Cyber Crime: फर्जी काॅल की शिकायत कहां करें? | फर्जी कॉल शिकायत नंबर UP

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कई लोग फर्जी काॅल्स (fraud calls) से परेशान होते हैं। मसलन कोई उन्हें अंजान नंबरों से फोन करके तंग करता है। लेकिन बात बढ़ने के झंझट से डर कई लोग पुलिस के पास भी नहीं जाते। कई लोगों को फेक नंबरों से तरह तरह के आफर्स के काॅल आते हैं, जैसे-कोई पाॅलिसी लेने का आफर देता है तो कोई लाॅटरी निकलने का। कोई आपकी भावुकता का इस्तेमाल कर आपसे पैसे मांगने लगता है।

यदि आपको भी कोई ऐसी ही फर्जी काॅल कर रहा है अथवा अंजान नंबरों से फोन करके तंग कर रहा है तो समझ लीजिए कि यह अपराध है। आपके पास इसके खिलाफ शिकायत करने का विकल्प है। क्या आपको इस बारे में मालूम है? यदि नहीं तो आज इस पोस्ट में हम आपको यही बताएंगे कि फर्जी काॅल आने पर आप कहां शिकायत कर सकते हैं। आइए, शुरू करते हैं-

क्या फर्जी काॅल करना अपराध की श्रेणी में आता है?

जी हां, आपमें से बहुत से लोगों के मन में यह सवाल अवश्य उठ रहा होगा कि क्या फर्जी काॅल करना अपराध की श्रेणी में आता है। दोस्तों, इसका जवाब हां में है। किसी को भी फर्जी काॅल करना अपराध (crime) की ही कैटेगरी में आता है। यह बात अलग है कि ज्यादातर लोगों को यह बात नहीं पता होती। वे कई बार लोगों को फोन करके शरारतन तंग करते हैं।

बगैर इसके नतीजे पर गौर किए। पुलिस में शिकायत होती है एवं वे पकड़े जाते हैं तो उन्हें समझ आता है कि वे क्या कर रहे थे। बहुत से लोग तो केवल लोगों को परेशान करने के उद्देश्य से उनके मोबाइल नंबर मिलते ही उन्हें परेशान करना शुरू कर देते हैं और पकड़े जाने पर हेकड़ी भी दिखाते हैं।

बहुत से तो बदला लेने के लिए इस तरह के मोबाइल नंबर ट्रेन, बस आदि में भी लिखकर साझा कर देते हैं। परेशानी ऐसे में इस तरह की काॅल पाने वालों को भुगतनी पड़ती है। अमूमन देखा जाता है कि यदि इस प्रकार की फर्जी काॅल युवतियों को आती है तो उनके घर वाले पुलिस के चक्कर में पड़ने को कतई तरजीह नहीं देते। वे पहले अपने स्तर पर ही इनसे निपटने का प्रयास करते हैं।

Cyber Crime: फर्जी काॅल की शिकायत कहां करें? | फर्जी कॉल शिकायत नंबर UP

फर्जी काॅल किस अधिनियम की धारा के अंतर्गत अपराध है?

दोस्तों, आपको बता दें कि फर्जी काॅल करना भारतीय टेलीग्राफ एक्ट (indian telegraph act) की धारा 25सी के अंतर्गत अपराध करार दिया गया है। यदि कोई इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे तीन साल की सजा एवं जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ हो सकती हैं।

यदि आप किसी फर्जी काॅल से परेशान हैं तो बगैर देर किए इसकी शिकायत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में करें। पुलिस इस प्रकार के मामलों में तुरंत कार्रवाई करती है। कई बार इस प्रकार की हाॅक्स काॅल के मामले में पुलिस बेहद गंभीरता से कार्रवाई करती है।

विदेश से आने वाले काॅल्स की शिकायत टोल फ्री नंबर पर कर सकते हैं –

बहुत से ऐसे लोग हैं, जो विदेश से आने वाली काॅल्स से परेशान होते हैं। वे समझ ही नहीं पाते कि आखिर काॅल करना वाला क्या चाहता है। कई बार उनसे इन नंबरों से काॅल करके संबंधित व्यक्ति की बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करने की भी कोशिश की जाती है।

ऐसा नेपाल, पाकिस्तान एवं अन्य देशों के सिम कार्ड भारत में लाकर किया जाता है। काॅल रिसीव करने वालों को समझ ही नहीं आता कि फोन नंबर कहां का है, क्योंकि उसके आगे +91 नहीं लगा होता। बहरहाल, इस प्रकार की काॅल्स के लिए टेलीफोन रेगुलेटरी अथाॅरिटी आफ इंडिया (telephone regulatory authority of India) यानी ट्राई (TRAI) ने टोल फ्री नंबर (toll free number) 1800110420 जारी किया है। इस पर काॅल करके इस प्रकार की फर्जी काॅल की शिकायत की जा सकती है।

बैंक के नाम पर आने वाली फर्जी काॅल्स के खिलाफ यहां शिकायत करें?

यदि आप बैंक के नाम पर किसी प्रकार के आनलाइन साइबर फ्राड के शिकार हो रहे हैं तो इसके लिए आप रिजर्व बैंक आफ इंडिया (reserve Bank of India) की ओर से जारी हेल्प लाइन नंबर (helpline number) 8691960000 पर मिस्ड काॅल देकर सहायता ले सकते हैं। यह मिस्ड काॅल करने के पश्चात आपके पास एक काॅल आएगी, जिसके जरिये आपसे मामले की डिटेल हासिल कर आपको आपकी समस्या से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

यदि आप चाहें तो रिजर्व बैंक आफ इंडिया की वेबसाइट (website) पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त गृह मंत्रालय (home ministry) की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 155260 पर संपर्क करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वे 112 हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत करके भी अपने पास आई फर्जी काॅल करने की शिकायत दर्ज करा सकते हें।

इसके अतिरिक्त सरकार एक डिजिटल इंटेलीजेंस यूनिट (digital intelligence unit) का भी गठन कर रही है। यह यूनिट लोकल पुलिस, बैंक एवं सर्विस प्रोवाइडर एजेंसियों के साथ मिलकर फर्जी काॅल अथवा मैसेज कर रहे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

100 नंबर पर फर्जी काॅल करने वालों के खिलाफ अलग सेटअप

दोस्तों, आपको बता दें कि पुलिस ने लोगों की मदद के लिए 100 नंबर जारी किया हुआ है। लेकिन कई लोग तो फर्जी काॅल करके पुलिस तक को छकाने का मौका नहीं छोड़ते। वे केवल मजे लेने के लिए इस नंबर पर काॅल करके फर्जी घटनाओं की जानकारी देते हैं। ऐसे शरारती तत्वों से निपटने के लिए पुलिस ने प्रत्येक कंट्रोल रूम (control room) पर अलग से सेटअप तैयार किया है।

ऐसे लोगों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जा रही है। आपको बता दें कि पुलिस स्टेशन पर इस प्रकार के फर्जी काॅल्स करने वालों में बहुत बड़ी संख्या शराब पीने वालों की होती है, जो नशे की हालत में 100 नंबर पर फोन करके कुछ भी शरारत करते हैं। एक खास बात यह भी है कि रात में 10 बजे से दो बजे के बीच अथवा आधी रात के बाद एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच इस प्रकार की अधिक काॅल्स आती हैं।

कई लोग रियलिटी चेक (reality check) के नाम पर भी इस नंबर पर काॅल करते हैं। कि आवश्यकता पड़ने पर यह नंबर उठेगा या नहीं। पुलिस स्टेशन (police station) से कोई इस नंबर पर रिस्पांस (response) देगा अथवा नहीं।

फर्जी काॅल की शिकायत ऑनलाइन कैसे करें? [How to complain fake call online?] –

मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन साइबर क्राइम से संबंधित शिकायत की जा सकती है उसके बाद शिकायत को लेकर पुलिस के पास भेजा जाता है। शिकायत किसी भी राज्य से की जा सकती है इसके लिए अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, कंप्यूटर का आईपी का डिटेल होना जरूरी है।

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने https://cybercrime.gov.in/ की वेबसाइट लॉन्च की है। इस वेबसाइट पर जाने पर दो विकल्प खुलते हैं – महिला / बाल संबंधित अपराध रिपोर्ट करें और अन्य साइबर अपराध रिपोर्ट करें।
साइबर क्राइम क्या है? ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? साइबर अपराध से बचाव के तरीके
  • नीचे आपको “File a Complaint” आप्शन मिलेगा। आपको इस “File a Complaint” पर क्लिक करें।
  • अगले पेज पर कुछ टर्म और कंडीशन बताये जायेगें। जिन्हें पढ़कर “I Accept” चेकबॉक्स पर क्लीक करके आगे बढ़ें।
  • अगले पेज पर महिलाओं / बच्चों से संबंधित साइबर अपराध, “Report anonymously” पर क्लिक करें। यह सुविधा “होम” पेज पर भी दी गई है।
साइबर क्राइम क्या है? ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? साइबर अपराध से बचाव के तरीके
  • ड्रॉप-डाउन से “शिकायत की श्रेणी” का चयन करें। (ड्रॉप-डाउन में तीन विकल्प उपलब्ध हैं – 1. बाल पोर**ग्राफी (सीपी) – बाल यौ*न शोषण सामग्री (CSAM), 2. बलात्कार (RGR) ) – यौ**न रूप से अपमानजनक सामग्री, और 3. यौ**न रूप से स्पष्ट सामग्री।
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  • “राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों” का चयन करें – यदि ज्ञात या जहां यह घटना हुई है, तो पीड़ित के स्थान का चयन करें।
  • यदि कोई हो तो साक्ष्य अपलोड करें।
साइबर क्राइम क्या है? ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? साइबर अपराध से बचाव के तरीके
  • आगे बढ़ने के लिए Save & Next पर क्लिक करें। अगले पेज पर आपको अपराधी की जानकारी देनी है।
साइबर क्राइम क्या है? ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? साइबर अपराध से बचाव के तरीके
  • शिकायत प्रस्तुत करने से पहले आपके द्वारा दी गई जानकारी की समीक्षा करने के लिए “Preview & Submit” बटन पर क्लिक करें।
साइबर क्राइम क्या है? ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? साइबर अपराध से बचाव के तरीके
  • यदि आप भरी हुई जानकारी को संपादित करना चाहते हैं, तो “बैक” पर क्लिक करें, या शिकायत सबमिट करने के लिए “Confirm & Submit” पर क्लिक करें।
  • Confirm & Submit बटन पर क्लीक करने पर आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी और आपको इसकी एक स्लिप भी मिल जाएगी जिसे आपक अपने पास सुरक्षित रख सकतें हैं।
साइबर क्राइम क्या है? ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत कैसे करें? साइबर अपराध से बचाव के तरीके

Note – सभी तरह के साइबर क्राइम की शिकायत करने का तरीका लगभग एक ही है। ऊपर हमने CP/RGR की शिकायत के बारे में बताया है।

लैंडलाइन फोन पर ब्लैंक काॅल्स की समस्या थी, मोबाइल पर फर्जी काॅल्स की

केवल दो दशक पहले की बात है। लोगों के घरों में लैंड लाइन फोन हुआ करते थे। उस वक्त ब्लैंक काॅल्स की समस्या आम थी। ब्लैंक काॅल (blank call) का पता लगवाने के लिए आवेदक को टेलीफोन एक्सचेंज (telephone exchange) में आवेदन पत्र देकर पुलिस में रिपोर्ट की एक काॅपी के साथ जमा करानी पड़ती थी, तब पता चलता था कि ब्लैंक काॅल्स करके परेशान करने वाला व्यक्ति कौन था।

90 के दौर में आई फिल्म अभिनेता शाहरूख खान, जूही चावला एवं सनी देओल की सुपरहिट फिल्म ‘डर’ ने भी इस ट्रेंड में बढ़ोत्तरी की। लेकिन जब से लोगों की जिंदगी मोबाइल फोन के इर्द-गिर्द घूमने लगी है, तब से उनके जीवन में फर्जी काॅल्स की बाढ़ आ गई है। कई लोग फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर इस तरह की काॅल्स को अंजाम देते हैं, ताकि वे पकड़ में न आ सकें।

जब से आधार कार्ड से इनका आथेंटिकेशन (authentication) किया जा रहा है, तब से इस तरह की काॅल्स में कुछ कमी देखने में आई है। हालांकि फ्राॅड करने वाले इसका कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लेते हैं।

फर्जी काॅल के लिए झारखंड राज्य का जामताड़ा कुख्यात

झारखंड (jharkhand) राज्य का एक शहर जामताड़ा (jamtara) है। अमूमन यह बाॅक्साइट (boxite) की खदानों के लिए जाना जाता है। लेकिन इन दिनों इसकी एक अलहदा पहचान बनी हुई है। यह पहचान फर्जी काॅल से जुड़ी है। देश में मोबाइल फोन पर आने वाली काॅल्स से जुड़े सबसे अधिक फर्जीवाडे जामताड़ा से ही देखने को मिले हैं। इन्होंने बड़ी बड़ी हस्तियों को अपना शिकार बनाया है। उन्हें चूना लगाने में कामयाब रहे हैं।

ये लोग फोन काॅल कर किसी न किसी बहाने से व्यक्ति की बैंक संबंधी डिटेल्स हासिल कर उनका खाता खाली करने का काम करते थे। आज की तारीख में आलम यह है कि यहां के कई गरीब घरों में रहने वाले लोगों के बड़े बडे पक्के मकान बन गए हैं। ऐसे ही फर्जीवाड़े की बदौलत स्काॅर्पियो जैसे गाड़ियां खरीदकर उनमें सफर करते हैं। आपको बता दें दोस्तों कि जामताड़ा के इसी काॅल संबंधी फर्जीवाड़े पर एक वेब सीरीज (web series) ‘जामताड़ा’ भी बनी है, जो क्राइम और एक्शन देखने का शौक रखने वालों के बीच खूब पसंद की गई है।

बताया जाता है कि देश का ऐसा कोई भी राज्य नहीं होगा, जहां की पुलिस साइबर ठगी के मामले में जामताड़ा न पहुंची हो। खासकर इस जिले के करमाटांडा गांव में बहुत सारे फर्जी काॅल करने वालों का जमावड़ा है। यह सारा इलाका अब इसी फर्जीवाड़े के लिए खास तौर पर जाना जाने भी लगा है।

आपको बता दें दोस्तों कि बाॅलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी एवं सांसद परणीत कौर तक के बैंक खातों से ये लाखों रुपये साफ कर चुके हैं। कहा जाता है कि इनका एक ‘हैलो’ लोगों के खातों से पैसे गायब कर देता है। ये फोन कर लोगों को बेवकूफ बनाकर उनके पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते थे।

फर्जी काॅल करना क्या अपराध की श्रेणी में आता है?

जी हां, फर्जी काॅल करना इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की धारा 25सी के तहत अपराध की कैटेगरी में आता है।

इस अपराध के लिए कितनी सजा नियत की गई है?

इस अपराध के लिए तीन साल तक की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। दोनों सजाएं साथ भी हो सकती हैं।

यदि कोई 100 नंबर पर फर्जी काॅल करता है तो उसके खिलाफ पुलिस क्या कार्रवाई करती है?

ऐसा करने वाले के खिलाफ पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जाती है।

विदेश से आने वाली फर्जी काॅल्स की पहचान क्या है?

विदेश से आने की वजह से इन काॅल्स के आगे +91 नहीं लगा होगा।

ऐसी काॅल्स पर रोक लगाने के लिए सरकार क्या विशेष कदम उठा रही है?

ऐसी काॅल्स पर रोक लगाने के लिए सरकार की ओर से डिजिटल इंटेलीजेंस यूनिट के गठन की तैयारी की जा रही है।

फर्जी काॅल्स के मामले में देश के कौन से राज्य का कौन सा शहर सबसे बदनाम है?

फर्जी काॅल्स के मामले में देश के झारखंड राज्य का जामताड़ा शहर इस वक्त सर्वाधिक बदनाम है।

दोस्तों, हमने आपको जानकारी दी कि आप फर्जी काॅल की शिकायत कहां कर सकते हैं। उम्मीद है कि इस पोस्ट में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अन्य लोगों को भी फर्जी काॅल की शिकायत को लेकर जागरूक करने के उद्देश्य से इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें। पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रियाओं का हमेशा की तरह स्वागत है। ।।धन्यवाद।।

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