दिल्ली विकलांग पेंशन योजना आवेदन ऑनलाइन आवेदन फॉर्म | Disability Pension Scheme Delhi

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विकलांगों का जीवन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। अपना जीवन यापन करने में उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। काम करना उनके लिए एक मुश्किल कार्य होता है। लिहाजा, कई विकलांगों को आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि तमाम राज्यों और केंद्र सरकार ने विकलांगों के लिए सरकारी नौकरी का कोटा निर्धारित किया हुआ है, लेकिन सभी को सरकारी नौकरी मिल पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में विकलांग अमूमन आर्थिक समस्या से दो चार होते हैं।

दिल्ली में भी विकलांगों की खासी संख्या है। इनकी मदद के लिए दिल्ली सरकार ने विकलांग पेंशन योजना चलाई हुई है। आज इस पोस्ट में हम आपको इसी दिल्ली विकलांग पेंशन योजना के संबंध में जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

दिल्ली विकलांग पेंशन योजना क्या है? Handicapped Pension Scheme Delhi

दोस्तों, आपको बता दें कि दिल्ली विकलांग पेंशन योजना के तहत लाभार्थी को दिल्ली सरकार की ओर से ढाई हजार रूपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। कुछ समय पूर्व ही इस राशि में एक हजार रुपए की वृद्वि हुई है। पहले यह पेंशन राशि डेढ़ हजार रूपये थी। इस योजना का संचालन दिल्ली सरकार का समाज कल्याण विभाग कर रहा है।

दिल्ली विकलांग पेंशन योजना आवेदन ऑनलाइन आवेदन फॉर्म | Disability Pension Scheme Delhi

आपको बता दें कि पेंशन की राशि सीधे विकलांग के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है यानी योजना के तहत डीबीटी होता है। लाभार्थी के खाते में राशि प्रत्येक तीन माह में भेजी जाती है। जैसे कि यदि अप्रैल, मई और जून माह की पेंशन है तो वह जुलाई माह में मिलेगी। इसी तरह जुलाई, अगस्त और सितंबर की पेंशन अक्टूबर माह में लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचेगी। इसी प्रकार अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लाभार्थी तक जनवरी माह में पहुंचेगी और जनवरी, फरवरी और मार्च माह की पेंशन आवेदक को अप्रैल माह में प्राप्त होगी।

दिल्ली विकलांग पेंशन लेने के लिए आवश्यक पात्रता – Eligibility for Disability Pension Scheme Delhi

मित्रों, दिल्ली विकलांग पेंशन का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। आप इस योजना के पात्र तभी हो सकेंगे, जब आप उन निर्धारित शर्तों को पूरा करें। लाभार्थी को निम्न पात्रता रखनी होगी-

  • आवेदक की उम्र न्यूनतम 18 और अधिकतम 59 वर्ष हो।
  • आवेदक दिल्ली राज्य का निवासी हो या फिर पांच वर्ष से अधिक समय से दिल्ली में रह रहा हो।
  • एंव आवेदक की अपंगता 40 प्रतिशत से अधिक हो।
  • आवेदक वृद्वावस्था, विधवा या अन्य किसी तरह की पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो।
  • आवेदक की आय की गणना की जाएगी। उसकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रूपये से अधिक न हो।

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दिल्ली विकलांग पेंशन के लिए आवश्यक दस्तावेज – Document Required for Disability Pension Scheme Delhi

दोस्तों, आइए अब आपको बता दें कि आपको विकलांगता पेंशन के लिए स्कैन किए गए स्व-सत्यापित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। यह दस्तावेज इस प्रकार से हैं-

  • आवेदक का सक्षम अधिकारी की ओर से जारी विकलांगता प्रमाण पत्र
  • आवेदक का आयु प्रमाण पत्र
  • एंव आवेदक का आधार कार्ड
  • आवेदक का वोटर आईडी कार्ड
  • आवेदक की बैंक खाता पासबुक संख्या
  • एंव आवेदक का आय प्रमाण पत्र
  • आवेदक का निवास प्रमाण पत्र
  • आवेदक का जन्म प्रमाण पत्र
  • एंव आवेदक की फोटो आईडी
  • आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो
  • बीपीएल कार्ड नंबर
  • आवेदक का जाति प्रमाण पत्र
  • और आवेदक का मोबाइल नंबर
  • आय-स्व-घोषणा पत्र

मित्रों, आपको यह भी बता दें कि यदि आप योजना के लिए आवेदन के वक्त पूर्व निर्धारित किसी भी तरह का दस्तावेज मुहैया कराने में अक्षम रहते हैं तो फिर आपको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए जरूरी है कि आप अपना फाॅर्म जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों को अच्छी तरह से जांच लें। इससे पूर्व आप फाॅर्म में भरी गई अपनी सभी जानकारी भी जांच लें। यदि आप कोई जानकारी गलत भरते हैं और सत्यापन के वक्त वह गलत निकलती है तो आपका फाॅर्म निरस्त कर दिया जाएगा और आप योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाएंगे।

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दिल्ली विकलांग पेंशन योजना में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया – Online application process for Delhi Disabled Pension Scheme –

यदि आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो आप दिल्ली ई डिस्टिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको दिल्ली e-district पोर्टल पर अपना एक अकाउंट बनाना होगा। जिसके पश्चात आप अपने अकाउंट में लॉगिन करके दिल्ली विकलांग पेंशन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। ई डिस्टिक पोर्टल पर अकाउंट बनाने की स्टेप बाय स्टेप जानकारी प्राप्त करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं –

  • https://edistrict.delhigovt.nic.in/ पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाने के पश्चात आप अपने अकाउंट में लॉगिन करें। और डैशबोर्ड में उपलब्ध अप्लाई ऑनलाइन के ड्रॉपडाउन ऑप्शन में से अप्लाई फॉर सर्विसेज ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • जैसे ही आप इस आप्शन पर क्लिक करेंगे। आपके सामने उन सभी सर्विसेज का पेज ओपन होकर आ जाएगा। जिनके लिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।

दिल्ली विकलांग पेंशन योजना आवेदन ऑनलाइन आवेदन फॉर्म | Disability Pension Scheme Delhi

  • इसमें आप 29 नंबर पर डिपार्टमेंट सोशल वेलफेयर की कैटेगरी में डिसेबिलिटी पेंशन स्कीम के सामने दिए गए अप्लाई ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • आवेदनकर्ता नाबालिगों होने के मामले में, माता-पिता का आधार पहले पंजीकृत होना चाहिए। और फिर नाबालिग का आधार प्रोफाइल में संलग्न होना चाहिए। आवेदन फॉर्म भरने के लिए आधार संख्या अनिवार्य है। आधार के बिना, ऑनलाइन आवेदन पोर्टल काम नहीं करेगा।

दिल्ली विकलांग पेंशन योजना आवेदन ऑनलाइन आवेदन फॉर्म | Disability Pension Scheme Delhi

  • जैसे ही आप इस ऑप्शन पर क्लिक करेंगे आपके सामने एक फार्म ओपन होकर आएगा आपको इस बार में सारी जानकारी फिल अप करनी होगी। और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना होगा। सारी प्रोसेस करने के पश्चात आप अपना फार्म सबमिट कर दें।

e-district पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात जिला समाज कल्याण कार्यालय आवेदन की जांच करेगा और यदि आवश्यक होगा, तो संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के लिए आवेदक को कॉल भी कर सकतें हैं। आम तौर पर, आवेदनों की प्राप्ति के 45 दिनों के भीतर आवेदनों का निपटारा किया जाता है, कभी कभी इससे अधिक समय लग सकता है।

दिल्ली विकलांग पेंशन में आवेदन कैसे करें? Online application process for Disability Pension Scheme Delhi

दिल्ली विकलांग पेंशन के आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता और दस्तावेजों के बाद आइए आपको इसकी आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दें। यह प्रक्रिया बेहद सरल है और कुछ आसान से कदमों को फाॅलो करके विकलांग पेंशन के हकदार बन सकते हैं। यह स्टेप्स इस प्रकार से हैं-

  • सबसे पहले दिल्ली समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://socialwelfare.delhigovt.nic.in पर जाएं। आप यहाँ क्लीक करके डायरेक्ट भी जा सकतें हैं।
  • यहां होम पेज पर जाकर आपको आवेदन पत्र डाउनलोड करें और इसका प्रिंट ले लें।
  • अब आपको इस फाॅर्म में पूछी गई सभी जानकारी को सही सही भरना है। इसके पश्चात निर्धारित जगह पर अपनी पासपोर्ट साइज फोटो चस्पा कर दें।
    मांगे गए दस्तावेजों को आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर दें। पूरी तरह से भरे फाॅर्म को नत्थी दस्तावेजों के साथ जाकर संबंधित विभाग में जमा कर दें।
  • इसके बाद विभाग की ओर से पेंशन मंजूर होने पर आपके मोबाइल पर सूचना भेज दी जाएगी। निर्धारित अवधि में पेंशन आपके खाते में पहुंच जाएगी।

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पेंशन लगवाने के बहाने राशि मांगने वालों से सतर्क, सावधान रहें

मित्रों, आपको बता दें कि यदि आप चाहें तो जिला विकलांग कल्याण अधिकारी से भी आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद की बाकी प्रक्रिया वही रहेगी, जो कि हम आपको अभी अभी बता चुके हैं। आपको इस फाॅर्म को भरना है। सही सही जानकारी देनी है। इसके बाद निर्धारित स्थान पर फोटो लगानी है और आवश्यक दस्तावेजों को इसके साथ नत्थी करना है। इसके पश्चात फाॅर्म को संबंधित कार्यालय में ले जाकर जमा कर देना है।

आपको बता दें कि विभागों में अक्सर कुछ इस तरह के लोग घूमते रहते हैं, जो पेंशन लगवाने के बहाने आपसे कुछ राशि की मांग करते हैं। आपको ऐसे लोगों से सावधान रहना है और इनकी बातों में नहीं आना है। यदि आपको इस योजना के संबंध में कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी चाहिए तो आप विभाग में जाकर संपर्क कर सकते हैं। यहां पर दिल्ली विकलांग पेंशन से जुड़ी आपकी हर तरह की जिज्ञासा का समाधान किया जाएगा।

विकलांगों को लेकर समाज की मानसिकता में बदलाव जरूरी

दोस्तों, आप जानते ही हैं कि विकलांगों को लेकर समाज की मानसिकता में सदियों में कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी उन्हें परिवार पर एक बोझ की तरह समझा जाता है। इस तरह की मानसिकता को बदले जाने की जरूरत है। सरकारों ने सामाजिक समानता के तहत उन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान कर एक अच्छा कदम उठाया है। इसी तरह उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए विकलांगता पेंशन जैसी शुरूआत की है।

आपको बता दें कि सरकार का दायित्व समाज की सुरक्षा भी है। इसी में विकलांगों की आर्थिक सुरक्षा भी शामिल है। इस तरह की जनहित की योजनाओं को हालांकि सरकार की उपलब्धियों से जोड़कर भी देखा जाता है। योजना के लाभार्थी उस सरकार के हिमायती होते हैं, जो सरकार उनके लिए कुछ करती है, उनके भले के लिए कदम उठाती है।

ऐसे में सरकार का वोट बैंक भी पक्का होता है। विकलांग लोगों को वोट के लिए विशेष सुविधा भी प्रदान की जाती है। उनके लिए अलग से मतदान केंद्र भी बनाए जाते हैं, ताकि उन्हें वोट करने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

केंद्र सरकार ने विकलांगों को दिव्यांग का नाम दिया था

साथियों, आपको बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विकलांगों का दिव्यांग का नाम दिया था। उन्हें इसी नाम से पुकारा भी जाता हैं। इसके पीछे मंशा यह थी कि वह अपंग नहीं, बल्कि उनका ऐसा अंग ईश्वर की दिव्य देन है। इससे विकलांगों में मन में छाई ग्लानि और खुद को कमतर समझने की भावना को दूर करना था। सरकार की तमाम योजनाओं में भी उन्हें दिव्यांग के नाम से ही पुकारा जाता है। तमाम राज्यों में दिव्यांगों की एसोसिएशन भी हैं, जो हक की लड़ाई लड़ती हैं और दिव्यांगों से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने उठाती हैं।

बहुत से ऐसे वाकये सामने आते हैं, जहां दिव्यांगों से बदसलूकी की जाती है या फिर उन्हें उनका हक नहीं मिलता। ऐसे में एसोसिएशन संबंधित दिव्यांग को उनका जायज हक दिलाने का काम करती हैं। कई राज्यों में निजी कंपनियों में भी कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी यानी सीएसआर (CSR) के तहत रोजगार प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराया जाता है। इसके अलावा बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों में दिव्यांगों के लिए सीटें रिजर्व रखने का प्रावधान किया गया है। यदि इन सीटों पर कोई अन्य यात्री बैठ जाता है तो भी विकलांग यात्री के आने पर उसे सीट छोड़नी होगी।

बस, रेलवे आदि का टिकट लेने के लिए भी इनकी लाइन अलग से लगती हैं। वहीं, विभिन्न संस्थानों में आवाजाही में सुविधा के लिहाज से रै़प आदि बनाए जाते हैं। इन पर से व्हील चेयर आदि आराम से गुजर सकते हैं। विभिन्न सिनेमाघरों और मनोरंजन स्थलों पर भी विकलांगों की सुविधा को देखते हुए रैंप जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

अंतिम शब्द

विकलांगों के कष्टपूर्ण जीवन को आर्थिक दिक्कतें और भी अधिक कठिन बना देती हैं। ऐसे में विकलांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं और आर्थिक मदद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करती हैं। उन्हें अपने छोटे मोटे खर्च के लिए किसी पर आश्रित नहीं होना पड़ता। केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि समाज कल्याण विभाग की ओर से विकलांगों को विभिन्न प्रकार के उपकरणों का वितरण भी किया जाता है। इसके लिए बाकायदा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। कई बार उन्हें ट्राई साइकिल, कैलिपर्स, कृत्रिम अंग आदि वितरित किए जाते हैं। इसके लिए बाकायदा पहले से तिथि निर्धारित की जाती है। अतिथियों को आमंत्रित किया जाता है।

कई निजी संस्थाएं भी हैं, जो विकलांगों के कल्याण के लिए कार्य करती हैं, उनकी ओर से भी इस तरह के कार्यक्रम बड़ी संख्या में आयोजित किए जाते हैं। इससे कम से कम उन विकलांगों की मदद होती है, जिनके पास यह उपकरण खरीदने के लिए धनराशि नहीं होती। एक साथ बड़ी संख्या में विकलांगों को इस तरह के शिविरों से लाभ पहुंचता है।

हालांकि बीच में कोरोना संक्रमण की वजह से लगाए गए lockdown की  वजह से देश भर में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगी रही। पेंशन वितरण के कार्य में भी बाधा रही। शिविरों के आयोजन को unlock पेज में भी कोई राहत नहीं है। क्योंकि शिविरों में भीड़ जुटती है और कोरोना संक्रमण के मद्देनजर भीड़ जुटाने की इजाजत नहीं है।

दोस्तों, अभी हमने आपको दिल्ली विकलांग पेंशन योजना के बारे में बताया। यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा आप जिस विषय पर हमसे जानकारी चाहते हैं, उसके बारे में भी हमें बता सकते हैं। हम आपके बताए विषय पर जानकारी देने का पूरा प्रयास करेंगे।। धन्यवाद।।

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