साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे? | साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर | Cyber crime helpline number

Cyber crime helpline number :- जैसे जैसे तकनीक बढ़ती जा रही हैं उसी तेजी के साथ साइबर अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं। अब यह अपराध किसी के साथ निजी तौर पर हो सकता हैं या किसी के परिवार पर हो सकता हैं या फिर आर्थिक रूप से भी हो सकता (Cyber crime complaint number) हैं। एक तरह से आपके साथ ऑनलाइन जो भी अपराध हो रहा हैं जिसमें फ्रॉड से लेकर धमकी तक सम्मिलित हैं, वह सब साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं।

ऐसे में यदि आप भी किसी भी तरह के साइबर अपराध से जूझ रहे हैं तो इसके लिए भारत सरकार ने आपकी सहायता करने के उद्देश्य से साइबर अपराध संबंधी हेल्पलाइन नंबर जारी किया हुआ हैं। केवल इतना ही नही भारत सरकार ने इसके लिए एक (Cyber crime complaint online) वेबसाइट भी लांच की हुई हैं जहाँ पर केवल और केवल साइबर अपराध से जुड़े मामले दर्ज किये जाते हैं और उनसे संबंधित कार्यवाही को अंजाम दिया जाता हैं।

तो आज हम आपके साथ इस लेख के माध्यम से साइबर अपराध की श्रेणियों (Cyber crime ki report kaise kare) सहित उसके हेल्पलाइन नंबर पर बात करेंगे। इसी के साथ आपको यह भी जानने को मिलेगा कि यदि आपके साथ साइबर अपराध हो भी जाता हैं तो आप और किस किस तरह के विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं और उसके जरिये अपने विरुद्ध हुए साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं। तो आइए जाने साइबर अपराध का हेल्पलाइन नंबर सहित अन्य जानकारी।

साइबर अपराध क्या है? (Cyber crime kya hai)

सबसे पहले बात की जाए साइबर अपराध की। यदि आपको यही नही पता होगा कि आखिरकार साइबर अपराध कहते किसे हैं और यह किस तरह अन्य अपराध से अलग होता हैं तो आप कैसे ही इसकी शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। तो पहले यह जान लेते (Cyber crime kya hota hai) हैं कि यह साइबर अपराध होते क्या हैं।

हम अपने दैनिक जीवन में ऑनलाइन चीज़ों पर इस कदर तक निर्भर हो चुके हैं कि अब हम हर चीज़ के लिए ऑनलाइन उपलब्ध सेवाओं का ही इस्तेमाल करते हैं। फिर चाहे किसी से बात करनी हो या किसी को संदेश भेजना हो या किसी चीज़ की खरीदारी करनी हो या किसी बिल का पेमेंट करना हो। तो इस स्थिति में यदि आपके साथ ऑनलाइन किसी भी तरह का अपराध किया जाता हैं जिसका संबंध ऑफलाइन से नही हैं तो वह साइबर अपराध की श्रेणी के अंतर्गत आता हैं।

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे

अब आपका अगला प्रश्न होगा कि यह अपराध किस किस तरह के हो सकते हैं जिससे कि आप पहचान सके कि यह साइबर अपराध की श्रेणी क्या होती हैं। तो अब हम आपके साथ वह भी साँझा करेंगे ताकि आप साइबर अपराध को बारीकी से समझ सके और अपने खिलाफ हुए अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवा सके।

साइबर अपराध किस किस तरह के होते हैं?

अब जब आपने साइबर अपराध की परिभाषा जान ली हैं और यह पता लगा लिया हैं कि ऑनलाइन होने वाली किसी भी अपराध को साइबर अपराध की श्रेणी में डाला जाता हैं तो आपको यह भी जानना चाहिए कि आखिरकार यह अपराध होते किस किस तरह के हैं। जब तक आपको इसके बारे में नही पता चलेगा तब तक आप इसके विरुद्ध शिकायत भी सही से नही कर पाएंगे।

वैसे तो साइबर अपराध ऑनलाइन कई तरह के माध्यम से हो सकते हैं लेकिन फिर भी हमने कुछ प्रमुख साइबर अपराधों को आपके लिए वर्गीकृत किया हैं ताकि आपको इसका अर्थ बेहतर ढंग से समझ में आ सके।

  • आप सोशल मीडिया के अलह अलग मंचों पर अपने और अपने परिवार से जुड़ी हुई फोटोज, वीडियोस और निजी जानकारी साँझा करते होंगे। अब यदि किसी के द्वारा आपकी फोटो, विडियो या निजी जानकारी जैसे कि आपका मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी या ऐसी ही कोई अन्य जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जाता हैं या किया जा रहा हैं तो यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं।
  • यदि आपकी आज्ञा के बिना किसी के द्वारा आपकी निजी जानकारी को कही शेयर किया जाता हैं या उसका ऐड इत्यादि में इस्तेमाल किया जाता हैं या आपकी उपलब्धि को अपनी उपलब्धि बताने का प्रयास किया जाता हैं तो वह भी साइबर अपराध की श्रेणी में ही आएगा।
  • यदि कोई आपके नाम से फेक सोशल मीडिया अकाउंट बनाता हैं या कोई डुप्लीकेट चीज़ बनाता हैं जिस पर आपका नियंत्रण नही हैं तो यह भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं।
  • यदि कोई आपकी जानकारी या फोटोज का अश्लील कंटेंट में इस्तेमाल करता हैं और वह भी बिना आपकी आज्ञा के तो वह भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं।
  • यदि ऑनलाइन खरीदारी करते समय आपके साथ कोई धोखाधड़ी हुई हैं या आपके साथ कुछ गलत जानकारी शेयर कर आपको चूना लगाने का प्रयास किया गया हैं तो वह भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं।
  • अब यदि आप किसी को ऑनलाइन पैसे भेजते हैं या कोई आपको ऑनलाइन पैसे भेजता हैं लेकिन दूसरे व्यक्ति को वह पैसे नही मिलते हैं लेकिन पहले वाले के पैसे भी कट जाते हैं तो वह भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं।
  • यदि आपको कोई गलत लिंक, मैसेज या ईमेल भेजकर आपके साथ फ्रॉड करने का प्रयास करता हैं तो वह भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता हैं।

इस तरह ऑनलाइन आपके साथ हुए किसी भी तरह के फ्रॉड, धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी, इत्यादि को साइबर अपराध की ही संज्ञा दी जाती हैं। इसके लिए आप भारत सरकार के द्वारा उपलब्ध साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवा सकते हैं या फिर ऑनलाइन भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर (Cyber crime helpline number)

भारत सरकार ने देश में बढ़ते हुए साइबर अपराधों की संख्या को देखते हुए और देशवासियों की सहायता करने के उद्देश्य से नया साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर जारी किया हुआ हैं। जो नंबर पहले इस्तेमाल होता था वह 155260 था लेकिन वर्तमान में यह नंबर चलन में नही हैं। इसके बदले में भारत सरकार ने नया नंबर लांच किया हैं ताकि साइबर अपराधों का जल्द से जल्द (Cyber crime ki shikayat kahan karen) निपटारा संभव हो सके।

तो यदि आप अपने साथ हुए साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो आप इसके लिए भारत सरकार द्वारा जारी साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। यह नंबर भारत सरकार के द्वारा पिछले कुछ वर्षों में ही शुरू किया गया हैं और तब से लेकर आज तक लाखों शिकायते इस नंबर के जरिये दर्ज हो चुकी हैं। साथ ही उनमे से अधिकांश का तो निपटारा भी हो चुका हैं।

इसलिए यदि आपके साथ किसी भी तरह का साइबर अपराध हुआ हैं या भविष्य की दृष्टि से आप यह नंबर आप अपने मोबाइल में सेव करके रख सकते हैं। यदि आपके किसी जानने वाले के साथ भी किसी तरह का साइबर अपराध हुआ हैं तो आप उन्हें यह नंबर फॉरवर्ड कर सकते हैं और उनकी छोटी सी सहायता कर सकते हैं।

साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना (Cyber crime ki report kaise karen)

अब जब आप साइबर अपराध के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करेंगे तो सामने से आपको अपनी भाषा चुनने का विकल्प दिया जाएगा। ऐसे में आप दिए गए विकल्प में से एक विकल्प का चुनाव कर आगे बढ़ें। उसके बाद आपसे कुछ अन्य विकल्प भी मांगे जाएंगे जैसे कि आप किस विषय से संबंधित साइबर अपराध को दर्ज करवाना चाहते हैं इत्यादि। तो आप दिए गये विकल्पों में से सही विकल्प का चुनाव करते हुए आगे बढ़ें। अंत में आपकी बात साइबर अपराध को देखने वाले ग्राहक सेवा अधिकारी से करवाई जाएगी।

जैसे ही आपकी बात साइबर अपराध के ग्राहक सेवा अधिकारी से हो तो आप उन्हें अपनी शिकायत का संपूर्ण विवरण दे। आप उन्हें बताये कि आपके साथ किस तरह का साइबर अपराध हुआ हैं और आप उस पर किस तरह की कार्यवाही चाहते हैं। उसके बाद संबंधित अधिकारी के द्वारा आपसे कुछ अन्य चीज़े पूछी जाएगी और वह आपकी शिकायत को अपने सिस्टम में दर्ज कर लेगा।

शिकायत के दर्ज हो जाने के पश्चात आपकी मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी पर शिकायत का संपूर्ण ब्यौरा आ जाएगा। इसमें आपकी शिकायत का संपूर्ण विवरण सहित एक शिकायती नंबर भी लिखा हुआ होगा जो आपको भविष्य के लिए संभाल कर रखना होगा क्योंकि इसी नंबर के जरिये ही आप यह देख पाएंगे कि आपके द्वारा दर्ज की गयी शिकायत पर क्या कार्यवाही हुई हैं। तो बस इसी तरह आप साइबर अपराध के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे? (Cyber crime complaint online)

अब यदि आप हेल्पलाइन नंबर की बजाए ऑनलाइन साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो उसका विकल्प भी भारत सरकार के द्वारा दिया हुआ हैं। इसके लिए भारत सरकार की ओर से एक वेबसाइट लांच की गयी हैं जिसका लिंक https://www.Cybercrime.gov.in/Hindi/ हैं। जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने साइबर अपराध को ऑनलाइन दर्ज करवाने संबंधित सभी तरह की जानकारी आ जाएगी।

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे

यहाँ पर आप दो तरह की शिकायत को दर्ज करवा सकते हैं अर्थात इसमें हुए साइबर अपराध को दो तरह से वर्गीकृत किया गया हैं। जो हैं:

  • महिला या बाल संबंधित रिपोर्ट
  • अन्य साइबर अपराध रिपोर्ट

चूँकि महिलाओं और बच्चों के साथ हुआ साइबर अपराध गंभीर श्रेणी में आता हैं तो इसकी गंभीरता को समझते हुए भारत सरकार ने इसके लिए एक अलग लिंक दिया हुआ हैं। इस लिंक के जरिये केवल और केवल महिलाओं और बच्चों के साथ हुए साइबर अपराध की रिपोर्ट या शिकायत दर्ज की जाती हैं। दूसरे विकल्प के तहत अन्य सभी तरह के साइबर अपराध दर्ज किये जाते हैं। आइए जाने यदि आपको अन्य साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करनी हो तो वह आप कैसे करेंगे।

साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवाना (Cyber crime report portal)

इसके लिए सबसे पहले तो आपको ऊपर दिए गए साइबर अपराध के लिंक पर क्लिक कर उसकी वेबसाइट पर जाना होगा। यहाँ पर आपको मेन्यू में दूसरा विकल्प दिखाई देगा जिस पर लिखा होगा “अन्य साइबर अपराध रिपोर्ट करें” जिस पर आपको क्लिक करना होगा। इसका लिंक https://www.Cybercrime.gov.in/Hindi/crmcondihn.aspx हैं। इसके बाद आपको एक नया पेज दिखेगा जिस पर कुछ जानकारी दी गयी होगी।

साथ ही आपके सामने दो तरह के विकल्प होंगे जिसमें एक पर लिखा होगा “जानें साइबर क्राइम के बारें में” और दूसरे पर लिखा होगा “शिकायत दर्ज करें”। अब यदि आप पहले वाले विकल्प पर क्लिक कर साइबर अपराध की श्रेणी और परिभाषा के बारे में अच्छे से जानना चाहते हैं तो आप उस पर क्लिक कर साइबर अपराध के बारे में विस्तार से पढ़ ले। यहाँ पढ़कर आपको अच्छे से आईडिया हो जाएगा कि आखिरकार यह साइबर अपराध किस किस तरह के होते हैं और आप किस चीज़ के लिए किस श्रेणी में साइबर अपराध को दर्ज करवा सकते हैं।

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे 1

अब जब आप साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो वहां दिए गए दूसरे लिंक जिस पर लिखा हुआ था “शिकायत दर्ज करें”, उस पर क्लिक कर आगे बढ़ें। अब जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपसे कुछ जानकारी पर सहमती मांगी जाएगी। जैसे कि आप साइबर अपराध को दर्ज करने की गंभीरता को समझते हैं और आप जो कुछ भी बताएँगे वह केवल और केवल सच बताएँगे। यदि आप इससे सहमत हैं तो टिक मार्क पर क्लिक कर आगे बढ़ जाए।

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे 2

इसके बाद आपको लॉग इन करने को कहा जाएगा। तो यदि आपका इस पर पहले से खाता नही हैं तो आप नए यूजर के तौर पर इस पर पहले साइन अप कर ले और उसके बाद ही शिकायत दर्ज करवाए। यदि आपने पहले से साइन अप किया हुआ (Cyber crime complaint online login) हैं तो आप सीधे लॉग इन कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। तो बस इस तरह से आप ऑनलाइन अपने साथ हुए साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद आपके संबंधित मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर शिकायत की सब जानकारी शिकायती नंबर सहित आ जाएगी।

साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन कैसे करे 3

साइबर अपराध की शिकायत ट्रैक करना (Cyber crime complaint tracking)

अब यदि आप अपने द्वारा दर्ज की गयी साइबर अपराध की शिकायत का स्टेटस चेक करना चाहते हैं या यह देखना चाहते हैं कि आपके द्वारा रिपोर्ट की गयी शिकायत पर अभी तक क्या कुछ कार्यवाही हुई हैं तो उसका विकल्प भी आपको संबंधित वेबसाइट पर ही मिल जाएगा। इसके लिए आपको फिर से उसी वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/Webform/crmcondi.aspx पर जाना होगा जहाँ पर आपको ऊपर दिए गए मेन्यू में ही तीसरा विकल्प दिखाई देगा जिस पर लिखा होगा “अपनी शिकायत को ट्रेक करें”, जिस पर आपको क्लिक करना होगा।

साइबर अपराध की शिकायत ट्रैक करना

जैसे ही आप इस पर क्लिक करेंगे तो यह आपको एक नए पेज पर ले जाएगा। वहां आपसे आपका शिकायती नंबर माँगा जाएगा और साथ में OTP दर्ज करने को कहा जाएगा। इसके लिए जैसे ही आप अपना शिकायती नंबर डाल कर Get OTP पर क्लिक करेंगे तो आपके संबंधित मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी या दोनों पर एक OTP कोड आएगा। आपको उस OTP कोड को नीचे वाले बॉक्स में भर कर सबमिट कर देना होगा।

साइबर अपराध की शिकायत ट्रैक करना

जैसे ही आप शिकायती नंबर और OTP डालकर सबमिट करेंगे तो यह आपके द्वारा दर्ज की गयी साइबर अपराध की शिकायत का संपूर्ण विवरण आपके सामने रख देगा। साथ ही आपको यह भी दिखेगा कि अभी तक उस शिकायत पर सरकार या संबंधित विभाग के द्वारा क्या कार्यवाही की गयी हैं या वह कहां तक पहुंची हैं। आप समय समय पर यह चेक कर सकते हैं और अपनी शिकायत का स्टेटस पता लगा सकते हैं।

साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर – Related FAQs

प्रश्न: ऑनलाइन ठगी की शिकायत कैसे करे?

उत्तर: ऑनलाइन ठगी की शिकायत करने के लिए आप साइबर अपराध की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाए।

प्रश्न: साइबर क्राइम की सजा क्या है?

उत्तर: साइबर क्राइम की सजा किये गए क्राइम की गंभीरता पर निर्भर करती हैं। इसमें सरकार के द्वारा जुर्माना भी लगाया जा सकता हैं या कारावास की सजा भी सुनाई जा सकती हैं।

प्रश्न: ऑनलाइन ठगी के बाद मैं अपना पैसा कैसे वापस पा सकता हूँ?

उत्तर: ऑनलाइन ठगी के बाद अपना पैसा वापस पाने के लिए आप तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाए।

प्रश्न: साइबर क्राइम की रिपोर्ट कैसे करें?

उत्तर: साइबर क्राइम की रिपोर्ट करने के लिए आप भारत सरकार के द्वारा लांच की गयी साइबर अपराध की वेबसाइट पर जाकर उसकी रिपोर्ट कर दे।

तो कुछ इस तरह से आप अपने साथ हुए साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसी के साथ आप इस बात का अवश्य ध्यान रखे कि आजकल के समय में साइबर अपराध करने वाले लोग नए नए हथकंडे अपना रहे हैं और लोगों के साथ क्राइम कर रहे हैं। इसलिए यदि आप पहले से ही सतर्क रहेंगे तो ज्यादा सही रहेगा। सतर्क रहने के बाद भी यदि किसी कारणवश आपके साथ साइबर अपराध हो जाता हैं तो आप उसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करवा ही सकते हैं।

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