रात को चोरी छिपे घर में घुसना किस धारा के तहत अपराध है? IPC 456 in Hindi

ऐसा बहुधा होता है कि आप रात को चैन की नींद सो रहे हों व कोई अचानक दीवार फांदकर या खिडकी काटकर रात को चोरी छिपे घर में घुस आए। ऐसे में आपका डरना स्वाभाविक है। लेकिन आपको बता दें कि आप इस तरह घर में चोरी छिपे घुसने वाले के खिलाफ कानून का सहारा ले सकते हैं। इसके लिए तय धारा में एफआईआर (FIR) कराकर ऐसा करने वाले व्यक्ति को जेल की हवा खिला सकते हैं।

यदि आप इस बारे में नहीं जानते तो भी कोई नहीं। इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें। आज हम आपको बताएंगे कि यदि रात के समय कोई किसी के घर चोरी छिपे घुस जाए तो यह किस धारा के तहत अपराध होगा एवं दंड का क्या प्रावधान होगा। आइए, शुरू करते हैं-

रात के समय किसी के चोरी छिपे घर में घुसना किस धारा के तहत अपराध?

दोस्तों, आपको बता दें कि यदि कोई व्यक्ति रात के समय चोरी से किसी के घर में घुस जाता है तो यह दंडनीय अपराध है। इसके लिए भारतीय दंड संहिता (indian penal code) यानी आईपीसी (IPC) -1860 की धारा 444 एवं 446 के तहत अपराध घोषित किया गया है। धारा 444 में साफ कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के घर बगैर उसकी अनुमति के प्रवेश करता है। एवं उसके घर में अतिचार फैलाता है, तो वह इस धारा के तहत दोषी ठहराया जाएगा।

वहीं, धारा 446 में स्पष्ट किया गया है कि, यदि कोई व्यक्ति रात के समय दीवार, खिड़की अथवा गेट का ताला तोड़ कर किसी के घर में प्रवेश करता है, तो वह इस धारा के तहत अपराध होगा।

रात को चोरी छिपे घर में घुसना किस धारा के तहत अपराध है? IPC 456 in Hindi

आईपीसी की धारा 456 – IPC 456 in Hindi 

रात को घर में चोरी-छिपे प्रवेश करना एवं अतिसार करना धारा 456 के तहत दंडनीय अपराध है । इस धारा में स्पष्ट रूप से इस अपराध की व्याख्या की गई है जिसे आप इस तरह समझ सकते हैं –

आईपीसी की धारा 456 के अनुसार –

जो कोई रात्रौ प्रच्छन्न गृह अतिचार या रात्रौ गृह भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

धारा 456 की व्याख्या

धारा 456 में दंड का प्रावधान, तीन साल तक की जेल संभव

मित्रों, आपको एक और महत्वपूर्ण जानकारी दे दें। आपको बता दें कि 444 एवं 446 इन दोनों धाराओं के अपराधियों के लिए दंड का प्रावधान आईपीसी -1860 की धारा 456 में किया गया है। आरोपी के दोषी साबित होने पर उसे तीन साल के कारावास की सजा हो सकती है एवं उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
गुप्त घर अतिचार या रात को घर तोड़कर घर में घुसना3 साल + जुर्मानासंज्ञेयगैर जमानतीयकोई भी मजिस्ट्रेट
धारा 456 के तहत दंड प्रावधान

गैर जमानती एवं संज्ञेय अपराध

साथियों, आपको बता दें कि आईपीसी 1860 की धारा 444 एचं 446 के अंतर्गत आने वाले यह अपराध संज्ञेय एवं गैर जमानती होते हैं। यानी मजिस्ट्रेट ऐसे मामलों में जमानत देने से इन्कार कर सकता है। उसे आरोपी को पुलिस एवं न्यायिक हिरासत में देने का भी अधिकार होता है।

दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि जरूरी नहीं कि कोई प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ही ऐसे अपराधों की सुनवाई करे। आप जान लीजिए कि कोई भी मजिस्ट्रेट इन मामलों की सुनवाई कर सकता है।

बिना अनुमति घुसने पर धारा 452 के तहत हो सकती है शिकायत

मित्रों, आपको बता दें कि यदि कोई व्यक्ति किसी के घर बगैर अनुमति जबरदस्ती घुस आता है। वहां अव्यवस्था फेलाता है एवं झगड़ा करता है तो यह भी अपराध की श्रेणी में आएगा। उस व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी 1860 की धारा 452 के तहत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

आईपीसी की धारा 452 लागू होती है, जब-

आपको हमने ऊपर बताया कि रात के समय किसी के घर चोरी छिपने घुसने पर कौन सी धारा लगाई जाती है। अब हम आपको यह बता देते हैं कि किसी के घर जबरन घुसने पर कौन सी धारा के तहत अपराध दर्ज होता है। आपको जानकारी दे दें कि इस अपराध में धारा 452 लागू होती है। इस अपराध की परिभाषा कानून के अंतर्गत इस प्रकार दी गई है-

  1. यदि कोई व्यक्ति अथवा समूह किसी के घर में बगैर अनुमति प्रवेश करता है, मारपीट करता है अथवा धमकी देता है।
  2. बगैर अनुमति घर में घुसकर हमला करता है अथवा बंदी बनाता है।
  3. बगैर अनुमति किसी के घर की छत पर जाने में भी इसी धारा के तहत अपराध दर्ज होता है।

संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध

मित्रों, आपको बता दें कि यह अपराध समझौता योग्य नहीं होता। यह अपराध एक संज्ञेय अपराध है एवं इसमें जमानत मुश्किल होती है। कहने का अर्थ यह कि गैर जमानती अपराध है, ऐसे में कोर्ट जमानत से इंकार कर सकती है। इस अपराध की सुनवाई कोई भी मजिस्ट्रेट कर सकता है।

आपको बता दें कि इसमें अपराधी को एक से लेकर सात साल तक की कैद हो सकती है। इसके साथ ही उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।

रात को चोरी छिपे घर में घुसते देखा, मना किया तो गोली मारी

यह तो आप जानते ही हैं कि कई बार इस तरह के हादसे होते हैं, जो जिस पर बीतते हैं वह कभी नहीं भूल पाता। हरदोई के पिहानी स्थित पतरास गांव के मजरा गड़रियाखेड़ा में 50 वर्षीय समरू को घर में घुसने से मना करने पर गोली मार दी गई। घायल समरू की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

उसने बताया कि रात को करीब तीन बजे उसके घर में लगी घास-फूस की दीवार टटिया हटाकर किसी के घुसने की आहट हुई। इस पर उनकी नींद खुल गई। देखा कि करौंधियाई गांव निवासी एक युवक संदीप उनके घर में घुस रहा था। संदीप के चोरी छिपे घर में घुसने का उन्होंने विरोध किया तो संदीप ने उन्हें गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर जाग पड़ गई। समरू को लहूलुहान हालत में अस्पताल लाया गया एवं पुलिस को सूचना दी गई।

एक अन्य मामले में बिलासपुर के पेंड्रा क्षेत्र के धनपुर गांव में चरित्र शंका के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई। पता चला कि युवक रात को चोरी छिपे छत पर पहुंचा था। सुबूत मिटाने के लिए शव को फेंक दिया गया था।

रात को चोरी से सीओ तक एक घर में घुसे, पिटाई खाई

मित्रों, यह जानना आपको रोचक लगेगा। झांसी के मफरानीपुर कस्बे में छिपयात इलाके के एक मकान में घुसे सर्किल अफसर को लोगों ने चोर समझकर पीट दिया। सीओ रात को करीब एक बजे सरकारी गाड़ी से बड़ा बाजार स्थित एक जनरल स्टोर के पास पहुंचे एवं गाड़ी खड़ी कर दीं। इसके बाद वह पैदल चलते हुए छिपयात मोहल्ले के एक घर में घुस गए। इससे यहां कमरे में नीचे सो रहे एक युवक की आंख खुल गई। वह ऊपर वाले कमरे में गया और बाहर से कुंडी लगा दी।

चोर चोर चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। सीओ कमरे में छिप गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। लोग कमरे की कुंडी खोलकर अंदर पहुंचे और सीओ को चोर समझकर पीटने लगे। उन्होंने सीओ का मोबाइल फोन एवं गाड़ी की चाबी भी छीन ली। इस बीच कुछ लोगों ने सीओ को पहचाना, बीच-बचाव किया। मौका मिलते ही सीओ भाग खड़े हुए। लेकिन हड़बड़ी में उनकी सरकारी गाड़ी दीवार से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई।

कई दिन रेकी कर रात को घरों में घुसने का उपक्रम

लोगों के घरों का ताला तोड़ कर घरों में हाथ की सफाई कर देने वाले अपराधियों ने स्वीकार किया है कि रात को घर में घुसने से पहले उन्होंने कई दिन तक घरों की रेकी की है। घर के आगे पीछे घूमकर चेक किया है कि कहीं कोई आस पास मौजूद तो नहीं। इस तरह के लोग कभी चटाईवाला तो कभी कबाड़ीवाला बनकर घर के बाहर चक्कर लगाते थे। ताकि घरों में रात को आराम से घर में घुसा जा सके।

सीसीटीवी होने की स्थिति में यह नकाब पहनकर सीसीटीवी को तोड़ने जैसी हरकतों को अंजाम देने से भी नहीं चूकते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। जिस तरह सुरक्षा के उपकरण बढ़े हैं, उसी तरह अपराधियों ने भी अपने बचाव की कई तरकीबें निकाल ली हैं।

आपको यह भी बता दें कि कई मामलों में तो जान-पहचान के लोग ही चोरी छिपे घर में घुसने की हिमाकत करते हैं। वे अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूसरों के घरों में चोरी छिपे घुसकर हाथ साफ करने से नहीं चूकते। ये लोग पहले से ही घर में कौन सी चीज कहां रखी है, इस पर निगाह रखते हैं और मौका हाथ आते ही अपने खतरनाक एवं आपराधिक मंसूबों को अंजाम दे देते हैं।

रात को चोरी छिपे घर में घुसने के फर्जी केस भी

मित्रों, कई ऐसे भी केस सामने आए हैं, जिनमें रात को चोरी छिपे घर में घुसने के फर्जी मामले दर्ज कराए गए थे। यह भी सामने आया कि ऐसा केवल संबंधित व्यक्ति को बदनाम करने एवं रंजिशन अथवा बदला लेने की नीयत से किया गया। हालांकि इन दिनों घरों के बाहर लगे सीसीटीवी ऐसे मामलों में पुख्ता सुबूत का कार्य करते हैं। पता चल जाता है कि संबंधित व्यक्ति ने यह अपराध किया है अथवा नहीं।

जब तक इनकी सुविधा नहीं थी तब तक लोगों के लिए अपराध के संबंध में पता लगाना वाकई मुश्किल कार्य होता था। तब जांच भी लंबी होती थी एवं कई कोण से गुजरकर अंजाम तक पहुंच सकती थी। उसमें भी गलती की गुंजाइश रह जाती थी। पुलिस कई बार सही अपराधी तक नहीं पहुंच पाती थी। लेकिन अब सीसीटीवी से वास्तविक अपराधी तक पहुंचना संभव है।

अधिकांश मोहल्लों में एवं घरों में अब लोग सीसीटीवी लगाने लगे हैं, ताकि सुरक्षित रहा जा सके। ऐसे मामलों में कई बार पुलिस की मिलीभगत भी सामने आती है। वे सही गुनाहगार को छोड़ कर किसी दूसरे व्यक्ति को गुनाहगार बनाकर पेश कर देती है। कई बार यह केस जल्द खोलने के दबाव में भी होता है। ऐसा कई मामलों में सामने आया है, जब पुलिस ने सजा दिलाई, वह बाद में बेकसूर निकला, जबकि इससे पहले वह सालों की जेल भुगत चुके थे।

लोगों में कानून की जानकारी का अभाव

यह तो आप जानते ही हैं कि अपने देश में कानून की जानकारी का अभाव है। ज्यादातर लोग नहीं जानते किस अपराध के लिए कौन सी धारा तजवीज की गई है। या किसी संबंधित मामले के लिए वे कहां शिकायत कर सकते हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग झूठे केसों के जंजाल में फंस जाते हैं। यदि उन्हें कानून एवं उससे जुड़ी धाराओं की जानकारी हो तो वे कम से कम इस तरह के जंजाल में फंसने से बच सकेंगे।

रात के समय किसी के घर चोरी छिपे घुसना एवं अतिचार किस धारा के तहत अपराध है?

रात के वक्त किसी के घर चोरी छिपे घुसना एवं अतिचार आईपीसी -1860 की धारा 444 एवं 446 के तहत अपराध है।

रात के वक्त किसी के घर चोरी छिपे घुसने पर किस धारा में सजा का प्रावधान है?

रात के वक्त किसी के घर चोरी छिपे घुसने पर धारा 456 के तहत सजा का प्रावधान किया गया है।

रात के समय किसी के घर चोरी छिपे घुसने पर कितनी सजा हो सकती है?

रात के वक्त किसी के घर चोरी छिपे घुसने पर तीन साल तक की सजा एवं आर्थिक दंड लग सकता है।

क्या यह संज्ञेय अपराध है?

जी हां, यह संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध है।

क्या कोई भी मजिस्ट्रेट इन मामलों की सुनवाई में सक्षम है?

जी हां, इन मामलों की सुनवाई कोई भी मजिस्ट्रेट कर सकता है। जरूरी नहीं कि वह प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट हो।

दोस्तों, हमने आपको बताया कि रात को चोरी छिपे घर में घुसना किस धारा के तहत अपराध है? IPC 456 in Hindi में किस धारा के तहत अपराध करार दिया गया है। यदि आपके साथ ऐसा कुछ घटता है तो आप अपराधी को जेल की हवा खिला सकते हैं।

बहुत से लोग इस संबंध में अभी भी जागरूक नहीं। आप इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि लोग जागरूक हो सकें। यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी एवं किसी अन्य विषय पर आप हमसे लेख चाहते हैं तो अपनी प्रतिक्रिया एवं सुझाव हमें नीचे दिए गए कमेंट बाॅक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। ।।धन्यवाद।।

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