हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन कैसे करें? Download Marriage Certificate

हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन तरीका – विवाह जीवन का महत्वपूर्ण फैसला माना जाता है। विवाह के बाद जीवन में बदलाव आना लाजमी है। ऐसा माना जाता है कि विवाह जीवन को एक नया आयाम देती है  विवाह के बाद जीवन में संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। शादीशुदा जिंदगी में ऐसा जीवनसाथी मिलता है, जो इस सफर में साथ देता है और देखा जाता है कि शादी के बाद ही सब कुछ अचानक बदल जाता है। विवाह का रोमांचक सफर जितना आसान नजर आता है उतना होता नहीं है। विवाह के लिए प्यार, इज्जत, समर्पण एक दूसरे के लिए होना जरूरी है।

किसी भी जरूरी कार्य के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य माना गया है भारत के हर राज्य में  विवाह का पंजीकरण होना ही चाहिए, जिससे आगे की जिंदगी सुरक्षित हो सकती है।

विवाह का पंजीकरण क्यों जरूरी है? Why is marriage registration necessary?

कई बार लोग विवाह पंजीकरण करवाना सही नहीं समझते हैं। कभी तो व्यस्त रहने का बहाना बना दिया जाता है। सच तो यह है कि लोग तभी विवाह पंजीकरण करवाते हैं, जब उन्हें विदेश जाना हो या कोई अन्य आवश्यक सरकारी कार्य हो। भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में विवाह पंजीकरण को महत्व दिया गया है, यह दो लोगों के विवाह का प्रमाण होता है। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विवाह पंजीकरण को आवश्यक माना गया है। भारत के हर राज्य में विवाह के पंजीकरण को महत्व दिया गया है।

हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन कैसे करें? Download Marriage Certificate

प्रत्येक राज्य की तरह हरियाणा में भी विवाह के पंजीकरण को खास महत्व दिया गया है। मैरिज एक्ट 2008 के अनुसार विवाह का पंजीकरण किसी विवाह का प्रमाण होता है, जो कुछ सरकारी जरूरी कार्यों के लिए आवश्यक माना गया है।

हरियाणा विवाह पंजीकरण के लिए आवश्यक योग्यताएं – Essential Qualifications for Marriage Registration in Haryana

यदि आप हरियाणा के निवासी हैं, तो आपको हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन करवाना बहुत जरूरी है। पंजीकरण के लिए कुछ जरूरी बातें हैं, जिनके होने से ही पंजीकरण आसानी से हो पाता है।

  • हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन करने के लिए लड़के की उम्र 21 और लड़कियों की उम्र 18 निर्धारित की गई है। भारत में विवाह पंजीकरण भी तभी होगा, जब निर्धारित उम्र पति के लिए 21 और पत्नी के लिए 18 हो।
  • विवाह पंजीकरण के समय पूरी ईमानदारी के साथ सही जानकारी बताना चाहिए। किसी भी बात को छुपाना सही नहीं होगा।
  • हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन जिस जगह से विवाह किया गया है या जिस जगह से विवाह को रजिस्टर किया गया है, उस जगह पति पत्नी को एक माह रहना अनिवार्य है।
  • विवाह पंजीकरण करवाते समय उम्र बिल्कुल सही बतानी चाहिए।

हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन के लिए आवश्यक दस्तावेज – Documents required for Haryana Marriage Registration

दोस्तों, हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज जरूरी है, जिनके माध्यम से किसी भी  विवाह को प्रमाणित किया जा सकता है

  1. पति और पत्नी की आयु प्रमाण पत्र
  2. आवासीय प्रमाण पत्र
  3. बिजली का बिल
  4. मतदाता परिचय पत्र
  5. आधार कार्ड
  6. दो गवाह, जिनके पास आधार कार्ड उपलब्ध हो
  7. पति पत्नी द्वारा हस्तांतरित आवेदन पत्र
  8. पति-पत्नी की जन्मतिथि का प्रमाण पत्र
  9. दोनों पक्षों के दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें और एक विवाह की तस्वीर
  10. विवाह निमंत्रण पत्र

आवश्यक दस्तावेज के माध्यम से ही किसी विवाह का पंजीकरण आसान हो जाता है। अतः सभी दस्तावेजों को संभाल कर रखना उचित होगा।

विवाह पंजीकरण आवेदन शुल्क –

आवेदकों को पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना होगा। जिसके बाद ही आपका मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा। मैरिज पंजीकरण शुल्क निम्न है –

  • 150 अगर आवेदन विवाह की तारीख से 90 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाता है।
  • 350 यदि आवेदन 90 दिनों के बाद लेकिन विवाह की तारीख से एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत किया जाता है।
  • 300 यदि आवेदन 1 वर्ष के बाद प्रस्तुत किया जाता है।

हरियाणा विवाह पंजीकरण कैसे कर सकते है? How to register Haryana Marriage?

देश के किसी भी कानून में विवाह के पंजीयन को मान्यता प्राप्त है। हरियाणा के कंपलसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज एक्ट के अनुसार विवाह के 3 महीने तक विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होता है। यदि किसी कारणवश पंजीयन ना किया गया हो, तो 1 वर्ष बाद भी डीसी मुख्य पंजीयन अधिकारी के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए पति की आयु 21 वर्ष और पत्नी की आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य माना गया है। लोगों की बढ़ती जागरूकता के कारण लगातार अपने विवाह का पंजीकरण किया जा रहा है।

हरियाणा विवाह पंजीकरण करने का ऑनलाइन तरीका – Haryana Marriage Registration Online

अन्य राज्यों की तरह हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन भी किया जा सकता है।

  • सबसे पहले हरियाणा में विवाह पंजीकरण के लिए ऑफिशियल वेबसाइट https://saralharyana.gov.in/पर क्लिक करें।

हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन कैसे करें? Download Marriage Certificate

  • वेबसाइट पर पहुचने के पश्चात् आपको अपने अकाउंट में लॉग इन करना है। यदि आपका इस वेबसाइट पर पहले से अकाउंट नही है। तो आप निचे दिए गए न्यू यूजर रजिस्ट्रेशनपर क्लीक करके अपना एक अकाउंट बनाये।
  • नया अकाउंट बनाने के लिए आपको Register hereपर क्लीक करना है और स्क्रीन पर ओपन होने वाले पेज पर पूछीं गई सभी जानकारी भरें।

हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन कैसे करें? Download Marriage Certificate

  • अकाउंट बनाने के बाद अपने अकाउंट में लॉग इन करें। लॉग इन करने के बाद “एप्लीकेशन फॉर मैरिज रजिस्ट्रेशन” को खोलें।
  • उसके बाद मैरिज सर्टिफिकेट पेज पर क्लिक “हेयर टू अप्लाई” पर क्लिक करें।
  • अगले पेज में जाते ही हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन फॉर्मदिखाई देता है, उस फॉर्म को भरना होगा।
  • उस फॉर्म के खुलते ही सारी जानकारी सही तरीके से भरना अनिवार्य है। इसके बाद पेमेंट को भी ऑनलाइन भरा जा सकता है।
  • फॉर्म के बाहर जाने पर “सेव” बटन पर क्लिक करें।
  • उसके बाद ट्रांजैक्शन आईडी मिल जाएगी इसके साथ ही विवाह पंजीकरण की कॉपी को प्रिंट के माध्यम से निकालकर अपने पास रख ले।

हरियाणा विवाह पंजीकरण के लिए ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? How to apply for marriage registration offline?

विवाह पंजीकरण करने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती हैं परंतु यह अनिवार्य भी होती है। इसे ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा भी किया जा सकता है।

  • विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र नगर निगम कार्यालय या नोटरी से प्राप्त किया जा सकता है।
  • आवेदन पत्र को सावधानी से भर कर सारे जरूरी दस्तावेज को नगर निगम या नगरपालिका के कार्यालय में जमा करावे।
  • सभी जरूरी अभिलेखों की जांच की 15 दिन के भीतर ही विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
  • किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर गवाहों के बयान भी दर्ज किया जा सकता है।
  • विवाह का पंजीकरण उसी क्षेत्र से होता है,जिस  क्षेत्र में विवाह संपन्न हुआ है।

क्या विवाह पंजीकरण के बिना विवाह मान्य नहीं? Is marriage not valid without marriage registration?

विवाह किसी भी व्यक्ति के जीवन का अहम पड़ाव होता है। विवाह बड़े ही धूमधाम से किया जाता है क्योंकि इस विवाह से बहुत से लोगों की उम्मीदें बंधी रहती हैं। उम्मीदों को बनाए रखना आसान काम नहीं होता है। विवाह के बाद गृहस्थ जीवन की शुरुआत हो जाती है परंतु कानून की नजरों में शादी संपन्न तब तक नहीं होती, जब तक शादी को पंजीकृत ना किया गया हो। कानूनी मान्यताओं के लिए शादी का पंजीकरण आवश्यक है। पंजीकरण करने का समय 90 दिन होता है, जब नगर निगम के कार्यालय जाकर या ऑनलाइन रहकर विवाह का पंजीकरण करवाया जा सकता है। यदि विवाह का पंजीकरण किया जाता है, तभी अधिकार प्राप्त हो सकते हैं।

हरियाणा विवाह पंजीकरण ऑनलाइन के लाभ – Benefits of marriage registration

कई बार लोग जल्दबाजी या व्यस्त होने की बात कहकर पंजीकरण नहीं करवाते हैं। कुछ लोग पंजीकरण के लाभ से अनभिज्ञ रहते हैं लेकिन विवाह को मान्यता दिलाने के लिए पंजीकरण बहुत आवश्यक हो जाता है। पंजीकरण कराने से शादीशुदा जोड़ों को कुछ लाभ मिल सकते हैं

  1. यह पंजीकरण पति और पत्नी की वैवाहिक संबंध को प्रमाणित करता है। पंजीकरण होने के बाद शादी को झुठलाया भी नहीं जा सकता।
  2. यदि विवाह के बाद पत्नी का नाम बदला गया हो, तो पंजीकरण के समय पत्नी को सारे अभिलेखों के प्रमाण से पंजीकरण करवाया जा सकता है।
  3. यदि पति किसी अन्य देश का नागरिक हो, तब पत्नी को इस देश की नागरिकता दिलाता है और तभी विवाह पंजीकरण भी हो सकता है।
  4. विवाह के बाद वीजा बनवाना हो या संयुक्त बैंक खाता खुलवाना हो, ऐसे में विवाह पंजीकरण होना अनिवार्य होता है।
  5. विवाह पंजीकरण से एक महिला को विवाह के बाद के सारे अधिकार मिल जाते हैं।
  6. पति की मृत्यु के बाद पत्नी को उसका अधिकार दिलाने में लाभप्रद होता है।
  7. जीवन बीमा से संबंधित फायदे लेने के लिए विवाह प्रमाण पत्र जरूरी माना गया है।
  8. पति पत्नी के बीच दहेज, तलाक और गुजारा भत्ता जैसे मामलों को निपटाने के लिए शादी का पंजीकरण अनिवार्य होता है।

विवाह पंजीकरण ना होने पर जुर्माना – Penalty for non-registration of marriage

हरियाणा विवाह का पंजीकरण का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। कानून की दृष्टि में यह जरूरी होता है। यदि किसी कारणवश विवाह का पंजीकरण ना हुआ हो, तो जुर्माने के रूप में ₹10000 भरना पड़ता है।

विवाह पंजीकरण हरियाणा हेल्पलाइन नंबर

यदि आपके पास कोई प्रश्न है या किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है तो आप टोल फ्री नंबर 1800-2000-023 पर कॉल कर सकते हैं। या @ saral.haryana@gov.in पर ईमेल कर सकते हैं।

विवाह पंजीकरण के लिए नोटरी आवश्यक नहीं – Notary not required for marriage registration

विभिन्न कार्यों के लिए विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता के लिए लोग नोटरी के पास जाना उचित समझते हैं। लोगों का ऐसा लगता है कि उससे काम आसान हो जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि विवाह पंजीकरण अधिकारियों द्वारा बहुत से ऐसे दस्तावेज मंगवाए जाते हैं, जो आवश्यक नहीं होते हैं। इस तरह सूचना आयोग की विचार के बाद नया फैसला सामने आया है जिसके तहत अब विवाह पंजीकरण के लिए नोटरी की आवश्यकता नहीं होगी। नोटरी के काम करवाने की वजह से अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता था इसीलिए सूचना आयोग के नए नियम के मुताबिक आवेदक ही खुद के दस्तावेज अटेस्ट कर सकेंगे। इसके साथ ही साथ पंजीकरण के पोर्टल पर भी खुद को पंजीकृत किया जा सकेगा।

भारत में पंजीकरण संबंधित पूर्व के अनुमान –

कुछ वर्षों पहले तक भारत में लोग विवाह पंजीकरण के जागरूक नहीं थे। उन्हें पंजीकरण करना  बोझिल कार्य लगता था। वे अपना कार्य अपने तरीके से पूरा कर लेते थे उन्हें कुछ जानकारी का भी अभाव था। विवाह पंजीकरण की आवश्यक नियमों को पूर्व काल के लोगों द्वारा माना नहीं जाता था। कुछ वर्षों पहले तक  लोगों को विवाह पंजीकरण की आवश्यकता महसूस नहीं होती थी परंतु अब स्थिति काफी हद तक बदल चुकी है।

अधिनियम के कार्यान्वयन के साथ प्रक्रिया को मान्य वितरित किया गया था। विवाह पंजीकरण से स्त्रियों को वे सारे अधिकार मिलते हैं, जो सामाजिक जीवन में भी आवश्यक होते हैं।  विवाह पंजीकरण कराने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी पर उंगली नहीं उठा सकता। कानून के अंतर्गत  रहकर विवाह का पंजीकरण किया जाता है।

यह वक्त जागरूक होने का है। आज के दौर में विवाह पंजीकरण बहुत ही आवश्यक माना गया है, जो कि समाज में सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आपने अपने विवाह का पंजीकरण नहीं कराया हो, तो बिल्कुल भी देर ना करें और जल्द से जल्द अपने विवाह का पंजीकरण करवाकर अपनी जिंदगी को सुरक्षित करें।

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