[ई-स्कूटर, रिक्शा] गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, सब्सिडी एंव लाभ

Gujarat Subsidy Schemes for e-Scooters Apply, Gujarat Two Wheeler Scheme, Gujarat Two Wheeler Subsidy Yojana Online Application, गुजरात ई स्कूटर सब्सिडी योजना, गुजरात टू व्हीलर योजना, गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना, Subsidy on e Scooters Gujarat Registration, Gujarat E-Scooter Two Wheeler Scheme 2020, Two Wheeler Subsidy Scheme in Gujarat, Gujarat State EV Subsidy

स्कूल-कालेज जाने वाले ढेरों छात्र छात्राएं अपना सफर तय करने के लिए साइकिल और स्कूटी का इस्तेमाल करते हैं। ई स्कूटर भी उनकी पसंद बने हुए है। इनका सबसे बड़ा फायदा है कि ये किफायती है और इनसे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता। इसकी वजह यह है कि इसे चलाने के लिए पेट्रोल की आवश्यकता नहीं होती। केवल चार्ज करना पड़ता है। गुजरात में भी ई स्कूटर, ई रिक्शा को खूब बढ़ावा दिया जा रहा है। वहां की सरकार ने स्कूल कालेज जाने वाले छात्र छात्राओं के लिए टू व्हीलर स्कीम लांच की है। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इसी गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना के संबंध में जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना क्या है? What is Gujarat Two Wheeler Subsidy Scheme?

दोस्तों, आपको बता दें कि इस योजना का शुभारंभ 17 सितंबर, 2020 को किया गया है। इस योजना के तहत गुजरात सरकार की ओर से ई वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक यानी बैटरी चालित दुपहिया वाहनों या यूं कह लीजिए कि ई स्कूटर की खरीद पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। तिपहिया इलेक्ट्रिक यानी बैटरी चालित वाहन की खरीद पर भी गुजरात सरकार की ओर से सब्सिडी की घोषणा की गई।

[ई-स्कूटर, रिक्शा] गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, सब्सिडी एंव लाभ

प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना की शुरुवात –

साथियों, आपको बता दें कि 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म दिवस भी था। इसे उनकी पार्टी के लोगों ने सेवा दिवस के रूप में मनाया। साथ ही गुजरात में पांच विकास योजनाओं के पंचशील उपहार के रूप में सब्सिडी देने की घोशणा की गई। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस योजना का शुभारंभ किया। वह राज्य के जलवायु परिवर्तन विभाग के स्थापना दिवस के मौके पर इस विशय पर आयोजित एक वर्चुअल प्रोग्राम में शिरकत कर रहे थे। जलवायु परिवर्तन विभाग ने 10 संगठनों के साथ वर्चुअल एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए।

इसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित तरीके से कार्य करने का इरादा शामिल था। इनका मकसद जलवायु परिवर्तन के असर को कम करना और स्पेस टेक्नोलाजी के साथ ही जियो स्पैशियअल साइंस के इस्तेमाल से अक्षय ऊर्जा को बढ़ाने पर काम करना है। माना जा रहा है कि इससे प्रदूशण निवारण और प्र्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी।

गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना में 12 हजार की सब्सिडी –

हम बात करेंगे गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना की। आपको बता दें कि इसके तहत दी जाने वाली सब्सिडी 12 हजार रूपये की होगी। कक्षा नौ से लेकर कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को इसमें शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत कुल 10 हजार ई वाहन प्रदान किए जाने की योजना है। थ्री व्हीलर स्कीम में सरकार ई रिक्शा खरीदने पर सब्सिडी प्रदान करेगी।

यह सब्सिडी 48 हजार रूपए होगी। इसके तहत व्यक्तिगत और संस्थागत दोनों तरह के लाभार्थियों को मदद दी जाएगी। आपको बता दें कि सब्सिडी की राशि केवल बैटरी चालित ई रिक्शा की खरीद के ही लिए दी जाएगी। कुल पांच हजार ऐसे वाहन प्रदान किए जाने की योजना है।

गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज – Documents required for Gujarat Two Wheeler Subsidy Scheme

जिस तरह हर सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ न कुछ दस्तावेज अवश्य चाहिए होते हैं, उसी तरह गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए भी कुछ दस्तावेज चाहिए होंगे, जो कि इस प्रकार से हैं-

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • आवेदक का बोनाफाइड सर्टिफिकेट
  • एंव आवेदक के शैक्षिक प्रमाण पत्र
  • आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो

इनके अलावा यदि किसी दस्तावेज की आवश्यकता होगी तो वह सब्सिडी प्रदान करने की प्रक्रिया के दौरान छात्र छात्राओं को बता दिया जाएगा। अभी इसके लिए इंतजार करना होगा। यह भी तय है कि यह इंतजार बेहद लंबा होने नहीं जा रहा है। शीघ्र ही इस योजना को अमली जामा पहना दिया जाएगा।

गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? Registration Process for Gujarat Two Wheeler Subsidy Scheme

जाहिर सी बात है कि आपको इस योजना का लाभ उठाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। लेकिन आपको बता दें कि सरकार ने गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना की अभी केवल घोशणा की है, योजना के तहत रजिस्ट्रेशन अभी शुरू नहीं हुए हैं। जैसे ही रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि की घोशणा की जाएगी, हम आपको उससे तुरंत अपडेट कर देंगे।

इसलिए जरूरी है आप हमारी वेबसाइट पर बराबर नजर बनाए रखें। इसे लगातार चेक करते रहें। ताकि इस योजना से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण सूचना आपसे मिस न हो जाए। और ऐसा न हो कि आप योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाएं।

रिस्पांस के आधार पर बढ़ाया जाएगा योजना को –

मित्रों, आपको बता दें कि सरकार इन योजनाओं पर रिस्पांस के आधार पर काम करेगी। गुजरात टू व्हीलर और थ्री व्हीलर इन योजनाओं के लिए आवेदकों के रिस्पांस के आधार पर ही इन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि यदि रिस्पांस अच्छा रहा तो योजनाओं की अवधि में वृद्धि की जानी संभव है। गुजरात समेत अनेक राज्य सरकारें रिस्पांस अच्छा न होने पर कई योजनाओं को बंद किए जाने की कवायद इससे पहले कर चुकी हैं।

इनमें कई ऐसी योजनाएं भी शामिल है, जो सीधे जनहित से जुड़ी थीं, लेकिन बहुत लंबे समय तक इन्हें चलाया जाना सरकारों के लिए संभव नहीं हो सका। कई योजनाएं सरकारी कुप्रबंधन की भी भेंट चढ़ गई। इससे यह हुआ कि लोगों को जिन योजनाओं का जिस तरह से लाभ मिलना था वह नहीं मिल सका।

अवस्थापना सुविधाओं में की जाएगी बढ़ोत्तरी –

दोस्तों, आप जानते हैं कि बैटरी चालित वाहन के इस्तेमाल के लिए बैटरी को चार्ज करना कितना आवश्यक है। आपको बता दें कि बैटरी से चलने वाले इन वाहनों को चार्ज करने के लिए प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। इंफ्रास्ट्र्क्चर प्लांट को शुरू किए जाने के लिए पांच लाख रूपए की सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। इस कदम से लोगों को बैटरी चार्ज करने के लिए भटकने की जरूरत नहीं रहेगी। वह इन अवस्थापना सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसमें ई बाइक बैटरी चार्ज के लिए साॅकेट आदि की व्यवस्था होगी।

बिजली क्षमता में अक्षय उर्जा का 30 फीसदी योगदान

साथियों, यदि गुजरात की बात करें तो जान लीजिए कि प्रदेश में इस वक्त बिजली की कुल स्ािापित क्षमता 35,500 मेगावाट है। एक रोचक बात यह है कि गुजरात में स्थापित कुल बिजली क्षमता में 30 फीसदी योगान अक्षय ऊर्जा का है। यह क्षमता राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है, जो कि कुल 23 प्रतिशत ही है। इन दिनों अनेक राज्यों में नवीकृत उर्जा, अक्षय ऊर्जा को बढ़ाए जाने का कार्य किया जा रहा है। यह वस्तुतः ऊर्जा के वैकल्पिक साधन इजाद और उन्हें कार्य में लाए जाने की तैयारी है। भविश्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इस कदम को बेहद आवश्यक माना जा रहा है।

उत्तराखंड में तो पिरूल यानी चीड़ की पत्तियों से भी बिजली बनाए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। यहां इसके छोटे प्लांट लगाए गए हैं, सबसे बड़ी बात सरकार स्थानीय लोगों को यह प्लांट लगाने के लिए पे्ररित कर रही है। इसके लिए उसने लोगों को सब्सिडी भी दी है। यह रोजगार का भी एक बेहतर साधन बनकर उभरा है।

जिन जिलों में चीड़ के पेड़ अधिक हैं, वहां इन प्लांटों के माध्यम से खुशहाली की उम्मीद की जा रही है। ऐसे कई रिटायर्ड लोग और प्रवासी भी हैं, जो अब यह प्लांट लगाने की दिशा में अग्रसर हैं। इसी तरह अन्य राज्यों के लिए भी यह एक प्रेरणादायी कदम साबित हो सकता है। वह अपने यहां पिरूल से बिजली बनाने की कवायद शुरू कर सकते हैं।

गुजरात टू व्हीलर / ई-स्कूटर सब्सिडी योजना 2020-21

गुजरात में कई परिवार ऐसे भी हैं, जो अपने पालकों को दुपहिया सुविधा मुहैया नहीं करा पा रहे। वहीं, ऐसे भी बहुत लोग हैं, जिनके लिए थ्री व्हीलर उनके लिए रोजगार का एक जरिया साबित हो सकता है। गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना और थ्री व्हीलर सब्सिडी योजना ऐसे लोगों के लिए बेहद मददगार साबित होने जा रही है, इसमें कतई कोई दो राय नहीं है। जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के दिन हुआ है, ऐसे में गुजरात की भाजपा सरकार इस योजना को अन्य योजनाओं पर तरजीह देगी।

वह कोशिश करेगी कि जल्द से जल्द इस योजना के लिए आवेदन शुरू करा दिए जाएं। प्र्यावरण के संरक्षण के नजरिये से शुरू की जा रही इस योजना को विशेशज्ञ भी भविश्य को देखते हुए एक बेहतर योजना करार दे रहे हैं। यह तो आपको पता ही है साथियों कि जलवायु में बदलाव के घातक असर बहुत राज्यों में देखने को मिले हैं।

यह अलग बात है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए लाकडाउन के दौरान देश की जलवायु में बेहद सुधार देखने को मिला है। खास तौर पर वाहनों के न चलने से धुएं के उत्सर्जन में बहुत कमी आई। आसमान साफ हो गया और ऐसी पर्वतमालाएं सालों बाद दिखाई दीं, जो धूल और धुएं के गुबार की वजह से सालों से दिखनी बंद हो गई थी।

अंतिम शब्द-

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से ऐसा ही नजारा देखने को मिला तो वही पंजाब के जालंधर से भी कुछ इसी तरह की तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने जलवायु के बेहतर होने की पुश्टि की। वहीं, उत्तराखंड की बात करें तो नीलकंठ पक्षी शहरी क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम उंचाई पर परवाज भरते दिखाई दिए। गंगा नदी में सालों बाद वह मछलियां दिखाई दीं, जो लुप्त प्राय मानी जा चुकी थीं।

इसके अलावा हिरनों और बारहसिंघों के झुंड देहरादून शहर में सड़कों पर विचरण करते नजर आए। हाथियों के झुंड हरिद्वार में स्थित हर की पैड़ी पर स्नान करते और पानी पीते नजर आए, जबकि इससे पूर्व किसी ने इस तरह का नजारा नहीं देखा था। विशेषज्ञ इन तस्वीरों के लिए लाकडाउन की वजह से साफ हुए पर्यावरण को जिम्मेदार मान रहे थे। उनका मानना था कि मानवीय हस्तक्षेप की वजह से जीवों से उनका क्षेत्र छिन गया है।

माना जा रहा है कि ई स्कूटर की वजह से धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा, ऐसे में पर्यावरण को सुरक्षित और हरा-भरा रखने में मदद मिलेगी। यह भी कहने की बात नहीं है कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो उससे जलवायु परिवर्तन का असर अपने आप बेहद कम हो जाएगा।

दोस्तों, यह थी गुजरात टू व्हीलर सब्सिडी योजना ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, सब्सिडी एंव लाभ की सारी जानकारी। यदि आपका इस योजना के संबंध में कोई प्रश्न है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके उस सवाल को हम तक पहुंचा सकते हैं। आपको यह पोस्ट कैसी लगी, बताइएगा जरूर। आपकी प्रतिक्रियाओं और सुझावों का हमें इंतजार है।।धन्यवाद।।

Spread the love

Leave a Comment