यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? यहां से पाएं पूरी जानकारी

यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत प्रक्रिया – आपने राशन की दुकानों पर लगीं लंबी लंबी लाइनें जरूर देखी होंगी। गरीब लोगों को महंगा राशन खरीदना पड़े, इसके लिए सरकार की ओर से राशन डिपो खोले गए हैं। गरीब जनता को कोटेदारों के माध्यम से राशन मिलता है। इसके लिए व्यक्ति के पास राशन कार्ड होना जरूरी है। दरअसल, यह एक ऐसा कार्ड है, जिसे राज्य सरकार अपने नागरिकों को जारी करती है। इसके जरिये शासकीय उचित मूल्य की दुकान या राशन डिपो से गेहूं, चावल, नमक, चीनी, केरोसिन आदि बेहद सस्ते दामों पर प्राप्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं, न केवल गरीब बल्कि अन्य वर्ग के लोगों द्वारा भी पहचान पत्र के रूप में भी इस कार्ड को बहुतायत में इस्तेमाल किया जाता है।

कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें?

लेकिन अक्सर होता यह है कि कई बार कोटेदार कार्ड के मुताबिक राशन नहीं देता। ऐसे में ग्राहक दुकान के चक्कर काटते-काटते थक जाते हैं। कई दफा दुकान वक्त पर नहीं खुलती। कई बार यह होता है कि गरीबों के हिस्से का राशन निजी दुकानों में बेच दिया जाता है। कोटेदार गरीबों के हिस्से का राशन हजम कर जाता है। ऐसे प्रकरण आए दिन अखबारों की सुर्खियों में छाए रहते हैं। अधिकारियों की छापामारी में भी कई बार अनियमितताएं सामने आती हैं।

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कई लोग कोटेदार के खिलाफ करना भी चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि शिकायत कहां की जाए? किस तरह से की जाए? इसके लिए किसका दरवाजा खटखटाना पड़ेगा? क्या अन्य विभागों की तरह कोटेदार के खिलाफ भी online शिकायत की जा सकती है? अगर आप भी ऐसे लोगों में हैं, जो नहीं जानते कि कोटेदार के खिलाफ शिकायत किस तरह की जाए तो आज इस post के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि कोटेदार के खिलाफ कहां शिकायत करें? कैसे शिकायत करें और online शिकायत कैसे की जा सकती है। आप हर बिंदु को ध्यान से पढ़ते चलें –

कोटेदार के खिलाफ शिकायत किस तरह से कर सकते हैं?

शिकायत करने से पहले यह आवश्यक रूप से जान लें कि आप कोटेदार के खिलाफ किस तरह की शिकायत कर सकते हैं।

  • अगर वक्त पर राशन न मिले या इसकी सूचना राशन की दुकान पर डिस्प्ले न हो
  • राशन की दुकान वक्त पर न खुले
  • कोटेदार बुरा बर्ताव करे
  • कोटेदार राशन कम तोले
  • राशन की कालाबाजारी करे आदि

कितने तरह के होते हैं राशन कार्ड –

साथियों, लगे हाथ आप यह भी जान लीजिए कि राशनकार्ड कितने तरह के होते हैं। यानी आप कौन से उपभोक्ता हैं। दरअसल, राशनकार्ड चार तरह के होते हैं। एपीएल यानी above poverty line यानी गरीबी रेखा से ऊपर, बीपीएल यानी below poverty line यानी गरीबी रेखा से नीचे, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और अन्नपूर्णा। आपको बता दें कि एपीएल कार्डधारक को गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल मिलता है। बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारक को चीनी भी मिलती है।

एपीएल कार्ड सफेद रंग का होता है। बीपीएल कार्ड का रंग पीला होता है, जबकि अंत्योदय कार्ड का रंग गुलाबी होती है। जिस परिवार की सालाना आय 24,200 रुपये से कम है, बीपीएल की श्रेणी में आते हैं। इससे ऊपर एपीएल में आते हैं। अन्नपूर्णा में 65 साल से ऊपर के वह लोग शामिल हैं, जिनकी आय का कोई साधन नहीं होता।

कोटेदार के खिलाफ लिखित शिकायत कहाँ करें?

अगर आपको लिखित शिकायत करनी है तो आप जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय में शिकायती पत्र देकर अपनी बात उन तक पहुंचा सकते हैं। शिकायती पत्र पाने के बाद वह मामले में जांच कराएंगे। अगर जांच सही पाई जाएगी तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।

यहां से भी बात नहीं बनती तो आपको प्रशासन का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। अपनी शिकायत एसडीएम को देनी होगी। वह भी मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। आप यह सब नहीं करना चाहते तो खाद्य आपूर्ति विभाग के पास वेबसाइट के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

कोटेदार के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

दोस्तों, यदि आप देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और online माध्यम से कोटेदार के खिलाफ शिकायत करना चाहते हैं, तो आप यहाँ बताये जा रहे आसान सी प्रक्रिया को फॉलो करें। आप बड़ी सरलता से ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कर सकतें हैं –

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  • इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा, उस पर सबसे नीचे दिए गए महत्वपूर्ण लिंक सेक्शन में ऑनलाइन शिकायत प्रेक्षित करें option पर click करें।
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  • अब आपके सामने विभाग के call center का एक नया पेज खुलेगा। इसमें शिकायत दर्ज करें | Register Complaint के option पर click करें।
  • इसके बाद आपके सामने एक और पेज खुलेगा, जिसमें आपको एक फार्म भरना होगा। अपने से जुड़ी जानकारी देनी होगी। मसलन आपका नाम, पता, मोबाइल नंबर/ईमेल, जिला, प्रोफेशन, शिकायत का विषय (अधिकतम 200 कैरेक्टर में), शिकायत का विवरण (अधिकतम 1500 कैरेक्टर में) देना होगा। पूर्व शिकायत (अगर कोई रही हो) की भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद फार्म में दिया कोड़ भर दें।
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  • पूरा फॉर्म भरने के बाद आप जैसे ही नीचे दिए गए दर्ज करें के option पर click करते हैं तो आपके मोबाइल फोन पर complaint registered successfully का संदेश आ जाता है। इसके साथ ही एक डॉकेट नंबर भी शो होता है। आप इसे नोट कर लें। आपकी शिकायत दर्ज हो चुकी है।

शिकायत का status कैसे चेक करें?

शिकायत दर्ज कराने के बाद जब भी आप complaint की online स्थिति पता करना चाहेंगे, उस समय इस डाकेट नंबर की जरूरत होगी। Call center के पेज पर view online status option पर click करके आप जान सकते हैं कि अभी तक आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है। यानी वह समाधान के किस स्तर पर है।

  • ऑनलाइन शिकायत की स्थिति चेक करने के लिए आप सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट https://cms.up.gov.in/jsk/User/default.aspx पर जाएँ। यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट जा सकते हैं।
  • इसके बाद आपको इस पेज पर शिकायत की वर्तमान स्थिति देखें पर क्लीक करें जिसके बाद आपको नीचे दिखाई गई इमेज की तरह शो होगा।
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  • इस पेज पर आपको अपना शिकायत नंबर लिखकर प्रदर्शित करें आप्शन पर क्लीक करें।
  • जैसे ही आप प्रदर्शित करें आप्शन पर क्लीक करेगें आपके शिकायत की स्थिति की पूरी जानकारी दिखाई जाएगी।

कोटेदार के खिलाफ शिकायत Toll Free Number पर कैसे करें? Ration Dealer Ki Shikayat Number –

अगर आप online शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते तो आपके पास इसके लिए उससे भी आसान सा उपाय है। आप सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जारी किए गए toll free number का इस्तेमाल शिकायत करने के लिए कर सकते हैं। विभाग ने लोगों की मदद के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 1967 और 18001800150 toll free number जारी किए हैं। यानी कि इन नंबरों पर संपर्क करने के लिए आपका कोई शुल्क नहीं लगेगा।

लेकिन आपको यह भी बता दें कि हर रोज इन नंबरों पर शिकायत करना संभव नहीं होगा। इसके लिए कार्य दिवस नियत किए गए हैं। किसी भी कार्य दिवस पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। और लगे हाथ आप यह भी जान लीजिए कि अगर आप इन toll free numbers से कोई अन्य जानकारी भी लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं। और हम लगे हाथ आपको यह भी बता दें कि अगर किसी भी वजह से आपकी online शिकायत पर अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो भी आप अपना grievance 1967 पर call करके बता सकते हैं।

इसके बाद इस संबंध में संबंधित विभाग से पूछताछ की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वयं भी इसका संज्ञान लेते हैं। बताया यह जाता है कि toll free number जारी होने के बाद से समस्याओं के निराकरण में तेजी दर्ज की गई है। अलबत्ता, यह भी सच है कि कागज़ी आंकड़े बहुधा जमीनी हकीकत से बहुत दूर होते हैं। उपभोक्ता की समस्या का निराकरण हालांकि सरकार के ही हाथों में है।

अफसरों के चक्कर काटने की जरूरत खत्म –

तो इस तरह आपने देखा कि अब लोगों को अधिकारियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं। घर बैठे बेहद आसानी से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ ही आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, या आपकी शिकायत का अभी निस्तारण स्तर क्या है? यह भी घर बैठे ही जाना जा सकता है।

इससे कम से कम लोगों के लिए अपनी दिक्कत दूर करने की राह तो आसान हुई ही है। दूसरे आनलाइन कितनी शिकायतों का निस्तारण हुआ, इसकी एक निश्चित समय के अंतराल पर उच्च अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तलब की जाती है, लिहाजा, शिकायत पर कार्रवाई सुनिश्चित होने का प्रतिशत भी बढ़ जाता है।

सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में –

शहरी क्षेत्रों में फिर भी बहुत परेशानी नहीं। लोग जागरूक भी हैं, लेकिन अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में है। भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आते हैं। कहीं समय पर राशन नहीं मिलता तो कहीं कोटे का राशन निजी दुकानों में बिकता मिलता है। प्रशासनिक अधिकारी भी गाहे बगाहे अनियमितताओं की शिकायतों पर छापामारी करते हैं और कार्रवाई भी होती है। मसलन जांच के बाद अगर शिकायत सही पाई जाती है तो उनकी रिपोर्ट पर डीएम के आदेश के बाद कोटेदार की दुकान निलंबित होती है या निरस्त हो जाती है।

लेकिन कई बार कार्रवाई नहीं भी होती। कोटेदार किसी न किसी दबाव के चलते बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं। कई बार तो स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोटेदार की लोग पिटाई तक कर देते हैं। तो कई जगह यह भी है कि दबंग जो है कोटेदार से जबरन राशन उठा ले जाते हैं ऐसे में मुश्किल निर्धन लोगों की होती है। वह अपनी मुश्किल और समस्या लेकर दर ब दर भटकते हैं।

कोटेदार बनने की प्रक्रिया में बदलाव भी –

दोस्तों, कोटेदार बनने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।अब हाईस्कूल से कम स्तर की डिग्री होने पर कोटेदार भी नहीं बन सकते। नए नियम के तहत कोटेदार चयन के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे ठीक पहले राशन वितरण पीओएस यानी point of sale मशीन के जरिये करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। कोटेदार के लिए अभी तक कोई शैक्षिक योग्यता निर्धारित नहीं होने की वजह से भी कोई भी आराम से कोटेदार बन जा रहा था। अब इस प्रक्रिया में भी गुणवत्ता पूर्ण बदलाव आने की संभावना जताई जा सकती है।

प्रश्न उत्तर

यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

अगर आपको अपने क्षेत्र में कोटेदार से राशन वितरण से जुड़ी कोई शिकायत है तो आप खाद आपूर्ति विभाग की वेबसाइट https://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिसकी पूरी जानकारी ऊपर दी गयी हैं।

क्या ऑफ़लाइन यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं?

जी हां अगर आपको ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करने में परेशानी आ रही है, तो आप खाद एवं आपूर्ति विभाग के द्वारा जारी किए गए 1967 या 18001800150 toll free नंबर पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं।

क्या कोटेदार के खिलाफ मिली शिकायत की स्थिति का पता लगा सकते हैं?

जी हां अगर आप कोटकर खिलाफ शिकायत दर्ज कर चुके हैं तोhttps://cms.up.gov.in/jsk/User/default.aspx वेबसाइट पर जाकर शिकायत की स्थिति चेक कर सकते हैं।

क्या शिकायत करने पर कोटेदार को हटाया जा सकता है?

जी हां अगर किसी ने कोटेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, और संबंधित विभाग के द्वारा जांच करने पर शिकायत सही हुई तो कोटेदार को हटाया भी जा सकता है।

साथियों, यह थी पूरी जानकारी कि आप यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? उम्मीद है कि हमारी इस post के जरिए आप लिखित और ऑनलाइन तरीके से कोटेदार के खिलाफ शिकायत करने की प्रक्रिया समझ गए होंगे। इसके बावजूद अगर आप इस विषय से जुड़े किसी भी बिंदु पर और जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके भेज सकते हैं।

इसके अलावा अगर आप किसी और विषय के बारे में भी हमसे जानकारी पाने के इच्छुक हैं तो हमें बता सकते हैं। उसके लिए भी आपको नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अपनी बात हमसे साझा करनी होगी। अगर आपका कोई सुझाव है तो भी आप हम तक पहुंचा सकते हैं उसके लिए भी आपको यही तरीका आजमाना होगा। जी हां मित्रों, हम आपकी ओर से दिए गए सुझाव पर अमल करने की अपनी ओर से पूरी पूरी कोशिश करेंगे ।। धन्यवाद ।।

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36 thoughts on “यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? यहां से पाएं पूरी जानकारी”

  1. विषय – जिला महाराजगंज ब्लॉक परतावल के ग्राम जमुनिया के कोटेदार द्वारा मानक के अनुसार राशन आदि न देने व आय से अधिक सम्पत्ति के सम्बन्ध मे- कोटेदार वाहिद अली के ऊपर गांव के बड़े-बड़े दबंगों का हाथ है जिसके घर पर कोटेदार खुद चावल गेहूं बोरी का बोरी ले जा करके पहुंचा देता है और गरीबों को अगर 10 किलो चावल दे रहा है तो वह 8 किलो होता है।
    महोदाय,
    सादर अवगत कराना चाहता हू की ग्राम सभा जमुनिया की जनता को मानक के अनुरूप राशन बहुत दिनो से नहीं दिया जा रहा है , ग्राम सभा के दबंग ब्यक्ति होने के नाते यदि कोई विरोध भी करता है तो मा बहन की भद्दी – भद्दी गालिया देते हूए तथा जातिसूचाक शब्द का प्रयोग करके भगा दिया जाता है और कोटेदार द्वारा कहा जाता ही की मेरा कोई भी कुछ बिगाड नहि सकता जो करना है कर लो ज़हा तक मेरी जानकारी है की ज़िलाधिकारी के किये गये कामो की प्रशंशा पूरे राज्य मे चल रही है,इतने अच्छी शुभयवस्था मे भी ग्राम जमुनिया यही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार की निधी से जारी कीये गए खाद्य सामाग्री की भी कालाबाजारी कर दी जा रही हैं.
    श्री मान् जी एक बात से और अवगत कराना चाहता हू की कोटेदार वाहिद अली अनपढ हैं ज़िसे यदि कोई पांच सौ रूपये का नोट राशन लेने के लिए देता है तो पूरा रख लेते हैं वापस करने योग्य धन भी वापस नहीं करते है, इस कारण कोटे की दुकान कोटेदार का बड़ा पुत्र देखते है जिसके पास कोटे की दुकान के अलावा और कोई भी आमदानी का श्रोत नहीं है लेकिन कोटेदार के बड़े पुत्र के पास आज के समय आय से अधिक सम्पत्ति (एक ट्रैक्टर हीरो होंडा की बाइक स्कूटी और एक आलिशान मकान है).
    श्री मान् जी को बताना चाहता हू की ये सारी सम्पत्ति जनता के राशन आदि की कालाबजारी करके बानाया गया है श्री मान् जी को अवगत कराना चाहता हू की इनकी कोटे की दुकान कई बार निलांबित हो चुकी है लेकिन पैसे खर्च कर बहाल करा लिया जाता है .
    अतः श्री मान् जी से प्रार्थना है की
    ग्राम जमुनिया के राशन के दुकान का स्वयं निरिक्षण करके कोटे की दुकान निरस्त कर तथा आय से अधिक सम्पत्ति की जांच कराकार उचित कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करे

    दिनांक – 1/02/2022

    जागरूक नागरिक: पोस्ट पीपरपाती तिवारी 273302

    प्रतिक्रिया
  2. महोदय,
    निवेदन है कि प्रार्थी रमेश पासी (आर०टी०आई० कार्यकर्ता) ग्राम – चकीदी पोस्ट – कोइलाड़ी बुजुर्ग विकासखण्ड – मुहम्मदपुर तहसील – निज़ामाबाद जनपद – आज़मगढ़ (यूपी) का स्थायी निवासी हूँ। प्रार्थी के राशन कार्ड में प्रार्थी के परिवार में कुल 8 सदस्य है प्रत्येक यूनिट 5 किलोग्राम राशन वितरण की प्रक्रिया है तो प्रार्थी के परिवार का कुल राशन 40 किलोग्राम बनता है जबकि ग्राम सभा चकीदी के कोटेदार द्वारा प्रार्थी के परिवार को कुल राशन 38 किलोग्राम दिया जाता रहा है और प्रार्थी के माता-पिता बुजुर्ग होने के कारण उनका बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन न होने के कारण कोटेदार द्वारा उनका राशन नही दिया जा रहा है और परिवार में जिसके बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन पर राशन दिया जाता था उसका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है। प्रार्थी के परिवार के सदस्यों द्वारा कोटेदार से पूछताछ की गई तो कोटेदार द्वारा विभाग की लापरवाही बताई जा रही है।

    अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि प्रार्थी के प्रार्थना पत्र को ध्यान में रखकर ग्राम सभा चकीदी के कोटेदार को प्रार्थी के बुजुर्ग माता-पिता को बिना बॉयोमैट्रिक वेरिफिकेशन के राशन देने तथा प्रार्थी के राशन कार्ड से प्रार्थी के परिवार के सदस्यों के कटे नमो को दर्ज करवाने की कृपा करें।

    प्रतिक्रिया
  3. सर मेरा चार युनिट है तो मुझे 19 किलो राशन मिलता है क्या 1 किलो राशन कटौती आप के यहाँ से होती है (जिला अम्बेडकर नगर ब्लॉक भीटी ग्राम सभा बथुआ)

    प्रतिक्रिया
  4. Gram Post Balapur Jila Gorakhpur ka kotedar bahut Dabang type ka hai uske khilaf Koi Awaaz Nahin uthata Hai agar kab h uthae Tujh Ko Marne Ki dhamki deta hai bahut Maar Maar bhi ho chuka hai Jinka ration Nahin Milana chahie unko Milta Hai Jin ko Milana chahie unko Nahin Milta Hai Dil Ka card banana chahie Unka Nahin banaa Hua Jinka nahin banna chahie Unka banaa hai ration energy Kisi Tarah Koi ration a Gaya to mangne per Gali dekar Khajur deta hai Uske khilaf Kaise Kya Karen Uske khilaf jo bhi complaint karta hai usko usko Mal Jaan Maar ka Khatra hai mobile number 99 1908 94 29

    प्रतिक्रिया
  5. मैने राशन कार्ड बनवा लिया है और राशन डीलर की लिष्ट में भी नाम आ गया है पर डीलर राशन नही दे रहा वो कहता है कि मशीन में नही चढ़ा आपका नाम अभी आपको राशन नही मिलेगा

    प्रतिक्रिया
  6. विषय – आजमगढ़ जिला के अहिरौला ब्लॉक के ग्राम गजेन्धर पट्टी भेदौरा के कोटेदार द्वारा मानक के अनुसार राशन आदि न देने व आय से अधिक सम्पत्ति के सम्बन्ध मे-
    महोदाय,
    सादर अवगत कराना चाहता हू की आजमगढ़ जिला के अहिरौला ब्लॉक के ग्राम गजेन्धर पट्टी भेदौरा के कोटेदार द्वारा ग्राम सभा की जनता को मानक के अनुरूप राशन बहुत दिनो से नहीं दिया जा रहा है , ग्राम सभा के दबंग ब्यक्ति होने के नाते यदि कोई विरोध भी करता है तो मा बहन की भद्दी – भद्दी गालिया देते हूए तथा जातिसूचाक शब्द का प्रयोग करके भगा दिया जाता है और कोटेदार द्वारा कहा जाता ही की भाजपा की सरकार है तथा ज़िले का ज़िलाधिकारी भी राजपूत जो करना है कर लो ज़हा तक मेरी जानकारी है की ज़िलाधिकारी के किये गये कामो की प्रशंशा पूरे राज्य मे चल रही है,इतने अच्छी शुभयवस्था मे भी ग्राम गजेन्धर पट्टी भेदौरा के कोटेदार श्री बंशबहादुर सिंह तथा ऊनके पुत्र अनिल सिंह द्वारा ग्राम गजेन्धर पट्टी भेदौरा की जनता को प्रताडित किया जा रहा हैं यही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार की निधी से जारी कीये गए खाद्य सामाग्री की भी कालाबाजारी कर दी जा रही हैं.
    श्री मान् जी एक बात से और अवगत कराना चाहता हू की कोटेदार बंशबहादुर सिंह अनपढ हैं ज़िसे यदि कोई पांच सौ रूपये का नोट राशन लेने के लिए देता है तो पूरा रख लेते हैं वापस करने योग्य धन भी वापस नहीं करते है, इस कारण कोटे की दुकान कोटेदार का बड़ा पुत्र अनिल सिंह देखते है जिसके पास कोटे की दुकान के अलावा और कोई भी आमदानी का श्रोत नहीं है लेकिन कोटेदार के बड़े पुत्र अनिल सिंह के पास आज के समय आय से अधिक सम्पत्ति (एक बोलोरो एक ज़ीप एक बुलेट दो हीरो होंडा की बाइक दो स्कूटी घोडे और एक आलिशान मकान है).
    श्री मान् जी को बताना चाहता हू की ये सारी सम्पत्ति जनता के राशन आदि की कालाबजारी करके बानाया गया है श्री मान् जी को अवगत कराना चाहता हू की इनकी कोटे की दुकान कई बार निलांबित हो चुकी है लेकिन पैसे खर्च कर बहाल करा लिया जाता है इस वक्त दिवानी न्यायालय मे मुकादामा भी विचारधीन है.
    अतः श्री मान् जी से प्रार्थना है की अहिरौला ब्लॉक के ग्राम गजेन्धर पट्टी भेदौर के कोटेदार के राशन के दुकान का स्वयं औचक निरिक्षण करके कोटे की दुकान निरस्त कर तथा आय से अधिक सम्पत्ति की जांच कराकार उचित कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करे

    दिनांक – 22/04/2021

    जागरूक नागरिक:
    मनीष सिंह : 09140939476
    एडवोकेट पवन सिंह : 09451832005

    प्रार्थीगण
    समस्त ग्राम वासी
    गजेन्धर पट्टी भेदौरा

    प्रतिलिपि :-
    1. श्रीमान् ज़िलाधिकारी, कलेक्ट्रेट भवन, सिविल लाइंस, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश 276001
    2. अपराध शाखा, हरिऔध रोड, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश 276001.
    3. आयुक्त कार्यालय, सिधारी, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश 276001.
    4. मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, 101, लोक भवन, यू.पी. सिविल सचिवालय, विधानसभा मार्ग लखनऊ – 226001.
    5. मुख्यमंत्री कार्यालय, कालिदास मार्ग, गुलिस्तान कॉलोनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश 226001.

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  7. कोई ऐसा रास्ता बतायें कि सिकायत कर्ता की पहचान ना हो सके इस लिए कि अगर सिकायत कर्ता गरीब मज़दूर है तो उसे कई सारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ेगा और उसे ख़तरा भी रहेगा धन्यवाद

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  8. कोई ऐसा रास्ता बतायें कि सिकायत कर्ता की पहचान ना हो सके इस लिए कि अगर सिकायत कर्ता गरीब मज़दूर है तो उसे कई सारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ेगा और उसे ख़तरा भी रहेगा धन्यवाद

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  9. मैं गुरुदेव कुमार बिहार के सहरसा जिला सौर प्रखंड के स्थानीय निवासी हूं सर मैं अपना राशन कार्ड का रिसीविंग नंबर जानता हूं और डेट भी जानता हूं मगर मेरा राशन कार्ड का रिसीविंग खो गया है और ऑफिस में रिसीविंग मांगता है और यह रिसीविंग हम कार्ड कैसे लोड करेंगे इसका नियम मुझे बता दीजिए अगर आप बता दीजिएगा तो मैं आपका सदेव आभारी बना रहूंगा गुरुदेव कुमार यादव

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  10. शर्मा राशन कार्ड का रिसीविंग नंबर जानता हूं ऑफिस में रिसिविंग मांगता है और मैं यह रिसीविंग कहां से लोड करेंगे इसका नियम मुझे बताइए इसके लिए माय श्रीमान का सदा आभारी बना रहूंगा मोबाइल नंबर 62 02199 354 मैं बिहार के सहरसा जिला सौर बाजार प्रखंड के रहने वाला हूं

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