरूषों की सहायता के लिए एक वेबसाइट बनाई है।

इस वेबसाइट के जरिये उन्होंने कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इसके साथ ही कुछ पुरूषों ने अपनी प्रताड़ना की कहानी भी बयां की है, ताकि लोग उससे प्रेरित होकर अपने पुरूष अधिकारों की लड़ाई के लिए आवाज उठा सकें। उसके लिए खड़े हो सकें।

पत्नी से परेशान पति थाने में रहने की फरियाद लेकर आया

बात पत्नी से परेशान पतियों की चल रही है तो आपको बता दें कि तीन साल पहले आगरा के थाना हरीपर्वत में एक युवक पत्नी से परेशान होकर उसे छह महीने थाने में ही रखें जाने की फरियाद लेकर पहुंचा। उसका कहना था कि पत्नी घर में तनाव रखती है। वह एक बार खुदकुशी की कोशिश भी कर चुकी है।

उसका दुख था कि पत्नी उसे जेल भिजवाए, इससे बेहतर है कि वह खुद छह महीने के लिए जेल चला जाए। उसने इस मांग को लेकर थाने में कस कदर हंगामा किया कि पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान कर दिया।

आपको बता दें दोस्तों कि मामले की जड़ एसी (AC) था। दरअसल, युवक एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता था। उसका बड़ा भाई दो ही महीने पहले एसी खरीदकर लाया था। तब से उसकी पत्नी भी एसी लगवाने और ऐसा न होने पर आत्महत्या की धमकी दे रही थी।

70 साल के पति ने की पत्नी से बचाने की शिकायत

मित्रों, एक मामला ऐसा भी सामने आया, जिसमें 70 साल के बुजुर्ग ने पत्नी से बचाने की शिकायत की। ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत दनकौर कोतवाली में तीन साल पहले एक ऐसा मामला पहुंचा, जिसमें 70 साल का बुजुर्ग रोते हुए आया और दरोगा से लिपट गया। वह खुद को अपनी पत्नी से बचाए जाने की गुहार लगा रहा था।

उसका आरोप था कि किसी दिन पत्नी उसकी जान ले लेगी। उसने इस संबंध में शिकायत भी दी। पुलिस ने बुजुर्ग को जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। दरअसल, इलाके भट्टा गांव में रहने वाले इस बुजुर्ग ने रबूपुरा की एक 40 वर्षीय महिला से निकाह किया था। बुजुर्ग का आरोप था कि निकाह के बाद से ही पत्नी उसे परेशान कर रही थी।

आरोप है कि वह उससे घर के सभी काम कराती थी एवं विरोध करने पर मार-पिटाई करती थी। इस बीच एक बार उसने उस पर केरोसिन का तेल छिड़क कर आग लगाने की भी कोशिश, लेकिन उसकी आंख खुल गई। उसने वहां से भागकर अपनी जान बचाई।

क्या पति के खिलाफ झूठी शिकायत क्रूरता की श्रेणी में आती है?

जी हां, पति के खिलाफ झूठी शिकायत क्रूरता एवं प्रताड़ना की श्रेणी में आती है।

पत्नी यदि शारीरिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित करे तो क्या करें?

पत्नी यदि शारीरिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित करे तो उसके खिलाफ नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर अवश्य कराएं।

पत्नियां किस तरह के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देती है?

पत्नियां अक्सर पतियों को घरेलू हिंसा अधिनियम एवं 498A यानी दहेज प्रताड़ना के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देती हैं।

क्या खुदकुशी की कोशिश अपराध की श्रेणी में आती है?

जी नहीं, अब खुदकुशी की कोशिश को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।

पति किस आधार पर तलाक ले सकता है?

अब पति पत्नी की झूठी शिकायत के आधार पर भी तलाक का हकदार हो सकता है।

दोस्तों, हमने आपको पति के लिए कानून | पत्नी के खिलाफ शिकायत के नियम 2022 की जानकारी दी। यदि आप ऐसे ही किसी रोचक विषय पर और अधिक पोस्ट चाहते हैं तो नीचे दिए गए कमेंट बाॅक्स में कमेंट करके अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। जनजागरूकता की दृष्टि से इस पोस्ट को अधिकाधिक शेयर कर इसे अधिक से अधिक लोगाें तक पहुंचाएं। ।।धन्यवाद।।

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