डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान क्या है? यह प्लान कैसे काम करता है?

Dividend reinvestment plan in Hindi : यदि आप शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाते हैं तो आपको कई तरह की टर्म्स के बारे में पता होगा। हालाँकि अभी भी कुछ टर्म्स ऐसी है जिनके बारे में शेयर धारकों को नहीं पता होता है। आप सभी डिविडेंड के बारे में तो जानते ही होंगे लेकिन क्या कभी आपने डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में सुना है? आपमें से बहुत लोगों का उत्तर नहीं होगा क्योंकि बहुत कम ही लोग इसके बारे में जानते (Dividend reinvestment plan India in Hindi) हैं।

दरअसल शेयर बाजार में कमाई करने के एक नहीं कई तरीके होते हैं। साथ ही उनके लिए तरह तरह की स्कीम या टर्म का इस्तेमाल किया जाता है। इसी में एक टर्म है जिसका नाम है डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान। इसके तहत आप कंपनी के शेयर्स को फिर से और ज्यादा मात्रा में खरीदते हैं और उसमें अपनी हिस्सेदारी को बढ़ा लेते हैं। इसके बारे में अच्छे से समझने के लिए तो आपको यह लेख बहुत ही ध्यान से पढ़ना (Dividend reinvestment plan kya hai) होगा।

आज के इस लेख में हम आपके साथ इसी डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में ही बात करने वाले हैं। साथ ही हम आपको यह भी समझायेंगे कि आखिरकार यह काम कैसे करता है और आप किस तरह से इसमें अपने पैसों को निवेश कर सकते हैं। तो आइये जाने डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में विस्तार (Dividend reinvestment plan ke bare mein jankari) से।

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डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान क्या है? (Dividend reinvestment plan in Hindi)

शेयर बाजार या म्यूचुअल फण्ड में लाखों लोगों ने करोड़ों करोड़ रुपयों का निवेश कर रखा है। इसके तहत उनकी कमाई भी बहुत हो रही है। हम अक्सर शेयर बाजार में तरह तरह की कंपनियों के शेयर्स को खरीदते हैं और बेचते हैं। कुछ लोग इसे दैनिक आधार पर करते हैं तो कुछ लोग इसे लॉन्ग टर्म के हिसाब से करते हैं। दैनिक या साप्ताहिक आधार पर करने वाले लोगों को डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान से कुछ लेना देना नहीं (Dividend reinvestment plan kya hai) है।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान क्या है

ऐसे में यदि आप कुछ कुछ दिनों में शेयर्स को लेकर बेचने का काम करते हैं तो यह लेख आपके लिए नहीं है। वह इसलिए क्योंकि डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान उन लोगों के लिए है जो लंबे समय तक किसी शेयर को होल्ड करते हैं या लॉन्ग इन्वेस्टमेंट करते हैं। इसके तहत कंपनी में कुछ हिस्सेदारी को लेना और उसे बढ़ाना होता है। यदि आप अभी भी नहीं समझे हैं तो हम सरल भाषा में इसे समझाने का प्रयास करते (Dividend reinvestment plan meaning in Hindi) हैं।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान एक ऐसा प्लान होता है जिसके तहत व्यक्ति के द्वारा पहले तो लंबे समय के लिए किसी कंपनी में निवेश किया जाता है। इसके तहत वह उस कंपनी के कुछ शेयर्स खरीद लेता है। अब उस शेयर के माध्यम से उसका जो भी लाभ हो रहा है, वह उस लाभ को कहीं और निवेश करने की बजाये उसी लाभ से उसी कंपनी के और शेयर खरीद लेता है। तभी इस प्लान को डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के नाम से जाना जाता (What is a dividend reinvestment plan in Hindi) है।

अब लोग सोच रहे होंगे कि आखिरकार यह कैसे संभव हो सकता है क्योंकि जितना लाभ उसे होगा, उतने के तो वह शेयर भी हो चुके होंगे। ऐसे में वह उसी कंपनी के नए शेयर कैसे ही खरीद लेगा। तो इसके बारे में अच्छे से समझने के लिए पहले आपको डिविडेंड के बारे में समझना होगा। उसके बाद ही आप डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में सही से समझ पाएंगे।

डिविडेंड क्या होता है?

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में सही से समझना है तो पहले यह जान लें कि आखिरकार यह डिविडेंड क्या बला है। तो डिविडेंड उसे कहते हैं जिसके तहत कंपनी अपने शेयरधारकों को कुछ लाभांश देती है। यह लाभांश उनके शेयर खरीदने के मूल्य को कम कर देता है अर्थात वे बाकि लोगों की तुलना में कम मूल्य में शेयर खरीद पाते हैं। यही उनका लाभांश होता है।

अब यह लाभांश कंपनी को होने वाली सालाना कमाई के तौर पर निर्धारित किया जाता है। कहने का अर्थ यह हुआ कि वह कंपनी एक वित्तीय वर्ष में कितनी तक की कमाई कर लेती है, उसके आधार पर वह अपने सभी शेयर धारकों को लाभांश देती है जिसे अंग्रेजी में डिविडेंड कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि उस कंपनी के शेयर का मूल्य 15 रुपये है तो कंपनी उसे अपने शेयर धारकों को 13 या 14 रुपये में भी दे सकती है ताकि उनकी ज्यादा कमाई हो सके।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान को हिंदी में क्या कहते हैं? (Dividend reinvestment plan in Hindi)

अब आप डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में जान रहे हैं तो साथ ही साथ इसका हिंदी नाम जान लेना भी आवश्यक हो जाता है। तो डिविडेंड के बारे में तो हमने आपको ऊपर ही बता दिया है जिसे हिंदी में लाभांश कहा जाता है। वह इसलिए क्योंकि कंपनी अपने को रहे लाभ में से कुछ अंश आपको देती है। वहीं रिइन्वेस्टमेंट का अर्थ पुनर्निवेश से होता है। अब आप कंपनी के द्वारा दिए गए लाभांश को पुनः उसी कंपनी में ही निवेश कर रहे हैं जिस कारण इसे पुनर्निवेश कहा गया है।

प्लान को हिंदी में योजना कहते हैं। इस तरह से डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान को हिंदी में लाभांश पुनर्निवेश योजना के नाम से जाना जाता है। इसके तहत शेयर धारक किसी कंपनी के खरीदे गए शेयर से हुए लाभ को उसी कंपनी के नए शेयर खरीदने में लगाता है।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान की शोर्ट फॉर्म क्या है? (Dividend reinvestment plan short form)

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान एक बहुत ही बड़ा नाम हो जाता है और इसके लिए छोटा नाम अर्थात शोर्ट फॉर्म का इस्तेमाल किया जाना जरुरी होता है। ऐसे में डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान की शोर्ट फॉर्म डीआरआईपी होती है जो ज्यादातर जगह इस्तेमाल में लायी जाती है। कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि आप शेयर बाजार में काम करते हैं और डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के तहत निवेश करने वाले हैं तो आपको हर जगह डीआरआईपी के बारे में ही सुनने और पढ़ने को मिलेगा।

इसलिए आपको भी आगे से डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान की शोर्ट फॉर्म डीआरआईपी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए। इसे अंग्रेजी शब्दों में DRIP लिखा जाता है लेकिन इसे आप ड्रिप ना बोलें क्योंकि फिर इसे कोई नहीं समझेगा। इसलिए हमेशा डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान की शोर्ट फॉर्म के रूप में डीआरआईपी का ही इस्तेमाल करें।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान कैसे काम करता है? (How does dividend reinvestment plan work in Hindi)

अब करते हैं मुख्य मुद्दे की बात जो डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के काम करने से संबंधित है। आपने ऊपर डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में तो पढ़ लिया है और उसी के साथ ही डिविडेंड क्या होता है, इसके बारे में भी जान लिया है लेकिन फिर भी आपको डीआरआईपी के बारे में सही से नहीं पता लग पाया होगा। इसके लिए आपको यह समझना होगा कि डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान काम कैसे करता है और उसके तहत आप किस तरह से किसी कंपनी में निवेश कर सकते हैं।

इसके लिए आपको एक उदाहरण से इसके बारे में समझना होगा। इसके लिए हम आपके सामने एक उदाहरण तो रखेंगे ही, साथ ही चरण दर चरण यह भी समझायेंगे कि किस तरह से कोई डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के जरिये कंपनी में अपने शेयर्स की संख्या को बढ़ा सकता है।

  • मान लीजिये एक व्यक्ति लविश ने अ कंपनी के कुछ शेयर्स खरीदे। अ कंपनी के शेयर का मूल्य 10 रुपये था और लविश ने इसके कुल 10 शेयर 100 रुपये में खरीद लिए।
  • अब कुछ समय या वर्ष के बाद उस कंपनी के शेयर का मूल्य बढ़कर 15 रुपये हो जाता है। लविश के पास उस कंपनी के कुल 10 शेयर थे। इस तरह से अब लविश के पास उपलब्ध शेयर्स का मूल्य 10 * 15 = 150 रुपये हो जाता है।
  • इसी के साथ ही अ कंपनी के द्वारा अपने शेयर धारकों के लिए 2 रुपये डिविडेंड की घोषणा की जाती है। कहने का अर्थ यह हुआ कि उस कंपनी के द्वारा अपने प्रत्येक शेयर धारक को हरेक शेयर पर 2 रुपये का लाभ दिया जाएगा।
  • लविश ने उस कंपनी के 10 शेयर में कुल 100 रुपये का निवेश किया था लेकिन आज उन शेयर्स का मूल्य 15 रुपये हो जाने से लविश के रुपये बढ़कर 100 से 150 हो गए हैं। इस तरह से लविश को 50 रुपये का लाभ हो रहा है।
  • अब डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के तहत यह लाभ कुछ इस तरह से काम करेगा। कंपनी के द्वारा जो 2 रुपये का डिविडेंड घोषित किया गया है, उसके अनुसार लविश के द्वारा खरीदे गए शेयर्स का मूल्य 15 रुपये से घटकर 13 रुपये हो जाता है लेकिन उसका लाभ कुल लाभ अर्थात उसकी उस कंपनी में संपत्ति 150 रुपये की ही रहेगी।
  • इसे आप इस तरह से समझें कि बाकी लोगों के लिए तो अ कंपनी के शेयर 15 रुपये के ही हैं लेकिन लविश के लिए उसका मूल्य 13 रुपये हो गया क्योंकि कंपनी ने अपने लॉन्ग टर्म वाले शेयर धारकों के लिए 2 रुपये का डिविडेंड घोषित किया हुआ है। हालाँकि 15 रुपये के हिसाब से लविश का कंपनी में हिस्सा 150 रुपये का ही रहेगा।
  • अब लविश के पास जो 10 शेयर हैं, उसे हम 13 से गुणा करते हैं तो कुल मूल्य 130 रुपये हो जाता है। इस 130 रुपये को लविश के कंपनी में कुल हिस्से जो कि 150 रुपये है, उससे घटाएं तो वह 20 रुपये बच जाते हैं।
  • अब डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के तहत लविश इन 20 रुपयों से उसी कंपनी के और शेयर खरीद सकता है। उसके लिए वह नए शेयर भी 13 रुपये में ही पड़ेंगे।
  • इस तरह से लविश 20 रुपये में उसी कंपनी के लगभग 1.5 शेयर और खरीद सकता है। ऐसे में लविश के पास उस कंपनी के कुल 11.5 शेयर हो जाते हैं जिनका मूल्य 150 रुपये है।

एक तरह से लविश ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को शेयर के माध्यम से बढ़ाने का काम किया है। यह हमने आपको एक साधारण उदाहरण देकर समझाने का काम किया है। आशा है कि अब आपको समझ में आ गया होगा कि आखिरकार यह डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान कैसे काम करता है।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के फायदे (Benefits of dividend reinvestment plan in Hindi)

अब आपको डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के माध्यम से होने वाले तरह तरह के फायदों के बारे में भी जान लेना चाहिए। वैसे तो आपको ऊपर का लेख पढ़कर इनके बारे में आईडिया हो ही गया होगा लेकिन फिर भी हमारा यह कर्तव्य बनता (Dividend reinvestment plan benefits in Hindi) है कि हम डीआरआईपी के सभी तरह के फायदों को आपके सामने रखें। तो आइये जाने डीआरआईपी के तरह तरह के लाभ के बारे में।

  • डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान का सबसे बड़ा लाभ तो यही होता है कि इसके माध्यम से आप कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने का काम कर रहे होते हैं।
  • कंपनी के द्वारा जो भी डिविडेंड घोषित किया जा रहा है, आप उसका लाभ लेते हुए कंपनी के और ज्यादा शेयर्स खरीद लेते हैं। इस तरह से उसी कंपनी में आप और ज्यादा शेयर्स के हिस्सेदार बन जाते हैं।
  • नए शेयर्स को लेने और बेचने में प्लेटफार्म के द्वारा कुछ शुल्क लिया जाता है। वहीं यदि आप डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के तहत नए शेयर खरीदते हैं तो आप लेनदेन के इस शुल्क से बच सकते हैं।
  • इस तरह से आपको ऑनलाइन प्लेटफार्म जो कि वेबसाइट या ऐप होती है, उन्हें कमीशन के तौर पर पैसा नहीं देना होगा और नए शेयर भी आपके होंगे।
  • शेयर्स को लेने की यह प्रक्रिया बहुत ही सरल होती है जो कंपनी के द्वारा अपने आप ही कर दी जाती है। आपको इसमें किसी तरह की चिंता करने की या अलग से कोई काम करने की आवश्यकता नहीं होती है।

तो डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान में निवेश करने के यह सबसे मुख्य फायदे होते हैं जो आप उठा सकते हैं। यह आपको कंपाउंड का लाभ उठाने में भी मदद करता है। ऐसे में बहुत लोग आज के समय में शेयर बाजार में पैसा लगाने के साथ साथ डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान का भी लाभ उठाने लगे हैं।

डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के नुकसान (Dividend reinvestment plan disadvantages in Hindi)

जिस चीज़ के फायदे होते हैं, उसके कुछ नुकसान भी होते हैं। यहाँ हम यह समझाना चाह रहे हैं कि अभी तक आपने डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में सब अच्छी बातें ही पढ़ी है लेकिन इसके जो नुकसान होते हैं या जो जोखिम यह अपने साथ लेकर आता है, उनके बारे में बताना भी हमारा कर्तव्य है। ऐसे में डीआरआईपी में निवेश करने पर आपको किस किस तरह के नुकसान हो सकते हैं, आइये उनके बारे में जान लेते हैं।

  • यह आपका पैसा उसी कंपनी में ही रखता है और अन्य कंपनियों में निवेश करने से रोकता है। कहने का अर्थ यह हुआ कि डीआरआईपी के जरिये आप उसी कंपनी में ही पुनः निवेश करते चले जाते हैं जिस कारण आप नयी कंपनियों पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं।
  • इस तरह से नयी कंपनियों के शेयर्स को खरीदना या उनके जरिये लाभ कमाने का अवसर आपके हाथ से निकल जाता है। आपने जिस कंपनी में डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान किया हुआ है, आपका सारा पैसा उसी में ही जाता रहता है।
  • डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान में किया गया निवेश आपको अपने द्वारा हो रहे लाभ का फायदा नहीं उठाने देती है अर्थात आप इस बचे हुए रुपयों का इस्तेमाल अन्य चीज़ों में नहीं कर पाते हैं।
  • यह कंपनी में आपकी हिस्सेदारी को तो बढाता है लेकिन यह उसके साथ कई तरह के जोखिम भी लेकर आता है। यदि कंपनी को नुकसान होता है तो आगे चलकर आपका नुकसान भी ज्यादा होता है।
  • आप जो भी लाभ कमा रहे होते हैं, वह असलियत में आपके पास आता ही नहीं क्योंकि यह तो पुनः उसी कंपनी में ही चला जाता है। देखा जाए तो इस योजना के तहत उस कंपनी का मुख्य लाभ हो रहा होता है।

हालाँकि ऐसा नहीं है कि आप इससे नुकसान में ही रहते हैं। आप जब चाहें उस कंपनी के शेयर्स को बेचकर अपना लाभ निकाल सकते हैं और पैसों को कहीं ओर निवेश कर सकते हैं। यह पूर्ण रूप से आप पर ही निर्भर करता है कि आप कब और कितना अपना पैसा निकालना चाहते हैं।

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डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान क्या है – Related FAQs 

प्रश्न: लाभांश पुनर्निवेश अच्छा है या बुरा?

उत्तर: कुछ मामलों में लाभांश पुनर्निवेश को अच्छा माना जाता है जबकि कुछ में यह बुरा भी हो सकता है। यह पूर्ण रूप से व्यक्ति व बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।

प्रश्न: लाभांश पुनर्निवेश योजना का लाभ क्या है?

उत्तर: लाभांश पुनर्निवेश योजना का लाभ यही है कि यह आपको उस कंपनी में और ज्यादा शेयर का लाभ उठाने का मौका देता है और उसी के साथ ही प्लेटफार्म की एक्स्ट्रा फीस से भी बचाता है।

प्रश्न: लाभांश पुनर्निवेश योजनाएं कैसे काम करती हैं?

उत्तर: लाभांश पुनर्निवेश योजनाएं जिस तरीके से काम करती है, उसके बारे में पूरी जानकारी हमने आपको इस लेख में उपलब्ध करवायी है। इसके लिए आपको यह लेख पढ़ना होगा।

प्रश्न: लाभांश पुनर्निवेश योजना के तहत लाभांश क्या है?

उत्तर: लाभांश पुनर्निवेश योजना के तहत लाभांश उसी कंपनी पर निर्भर करता है जिसके शेयर आपने लिए हुए हैं। सभी कंपनियां अपने यहाँ हो रही कमाई के अनुसार ही लाभांश देती है।

तो इस तरह से इस लेख के माध्यम से आपने डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान के बारे में जानकारी हासिल कर ली है। आपने जाना कि डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान क्या होता है इसकी शॉर्ट फॉर्म क्या है इसके फायदे और नुकसान क्या हैं इत्यादि। आशा है कि अब आपको अगर डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान में निवेश करना हुआ तो वह आप पूरी जानकारी के साथ कर सकते हो। अगर आपके मन में कोई प्रश्न डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान से संबंधित रह गया है तो वह आप हम से नीचे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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