Labour Court Kya Hai? Labour Court Me Complaint Kaise Kare? श्रम न्यायालय क्या है?

अनुक्रम

Labour Court Case In Hindi – लेबर कोर्ट के बारे में आप सभी लोग जानते होंगे। हो सकता है आप में से कई लोगों का काम Labour Court (श्रम न्यायालय) में पड़ भी चुका होगा। क्योंकि सभी लोग अपना खुद का बिजनेस नहीं करते हैं। आधे से अधिक आबादी कहीं न कहीं किसी न किसी कंपनी में नौकरी करती है। किसी कंपनी में नौकरी करते समय कई प्रकार की समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। कंपनी मालिकों द्वारा अपने कर्मचारियों का शोषण करना कोई नई बात नहीं है। अक्सर हमारे सामने ऐसे मामले आते रहते हैं, जिनमें किसी कंपनी के मालिक द्वारा अपने ही कर्मचारियों का शोषण किया जाता है।

Labour Court Kya Hai? Labour Court Me Complaint Kaise Kare? श्रम न्यायालय क्या है?

Labour Court Ke Baare Mein Jankari –

किसी कंपनी के कर्मचारी को वेतन नहीं मिलता है। कंपनी मालिक अपने कर्मचारी को काम के पैसे नहीं दे रहा है। या फिर अन्य तरह की परेशानियां कर्मचारी को कंपनी मालिक द्वारा दी जा सकती है। इन सभी प्रकार की समस्याओं और कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा Labour Court (श्रम न्यायालय) की व्यवस्था की गई है। जहां पर कोई भी कर्मचारी अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार शोषण और पैसे ना मिलने जैसी समस्याओं में मदद प्राप्त कर सकते हैं।

लेबर कोर्ट क्या है? लेबर कोर्ट में आप कौन कौन से मामलों में सहायता ले सकते हैं। और लेबर कोर्ट में आप केस कैसे कर सकते हैं? इन लेबर कोर्ट के नियम 2019, लेबर कोर्ट देल्ही रूल्स, लेबर कोर्ट दिल्ली रूल्स, लेबर कोर्ट हेल्पलाइन नंबर, लेबर कोर्ट कहां पर है, लेबर कोर्ट noida uttar pradesh, सभी की जानकारी को आप इस आर्टिकल के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

Labour Court Kya Hai –

कंपनी मालिकों द्वारा अपने कर्मचारियों के साथ बढ़ रहे शोषण को देखते हुए सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में  Labour Court (श्रम न्यायालय) की व्यवस्था की गई है। लेबर कोर्ट में कोई भी कर्मचारी अपने साथ हो रहे शोषण की शिकायत कर सकता है। जिसके पश्चात लेबर कोर्ट ऐसे कंपनी मालिक के खिलाफ कार्यवाही करके संबंधित कर्मचारी को न्याय दिलाने में मदद करता है। लेबर कोर्ट में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सहायता ली जा सकती है। और अपने खिलाफ होने वाले शोषण की शिकायत लेबर कोर्ट में करके न्याय प्राप्त किया जा सकता है।

किन मामलों में Labour Court में केस किया जा सकता है –

यह जानना बेहद बेहद आवश्यक है कि आप ऐसे कौन से मामले हैं। जिनके अंतर्गत Labour Court (श्रम न्यायालय) की सहायता ले सकते हैं। और संबंधित कंपनी के खिलाफ लेबर कोर्ट में केस कर सकते हैं।

  • बिना कारण कर्मचारी को नौकरी से निकाल देने पर
  • समय पर कर्मचारी को उसका वेतन ना देने पर
  • कर्मचारियों को उनके श्रम का उचित मूल्य ना देने पर
  • कर्मचारियों के हितों पर विचार अथवा उन पर ध्यान न देने पर
  • एक निर्धारित समय से अधिक समय तक कर्मचारियों से कार्य करवाने पर
  • क्षमता से अधिक कार्य करवाने पर
  • इसके साथ ही और भी कई प्रकार के शोषण है। जो कर्मचारियों के साथ किए जाते हैं। उनकी भी शिकायत लेबर कोर्ट में में कर सकते हैं।
  • इसके साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 में और अधिक शोषण के विरुद्ध अधिकार के बारे में बताया गया है।

Labour Court में शिकायत करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें। लेबर कोर्ट के नियम 2019 –

यदि आप किसी कंपनी के खिलाफ लेबर कोर्ट में शिकायत करना चाहते हैं। तो आप Labour Court (श्रम न्यायालय) में शिकायत करने से पहले नीचे बताई जा रही बातों का ध्यान रखें। ताकि आपको कोर्ट में केस करने और केस जीतने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े –

  • आपके पास कंपनी फर्म अथवा फैक्ट्री में काम करने का प्रमाण होना चाहिए। जैसे कि कंपनी से कंपनी से मिला हुआ नियुक्त पत्र।
  • आप जहां काम करते हैं। वहां कितने समय तक काम किया इस प्रमाण।
  • यदि नियुक्त होते समय कोई अग्रीमेंट हुआ है। तो उसकी जानकारी और कॉपी आपके पास होनी चाहिए।
  • नियुक्ति के समय आप को कितना वेतन मिलना तय किया गया था।
  • इसके साथ ही आपके साथ श्रम न्यायालय में जरूरत पड़ने पर गवाही देने के लिए दो व्यक्ति भी होने चाहिए। जो आपके पक्ष में गवाही दे सके।

Labour Court Case करने से पहले क्या करें –

लेबर कोर्ट में केस करने से पहले आपको अपनी कंपनी, फर्म अथवा फैक्ट्री जहां पर आप काम कर रहे हैं। वहां के उच्च अधिकारी अथवा मालिक को लिखित रूप में में शिकायत पत्र दे। साथ इसकी एक कॉपी अपने पास भी रखें। यदि वह आपकी समस्या का समाधान ना करें तब आगे बढ़े –

कंपनी का मालिक उच्च अधिकारी आपकी बात नहीं सुने तो क्या करें –

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कर्मचारी द्वारा कंपनी के उच्च अधिकारी और मालिक को लेकर शिकायत करने पर भी किसी प्रकार की सहायता नहीं की जाती है। कर्मचारी की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है। तो ऐसी स्थिति में कर्मचारी को चाहिए।  कि वह संबंधित थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराएं।

संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने पर भी पुलिस कुछ ना करें। या शिकायत लेने से मना करे, तब क्या करें –

यदि आप संबंधित थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करते हैं। लेकिन पुलिस या तो आप की शिकायत दर्ज नहीं करती है। अथवा शिकायत दर्ज करने के बाद भी किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करती है। तो ऐसी स्थिति में पीड़ित कर्मचारी को एक लिखित प्रार्थना पत्र एसपी को देना चाहिए।

यदि एसपी शिकायत दर्ज करने से मना करें तब क्या करें –

कई बार देखा गया है कि एसपी के पास शिकायत दर्ज कराने जाते हैं। तो एसपी शिकायत दर्ज करने से मना कर देतें हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित कर्मचारी के पास एक ही रास्ता है, कि वह आगे बढ़कर न्यायालय का मैं किस करें। और अपने खिलाफ हुए शोषण का न्यायालय से न्याय प्राप्त करें। इसके लिए कर्मचारी संबंधित मामले के लिए श्रम न्यायालय में किसी अधिवक्ता की मदद से मुकदमा दर्ज करा सकता है।

लेबर कोर्ट में शिकायत करने के पश्चात की जाने वाली वाली प्रोसेस –

Labour Court (श्रम न्यायालय) में शिकायत करने के पश्चात आपको निम्नलिखित प्रोसेस होती है –

  • लेबर कोर्ट में शिकायत करते समय आपको अपनी नौकरी से संबंधित सभी दस्तावेजों को साथ में लाना होता है। ताकि आप कोर्ट में साबित कर सके कि आप संबंधित कंपनी में कार्य करते थे।
  • न्यायालय में शिकायत करने पर आपके द्वारा की गई शिकायत दर्ज करके एक शिकायत प्रति आपको प्रदान की जाएगी। साथ ही एक नोटिस कंपनी को भी भेजा जाएगा।
  • समय पड़ने पर आपको और संबंधित कंपनी को न्यायालय के उच्चाधिकारियों द्वारा न्यायालय में बुलाया जा सकता जा सकता है।
  • जहां पर आपको अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।
  • न्यायालय में उपस्थित होने पर आपकी और संबंधित कंपनी दोनों की बातें सुनी जाएंगी। और आपके द्वारा की गई शिकायतों का समाधान किया जाएगा।
  • दोनों पक्षों की बातें सुनने के पश्चात न्यायालय द्वारा अपना अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा। जिसको कंपनी द्वारा अनिवार्य रूप से मानना होगा।

कर्मचारियों के हित में लाए गए अधिनियम –

भारत में कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण एवं परेशानियों को देखते हुए भारत सरकार द्वारा समय-समय पर कर्मचारियों के हित में कानून बनाए गए हैं। अब तक कर्मचारियों के हित में बनाए गए कानून इस प्रकार हैं –

  1. औद्योगिक विवाद अधिनियम – 1947
  2. औद्योगिक रोज़गार (स्थाई आदेश) अधिनियम – 1946
  3. न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम – 1948
  4. मज़दूरी संदाय अधिनियम – 1936 – (खदान, महत्वपूर्ण बन्दरगाह और वायु परिवहन सेवाएँ)
  5. ठेका श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम – 1970
  6. प्रसूति लाभ अधिनियम – 1961
  7. बाल श्रम (निषेध एवंविनियमन) अधिनियम – 1986
  8. रेलवे कर्मचारियों के लिए रोज़गार के घंटे संबंधी विनियमन
  9. बोनस संदाय अधिनियम – 1965
  10. उपदान संदाय अधिनियम – 1972
  11. समान पारिश्रमिक अधिनियम – 1976
  12. अन्तर राज्यीय प्रवासी श्रमिक (रोज़गार एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम – 1979
  13. भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (रोज़गार एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम – 1996

लेबर कोर्ट कहां पर है –

देश में अलग अलग जगह पर लेबर कोर्ट की व्यवस्था की गई है। देश में स्थिति प्रमुख लेबर कोर्ट निम्नलिखत जगह पर हैं –

दिल्लीजबलपुर (मध्यप्रदेश)
आसनसोल (पश्चिम बंगाल)चंडीगढ़ (पंजाब)
कानपुर (उत्तरप्रदेश)गुवाहाटी (असम)
लखनऊ (उत्तरप्रदेश)कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
हैदराबाद (आंध्रप्रदेश)अहमदाबाद (गुजरात)
मुंबई (महाराष्ट्र)नागपुर (महाराष्ट्र)
धनबाद (झारखंड)चेन्नई (तमिलनाडु)
जयपुर (राजस्थान)बैंगलोर (कर्नाटक)

इसके साथ ही प्रमुख लेबर कोर्ट और उनकी सम्पर्क डिटेल्स के लिए यहाँ क्लीक करें

Labour Court में ऑनलाइन कंप्लेंट कैसे करें? How To Complaint In abour Court Online –

किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का यदि कोई शोषण किया जाता है। तो उसकी शिकायत कर्मचारी Labour Court (श्रम न्यायालय) में कर सकते हैं। लेबर कोर्ट में ही ऐसी शिकायतों का निपटारा किया जाता है। सही समय पर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और समय की बचत करने के लिए सरकार द्वारा ऑनलाइन भी कंप्लेंट करने की व्यवस्था की गई है। आप नीचे बताये गए आसान से स्टेप्स को फॉलो करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Labour Court Kya Hai? Labour Court Me Complaint Kaise Kare? श्रम न्यायालय क्या है?

  • आपके सामने एक फॉर्म ओपन होगा। इस फॉर्म में पूछी जा रही सभी आवश्यक जानकारी सही सही भरना होगा।
  • सारी जानकारी भरने के पश्चात सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • जैसे ही आप सबमिट बटन पर क्लिक करेंगे। आपकी शिकायत सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगी। और आपको एक कंप्लेंट नंबर भी प्रदान कर दिया जाएगा। जिसके माध्यम से आप कभी भी अपनी शिकायत की स्थिति को चेक कर सकते हैं।

तो दोस्तों यह थी  Labour Court (श्रम न्यायालय) के बारे में पूरी जानकारी। Labour Court Kya Hai? Labour Court Me Complaint Kaise Kare? श्रम न्यायालय क्या है? आर्टिकल के माध्यम से आपको लेबर कोर्ट के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है। लेकिन किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही करने से पहले आप किसी अच्छे वकील से सलाह जरूर लें। ताकि आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े।

साथ ही यदि आप कोई आर्टिकल अच्छा लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। और किसी भी प्रकार का सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। हम जल्द ही आपके सवालों का जवाब देंगे।। धन्यवाद।।

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23 thoughts on “Labour Court Kya Hai? Labour Court Me Complaint Kaise Kare? श्रम न्यायालय क्या है?”

  1. Sir,. Main aur mere sath 15 mazdooro ne ek aadmi k Ghar
    bnane kaa kaam Kiya lekin ab kaam hone k baad wo hme hmari mazdoori k RS . Nhi de RHA hai ….hame Kya krna chahiye

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  2. सर जी आप का सुझाव अच्छा है लेकिन अगर कोई संस्था लडको से काम करवा रहा है और उस लड़के के पास कोई id न हो तो वो कोर्ट केस कैसे करे
    जैसे की up के मण्डी समिति मे जो धर्म काँटे लगे है उस पर जितने लड़के काम कर रहे है उनके पास कोई id नही है और जो सेलरी मिलता है एक लड़के के खाते मे भेज दिया जाता और सब आपस मे बाट लेते है उन्हे न तो कोई epf मिलता और न ही कोई सुबिधा

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  3. sir mai morexa security me kam karta tha mera suparwaijar mujhe presar de jar ovar taim par rokta tha
    aaj meri tabet na theek hone ke karan ovar taim rukne se mna kiya to novkari se nikal diya
    Date 10/09/2019
    a

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  4. Dear my sir
    Sir mera name adarsh singh premi h or me ek company me kam karta hu mere sat bhut badha dhokha kar rahe sir me is company kam se kam mujhe 3 se 4 years ho chuke h mujhe pahile manager Bali uniform dete rage ab ye kah rage h ki ap dhusri uniform le lo or meri salary bhe com bhadate or mujhe bhedbhau karte h sir or ap hi batao kya kari sah

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  5. Sir muje 2005 se avhi tak kam karte ho gya hai abhi tak ek hi company Group me alag alag tin jaghah per vheja hai lekin mere pass transfer ka paper nahi hai kya main Laber cort me ja Sakta hun salah dene ki kripa kiren

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  6. सर मेरा नाम विजय पिता शंकर लाल है मे वर्ष 2009 मे एक बिजली ठेकेदार के पास काम करता था एक दिन बिजली का काम करते समय मुझे कंरट लगा और मे खंबे से गिर गया और मेरी रिड़ कि हडी टुट गयी और डाक्टर ने भी कह दिया अब तुम कभी चल नही पाओ गे मेने उजैन मध्यप्रदेश श्रम कोर्ट मे ठेकेदार और बिजली कंपनी पर केस कर दिया मुझ आज मेरे वकिल ने 2 महीने बाद बताया कि कोर्ट ने तुमहारा केस 30 जुलाई को खारिज कर दिया अब मे किया करु मो 9993120698

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  7. Hi sar mi Santosh pansare Shankala Realtors company made office boy manun 2008 te 2018 job kart hoto pagar 2/3 mahine let det manun jab sodla tar companyne maza 3 varshacha bons v 10 varshachai gachuti denyas nakar dila manun Mi Lebar office made complete Keli tar companyne mala fakt 2 varshacha bons v rahilela pagar dila 1 varshacha bons gachuti denyas nakar dila sarkari kamagar Adhikari yani mala cortat jayala sagitle Pan sar mazi yevdi parstiti nahi ki cortat jaun kes ladhu shakel manun mi aapyakde salla magt yavr dusara Marg sanga jite mala nay milel ani je kamagar Kam kart nahit tyancha pf kapla jayacha aani mi 10 varsh job Karun mala PF lab denyat aalela nahi piz mala nay kute milel

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  8. Hii sar m mohit kumar job karta hu jo ki meri company ka name luxura enterprises.pvt.ltd.h mujhe 1 year 7 month ho gaye ab tak bonus nai mela meri vinti h ki karvayi kare mujha गोप्णीये rakhe meerut

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    • फिर आप डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सभी सबूतों के साथ सम्बंधित व्यक्ति के खिलाफ केस फाइल कर सकतें हैं.

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