यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? यहां से पाएं पूरी जानकारी

यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत प्रक्रिया – आपने राशन की दुकानों पर लगीं लंबी लंबी लाइनें जरूर देखी होंगी। गरीब लोगों को महंगा राशन खरीदना पड़े, इसके लिए सरकार की ओर से राशन डिपो खोले गए हैं। गरीब जनता को कोटेदारों के माध्यम से राशन मिलता है। इसके लिए व्यक्ति के पास राशन कार्ड होना जरूरी है। दरअसल, यह एक ऐसा कार्ड है, जिसे राज्य सरकार अपने नागरिकों को जारी करती है। इसके जरिये शासकीय उचित मूल्य की दुकान या राशन डिपो से गेहूं, चावल, नमक, चीनी, केरोसिन आदि बेहद सस्ते दामों पर प्राप्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं, न केवल गरीब बल्कि अन्य वर्ग के लोगों द्वारा भी पहचान पत्र के रूप में भी इस कार्ड को बहुतायत में इस्तेमाल किया जाता है।

कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें?

लेकिन अक्सर होता यह है कि कई बार कोटेदार कार्ड के मुताबिक राशन नहीं देता। ऐसे में ग्राहक दुकान के चक्कर काटते-काटते थक जाते हैं। कई दफा दुकान वक्त पर नहीं खुलती। कई बार यह होता है कि गरीबों के हिस्से का राशन निजी दुकानों में बेच दिया जाता है। कोटेदार गरीबों के हिस्से का राशन हजम कर जाता है। ऐसे प्रकरण आए दिन अखबारों की सुर्खियों में छाए रहते हैं। अधिकारियों की छापामारी में भी कई बार अनियमितताएं सामने आती हैं।

यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? यहां से पाएं पूरी जानकारी

कई लोग कोटेदार के खिलाफ करना भी चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि शिकायत कहां की जाए? किस तरह से की जाए? इसके लिए किसका दरवाजा खटखटाना पड़ेगा? क्या अन्य विभागों की तरह कोटेदार के खिलाफ भी online शिकायत की जा सकती है? अगर आप भी ऐसे लोगों में हैं, जो नहीं जानते कि कोटेदार के खिलाफ शिकायत किस तरह की जाए तो आज इस post के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि कोटेदार के खिलाफ कहां शिकायत करें? कैसे शिकायत करें और online शिकायत कैसे की जा सकती है। आप हर बिंदु को ध्यान से पढ़ते चलें –

कोटेदार के खिलाफ शिकायत किस तरह से कर सकते हैं?

शिकायत करने से पहले यह आवश्यक रूप से जान लें कि आप कोटेदार के खिलाफ किस तरह की शिकायत कर सकते हैं।

  • अगर वक्त पर राशन न मिले या इसकी सूचना राशन की दुकान पर डिस्प्ले न हो
  • राशन की दुकान वक्त पर न खुले
  • कोटेदार बुरा बर्ताव करे
  • कोटेदार राशन कम तोले
  • राशन की कालाबाजारी करे आदि

कितने तरह के होते हैं राशन कार्ड –

साथियों, लगे हाथ आप यह भी जान लीजिए कि राशनकार्ड कितने तरह के होते हैं। यानी आप कौन से उपभोक्ता हैं। दरअसल, राशनकार्ड चार तरह के होते हैं। एपीएल यानी above poverty line यानी गरीबी रेखा से ऊपर, बीपीएल यानी below poverty line यानी गरीबी रेखा से नीचे, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और अन्नपूर्णा। आपको बता दें कि एपीएल कार्डधारक को गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल मिलता है। बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारक को चीनी भी मिलती है।

एपीएल कार्ड सफेद रंग का होता है। बीपीएल कार्ड का रंग पीला होता है, जबकि अंत्योदय कार्ड का रंग गुलाबी होती है। जिस परिवार की सालाना आय 24,200 रुपये से कम है, बीपीएल की श्रेणी में आते हैं। इससे ऊपर एपीएल में आते हैं। अन्नपूर्णा में 65 साल से ऊपर के वह लोग शामिल हैं, जिनकी आय का कोई साधन नहीं होता।

कोटेदार के खिलाफ लिखित शिकायत कहाँ करें?

अगर आपको लिखित शिकायत करनी है तो आप जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय में शिकायती पत्र देकर अपनी बात उन तक पहुंचा सकते हैं। शिकायती पत्र पाने के बाद वह मामले में जांच कराएंगे। अगर जांच सही पाई जाएगी तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।

यहां से भी बात नहीं बनती तो आपको प्रशासन का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। अपनी शिकायत एसडीएम को देनी होगी। वह भी मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। आप यह सब नहीं करना चाहते तो खाद्य आपूर्ति विभाग के पास वेबसाइट के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

कोटेदार के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

दोस्तों, यदि आप देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और online माध्यम से कोटेदार के खिलाफ शिकायत करना चाहते हैं, तो आप यहाँ बताये जा रहे आसान सी प्रक्रिया को फॉलो करें। आप बड़ी सरलता से ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कर सकतें हैं –

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  • इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा, उस पर सबसे नीचे दिए गए महत्वपूर्ण लिंक सेक्शन में ऑनलाइन शिकायत प्रेक्षित करें option पर click करें।

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  • अब आपके सामने विभाग के call center का एक नया पेज खुलेगा। इसमें शिकायत दर्ज करें | Register Complaint के option पर click करें।
  • इसके बाद आपके सामने एक और पेज खुलेगा, जिसमें आपको एक फार्म भरना होगा। अपने से जुड़ी जानकारी देनी होगी। मसलन आपका नाम, पता, मोबाइल नंबर/ईमेल, जिला, प्रोफेशन, शिकायत का विषय (अधिकतम 200 कैरेक्टर में), शिकायत का विवरण (अधिकतम 1500 कैरेक्टर में) देना होगा। पूर्व शिकायत (अगर कोई रही हो) की भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद फार्म में दिया कोड़ भर दें।

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  • पूरा फॉर्म भरने के बाद आप जैसे ही नीचे दिए गए दर्ज करें के option पर click करते हैं तो आपके मोबाइल फोन पर complaint registered successfully का संदेश आ जाता है। इसके साथ ही एक डॉकेट नंबर भी शो होता है। आप इसे नोट कर लें। आपकी शिकायत दर्ज हो चुकी है।

शिकायत का status कैसे चेक करें?

शिकायत दर्ज कराने के बाद जब भी आप complaint की online स्थिति पता करना चाहेंगे, उस समय इस डाकेट नंबर की जरूरत होगी। Call center के पेज पर view online status option पर click करके आप जान सकते हैं कि अभी तक आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है। यानी वह समाधान के किस स्तर पर है।

  • ऑनलाइन शिकायत की स्थिति चेक करने के लिए आप सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट https://cms.up.gov.in/jsk/User/default.aspx पर जाएँ। यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट जा सकते हैं।
  • इसके बाद आपको इस पेज पर शिकायत की वर्तमान स्थिति देखें पर क्लीक करें जिसके बाद आपको नीचे दिखाई गई इमेज की तरह शो होगा।

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  • इस पेज पर आपको अपना शिकायत नंबर लिखकर प्रदर्शित करें आप्शन पर क्लीक करें।
  • जैसे ही आप प्रदर्शित करें आप्शन पर क्लीक करेगें आपके शिकायत की स्थिति की पूरी जानकारी दिखाई जाएगी।

कोटेदार के खिलाफ शिकायत Toll Free Number पर कैसे करें? Ration Dealer Ki Shikayat Number –

अगर आप online शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते तो आपके पास इसके लिए उससे भी आसान सा उपाय है। आप सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जारी किए गए toll free number का इस्तेमाल शिकायत करने के लिए कर सकते हैं। विभाग ने लोगों की मदद के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 1967 और 18001800150 toll free number जारी किए हैं। यानी कि इन नंबरों पर संपर्क करने के लिए आपका कोई शुल्क नहीं लगेगा।

लेकिन आपको यह भी बता दें कि हर रोज इन नंबरों पर शिकायत करना संभव नहीं होगा। इसके लिए कार्य दिवस नियत किए गए हैं। किसी भी कार्य दिवस पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। और लगे हाथ आप यह भी जान लीजिए कि अगर आप इन toll free numbers से कोई अन्य जानकारी भी लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं। और हम लगे हाथ आपको यह भी बता दें कि अगर किसी भी वजह से आपकी online शिकायत पर अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो भी आप अपना grievance 1967 पर call करके बता सकते हैं।

इसके बाद इस संबंध में संबंधित विभाग से पूछताछ की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वयं भी इसका संज्ञान लेते हैं। बताया यह जाता है कि toll free number जारी होने के बाद से समस्याओं के निराकरण में तेजी दर्ज की गई है। अलबत्ता, यह भी सच है कि कागज़ी आंकड़े बहुधा जमीनी हकीकत से बहुत दूर होते हैं। उपभोक्ता की समस्या का निराकरण हालांकि सरकार के ही हाथों में है।

अफसरों के चक्कर काटने की जरूरत खत्म –

तो इस तरह आपने देखा कि अब लोगों को अधिकारियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं। घर बैठे बेहद आसानी से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ ही आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, या आपकी शिकायत का अभी निस्तारण स्तर क्या है? यह भी घर बैठे ही जाना जा सकता है।

इससे कम से कम लोगों के लिए अपनी दिक्कत दूर करने की राह तो आसान हुई ही है। दूसरे आनलाइन कितनी शिकायतों का निस्तारण हुआ, इसकी एक निश्चित समय के अंतराल पर उच्च अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तलब की जाती है, लिहाजा, शिकायत पर कार्रवाई सुनिश्चित होने का प्रतिशत भी बढ़ जाता है।

सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में –

शहरी क्षेत्रों में फिर भी बहुत परेशानी नहीं। लोग जागरूक भी हैं, लेकिन अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में है। भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आते हैं। कहीं समय पर राशन नहीं मिलता तो कहीं कोटे का राशन निजी दुकानों में बिकता मिलता है। प्रशासनिक अधिकारी भी गाहे बगाहे अनियमितताओं की शिकायतों पर छापामारी करते हैं और कार्रवाई भी होती है। मसलन जांच के बाद अगर शिकायत सही पाई जाती है तो उनकी रिपोर्ट पर डीएम के आदेश के बाद कोटेदार की दुकान निलंबित होती है या निरस्त हो जाती है।

लेकिन कई बार कार्रवाई नहीं भी होती। कोटेदार किसी न किसी दबाव के चलते बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं। कई बार तो स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोटेदार की लोग पिटाई तक कर देते हैं। तो कई जगह यह भी है कि दबंग जो है कोटेदार से जबरन राशन उठा ले जाते हैं ऐसे में मुश्किल निर्धन लोगों की होती है। वह अपनी मुश्किल और समस्या लेकर दर ब दर भटकते हैं।

कोटेदार बनने की प्रक्रिया में बदलाव भी –

दोस्तों, कोटेदार बनने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।अब हाईस्कूल से कम स्तर की डिग्री होने पर कोटेदार भी नहीं बन सकते। नए नियम के तहत कोटेदार चयन के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे ठीक पहले राशन वितरण पीओएस यानी point of sale मशीन के जरिये करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। कोटेदार के लिए अभी तक कोई शैक्षिक योग्यता निर्धारित नहीं होने की वजह से भी कोई भी आराम से कोटेदार बन जा रहा था। अब इस प्रक्रिया में भी गुणवत्ता पूर्ण बदलाव आने की संभावना जताई जा सकती है।

साथियों, यह थी पूरी जानकारी कि आप यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? उम्मीद है कि हमारी इस post के जरिए आप लिखित और ऑनलाइन तरीके से कोटेदार के खिलाफ शिकायत करने की प्रक्रिया समझ गए होंगे। इसके बावजूद अगर आप इस विषय से जुड़े किसी भी बिंदु पर और जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके भेज सकते हैं।

इसके अलावा अगर आप किसी और विषय के बारे में भी हमसे जानकारी पाने के इच्छुक हैं तो हमें बता सकते हैं। उसके लिए भी आपको नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अपनी बात हमसे साझा करनी होगी। अगर आपका कोई सुझाव है तो भी आप हम तक पहुंचा सकते हैं उसके लिए भी आपको यही तरीका आजमाना होगा। जी हां मित्रों, हम आपकी ओर से दिए गए सुझाव पर अमल करने की अपनी ओर से पूरी पूरी कोशिश करेंगे ।। धन्यवाद ।।

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9 thoughts on “यूपी ऑनलाइन कोटेदार के खिलाफ शिकायत कैसे करें? यहां से पाएं पूरी जानकारी”

  1. hamara colony pass nahin Ho Raha hai sar application dal do to reject kar dete Ho bhi paise mangte Hain 35 rupaye

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  2. शर्मा राशन कार्ड का रिसीविंग नंबर जानता हूं ऑफिस में रिसिविंग मांगता है और मैं यह रिसीविंग कहां से लोड करेंगे इसका नियम मुझे बताइए इसके लिए माय श्रीमान का सदा आभारी बना रहूंगा मोबाइल नंबर 62 02199 354 मैं बिहार के सहरसा जिला सौर बाजार प्रखंड के रहने वाला हूं

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  3. मैं गुरुदेव कुमार बिहार के सहरसा जिला सौर प्रखंड के स्थानीय निवासी हूं सर मैं अपना राशन कार्ड का रिसीविंग नंबर जानता हूं और डेट भी जानता हूं मगर मेरा राशन कार्ड का रिसीविंग खो गया है और ऑफिस में रिसीविंग मांगता है और यह रिसीविंग हम कार्ड कैसे लोड करेंगे इसका नियम मुझे बता दीजिए अगर आप बता दीजिएगा तो मैं आपका सदेव आभारी बना रहूंगा गुरुदेव कुमार यादव

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  4. Kya gramin chhetro me abhi yogi ji adesh anusar jinka rashan card nahi hai unhe rashan nahi milega yah dilar bol raha

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  5. कोई ऐसा रास्ता बतायें कि सिकायत कर्ता की पहचान ना हो सके इस लिए कि अगर सिकायत कर्ता गरीब मज़दूर है तो उसे कई सारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ेगा और उसे ख़तरा भी रहेगा धन्यवाद

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  6. राशन न मिलने की शिकायत वापस लेने की प्रकिया बताओ

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  7. कोई ऐसा रास्ता बतायें कि सिकायत कर्ता की पहचान ना हो सके इस लिए कि अगर सिकायत कर्ता गरीब मज़दूर है तो उसे कई सारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ेगा और उसे ख़तरा भी रहेगा धन्यवाद

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