हमारा घर हमारा विद्यालय योजना 2020 लाभ, उद्देश्य, अध्ययन प्रक्रिया, टाइम टेबल

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कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन की वजह से जहां नौकरियां छूटने और उद्योग धंधे आ​दि ठप होने से युवा परेशान हैं, वहीं बच्चों की मुश्किलें भी कम नहीं। स्कूल बंद पड़े हैं, ऐसे में उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ सरकारें बच्चों को घर पर ही स्कूल जैसा माहौल देने की कोशिश कर रही हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने भी हमारा घर हमारा विद्यालय योजना से ऐसी ही एक कोशिश की है। यह योजना राज्य के स्कूली शिक्षा विभाग की है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस योजना का शुभारंभ किया जा चुका है।

छह जुलाई, 2020 से यह योजना प्रदेश में पूरी तरह लागू हो जाएगी। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इसी योजना के संबंध में जानकारी देंगे। आपको बताएंगे कि यह योजना कब शुरू की गई? क्यों शुरू की गई, यानी कि इसका मकसद क्या है? इस योजना की खास बातें क्या हैं? आदि आदि। उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट पसंद आएगी। आइए शुरू करते हैं-

हमारा घर हमारा विद्यालय योजना 2020 क्या है? Hamara Ghar Hamara Vidyalaya Scheme 2020

सबसे पहले आपको यह बताते हैं कि हमारा घर हमारा विद्यालय योजना 2020 क्या है। दोस्तों, मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना को शुरू किया है। इसका शुभारंभ 27 जून को राज्य की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने किया है। मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रभु राम चौधरी ने इसे एक बेहतरीन आइडिया करार दिया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शुरू की गई यह योजना आने वाली छह जुलाई से लागू हो जाएगी।

हमारा घर हमारा विद्यालय योजना 2020 लाभ, उद्देश्य, अध्ययन प्रक्रिया, टाइम टेबल

दोस्तों, आपको बता दें कि इस योजना को विशेष तौर पर इसलिए शुरू किया गया है, ताकि कोरोना संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक नियमितता बनी रहे। बच्चे पढ़ाई से दूर न हों, लगातार पढ़ाई करें। आप जानते ही हैं कि संक्रमण के डर से स्कूलों, कालेजों में पढ़ाई बंद है और ऑनलाइन शिक्षा छात्र छात्राओं के लिए एक नया जरिया साबित हो रही है।

आपको बता दें कि यह एक नई ऑनलाइन शिक्षा योजना है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके तहत घर में ही बच्चों को विद्यालय जैसा वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। यही वजह है कि इस योजना का नाम हमारा घर हमारा विद्यालय योजना-2020 रखा गया है। उम्मीद की जा रही है कि घर में ही बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में इस योजना के जरिये सहूलियत होगी।

Benefits of MP Hamara Ghar Hamara Vidyalaya Scheme 2020

हम आपको बता ही चुके हैं कि योजना के माध्यम से छात्र छात्राओं के लिए घर पर ही विद्यालय जैसा वातावरण तैयार किया जाएगा। इसके तहत कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को शामिल किया गया है। जिस तरह स्कूल में हर पीरियड शुरू होने के संकेत के तौर पर घंटी बजाई जाती है, इसी तरह छात्रों के लिए हर घर में हर सुबह स्कूल की घंटी बजेगी। इसके साथ ही पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

योजना के तहत कक्षाएं शुरू होने का समय सुबह ठीक दस बजे नियत किया गया है। आपको बता दें कि कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक चलेंगी।और प्रत्येक कक्षा एक घंटे की होगी। शनिवार को मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यशाला में बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

हमारा घर हमारा विद्यालय योजना की खास-खास बातें क्या हैं?

छात्रों के परिवारों को भी उनकी पढ़ाई में शामिल किया जाएगा। छात्र अध्ययन करेंगे। वह कहानियां लिखेंगे, इसके साथ ही नोट्स भी तैयार करेंगे। हर छात्र सीखता है। स्किल डेवलप करता है और इससे मिलने वाले अवसर से अनुभव प्राप्त करता है। एक नजर में देखें तो इस योजना से जुड़ी खास खास बातें इस तरह से हैं-

  • सबसे पहली बात यह है कि बच्चों की पढ़ाई स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से तय टाइमटेबल के अनुसार होगी।
  • इस योजना के तहत कक्षा एक से कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाया जाएगा, ​शिक्षकों को भी इसी के अनुसार विषय के लिए तैयार किया जाएगा।
  • हमारा घर हमारा विद्यालय नाम की योजना को मध्य प्रदेश के शिक्षा केंद्र ने तैयार किया है। इसके लिए उसने योजना बनाकर काम किया है।
  • जैसा कि अभी भी जारी है, बच्चों को घर पर ऑनलाइन कक्षाओ के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
  • योजना के तहत बच्चों को घर में ही स्कूल जैसा माहौल दिया जाना इस योजना की प्राथमिकता और मकसद है।
  • छात्रों को घर में ही स्कूल की घंटी सुनाई जाएगी, ताकि उन्हें स्कूल जैसा फील आए। इसके बाद ही शिक्षक छात्रों की कक्षाओं को शुरू करेंगे।
  • ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर शिक्षक न केवल छात्रों से बल्कि उनके अभिभावकों से भी feedback लेंगे।

टाइम टेबल किसने तैयार किया और पढ़ाई कैसे होगी –

दोस्तों, आपको बता दें कि योजना के तहत जिस तरह बच्चे स्कूल में एक टाइम टेबल के आधार पर पढ़ाई करते हैं, उसी तरह से बच्चे घर में भी स्कूल की ओर से तैयार किए गए टाइम टेबल का पालन करेंगे। कक्षा एक और दो, तीन से लेकर पांच और छह से लेकर आठ तक के छात्र छात्राओं के लिए अलग अलग टाइम टेबल और वर्कशीट भी तैयार की गई है। कक्षाओं के अनुसार कक्षा छह से लेकर आठ तक के बच्चों को स्किल अपग्रेडेशन पर आधरित वर्कशीट भरवाई जाएंगी। बच्चे क्लास वर्क करेंगे और इसी के आधार पर बच्चों को होम वर्क भी दिया जाएगा।

यदि कक्षा एक और दो के छात्र छात्राओं की बात करें तो उनके लिए सोमवार से शुक्रवार तक यह टाइम टेबल रहेगा। जैसा कि हम आपको बता ही चुके हैं कि छात्र छात्राओं की शिक्षा और विषय से जुड़ी कक्षाएं सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक ही चलनी है। साप्ताहिक टाइम टेबल में सीखने का उद्देश्य, दैनिक समय सारणी और विशेष गतिविधियों की जानकारी, यह तीन प्रारूप शामिल किए गए हैं। साथियों, कक्षा एक और दो के बच्चों का टाइम टेबल इस प्रकार निर्धारित किया गया है-

  • सुबह 10 से 11-मोबाइल फोन पर भेजे ​digilep वीडियो तक पहुंचना।
  • सुबह 11 से दोपहर 12 बजे- रेडियो स्कूल कार्यक्रम सुनना।
  • दोपहर 12 से एक बजे-वर्कशीट और अन्य गतिविधियां।
  • शाम चार से पांच बजे-सह-शै​क्षिक गतिविधियां।
  • शाम सात से आठ बजे-माता-पिता या घर के बड़े बुजुर्गों से कहानियां सुनना और इन सुनी हुई कहानियों को अपने शब्दों में पिरोकर अपनी कापियों में लिखना।
  • कक्षा तीन से लेकर पांच और कक्षा छह से लेकर कक्षा आठ तक के लिए टाइम टेबल स्किल अपग्रेडेशन वर्कबुक पर आधारित होगी।

हमारा घर हमारा विद्यालय कार्यक्रम (कक्षा 1 से 8) की समय सारणी

क्र.
गतिविधि
समय
1
अकादमिक
प्रातः 10 से 1 बजे तक
2
खेल, कला एवं मनोरंजन
शाम 4 से 5 बजे तक
3
कहानी सुनना एवं कहानी रचना
रात्रि 7 से 8 बजे तक
4
मस्ती की पाठशाला
प्रत्येक शनिवार 4 से 5 बजे

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अभिभावकों को भी शामिल किया बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में

लॉकडाउन की वजह से घर पर ही रह रहे और ऑनलाइन कक्षाएं अटैंड कर रहे स्कूली बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों की भी हमारा घर हमारा विद्यालय योजना के माध्यम से भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। जैसा कि हमने आपको कक्षा एक से लेकर कक्षा दो का टाइम टेबल बताया। इसमें शाम को बजे से लेकर आठ बजे का समय मां से कहानी सुनने और लिखने पर केंद्रित किया गया है। इससे बच्चों में रचनात्मक प्रवृत्ति का विकास तो होगा ही, मां और बच्चे के बीच एक बांडिंग भी होगी।

कहानी सुनने से उसके मस्तिष्क में कई तरह के प्रश्न आएंगे और मां उनको उन प्रश्नों के जवाब बेहतर तरीके से दे पाएगी। कहानियां सुनने से बच्चे की कल्पनाशक्ति का भी विकास होगा। वर्तमान में इसमें बड़ी कमी देखने को मिल रही है। हर वक्त मोबाइल फोन के शिकंजे में घिरे बच्चों के लिए यह एक बेहद आवश्यक गतिविधि टाइम टेबल में शामिल की गई है। यह अलग बात है कि अभिभावकों और विशेष तौर पर बच्चे की मां को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने से उनके लिए टाइम मैनेज करना शायद मुश्किल हो।

मनोरंजक गतिविधियां उत्पन्न करेंगी रचनात्मकता

ऑनलाइन कक्षाओं के लिए स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए टाइम टेबल में बच्चों की मनोरंजक गतिविधियों के लिए भी पूरा समय रखा गया है। सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक पढ़ाई के बाद शनिवार का दिन उनके मनोरंजन के लिए रखा गया है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि केवल शैक्षिक और शैक्षणिक गतिविधियों की वजह से वह एकरसता महसूस न करें। मनोरंजक गतिविधियों से जहां वह पढ़ाई के टाइट शेड्यूल के बीच हल्का महसूस करेंगे, उनका पढ़ाई से संबंधित तनाव तिरोहित होगा, वहीं मनोरंजक गतिविधियों में हिस्सा लेने से उनमें रचनात्मकता विकसित होगी। वह एक बेहतर टीम प्लेयर के रूप में भी बढ़त करेंगे।

इन गतिविधियों में कविताएं,, कहानी पाठ, ​अभिनय जैसा स्किल शामिल है। ऐसे में साफ समझा जा सकता है कि इन गतिविधियों के जरिये उनमें स्किल डेवलपमेंट भी होगा। यह भी हो सकता है कि वह भविष्य में संबंधित क्षेत्र में ही अपना भविष्य बनाने में रुचि प्रदर्शित करें। इसमें रचनात्मक लेखन के साथ ही अभिनय जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। हर कोई इस बात पर विश्वास रखता है कि बच्चा बचपन में जिन चीजों में रुचि रखता हूं, वहीं भविष्य के लिए उसकी राह तैयार करता है।

घर में ही पढ़ाई से बच्चे बंधन महसूस कर रहे

सरकार बेशक ऑनलाइन पढ़ाई को टाइम टेबल के हिसाब से कराकर घर में रह रहे छात्र छात्राओं को सुविधा देने की बात कर रही है, लेकिन ढेरों ऐसे बच्चे हैं, जो घर में पढ़ाई से बंधन महसूस कर रहे हैं। वह सीधे टीचर से और साथ पढ़ने वाले बच्चों से संपर्क की कमी साफ-साफ महसूस कर रहे हैं। इस तरह के कई मामले मनोविज्ञानियों के पास भी आ रहे हैं, जिसमें बच्चे गतिविधियां सीमित हो जाने और दोस्तों से न मिल सकने पर तनाव जैसा महसूस कर रहे हैं।

यह बात अलग है कि कई अभिभावक बच्चों के इस तनाव को बच्चों की बात समझकर कई उनका उपहास उड़ाने से भी नहीं चूक रहे। वह नहीं समझ रहे कि उनका यह उपहास भविष्य में बड़ी दिक्कतों को उत्पन्न कर सकता है। हालांकि शनिवार का दिन मनोरंजक गतिविधियों के लिए तय करके शिक्षा विभाग ने कम से कम इस परेशानी को दूर करने का एक अच्छा प्रयास किया है। बाकी योजना का क्या रिस्पांस रहेगा यह तो योजना के छह जुलाई को आरंभ होने के बाद ही इस संबंध में कुछ पुख्ता तरीके से कहा जा सकेगा।

मित्रों, यह थी हमारा घर हमारा विद्यालय योजना 2020 लाभ, उद्देश्य, अध्ययन प्रक्रिया, टाइम टेबल के बारे में जानकारी। हमारी कोशिश रही है कि हम इस योजना से जुड़े हर बिंदु से आपको विस्तार से अवगत कराएं। आपकी प्रतिक्रिया हमें अवगत कराएगी कि हम इस प्रयास में कितने सफल रहे। यदि आप किसी अन्य जनहित से जुड़ी योजना के संबंध में हमसे जानकारी चाहते हैं तो उसके लिए हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके अवगत करा सकते हैं। आपके सुझावों का भी इंतजार है। तो देर किस बात की। हमें अपनी प्रतिक्रिया लिख भेजिए। ।।धन्यवाद।

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