जिला उद्योग केंद्र लोन योजना आनलाइन आवेदन, उद्देश्य, पात्रता, दस्तावेज

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शिक्षा के बाद रोजगार सबसे अहम मुद्दा है। शहरों में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में ग्रामीण युवाओं का पलायन भी शहरों की तरफ बड़ी संख्या में हुआ है। ऐसा नहीं है कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार मुहैया नहीं हो सकता। लेकिन इसके लिए उचित संसाधन और मार्गदर्शन का अभाव है। युवा जानते नहीं हैं कि वे स्व रोजगार कैसे शुरू करें। स्किल कैसे डेवलप करें। जो कारोबारी हैं, उन्हें बिजनेस की मार्केटिंग के बारे में नहीं पता होता।

कई बारे कच्चे माल की समस्या खड़ी हो जाती है। इन सब चीजों को देखते हुए केंद्र के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से जिला उद्योग केंद्रों की शुरुआत की गई है। आज इस पोस्ट में हम आपको जिला उद्योग केंद्र क्या है? जिला उद्योग केंद्र लोन योजना क्या है? इसका उद्देश्य क्या है? इसके लिए आनलाइन आवेदन कैसे किया जा सकता है? आदि बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

जिला उद्योग केंद्र क्या है?

दोस्तों, आपको बता दें कि जिला उद्योग केंद्र यानी डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर (DIC) सरकार का एक कल्याणकारी कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत आज से करीब 42 वर्ष पूर्व अर्थात सन् 1978 में की गई। आपको यह भी जानकारी दे दें कि इस कार्यक्रम को केंद्र और राज्य सरकारों के आपसी सहयोग से चलाया जाता है।

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना आनलाइन आवेदन, उद्देश्य, पात्रता, दस्तावेज

योजना का नाम जिला उद्योग केंद्र लोन योजना
किसके द्वारा शुरू की गयी केंद्र सरकार द्वारा
लाभार्थी देश के बेरोजगार युवा
उद्देश्य रोजगार के लिए लोन प्रदान  करना
आवेदन का तरीका ऑनलाइन
ऑफिसियल वेबसाइट https://udyamregistration.gov.in/

जिला उद्योग केंद्र का उद्देश्य क्या है?

मित्रों, जिला उद्योग केंद्र का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) के साथ ग्रामोद्योग (rural industry) का विकास और इनके सतत संचालन में सहयोग करना है। यह एक संगठन की तर्ज पर कार्य करता है। दोस्तों, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, हर जिले में एक जिला उद्योग केंद्र होता है। इसे जिला उद्योग कार्यालय भी पुकारा जाता है।

हर जिला उद्योग केंद्र का प्रमुख जीएम होता है?

साथियों, आपको बता दें कि हर जिले में जिला उद्योग केंद्र का प्रमुख एक महाप्रबंधक यानी जनरल मैनेजर (GM), 4 कार्यकारी मैनेजर (executive manager) और 3 प्रोजेक्ट मैनेजर (project manager) होते हैं। इनकी अगुवाई में अन्य कर्मचारी कार्य करते हैं।

डीएम को रिपोर्ट करते हैं जीएम

साथियों, जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि जिला उद्योग कार्यालय का काम जनरल मैनेजर संभालते हैं, ये जीएम संबंधित जिलाधिकारी यानी डीएम को रिपोर्ट करते हैं। डीएम संबंधित मंडलायुक्त यानी कमिश्नर को रिपोर्ट करते हैं और कमिश्नर राज्य के मुख्य सचिव (chief secretary) को रिपोर्ट करते हैं। आपको यह जानकारी भी दे दें कि राज्य स्तर से रिपोर्ट केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय यानी एमएसएमई मिनिस्ट्री को जाती है, क्योंकि जिला उद्योग केंद्र का संचालन उसी मंत्रालय के अधीन होता है।

जिला उद्योग केंद्र के क्या क्या कार्य हैं?

साथियों, आइए, अब आपको बताते हैं कि यह जिला उद्योग केंद्र मुख्य रूप से क्या क्या कार्य करता है। यह इस प्रकार से हैं-

  • जिले में अधिक धन का निवेश हो, इसके लिए विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनी लगवाना।
  • लोकल प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग हो सके, इसके लिए जिला स्तर पर कारोबारी मेले का आयोजन करना।
  • कारोबारियों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के सेमिनार, वेबिनार आदि का आयोजन करना।
  • स्थानीय कारोबारियों को व्यवसाय में हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उन्हें तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना।
  • जिले में स्थापित उद्यमों की आर्थिक जांच करना।
  • उद्योगों के विकास के लिए रिसर्च और ट्रेनिंग की व्यवस्था करना।
  • उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की जरूरत को पूरा करवाना।
  • नये उद्योग को स्थापित करने के लिए अनुमति, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी दिलाने में मदद करना।
  • युवाओं को सरकार की योजनाओं से परिचित कराना। -बेरोजगारों को सरकारी सहायता पर स्वरोजगार शुरु करने के लिए प्रेरित करना।
  • ग्रामीण इलाकों में रोजगार उपलब्ध कराना।
  • कारोबारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना।
  • युवाओं को ग्रामीण स्वरोजगार अपनाने के लिए ट्रेनिंग देना।
  • कारोबारियों को माल बेचने के लिए मार्केटिंग के स्किल सिखाना।
  • कारोबारियों को बिजनेस लोन उपलब्ध कराने में मदद करना।

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना क्या है?

मित्रों, आपको बता दें कि देश में अधिक से अधिक स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने 2019 में जिला उद्योग केंद्र लोन योजना की शुरुआत की है। इसके साथ ही यह स्कीम (scheme) 2020 में भी जारी रही है। अब 2021 शुरू हो चुका है। आपको बता दें कि इस योजना के तहत नया कारोबार शुरु करने के लिए और पुराने कारोबार का विस्तार करने के लिए कम ब्याज दर (low interest rate) पर बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना का मुख्य उद्देश्य

दोस्तों, जिला उद्योग केंद्र का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी को दूर करना या कम करना है। इसके लिए वह स्वरोजगार को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। जरूरतमंद युवा इस स्कीम का लाभ उठाकर खुद का कोई कारोबार शुरू कर सकते हैं। और आर्थिक रुप से सक्षम बन सकते हैं। इतना ही नहीं वे दूसरे लोगों को भी रोजगार मुहैया कराने में सक्षम हो सकेंगे।

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना की खास खास बातें

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना के तहत आवेदन के लिए पात्रता

दोस्तों, आइए अब आपको बताएं कि इस योजना के लिए आवेदन को क्या क्या पात्रता होनी आवश्यक है-

  • लोन योजना के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
  • आवेदक को 8वीं कक्षा पास होना आवश्यक है।
  • आवेदक का नजदीकी बैंक में खाता होना चाहिए।
  • बैंक खाता उसके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
  • यदि आवेदक बीपीएल (BPL) कार्ड धारक है, यानी कि गरीबी रेखा से नीचे है तो उसे किसी और सरकारी योजना का लाभ नहीं उठाया होना चाहिए।

जिला उद्योग केंद्र लोन योजना के लिए आवेदन को आवश्यक दस्तावेज

मित्रों, अब आपको बताते हैं कि जिला उद्योग केंद्र लोन योजना के लिए आवेदन करने को कौन कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं-

  • आवेदक का पैन कार्ड
  • आवेदक का आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आवेदक की बैंक पासबुक
  • आवेदक का आवास प्रमाण पत्र
  • जिस कार्य के लिए लोन का इच्छुक है, उसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट

दोस्तों, यह थी जिला उद्योग केंद्र लोन योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी। आप अच्छी तरह समझ लें कि यदि लोन के लिए आवश्यक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध कराने से आप वंचित रहते हैं तो फिर आपको इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसलिए जब आप फॉर्म में जानकारी दे रहे हो और दस्तावेज अपलोड कर रहे हों तो मांगे गए सारे दस्तावेज अपलोड करें। और इस बात का भी ध्यान रखें कि फॉर्म में दी गई आपकी सारी जानकारी सही-सही भरी हो।

जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम के लिए कैसे आवेदन करें?

दोस्तों, जैसे कि हम आपको पहले बता चुके हैं कि जिला उद्योग केंद्र लोन योजना को आनलाइन आवेदन करना होगा, जिसकी प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है –

  • आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले जिला उद्योग केंद्र की website के लिंक https://udyogaadhaar.gov.in पर जाना होगा।
  • इस वेबसाइट पर आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके लिए नाम और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद आपका नंबर जांचने के लिए आपके नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा।
  • आपको इस ओटीपी (OTP) को बताए गए box में enter करना होगा। इसके पश्चात जिला उद्योग केंद्र लोन स्कीम का फॉर्म खुल जायेगा। इसमें मांगी गई सभी जानकारी सही सही भरनी होगी।
  • इसके पश्चात मांगे गए आवश्यक दस्तावेज अपलोड (upload) करने के बाद सबमिट (submit) करने होंगे। इस प्रकार आवेदक का आवेदन संपूर्ण हो जाएगा।

तो दोस्तों, आपने देखा कि यह एक आसान सी प्रक्रिया है। यदि आप चाहें तो योजना का लाभ लेने के लिए जन सेवा केंद्र यानी कामन सर्विस सेंटर (CSC) की भी सहायता ले सकते हैं।

सभी को नौकरी उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं

दोस्तों, यह बात हम सभी जानते हैं कि हमारे देश भारत की जनसंख्या (population) सवा सौ करोड़ से भी अधिक है। ऐसे में सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना किसी भी स्थिति में संभव नहीं है। सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराया जा सके। ताकि बेरोजगारी की दर कम हो सके। आपको बता दें कि पिछले कुछ समय में इस दर में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसे से लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साधता रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय से कोरोना की वजह से जो हालात बने हैं, उनमें जिंदगी को बचाना रोजगार से बड़ी प्राथमिकता रही है और बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

कोरोना संक्रमण को लेकर लगाए गए लाकडाउन के दौरान भी बढ़े बेरोजगार

दोस्तों, इस हकीकत से कोई भी आंख नहीं मूंद सकता कि कोरोना संक्रमण की वजह से लगे लाकडाउन के दौरान भी हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। इस बार के आम बजट में भी रोजगार को लेकर कोई बड़ी व्यवस्था नहीं दी गई है। लोगों पर कोई नया टैक्स आरोपित नहीं किया गया है, इसी को बहुत बड़ी बात माना जा रहा है। ऐसे में बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार स्थापित करने का एक अच्छा जरिया जिला उद्योग केंद्र है। वहां से वह सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं स्थापित हो सकते हैं और अन्य बेरोजगार युवाओं की भी रोजी-रोटी हासिल करने में मदद कर सकते हैं।

अंतिम शब्द

दोस्तों, सरकार बेरोजगारों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही वह उन्हें वह सारे स्किल्स की भी ट्रेनिंग की व्यवस्था कर रही है, जो उनके स्व रोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक हो सकते हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने में भी उनकी मदद की जाती है ताकि उन्हें लोन मिलने में किसी तरह की कोई दिक्कत ना पेश आए। और वह अपने पैरों पर खड़े हो सकें। आपको बता दें कि आज की तारीख में लाखों लोग जिला उद्योग केंद्र की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। अपने साथ ही और दूसरे लोगों की रोजी-रोटी का जरिया बने हैं।

दोस्तों, हमने आपको जिला उद्योग केंद्र लोन योजना (jila udyog Kendra yojana) की पूरी जानकारी दी। उम्मीद है कि आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी। यदि आप किसी अन्य योजना के विषय में जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो उसके लिए हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके बता सकते हैं। आपके सुझाव और प्रतिक्रियाओं का हमें हमेशा की तरह इंतजार रहेगा। ।।धन्यवाद।।

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