CVV Number Kya hai? कार्ड सत्यापन कोड – CVV Code कैसे पता करें?

आज ऑनलाइन लेन देन का जमाना है। हाल ही में संपन्न दीप पर्व दीपावली का ही उदाहरण लें तो शहरी क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से अधिक खरीदारी online माध्यम से हुई है। कपडे, जूते, इलेक्ट्रानिक आइटम्स, फर्नीचर और यहां तक कि साइकिल जैसे वाहनों तक की खरीदरी तक online हुई है। इसका असर सभी जगहों के market पर जरूर पड़ा है, लेकिन लोग घर बैठे online shopping यानी अपनी सुविधा को इस वक्त अधिक तरजीह दे रहे हैं। आपने यह जरूर देखा होगा कि जब आप अपने credit card या debit card का इस्तेमाल खरीदारी के लिए करते हैं तो आपसे तीन सवाल जरूर पूछे जाते हैं। पहला आपका card number, दूसरा card की expiry date और तीसरा CVV Number नंबर।

CVV Number Kya hai? कार्ड सत्यापन कोड CVV कैसे पता करें?

यह सारी details देने के बाद ही आपका payment confirm होता है। ऐसे में आपके मन में यह सवाल तो जरूर आता होगा कि आखिर यह CVV Number है क्या? इसका इस्तेमाल आखिर क्यों किया जाता है? क्या इसे डाले बगैर भी payment किया जा सकता है? या फिर नहीं। अगर आपका मन भी इन्हीं सब सवालों से दो चार हो रहा है तो हमारी यह post आपके ही लिए है। आप यहां अपने CVV Number से जुड़े हर सवाल का जवाब पाएंगे। आपको अगर फिर भी कोई सवाल पूछने की जरूरत महसूस होती है तो आप बेखटके पूछ सकते हैं। एक बार यह post पढने के बाद हो सकता है कि आपको उसकी आवश्यकता ही न पड़े। तो आइए जान लेते हैं कि यह CVV Number क्या है। यह क्यों जरूरी है।

CVV Number क्या है? What is CVV in Hindi –

CVV full form in hindi – CVV Number की full form है card verification value। यह debit card, credit card और atm के features का मिला जुला रूप है। क्रेडिट कंपनियों ने ग्राहकों की सुरक्षा के मद्देनजर इसे अपनाया है। हर card का एक CVV Numberहोता है, जिसके इस्तेमाल से payment फ्राड की संभावना बेहद कम हो जाती है। इसे हर कंपनी ने अपना अलग अलग नाम भी दिया है। मसलन visa अपने card को CVV Number2 कहती है।

जबकि MasterCard इसे cvc2 पुकारता है। American Express ने इसे cid का नाम दिया है।

CVV Number का इस्तेमाल क्यों करते हैं –

समान्य शब्दों में कहें तो यह एक विश्वसनीयता आंकने की process है। इसे इसलिए इस्तेमाल किया जाता है, ताकि लेन देन की प्रक्रिया में फ्राड की गुंजाइश न हो सके। इसका एक code होता है, जो आपको online लेन देन करते वक्त इस्तेमाल करना होता है।

CVV Number Kaha Hota Hai? अपना CVV Number कैसे पता करें –

CVV Number आपके credit या debit card के पिछले हिस्से में magnetic strip के ठीक नीचे होता है। Signature space के बराबर में। यह code online लेन देन करते वक्त पूछा जाता है। इसके बगैर आप online लेन देन नहीं कर सकते। दरअसल, यह code एक security feature है। इसे दरअसल, card को verify करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दें कि यह कोड महज तीन या चार digit का होता है।

CVV Number Kya hai? कार्ड सत्यापन कोड CVV कैसे पता करें?

सबसे पहले बात visa की करे। तो इसके credit card या debit card के panel पर आगे के हिस्से में एक 16 digit का number लिखा होता है। इसके साथ ही expiry date की तिथि भी और card holder का नाम भी, एक chip और hologram भी इस पर लगा होता है, जबकि panel के पिछले हिस्से में काले रंग की magnetic strip के ठीक नीचे signature space के बराबर में एक तीन digit का कोड लिखा होता है। यही आपका CVV Number कहलाता है।

CVV Number Kya hai? कार्ड सत्यापन कोड CVV कैसे पता करें?

अब बात MasterCard की। इस कार्ड के पिछले हिस्से के panel में काले रंग की Magnetic strip के नीचे आपके debit card नंबर के पिछले चार digit के बाद तीन digit लिखे होते हैं, जो कि इसका CVV Number है। आपको अपने payment को complete करने के लिए इसी CVV Number को लिखना होता है।

CVV Number का ATM Pin से Link नहीं –

कई लोग CVV Number और atm pin को लेकर confuse हो जाते हैं। ये वह लोग होते हैं, जिन्हें CVV Number के बारे में जानकारी नहीं होती। वह समझते हैं कि debit card या credit card का चार digit का pin ही CVV Number है। जबकि हम आपको यह भी बता दें कि CVV Number का आपके atm pin से कोई लेना देना है ही नहीं। इस पिन का इस्तेमाल debit card के atm मशीन में उपयोग के दौरान account access करने के लिए किया जाता है।

Debit card हो या credit card, इसमें साफ साफ ही यह भी लिखा होता है कि बगैर signature के यह card valid नहीं हैं। इसके साथ ही magnetic strip के ऊपर भी यह साफ साफ लिखा गया है कि नेपाल और भूटान में foreign exchange के लिए इन्हें use नहीं किया जा सकता।

CVV Number के दो हिस्से होते हैं –

आपको बता दें कि CVV Number के दो हिस्से होते हैं। CVV1 और CVV2। पहले CVV1 की बात। इसका इस्तेमाल वर्तमान लेन देन के लिए किया जाता है। इससे पता चलता है कि card का उपयोग card holder ही कर रहा है। वहीं CVV2 का इस्तेमाल online मर्चेंट करते हैं। वह भी payment पूरा करने के लिए। उस स्थिति में, जबकि card holder physically उपस्थित नहीं होता। जैसे कि जिस वक्त call, email या internet के जरिये payment हो रहा होता है। आजकल ज्यादातर इसी तरह के payments होते हैं। इनमें ज्यादातर card holder भौतिक रूप से उपस्थित नहीं होता है।

क्या CVV Number को Access करना संभव है?

इस सवाल का सीधा सा जवाब है कि नहीं। इस CVV कोड को सामान्य स्थिति में access करना संभव नहीं है। हां, अगर आपका card चोरी हो जाए और आप इसे block नहीं कराते, तब तो निश्चित रूप से इसका दुरुपयोग संभव है। या फिर आप किसी और झांसे में आकर card की सारी details दें देते हैं, तो भी इसका गलत इस्तेमाल संभव है, अन्यथा और कोई सूरत इसके गलत इस्तेमाल या mis use की नहीं बनती।

यहां तक कि अगर debit card या credit card Issue करने वाली कंपनी पर cyber हमला भी हो जाए तो भी इस Code को access करना असंभव होता है। क्योंकि यह code उनके data base में show नहीं होता। आपके credit card की सारी जानकारी होने के बावजूद इस code की जानकारी के अभाव में वह आपका payment पूरा नहीं कर सकते। इसलिए यह कहना ज्यादा सही है कि card को access नहीं किया जा सकता।

कहां जाता है आपका data, आपकी card से जुड़ी details –

आपके mind में भी यह बात आ रही होगी कि जब भी आप आप या Credit card की detail save करते हैं तो उस detail का क्या होगा। हम आपको बता दें कि आपके data को secure saucet layer technique के जरिये digital certificate से सुरक्षित रखा जाता है।

क्या card का गलत इस्तेमाल हो सकता है?

जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि कोई भी इस code का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता। लेकिन ऐसा तभी तक है जब तक कि कार्ड आपकी custody में है। अगर कोई भी सीधे अगर कभी आपका card चुराकर कोई इसका duplicate बना दे यानी कि clone कर दे, जिसमें आपका magnetic strip भी मौजूद हो, ऐसी स्थिति में वह इसका CVV Number Access कर सकता है। और जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं, इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

लगातार बढ रहीं चोरी की घटनाएं –

कहीं debit card, credit card का सत्यापन करने के नाम पर तो कहीं बैंक अधिकारी बनकर card की सारी detail लेकर ठगी की घटनाएं लगातार बढ रही हैं। पुलिस इस तरह के मामलों को cyber cell में भेज देती है। लेकिन वहां से कोई बहुत आशाजनक प्रगति ज्यादातर केसों में देखने को नहीं मिलती। कभी स्टाफ की कमी का रोना रोया जाता है तो कभी  क्षेत्र का। ज्यादातर मामले अनसुलझे ही रह जाते हैं। ऐसा करीब करीब हर जगह का हाल है। मैनपावर और संसाधनों की कमी इस कदर है कि इस तरफ कोई ध्यान नहीं देता।

पुलिस और बैंक करते हैं ग्राहकों को जागरूक –

कई बार पुलिस जागरूकता कार्यशाला भी आयोजित करती है। इसमें तमाम cyber security विशेषज्ञ बुलाए जाते हैं। लेकिन इनमें सभी का जोर आम जनता को जागरूक करने पर रहता है। उनकी ओर से यही बताया जाता है कि वह अपनी debit और credit card से संबंधित जानकारी किसी को भी मुहैया न कराएं। अगर कोई फोन कर detail मांगे तो भी इस तरह की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।

यह अलग बात है कि बीते दिनों खुद पुलिस वाले भी इस तरह के गड़बड़झाले के खूब शिकार हुए हैं। तमाम  बैंक भी इस संबंध में कई बार अपने ग्राहकों को आगाह कर चुके हैं। इसके अलावा बैंकों की वेबसाइट पर भी इसे लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं। इन पर साफ साफ लिखा गया है कि उनकी ओर से कभी भी किसी भी customer को mobile number पर फोन करके उनके खाते या debit card और credit card से जुड़ी इस तरह की कोई जानकारी नहीं मांगी जाती। छोटे शहरों या गांवों में debit card और credit card से जुडी अपराध की घटनाएं सर्वाधिक घटती हैं। वह त्वरित भुगतान और लेन देन की सुविधा को देखते हुए card तो लेते हैं। लेकिन इनसे payment करने के वक्त क्या सावधानी बरती जाएं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं होती।

Cvv Number On Debit Card Sbi –

उनकी इसी अज्ञानता का अक्सर ठग लाभ उठाते हैं। तकरीबन हर पांचवे घर में ठगी से जुड़े ऐसे फोन जाते हैं। दरअसल, होता यह है कि लोग दूसरों  के साथ हुई घटनाओं से भी सीखने को कतई तैयार नहीं होते। जब वह ख़ुद फ्राड का शिकार हो जाते हैं या लुट जाते हैं तब कहीं जाकर उन्हें इस बात का अहसास होता है कि उनसे गडबड हो गई है। इस बाबत हर रोज कोई न कोई न्यूज जरूर रहती है। लेकिन लोग फिर भी जागरूक नहीं होते।

जरूरत इस बात है कि दूसरों की गलती से सीख ली जाए और खुद इस तरह की ठगी से और किसी भी तरह के झांसे में आने से बचा जाए। हम भी आपको इसके प्रति आगाह करना जरूरी समझते हैं, क्योंकि जानकारी ही बचाव है। आप भी अपने debit या credit card की details किसी से भी साझा करने से दूर रहें। चाहे संबंधित व्यक्ति आपका कितना भी भरोसे मंद क्यों न हो। धोखेबाजी, जालसाजी अक्सर भरोसे के भेष में ही छिपकर आती  है। किसी पर भी भरोसा आपको नुकसान पहुंचा सकता है। खास तौर पर मामला अगर पैसे से जुड़ा हो तब तो आपको और भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

तो दोस्तों यह थी CVV Number Kya hai? कार्ड सत्यापन कोड CVV कैसे पता करें? के बारे में जानकारी। यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। साथ ही यदि आपका किसी प्रकार का कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। हम जल्द ही आपके सवालों के जवाब देगें।। धन्यवाद ।।

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