सैंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट CTET क्या होता है? आवेदन, योग्यता, और तैयारी कैसे करें?

Central Teacher Eligibility Test CTET in Hindi – समाज में टीचर का पेशा सर्वाधिक सम्मान जनक माना जाता है। विशेषकर यदि छात्राओं की बात करें तो हर तीसरी छात्रा का सपना टीचर बनना होता है। पेेेशे से जुड़े सम्मान, अच्छी खासी छुट्टी, स्टूडेंट्स लाइफ से हमेशा जुड़े रहने जैसी अनेक वजह है कि टीचर भर्ती निकलती है तो टीचर बनने के लिए हर साल लाखों युवा आवेदन करते हैं। बीएड और टीचिंग डिप्लोमा करने वाले युवाओं की भरमार है। और यह तो आप जानते ही हैं कि हर साल लाखों युवा इसके बाद सीटीईटी और टीईटी क्लियर करने के लिए एग्जाम में बैठते हैं ताकि टीचर बनने की योग्यता हासिल कर अपना ख्वाब पूरा कर सकें। बच्चों को पढ़ा सके और उनका भविष्य बना सकें।

दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि यह सीटीईटी क्या है? क्या इसके लिए आवेदन किस तरह से किया जा सकता है? या आप इसके लिए तैयारी कैसे कर सकते हैं? अगर नहीं, तो भी कोई चिंता की बात नहीं post के जरिए हम आपको CTET से जुड़ी सारी जानकारी देने की कोशिश करेंगे। आइए, शुरू करते हैं-

सीटीईटी क्या है? CTET Full Form In Hindi-

सीटीईटी यानी CTET की फुल फॉर्म है सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट। इसे हिंदी में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा भी कहा जाता है यह केंद्र सरकार के विद्यालयों (केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय central Tibetan school) के साथ ही इनके नियंत्रण और केंद्र शासित प्रदेशों के इसके नियंत्रण वाले स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए योग्यता परीक्षा है।

कई ऐसे राज्य भी TET आयोजित नहीं करते CTET वालों को टीचर नियुक्त करते हैं। यह परीक्षा पास करने के पश्चात ही इनमें किसी भी विद्यालय में शिक्षक के रूप में आवेदन करने के योग्य अभ्यर्थी हो जाता है।

सीटीईटी का उद्देश्य क्या है?

दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं कि यह एक योग्यता परीक्षा है। स्कूलों को काबिल स्कूल शिक्षक मिल पाएं यह इस योग्यता परीक्षा का मुख्य उद्देश्य है इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के स्कूलों में शिक्षकों के आवश्यक मानक पूरे हो सकें यह भी इस परीक्षा का एक बड़ा उद्देश्य है। दरअसल, आरटीई यानी right to education के तहत सभी केंद्र और राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती की जाती है।

सैंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट CTET क्या होता है? आवेदन, योग्यता, और तैयारी कैसे करें?

जिसके तहत छात्र छात्राओं को पढ़ाने के लिए कक्षा एक से 8 तक national council of technical education यानी एनसीटीई ने न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है, जो कि राज्य के स्कूलों में पढ़ाने के लिए टीईटी और केंद्र के स्कूलों में पढ़ाने के लिए सीटीईटी के जरिए तय की जाती है। आपको यह भी बता दें कि जहां टीईटी के आयोजन की जिम्मेदारी स्टेट गवर्नमेंट के पास होती है वही सीटीईटी का आयोजन मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय यानी एमएचआरडी की जिम्मेदारी पर सीबीएसई करता है।

CTET के लिए आवेदन कैसे करें?

मित्रों, अब हम आपको बताएंगे कि आप इस परीक्षा के लिए आवेदन किस तरह से कर सकते हैं। आपको यह कदम उठाने होंगे-

  • सबसे पहले सीटीईटी की वेबसाइट www.ctet.nic.in पर log in करें।
  • इसके बाद आपके सामने website का main page खुल जाएगा।
  • इस page पर दिए गए link fill the form पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने फॉर्म की wind खुल जाएगी।
  • form में सभी मांगी गई जानकारी को भरें। जैसे नाम, पिता का नाम, मां का नाम, जन्म तिथि, शैक्षिक योग्यता आदि।
  • इस फार्म में आपको अपनी स्कैन्ड फोटो और हस्ताक्षर को भी अपलोड करना होगा। ध्यान रखें कि फोटो इमेज jpg/jpeg format में हो। 30 kb तक।
  • फार्म में आपको एक password भी भरना होगा। आपको बता दें कि यह वह 8 से लेकर 13 अंकों का होगा।
  • Form भरने के बाद एग्जाम फीस जमा करें। परीक्षार्थी ई चालान या ऑनलाइन मोड जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से अपनी फीस जमा कर सकते हैं ।
  • फार्म भरने के बाद एक रजिस्ट्रेशन और एक एप्लीकेशन नंबर जेनरेट हो जाएगा।
  • फीस जमा करने के बाद confirmation page का print out अपने पास रख लें। और साथ ही यह सावधानी भी बरतें कि अपना password किसी को न बताएं।

आवेदन शुल्क कितना है?

अब आपको CTET के आवेदन शुल्क के बारे में बताते हैं। अभी तक सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पेपर-1 या पेपर-2 के लिए 1000/- शुल्क निर्धारित है। अगर अभ्यर्थी दोनों पेपर देना चाहता है तो उसे बतौर शुल्क 1200/- चुकाने होंगे। वहीं SC/ST अभ्यर्थियों के लिए पेपर-1 या paper-2 देने के लिए 500 चुकाने होंगे, जबकि दोनों पेपर को 600/-। इस आवेदन शुल्क पर जीएसटी भी चार्ज किया जाएगा

परीक्षा का पैटर्न क्या है?

सीटीईटी क्या है, यह जानने के बाद अब हम आपको बताएंगे कि सीटीईटी का पैटर्न क्या है? सीटीईटी में दो पेपर होते हैं। पेपर-1 प्राइमरी स्टेज तक के टीचरों के लिए होता है, जबकि पेपर-2 एलीमेंट्री स्टेज के टीचर तक। अभ्यर्थियों के पास दोनों पेपर देने का भी विकल्प होता है। और ऐसे हजारों अभ्यर्थी होते हैं, जो इसी विकल्प का चुनाव करते हैं। दोस्तों, इस परीक्षा की अवधि ढाई घंटे निर्धारित की गई है। यानी दोनों पेपर के लिए पांच घंटे।

150-150 अंकों के होते हैं पेपर

पहले बात करते हैं पहले पेपर की। जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि यह पेपर प्राइमरी स्टेज के टीचरों के लिए होता है। यह प्रश्न पत्र 150 अंकों का होता है। इसमें 150 ही प्रश्न पूछे जाते हैं। यानी हर प्रश्र एक अंक का होता है। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं। यानी एक सवाल के चार जवाब यानी विकल्प दिए होते हैं। इनमें से सिर्फ एक ही सही जवाब होता है। किस विषय के कितने प्रश्न आते हैं, उसकी जानकारी इस प्रकार से है-

  • 1- Child development and pedagogy 30 प्रश्न
  • 2- language-1 30 प्रश्न
  • 3- language-2 30 प्रश्न
  • 4-mathematics 30 प्रश्न
  • 5- environmental studies 30 प्रश्न

दोस्तों, अब बात करें एलीमेंट्री स्टेज के पेपर की। कक्षा आठवीं तक को पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को यह पेपर देना होगा। इसमें भी 150 ही सवाल आते हैं और यह भी 150 ही अंकों का होता है। इनकी details इस तरह है-

  • 1- Child development and pedagogy 30 प्रश्न
  • 2- language-1 30 प्रश्न
  • 3- language-2 30 प्रश्न
  • 4-maths and science 60 प्रश्न Or Social studies and social science 60 प्रश्न

हिंदी या English भाषा में हल कर सकते हैं Paper

मित्रों, आपको बता दें कि पेपर हिंदी या english में से किसी भी भाषा में हल किया जा सकता है child development and padagogy और Language के दोनों मिलाकर कुल तीनों पेपर compulsory हैं। Child development के पेपर के जरिए अभ्यर्थियों की 6 से 11 साल तक के बच्चों के मनोविज्ञान की जानकारी का परीक्षण किया जाता है। मैथ्स में बेसिक कैलकुलेटिव skills जांची जाती हैं। environmental studies में जो प्रश्न आते हैं, वह NCERT के निर्धारित सिलेबस से जुड़े होते हैं।

Language के Paper को कर सकते हैं 17 भाषाओं से चुनाव

दोस्तों, आपको बता दें कि language-1 और language-2 के पेपर के लिए आप 17 भाषाओं में से किसी भी भाषा का चयन कर सकते हैं। यह 15 भाषाएं इस प्रकार हैं-

इंग्लिश, हिंदी, असमिया, बंगाली, गारो, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगू, उर्दू

Qualify करने के लिए 60 फीसदी अंक जरूरी

CTET qualify करने के लिए इस परीक्षा में 60 फीसदी अंक लाना आवश्यक है। हम आपको यह भी बता दें कि कई सारे अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जो कि qualifying marks हासिल नहीं कर पाते। ऐसे में अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के लिए भी परीक्षार्थी कई बार इस परीक्षा में बैठते हैं।

CTET कितने सालों के लिए मान्य है?

यदि आप CTET qualify कर लेते हैं तो परीक्षा का certificate सात साल के लिए मान्य है। यानी कि इस certificate के आधार पर टीचर भर्ती के लिए आप सात साल तक योग्य होंगे। दोस्तों, आपको यह भी बता दें कि आप CTET के लिए कितने भी अर्थात जितने चाहें, उतने प्रयास कर सकते हैं।

क्या CTET परीक्षा Reassessment, Rechecking करा सकतें हैं?

साथियों, इस परीक्षा को देने के बाद किसी भी तरह का रिएसेसमेंट, रिचेकिंग आदि नहीं कराया जा सकता। लेकिन हां, यह जरूर है कि अगर आप अपने आवेदन में कोई गलत जानकारी देते हैं तो आपके रिजल्ट को कैंसिल किया जा सकता है। आपके प्रमाण पत्र को जब्त किया जा सकता है। और बहुत से ऐसे भी मामले हैं, जिनमें आपको कानूनी रूप से सजा भी मिल सकती है।

क्या CTET में Negative Marking होती है?

आपको इस परीक्षा से जुड़ी एक और अहम जानकारी देते हैं और वो ये कि CTET में negative marking नहीं होती। इसका मतलब यह है कि गलत जवाब देने पर भी आपका कोई अंक नहीं कटने जा रहा। ऐसे में आप सारे questions हल कर सकते हैं। चाहे आपको उसका जवाब ठीक से न भी आता हो।

CTET में आवेदन करने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

प्राइमरी के लिए-

प्राइमरी स्टेज पर टीचर बनने के लिए आप कक्षा 1 से 5 तक के लिए निर्धारित paper-1 दे सकते हैं। इस परीक्षा में 50 फीसदी अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी पास और दो साल का डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन वाले अभ्यर्थी बैठ सकते हैं। इसके अलावा 50 फीसदी अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी और 4 साल का की बैचलर्स इन एलीमेंट्री एजुकेशन डिग्री हासिल अभ्यर्थी यह परीक्षा दे सकता है।

यदि किसी ने ग्रेजुएशन के साथ डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन किया है तो वह भी इस परीक्षा में शामिल हो सकता है। इसके अलावा 50 फीसदी अंक के साथ ग्रेजुएशन और बीएड करने वाला अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में बैठ सकता है। शर्त यह है कि उसे नियुक्ति के बाद NCTE का छह माह का ब्रिज कोर्स भी करना होगा।

एलीमेंट्री के लिए-

एलीमेंट्री स्टेज यानी 8वीं तक का शिक्षक बनने के लिए आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी को ग्रेजुएशन के साथ ही एलीमेंट्री एजुकेशन में डिप्लोमा हासिल होना चाहिए। 50 फीसदी अंक के साथ ग्रेजुएशन संग एक वर्षीय B.Ed करने वाला भी यह परीक्षा दे सकता है।

50 प्रतिशत अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी और 4 वर्षीय बीएलएड करने वाले इस परीक्षा में बैठ सकते हैं तो वहीं 50 फीसदी अंकों के साथ 4 वर्षीय बीए/बीएससी एजुकेशन करने वाले भी यह परीक्षा दे सकते हैं। आपको यह भी बता दें कि आरक्षित वर्ग यानी SC/ST, OBC आदि के लिए परीक्षा के लिए आवेदन में educational marks में 5% की छूट दी गई है।

CTET के लिए तैयारी कैसे करें?

दोस्तों, अब हम आपको CTET परीक्षा की तैयारी के टिप्स देंगे। आपको यह बताएंगे कि आप कम समय में अच्छी तैयारी कैसे कर सकते हैं। यह tips इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले आपको करीब पांच साल पुराने पेपर लेकर सॉल्व करने होंगे और उनका analysis करके यह देखना होगा कि किस विषय से संबंधित कैसे प्रश्न पूछे गए हैं।
  • जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि इस परीक्षा में ज्यादातर questions एनसीईआरटी के सिलेबस से आते हैं तो इसके लिए आप एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ें।
  • एनसीईआरटी की किताबों की pdf आपको इसकी वेबसाइट ncert.nic.in से हासिल हो सकती है।
  • सबसे अच्छी बात जो इस परीक्षा के साथ है वो ये कि इस परीक्षा में negative marking नहीं है। लिहाजा, आप जितना भी पेपर कवर करेंगे आपको फायदा होगा।
  • अपना time table तैयार करें। सबसे ज्यादा समय उस विषय को दें, जिसमें आपको तैयारी की जरूरत ज्यादा है।
  • लिखित में यानी रोज लिख लिखकर practice करेंगे तो आपको फायदा होगा, क्योंकि इससे आपको पेपर को निर्धारित समय यानी ढाई घंटे के अंदर समाप्त करने का अभ्यास हो जाएगा।

अंतिम शब्द…

मित्रों, ढेर सारे लोगों को यह गलतफहमी भी होती है कि अगर वह CTET qualify कर लेंगे तो उन्हें टीचर के रूप में नियुक्ति मिल जाएगी। तो आपको या क्लियर कर दें कि इस परीक्षा को क्वालीफाई करना इस बात का गारंटी पत्र नहीं है कि आप को नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। समझ लीजिए कि यह टीचर के रूप में आवेदन करने की योग्यता मात्र है।

तो साथियों, यह थी CTET के बारे में पूरी जानकारी। यह परीक्षा आने वाले जुलाई माह में होनी प्रस्तावित है, लेकिन कोरोना वायरस। के प्रकोप को देखते हुए जो स्थितियां है, उसमें परीक्षा को लेकर अभी संदेह बना हुआ है। इसके बावजूद आप तैयारी में कमी न करें। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

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