JRF क्या होता है? | JRF की फुल फॉर्म क्या है? | JRF kya hota hai

JRF kya hota hai: हम में से बहुत से लोग ज्यादा पढ़ाई करने की इच्छा रखते हैं ताकि जीवन में बहुत कुछ हासिल किया जा सके। अब कुछ लोग तो केवल बारहवीं तक ही या इससे कम पढ़ाई करते हैं तो कुछ स्नातक अर्थात ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हैं। वहीं बहुत कम लोग होते हैं जो ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन अर्थात उच्च स्नातक की डिग्री भी लेते हैं। अब इसी में ऐसे लोगों की संख्या तो बहुत ही कम होती है जो उसके बाद भी पढ़ाई करते हैं या शोध आदि कार्य में जाते हैं जैसे कि पीएचडी (NET JRF kya hota hai) करना।

ऐसे में भारत सरकार के द्वारा ऐसे लोगों को प्रोत्साहन देने के लिए उनके अंकों के आधार पर पैसे दिए जाते हैं ताकि वे अपनी शिक्षा और शोध का कार्य चालू रख सकें। इसके लिए भारत सरकार के द्वारा नेट की परीक्षा ली जाती है जो UGC के अंतर्गत होती है। इसके तहत मिलने वाले पैसों को JRF के नाम से जाना जाता है। बहुत से लोगों ने अभी तक इस JRF के बारे में सुन ही नहीं रखा (JRF ke baad kya hota hai) होगा।

ऐसे में आज के इस लेख में हम आपके साथ इसी JRF के बारे में बात करने जा रहे हैं। इस लेख को पढ़कर आपको JRF के बारे में हर जानकारी मिल जाएगी। साथ ही यदि आप भी पीएचडी करने को इच्छुक हैं या फिर एम फिल करना चाहते हैं तो उसके लिए भी JRF आपकी बहुत सहायता कर सकता है। आइये जाने JRF के बारे में शुरू से लेकर अंत तक हरेक (JRF full details in Hindi) जानकारी।

JRF क्या होता है? (JRF kya hota hai)

यहाँ हम सबसे पहले तो JRF क्या होता है या इससे हमारा क्या आशय है, इसके बारे में बात कर लेते हैं। तो JRF केंद्र सरकार के द्वारा दी जाने वाली एक ऐसी सहायता राशि होती है जो पीएचडी या एम फिल कर रहे छात्रों को वित्तीय तौर पर मजबूत बनाने का काम करती है। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो आगे पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उनके पास इतना पैसा नहीं होता है या वे नौकरी नहीं कर रहे होते हैं। अब व्यक्ति पीएचडी की पढ़ाई कर रहा है तो वह नौकरी कैसे ही कर (JRF kya hai) पायेगा।

JRF क्या होता है

ऐसे में उसे अपनी शिक्षा के लिए पैसों की आवश्यकता होती है और इसी के साथ ही अपने परिवार का भी भरण पोषण करना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार कुछ चुनिंदा छात्रों की छात्रवृत्ति के तौर पर इसी JRF की सहायता से आर्थिक सहायता करती है। इसके माध्यम से भारत सरकार उसे हर महीने कुछ धन देती है जिसका उपयोग वह अपनी शिक्षा और परिवार के भरण पोषण तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए कर सकता (JRF kya hota hai full information in Hindi) है।

इसके लिए कई तरह के मापदंड भी बनाये गए हैं और हर छात्र को उनका पालन करना जरुरी होता है। सबसे पहले मापदंड के अनुसार उसे UGC NET की परीक्षा में बैठना होता है और उसे पास करना होता है। अब उसमें बैठने वाले और पास करने वाले सभी छात्रों को ही JRF की सुविधा नहीं मिल जाती है। बल्कि पहले 6 प्रतिशत छात्रों को ही इसकी सुविधा मिल पाती है। हालाँकि यह नियम बदलता रहता है और इसके लिए सरकार छात्र की जाति व अन्य तथ्यों को भी ध्यान में रखती (JRF kya hota hai in Hindi) है।

ऐसे में यदि किसी भी छात्र को जो आगे की पढ़ाई करना चाहता है या शोध आदि कार्य में काम करना चाहता है तो उसके लिए पहले तो उसे UGC NET की परीक्षा को पास करना होगा और फिर जाकर ही उसे JRF के तहत पैसा मिलता है। इसके माध्यम से वह अपनी पढ़ाई कर पाता है और अन्य जरूरतों को पूरा करता (What is JRF in Hindi) है।

JRF की फुल फॉर्म क्या है? (JRF full form in Hindi)

अब हम बात करते हैं JRF की फुल फॉर्म के बारे में। बहुत से लोगों को JRF की फुल फॉर्म भी नहीं पता होती है। ऐसे में आज हम आपको JRF की फुल फॉर्म भी बता देते हैं। तो JRF की फुल फॉर्म जूनियर रिसर्च फैलोशिप (Junior Research Fellowship) होती है। अब यह इसी के नाम से ही पता चल जाता है कि इसका अर्थ क्या हो सकता है या भारत सरकार किस आधार पर यह पैसा छात्रों को देती (JRF ka full form) है।

जूनियर का अर्थ होता है कि जो अभी नया नया लगा है और इस क्षेत्र में नया है। वहीं रिसर्च का अर्थ हुआ किसी क्षेत्र में शोध करना। अब यदि छात्र के द्वारा पीएचडी की पढ़ाई की जा रही है तो वह अवश्य ही उसमें शोध कर रहा होता है और तथ्यों के आधार पर नयी खोज कर रहा होता है। वहीं फैलोशिप उसको मिलने वाली सहायता राशि हो जाती है जिसके आधार पर वह काम कर रहा होता है।

इस तरह से भारत सरकार के द्वारा किसी विषय वस्तु में शोध कर रहे छात्रों को प्रोत्साहन देने और उन्हें अपने काम को जारी रखने के लिए जो वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, उसे ही हम सभी JRF या जूनियर रिसर्च फैलोशिप के नाम से जानते हैं। इसे हिंदी में भी जूनियर रिसर्च फैलोशिप के नाम से ही संबोधित किया जाता (JRF ka full form kya hota hai) है।

JRF के लिए पात्रता मापदंड (JRF eligibility in Hindi)

अब यदि किसी भी छात्र को JRF के तहत सरकार से सहायता राशि चाहिए तो उसके लिए उसे कुछ निर्धारित पात्रता मापदंड का पालन करना आवश्यक होता (JRF eligibility criteria in Hindi) है। इसके लिए एक निश्चित आयु सीमा के साथ साथ शिक्षा के मापदंडों का भी पालन किया जाना जरुरी है। ऐसे में आइये जाने JRF के लिए आपको क्या कुछ करना होगा और किन किन चीज़ों का पालन करना होगा।

आयु सीमा (JRF age limit in Hindi)

आप कभी भी JRF के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं क्योंकि भारत सरकार ने इसके लिए एक निश्चित आयु सीमा को निर्धारित किया हुआ है। ऐसे में आपकी आयु अधिकतम 31 वर्ष की होनी चाहिए। अब जब भी JRF देने के लिए अधिसूचना आती है या सरकार UGC NET की परीक्षा लेती (JRF ki age limit kya hai) है तो उस तिथि तक आपकी आयु 31 वर्ष से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए।

शिक्षा की योग्यता (JRF eligibility qualification in Hindi)

आपके द्वारा उच्च स्नातक की डिग्री ली हुई होनी चाहिए और उसमें भी आपके कम से कम 55 प्रतिशत से अधिक अंक आये हुए होने चाहिए। यदि आप 55 प्रतिशत से कम अंक लाते हैं या फिर अभी आपकी उच्च स्नातक की डिग्री जारी है तो फिर आप JRF के लिए आवेदन नहीं कर सकते (JRF ki yogyata) हैं। साथ ही इसके बाद आपको पीएचडी या एम फिल में पढ़ने या शोध करने के लिए जूनियर रिसर्च फैलोशिप मिलेगी।

परीक्षा को पास करना

अब आपको जूनियर रिसर्च फैलोशिप लेनी है तो उसके लिए UGC NET की परीक्षा में बैठना होगा और उसे अच्छे अंकों के साथ पास भी करना होगा। कहने का अर्थ यह हुआ कि बिना UGC NET को पास किये आपको किसी भी स्थिति में JRF नहीं मिल सकती है। ऐसे में JRF को लेने का मुख्य आधार यही UGC NET में पास होना ही होता है।

भारतीय नागरिक

किसी भी अन्य देश के नागरिक को पीएचडी करने के लिए या उसमे शोध करने के लिए JRF नहीं दी जाती है। केवल और केवल भारत देश के नागरिक व छात्रों को ही ऊपर दिए गए पात्रता मापदंडों का पालन करने के पश्चात ही JRF को लेने योग्य माना जाता है।

6 प्रतिशत की सीमा

यह तो हमने आपको ऊपर ही बता दिया था कि यदि आप UGC NET को पास भी कर लेते हैं तो भी यह आवश्यक नहीं है कि आपको जूनियर रिसर्च फैलोशिप मिल ही जाएगी। मुख्य तौर पर शुरूआती 6 प्रतिशत छात्रों को ही JRF मिल पाती है या फिर आपकी जाति या आर्थिक स्थिति के आधार पर यह आपको मिलती है।

UGC NET क्या होती है? (UGC NET kya hota hai)

अब यहाँ हमने आपको बताया कि यदि आपको JRF लेनी है तो उसके लिए आपको UGC NET की परीक्षा में बैठना होगा और उसे पास भी करना होगा। अब इसे पढ़कर अवश्य ही आपके मन में यह प्रश्न उठ रहा होगा कि आखिरकार यह UGC NET क्या होती है और इसकी फुल फॉर्म क्या है। तो यहाँ हम आपको UGC NET की फुल फॉर्म बता दें कि यह यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (Uniform Grants Commission National Eligibility Test) होती है।

वहीं यदि हम UGC NET के हिंदी नाम की बात करें तो वह राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा होती है। इसके तहत देशभर के सरकारी व सरकारी मान्यता प्राप्त कॉलेज व विश्व विद्यालयों में व्याख्याता व प्रोफेसर की नौकरी की जाती है या उसमें शोध कार्य किया जाता है। तो इस UGC NET की परीक्षा से छात्रों का चयन किया जाता है और उसके बाद उन्हें काम पर रखा जाता है। इसी के आधार पर ही उन्हें JRF के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

JRF के लिए कैसे आवेदन करें? (JRF apply online in Hindi)

अब यदि आप भी अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाना चाहते हैं और पीएचडी या एम फिल के तहत शोध कार्य करना चाहते हैं तो उसके लिए JRF का आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके लिए आपको UGC NET की वेबसाइट पर विजिट करना होगा और अपना आवेदन देना होगा। UGC NET की वेबसाइट का लिंक https://ugcnet.nta.nic.in/ है। इस लिंक पर क्लिक करते ही UGC NET की वेबसाइट खुल जाएगी और वहां पर आपको इस परीक्षा और JRF से जुड़ी हरेक जानकारी मिल जाएगी।

साथ ही एक वर्ष में UGC NET की परीक्षा को दो बार आयोजित किया जाता है। ऐसे में यदि आपने अपनी उच्च स्नातक की डिग्री प्राप्त कर ली है और अब आप आगे पीएचडी या एम फिल करने को इच्छुक हैं तो उसके लिए आप इस परीक्षा में बैठ सकते हैं। इसी के साथ ही आप ऑनलाइन JRF के लिए भी आवेदन कर सकते हैं और सभी डाक्यूमेंट्स को अपलोड कर सकते हैं।

JRF कैसे मिलेगी? (JRF kaise milegi)

जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया कि यदि आपको UGC NET के तहत JRF चाहिए तो उसके लिए पहले तो आपको ऊपर बताये गए सभी पात्रता मापदंडों का पालन करना होगा। यदि आप उनमें से किसी में भी चूक जाते हैं तो फिर आपको चाह कर भी JRF नहीं मिल (JRF kaise milta hai) पायेगी। इसलिए पहले यह देख लें कि आप सभी तरह के पात्रता मापदंड और योग्यता को पूरा कर पा रहे हैं या नहीं।

उसके बाद आपको UGC NET की परीक्षा में बैठना होगा और उसके लिए जमकर तैयारी करनी होगी। इस परीक्षा में देशभर से लाखों की संख्या में छात्र बैठते हैं। ऐसी प्रतिस्पर्धा में सभी के बीच अच्छी रैंक हासिल करना और पहले 6 प्रतिशत में आना बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि आप ऐसा करने में सफल हो जाते हैं तो अवश्य ही भारत सरकार की ओर से आपको जूनियर रिसर्च फैलोशिप मिल जाएगी।

JRF के फायदे (JRF ke fayde)

अंत में हम आपको JRF के तहत मिलने वाले फायदों के बारे में भी जानकारी दे देते हैं। तो अभी तक का लेख पढ़कर आपको थोड़ा बहुत तो आईडिया हो ही गया होगा कि इसके तहत आपको और देश को क्या कुछ फायदे देखने को मिलते (JRF karne ke fayde) हैं। फिर भी हम बेहतर रूप से आपको समझा देते हैं क्योंकि आपके लिए भी इनका जानना आवश्यक हो जाता है।

  • इसका सबसे पहला और बड़ा लाभ तो यही होता है कि जो छात्र पढ़ाई में तो होशियार हैं लेकिन पैसों की तंगी के कारण आगे नहीं पढ़ पाते हैं या पारिवारिक दबाव होता है तो भारत सरकार उनकी सहायता करती है। वह ना केवल उसे शिक्षा का पैसा देती है बल्कि उससे कुछ ज्यादा ही पैसा देती है।
  • एक समय के बाद घर के सदस्य पर नौकरी करने और पैसा कमाने का दबाव होता है। ऐसे में यदि वह पढ़ाई करना जारी रखता है तो उस पर कई तरह के दबाव आ जाते हैं। तो इस JRF के तहत मिल रहे पैसों से वह ना केवल अपनी पढ़ाई जारी रख पाता है बल्कि परिवार की भी आर्थिक सहायता हो जाती है।
  • अक्सर यह देखने में आता है कि परिवार में लड़कियों को ज्यादा पढ़ाया नहीं जाता है या एक समय के बाद उन पर विवाह का दबाव बनाया जाता है। ऐसे में यदि लड़की आर्थिक रूप से सक्षम बन जाती है तो वह अपने निर्णय स्वयं ले पाती है और इस JRF की सहायता से अपनी पीएचडी को जारी रख पाती है।
  • इससे देश का भी बहुत भला होता है क्योंकि बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो इतनी पढ़ाई करके आगे बढ़ते हैं। अब जो छात्र पीएचडी कर रहे हैं, वह अपने अपने क्षेत्र में नए नए शोध करते हैं। अब यदि उनके द्वारा कुछ नयी खोज की जाती है तो इससे देश का नाम ही रोशन होता है।
  • भारत सरकार अवश्य ही JRF के तहत भारी भरकम पैसा उन छात्रों को देती है लेकिन उनके माध्यम से देश व सरकार को कई तरह के लाभ देखने को मिलते हैं। एक तरह से वे शोध करके भारत सरकार का ही काम कर रहे होते हैं और देश के वैज्ञानिकों की भी बहुत सहायता करते हैं।

इस तरह से JRF के एक नहीं बल्कि कई फायदे देखने को मिलते हैं जो हर व्यक्ति के अनुसार भिन्न भिन्न हो सकते हैं। किसी के लिए यह शिक्षा में अद्भुत लाभ लेकर आता है तो किसी को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का कार्य करता है। ऐसे में भारत सरकार के द्वारा जरूरतमंद छात्रों को जो यह जूनियर रिसर्च फैलोशिप दी जा रही है, यह बहुत ही काम की योजना है।

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JRF क्या होता है – Related FAQs

प्रश्न: JRF क्या है और इसके लाभ?

उत्तर: JRF केंद्र सरकार के द्वारा दी जाने वाली एक ऐसी सहायता राशि होती है जो पीएचडी या एम फिल कर रहे छात्रों को वित्तीय तौर पर मजबूत बनाने का काम करती है। इसके लाभ आप ऊपर के लेख में पढ़ सकते हो।

प्रश्न: जेआरएफ की फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर: JRF की फुल फॉर्म जूनियर रिसर्च फैलोशिप (Junior Research Fellowship) होती है।

प्रश्न: नेट जेआरएफ के लिए योग्यता क्या है?

उत्तर: उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री 55 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए और उम्र 31 वर्ष से कम होनी चाहिए।

प्रश्न: जेआरएफ के लिए कौन पात्र हैं?

उत्तर: उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री 55 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए और उम्र 31 वर्ष से कम होनी चाहिए।

तो इस तरह से इस लेख के माध्यम से आपने JRF क्या होता है यह जान लिया है। साथ ही आपने जाना कि JRF के लिए पात्रता मापदंड क्या है JRF के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं और इसके फायदे क्या हैं इत्यादि। आशा है कि जो जानकारी लेने के लिए आप इस लेख पर आए थे वह आपको मिल गई होगी। फिर भी यदि कोई शंका आपके मन में शेष है तो आप हम से नीचे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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