फर्जी फोन काॅल फ्राड एवं इससे बचने के उपाय | ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें?

फर्जी फोन काॅल फ्राड एवं इससे बचने के उपाय, ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें? fake phone call fraud and preventive measures.

मोबाइल फोन ने जहां लोगों की जिंदगी को आसान किया है, वीडियो काॅल के जरिये उनके अपनों को पास किया है, उनके कामों को घर बैठे पूरा करना आसान किया है, वहीं इसने साइबर क्राइम (cyber crime) को भी बढ़ावा देने का काम किया है। बहुत सारे लोग फ्राड काॅल (fraud call) के शिकार होकर बैंक में जमा अपनी पूंजी से हाथ धो बैठते हैं।

ऐसा ज्यादातर जागरूकता के अभाव में होता है। आज इस पोस्ट में हम आपको फेक फोन काॅल फ्राड एवं उनसे बचने के उपायों (fake phone call fraud and preventive measures) के बारे में जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

फेक फोन काॅल फ्राड क्या है?

दोस्तों, सबसे पहले जान लेते हैं कि फेक फोन काॅल फ्राॅड क्या होता है। जब कोई आपको फर्जी काॅल अथवा आपके नंबर पर मैसेज करके आपसे बैंक संबंधी जानकारी लेकर धोखाधड़ी करे तो उसे फेक फोन काॅल फ्राॅड कहा जाता है।

ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें? फर्जी फोन काॅल फ्राड एवं इससे बचने के उपाय

फ्रॉड कॉल कैसे पहचाने?

दोस्तों, अब हम आपको बताएंगे कि आप किस तरह जान सकते हैं कि आपके मोबाइल फोन पर फ्राॅड काॅल आई है। इसके यह तरीके हैं-

  • 1. आपको बता दें कि बैंक कभी भी अपने किसी ग्राहक को फोन करके उसकी बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, उसका एटीएम पिन, इंटनेट बैंकिंग यजर नेम अथवा पासवर्ड मांगने के लिए उसको कभी फोन काॅल अथवा ईमेल नहीं करता। यदि आपको ऐसी कोई काॅल आती है तो समझ जाइए कि यह फ्राॅड काल है। इसकी सूचना आप तुरंत पुलिस को दें।
  • 2. यदि कोई व्यक्ति आपको काॅल करके कहे कि आपके डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड की वैलिडिटी (validity) यानी वैधता अवधि समाप्त हो गई है, एवं उसे फिर से चालू करने के लिए आपके बैंक डिटेल्स (bank details) की आवश्यकता है तो समझ जाइए कि यह फ्राॅड काॅल है।
  • 3. आपने किसी लोन के लिए अप्लाई नहीं किया है। लेकिन यदि कोई बैंक मैनेजर (bank manager) बनकर आपको फोन करे और कहे कि आपका लोन अप्रूव (loan approve) हो गया है। बैंक की ओर से भेजे गए एसएमएस के लिंक पर क्लिक करें तो जान जाएं जाएं कि दूसरी ओर कोई फ्राॅड फोन कर रहा है।
  • 4. यदि आपसे कोई फोन करके ये कहे कि आप भाग्यशाली विजेता है। आपकी लाॅटरी (lottery) लगी है। ईनामी राशि आपके एकाउंट में ट्रांसफर (transfer) करने के लिए आपके बैंक खाते से जुड़ी जानकारी चाहिए।
  • 5. इन दिनों केबीसी (KBC) का बहुत क्रेज है। यदि कोई आपको फोन करके कहे कि केबीसी की ओर से आपको एक इनाम के लिए चुना गया है। यह राशि (amount) आपको बैंक डिटेल देने के बाद ट्रांसफर की जाएगी।
  • 6. यदि आपसे फोन पर कहा जाए कि आपकी मेल पर अथवा एसएमएस के जरिए एक लिंक भेजा गया है, उस पर क्लिक करें तो आपको फलां उपहार दिया जाएगा। इसके लिए आपको एक फार्म में अपनी निजी जानकारी यानी personal details देनी होगी। समझ जाइए यह फ्राड है।
  • 7. यदि आपको फोन पर अथवा मेल पर किसी अंजान व्यक्ति द्वारा किसी कंपटीशन में हिस्सा लेने एवं गूगल फाॅर्म भरने को कहा जाए अथवा आपको कोई जाॅब आफर भेजा जाए। समझ जाइए कि आपके साथ फ्राड की कोशिश हो रही है।
  • 8. यदि आपको फोन कर सिम अपग्रेड करने की बात कही जाए एवं इसके लिए बैंक संबंधी ब्योरा मांगा जाए।

फ्राड करने वाले आपसे किस तरह की जानकारी मांगते हैं-

मित्रों, आगाह रहें। अब हम आपको बताएंगे कि फेक फोन काल कर फ्राॅड करने वाले आपसे किस तरह की जानकारी मांगते हैं। यह इस प्रकार से है-

1. बैंक एकाउंट नंबर (bank account number)
2. ओटीपी (OTP)
3. एटीएम पिन/पासवर्ड (ATM pin/password)
4. डेबिट कार्ड नंबर/पासवर्ड (debit card number/password)
5. क्रेडिट कार्ड नंबर/ पासवर्ड (credit card number/password)
6. सीवीवी नंबर (CVV number)
7. एक्सपायरी डेट (expiry date)

फेंक फोन काल फ्राड से कैसे बचें?

अब हम आपको यह बताएंगे कि आप फेक फोन काॅल के जरिये होने वाले फ्राॅड से कैसे बच सकते हैं। दोस्तों, बचाव के निम्न तरीके आप आजमा सकते हैं-

  • -यदि कोई काॅल कर आपसे कोई किसी भी बहाने से बैंक खाते की जानकारी मांगे तो कतई न दें।
  • – यदि आप इंटरनेट बैंकिंग (internet banking) का इस्तेमाल करते हैं तो बैंक की आधिकारिक (official) एवं प्रमाणिक वेबसाइट (website) पर जाकर ही ट्रांजेक्शन (transaction) को अंजाम दें।
  • – ऐसे किसी भी एसएमएस अथवा ईमेल से प्राप्त लिंक पर क्लिक न करें, जिसमें बैंक की ओर से कोई वेबसाइट ओपन करने को कहा गया हो।
  • – साइबर कैफे (cyber cafe) में कभी भी शेयर्ड सिस्टम (shared system) पर इंटरनेट बैंकिंग की हिमाकत न करें।
  • – किसी को भी बगैर वास्तविक कारण अपना पहचान पत्र (identify card) जैसे आधार कार्ड आदि कतई न दें। वह इसका अनुचित लाभ उठा सकता है।
  • – यदि कस्टमर केयर (customer care) सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो बजाय गूगल पर सर्च कर अपना मोबाइल नंबर डालने के सीधे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर सर्च करें। उसके यूआरएल (URL) को एड्रेस बार (address bar) में टाइप करके ही साइट ओपन करें।
  • – यदि कोई लाॅटरी जीतने का मैसेज आए तो इनाम के लालच में एसएमएस में दिए गए लिंक को ओपन न करें। यह फ्राड कई लोगों के बैंक खातों को खाली कर चुका है।
  • -अपने सिस्टम को अपडेट करते रहें।

कोई फ्राड हो जाए तो क्या करें?

मित्रों, यदि तमाम सावधानी के बावजूद आपके साथ किसी ने फेक फोन काॅल के जरिये फ्राॅड कर लिया है तो आपको तुरंत प्रभाव से यह कदम उठाने चाहिए-

  • -सबसे पहले अपने बैंक को तुरंत सूचना दें कि एवं अपने डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड को तुरंत ब्लाॅक करवा दें।
  • -इस संबंध में तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन (police station) में सूचित करें।
  • -लेन-देन के एसएमएस की एक काॅपी बनवाएं।
  • -इसके बाद इसे साथ लेकर अपने छह महीने के बैंक खाते के ब्योरे, पासबुक (pass book) की फोटो काॅपी एवं जिस प्रमाण के आधार पर खाता खुलवाया था, की फोटो काॅपी के साथ सादे पन्ने पर लिखकर इसकी शिकायत करें। एफआईआर (fir) दर्ज कराएं।

एंटी वायरस की सर्विस देने के नाम पर फर्जी टोल नंबर से धोखाधड़ी

दोस्तों, फोन काल फ्राड कैसे कैसे हैं, इसकी एक बानगी इसी से समझी जा सकती है कि देहरादून में एक दो नहीं, बल्कि पूरे पांच फर्जी काल सेंटर पकड़े गए। यहां से लोगों के साथ जमकर फ्राड किए जा रहे थे। आपको बता दें कि देहरादून में पकड़े गए एक फ्राॅड ने विदेशी नागरिकों से बात करने के लिए एक टोल फ्री (toll free) का नंबर का इस्तेमाल किया, जिसे वह हर माह बदल लेता था।

आरोप था कि वह विदेशी नागरिकों एप्पल (apple) के आईट्यून (itune), फर्जी एंटीवायरस बेचने के बदले 200 से 400 डाॅलर गूगल गिफ्ट कार्ड (Google gift card) के माध्यम से लेता था। उसके तीन खातों में 78 लाख रुपए पाए गए। धोखाधड़ी करने के लिए वह अपने असली नाम का प्रयोग न कर अपना विक्टर एवं जाॅन मिलर बताता था। वह देहरादून में फर्जी काॅल सेंटर (call center) चला रहा था।

सिम अपग्रेड करने के नाम पर लाखों उड़ाए

पुणे की एक महिला को ऐसी फोन काॅल आई, जिसने उनके एकाउंट को खाली कर दिया। महिला भी कोई कम पढ़ी लिखी नहीं, बल्कि चार्टर्ड एकाउंटेंट थीं, इसके बावजूद उन्हें जागरूक न होने की सजा भुगतनी पड़ी। हैकर्स ने महिला को पहले 4जी सिम अपग्रेड (sim upgrade) करने का झांसा दिया एवं बाद में उनके एकाउंट से दो लाख 20 हजार रूपये उड़ा लिए। आपको जानकारी दे दें कि यह कोई एक दिन का काम नहीं है।

हैकर्स कुछ समय से आपकी सारी जानकारी एकत्र कर रहे होते हैं। मसलन आपका नाम, ईमेल आईडी, बैंक खाता नंबर आदि। इसके बाद ये डुप्लीकेट सिम (duplicate sim) निकालकर आपका एकाउंट साफ कर देते हैं। सिम अपग्रेड करने के बहाने सिम स्वैप (sim swap) हो जाता है एवं बैंक की सारी डिटेल हैकर्स को मिल जाती है। जाहिर सी बात है कि बैंक ट्रांजेक्शन (bank transaction) के लिए मिलने वाले ओटीपी भी हैकर्स को मिल जाते हैं।

उदाहरण हजारों, बस जागरूकता ही फ्राॅड से बचाएगी

मित्रों, फेक फोन काॅल फ्राॅड के हजारों मामले पिछले कुछ समय से देश भर में आ रहे हैं। इस संबंध में जागरूकता ही सबसे बड़ा औजार हैं। आप सेफ्टी टिप्स (safety tips) को केवल पढ़ें ही नहीं, बल्कि उन पर अमल भी करें, एवं स्वयं को फ्राॅड से दूर रखें। इतना ही नहीं, इसे अपना कर्तव्य मानते हुए फोन काॅल फ्राॅड से बचने के उपाय अपने अपनों तक, परिचितों, मित्रों तक अवश्य पहुंचाएं ताकि वे भी इस तरह के दुष्चक्र में फंसने से बच सकें।

फेक फोन काॅल फ्राड क्या है?

जब कोई आपको फर्जी काॅल करके अथवा फोन पर मैसेज के जरिये आपसे धोखाधड़ी करे तो इसे फेक फोन काॅल फ्राॅड कहा जाता है।

काॅल करने वाले धोखाधड़ी को किस तरह की जानकारी मांगते हैं?

काॅल करने वाले फ्राॅडिए धोखाधड़ी के लिए व्यक्ति की बैंक खाते संबंधी जानकारी मांगते हैं। मसलन, बैंक एकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर एवं पिन, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर आदि।

लोग फेक फोन काॅल फ्राॅड से कैसे बच सकते हैं?

सबसे बड़ी बात यह है कि सावधानी, सतर्कता के साथ जागरूकता ही बचाव है। फोन पर किसी को भी अपनी अथवा अपने बैंक खाते से संबंधी जानकारी न दें। इसके अतिरिक्त फ्राॅड से बचने के टिप्स हमने आपको पोस्ट में ऊपर बताए हैं।

आपके साथ फोन पर कोई फ्राॅड हो जाए तो क्या करें?

यदि आपके साथ फोन पर कोई फ्राॅड हो जाए तो आपको सबसे पहले अपने बैंक को सूचना देकर अपना डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड ब्लाॅक कराना होगा।

फ्राॅड के संबंध में पुलिस स्टेशन में कैसे शिकायत करें?

इसके लिए आपको अपने लेन-देन के एसएमएस की काॅपी लेकर बैंक के छह माह के स्टेटमेंट की काॅपी, पासबुक की फोटो काॅपी एवं जिस प्रमाण के आधार पर बैंक खाता खुलवाया गया हो, उसकी काॅपी लेकर सादे पन्ने पर लिखकर शिकायत करनी होगी। एफआईआर की रिसीविंग भी अपने पास भविष्य के रेफरेंस (future reference) के लिए रखें।

दोस्तों, हमने आपको फर्जी फोन काॅल फ्राड एवं इससे बचने के उपाय | ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें? के संबंध में जानकारी दी। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। यदि आप इसी तरह के किसी जानकारीपरक विषय पर हमसे जानकारी चाहते हैं तो संबंधित विषय का नाम हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके लिख भेजें। आपकी प्रतिक्रियाओं के साथ ही पोस्ट को लेकर आपके सुझावों का भी स्वागत है। तो देर किस बात की? लिख भेजिए। ।।धन्यवाद।।

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