कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने? | शैक्षिक योग्यता, कोर्स, आयु सीमा व सैलरी | Computer operator kaise bane

|| कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने? | Computer operator kaise bane | Computer operator ke prakar | Computer operator age limit | Computer ka course karna | कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आयु सीमा

Computer operator kaise bane: – जब से इंटरनेट का दौर आया है तब से हमें प्रतिदिन ही नयी नयी चीजे देखने को मिलती है। अब इंटरनेट आया तो उसे चलाने के लिए किसी सिस्टम की जरुरत होती है तो उस सिस्टम में प्रमुख है कंप्यूटर। मोबाइल तो केवल (Computer operator kaise bante hain) व्यक्तिगत सुविधाओं के लिए होता है लेकिन यदि ऑनलाइन काम की बात आये तो उसमे कंप्यूटर या लैपटॉप इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि दुनिया में करोड़ो कंप्यूटर बन चुके हैं और लगातार बन भी रहे हैं।

अब इतने ज्यादा कंप्यूटर है तो उन्हें ऑपरेट अर्थात हैंडल करने के लिए भी तो कोई व्यक्ति चाहिए होगा। तो ऐसे व्यक्ति को कंप्यूटर ऑपरेटर कहा जाता है जो कंप्यूटर को संभालने या ऑपरेट करने का (Computer operator kaise ban sakte hain) काम करता है। अब आप कंप्यूटर ऑपरेटर को सॉफ्टवेर इंजिनियर समझने की भूल ना करे और ना ही उसके जैसी कोई फील्ड माने। दरअसल बहुत से लोग सॉफ्टवेर इंजिनियर को कंप्यूटर ऑपरेटर समझ लेते हैं और अपने घर दुकान के कंप्यूटर में कोई दिक्कत आने पर उसे ठीक करने को कहते हैं।

ऐसे में वह सॉफ्टवेर इंजिनियर जब यह बोलता है कि उसे यह काम नही करना आता है तो उसके रिश्तेदार, परिवार वाले या मित्र बोल देते हैं कि (Computer operator kaise kiya jata hai) तुम पढ़ क्या रहे हो फिर। अब सॉफ्टवेर इंजिनियर का यह काम ही नही होता है, वह तो कोडिंग की भाषाओँ में काम करता है जिसका कंप्यूटर को ऑपरेट करने से कोई सबंध नही होता है। इसके बारे में हम आपको नीचे विस्तार से बतायेंगे भी।

तो अब यदि आपको कंप्यूटर ऑपरेटर के बारे में और उसके काम के बारे में थोड़ा बहुत आईडिया हो चुका है और आप इसके बारे में विस्तार से जानने को इच्छुक हैं तो इस लेख के माध्यम से (Computer operator kaise karte hain) हम आपके साथ इसी विषय पर ही चर्चा करने वाले हैं। उक्त लेख को पढ़कर आप यह जान पाएंगे कि किस प्रक्रिया के माध्यम से आप भी कंप्यूटर ऑपरेटर बन सकते हैं।

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कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है? (Computer operator kon hota hai)

इसके बारे में ऊपर आपने थोड़ा बहुत जान तो लिया लेकिन फिर भी आपको कंप्यूटर ऑपरेटर की पूरी परिभाषा जान लेनी चाहिए ताकि आपको कंप्यूटर ऑपरेटर के बारे में सही से जानकारी हो सके। तो आपको क्या लगता है कि कंप्यूटर पर केवल मनोरंजन या कोडिंग से जुड़ा हुआ ही काम होता है? यदि आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप गलत है। दरअसल कंप्यूटर पर डाटा एंट्री, चीज़ों को मैनेज करना, रिपोर्ट्स बनाना, इत्यादि कई तरह के काम होते हैं।

अब यदि कोई सेल्स का काम हो रहा है तो वहां सेल्स मैनेजर काम करेंगे लेकिन उसके द्वारा कंप्यूटर पर उनकी एंट्री इत्यादि का काम नहीं किया जाएगा। उसके लिए उस कंपनी को किसी कंप्यूटर ऑपरेटर को हायर करना होगा जो उनके लिए इन सेल्स की एंट्री करने का काम करेगा। इसी के साथ (who is a Computer operator in Hindi) यदि सिस्टम में किसी तरह की तकनीकी खराबी आती है फिर चाहे वह हार्डवेयर की हो या सॉफ्टवेर की तो उसके लिए भी कंप्यूटर ऑपरेटर की जरुरत होती है।

तो एक तरह से जो भी काम कंप्यूटर पर सामान्य रूप से किया जाता है फिर चाहे वह हार्डवेयर का हो या सॉफ्टवेर का, तकनीकी समस्या को ठीक करना हो या डाटा एंट्री का काम, यह सब कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा ही किया जाता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने शैक्षिक योग्यता, कोर्स, आयु सीमा व सैलरी Computer operator kaise bane

कंप्यूटर ऑपरेटर के प्रकार (Computer operator types in Hindi)

अब जब आप कंप्यूटर ऑपरेटर की परिभाषा के बारे में जान चुके हैं तो अब बारी है कंप्यूटर ऑपरेटर के प्रकारों के बारे में जानने की। कंप्यूटर ऑपरेटर को उनके काम के (Computer operator ke prakar) अनुसार दो भागो में बांटा जा सकता है जो उनकी पहचान भी होता है। इसमें एक को समस्या सुलझानी होती है तो दूसरे को कंप्यूटर पर सामान्य काम करना होता है। दोनों के ही काम में बहुत अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में आइए जाने कंप्यूटर ऑपरेटर के दोनों प्रकारों के बारे में।

तकनीकी समस्या दूर करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर

अब यदि आप किसी कंपनी में कोई काम करते हो या कभी गए हो या आपके पास कंप्यूटर या लैपटॉप है तो वह कभी ख़राब भी होता होगा। अब यह खराबी दो तरह की हो सकती है। एक होती है हार्डवेयर की तो दूसरी सॉफ्टवेर की। तो उस खराबी को हो जाने के बाद आप उसे किसके पास लेकर जाते हैं? आपका उत्तर होगा किसी कंप्यूटर की दुकान पर जहाँ इसे ठीक करने का काम किया जाता है।

तो वहां पर जो भी व्यक्ति आपके कंप्यूटर को ठीक करता है उसे ही कंप्यूटर ऑपरेटर कहा जाता है। अब वह चाहे आपके कंप्यूटर को खोलकर उसकी हार्डवेयर समस्या को सुलझाये या फिर उसके अंदर कोई सॉफ्टवेर या टेक्निकल एरर है, उसे दूर करे। तो इस तरह से कंप्यूटर को ठीक करने वाले व्यक्ति को कंप्यूटर ऑपरेटर का एक प्रकार माना जाता है।

कंप्यूटर पर सामान्य काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर

कंप्यूटर ऑपरेटर में केवल वही लोग नहीं आते हैं जो इसे ठीक करने का काम करते हैं। इसके अंतर्गत ऐसे लोग भी आते हैं जो कंप्यूटर पर सामान्य काम करते हैं। अब इस तरह के काम में डाटा एंट्री का काम प्रमुख होता है। हालाँकि यह डाटा एंट्री का काम कई तरह का हो सकता है जो अलग अलग कंपनी के हिसाब से अलग अलग होता है।

तो इसमें किसी सेल्स की एंट्री करना, सोशल मीडिया का डाटा निकालना, रिपोर्ट्स बनाना, प्रेजेंटेशन बनाना, मीटिंग होस्ट करना, लिंक्स को शोर्ट करना इत्यादि कंप्यूटर पर किये जा सकने वाले सभी सामान्य काम हो गए। तो इन कामो को करने वाले को भी कंप्यूटर ऑपरेटर कहा जाता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए योग्यता (Computer operator eligibility in Hindi)

तो अब बात करते हैं कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए जरुरी स्किल्स की जिनका आपके अंदर होना जरुरी है। अब हर कोई कंप्यूटर ऑपरेटर इसलिए नही बन पाता है क्योंकि उसके अंदर इन स्किल्स का अभाव होता है। तो यदि आप आगे चलकर एक सफल कंप्यूटर ऑपरेटर बनना चाहते हैं तो आपका नीचे दी गयी स्किल्स पर ध्यान देना जरुरी है। तभी आगे चलकर आप एक सफल कंप्यूटर ऑपरेटर बन सकते हैं।

  • इसके लिए आपके अंदर कंप्यूटर की अच्छी समझ होनी चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि कंप्यूटर के किस पार्ट का क्या काम होता है और कौन सा पार्ट किस तरीके से काम करता है। अब कंप्यूटर का एक पार्ट तो होता नहीं है, इसके कई पार्ट्स होते हैं। तो आपको एक एक पार्ट के बारे में बारीकी से जानकारी होनी चाहिए।
  • आपको कंप्यूटर के केवल बाहरी पार्ट्स की ही नही अपितु अंदरूनी पार्ट्स की भी पूरी पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसमें कंप्यूटर के अंदर कौन कौन से आवश्यक सॉफ्टवेर होते हैं और उनका क्या काम होता है, इसके बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।
  • आप प्रॉब्लम सॉल्वर होने चाहिए। कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि आपके सामने कोई भी समस्या आये तो आपको उस समस्या का हल सुलझाने में महारत हासिल होनी चाहिए। अब किसी समस्या का किस तरीके से हल निकल सकता है, इसके बारे में आपको पता होना चाहिए।
  • आपको इंटरनेट की भी अच्छी समझ होनी चाहिए और इसका किस तरीके से बेहतर इस्तेमाल किया जाता है, इसके बारे में पता होना चाहिए। कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए इंटरनेट की अच्छी समझ होना बहुत ही जरुरी होता है।
  • कंप्यूटर का सामान्य काम किस तरीके से किया जा सकता है या उसके लिए कौन कौन से टूल्स, वेबसाइट, सॉफ्टवेर कामगार हो सकते हैं, उनके नाम पता होने चाहिए।

तो यह सब चीज़े कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए जरुरी मानी जाती है। हालाँकि इनके अलावा भी कई ऐसी चीज़े हो सकती हैं, जो कंप्यूटर ऑपरेटर बनने की दिशा में आपको आगे ले जा सकती हैं।

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आयु सीमा (Computer operator age limit)

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपका एक निश्चित आयु का भी होना जरुरी होता है। अब यदि आपकी आयु उससे कम है तो फिर आप कंप्यूटर ऑपरेटर का काम नहीं कर सकते हैं। तो कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपकी आयु कम से कम 18 वर्ष की होनी जरुरी होती है। अब यदि आप 18 वर्ष से कम उम्र के हैं तो आप कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नौकरी नहीं कर सकते हैं।

कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने? (Computer operator kaise bane)

तो अब बात करते हैं कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के बारे में। अभी तक आपने कंप्यूटर ऑपरेटर की परिभाषा जान ली और उसके लिए क्या क्या स्किल्स चाहिए, इसके बारे में जान लिया किंतु यदि आपके अंदर वह स्किल्स नही है तो भी आपको चिंता करने की जरुरत नही। वह इसलिए क्योंकि आप इसके बारे में ट्रेनिंग लेकर या किसी इंस्टिट्यूट से जुड़कर सीख भी सकते हैं। तो आज हम आपको इसी के बारे में ही बतायेंगे जो आपके लिए कंप्यूटर ऑपरेटर बनने में सहायक होगी।

तो ऐसे में नीचे दिए गए सभी पॉइंट्स को ध्यान (Computer operator kaise bane in Hindi) से पढ़े और सब चीजों को करे। इन्हें करके आप जल्द से जल्द कंप्यूटर ऑपरेटर बन जाएंगे और उसके तहत नौकरी भी करने लगेंगे।

अपनी दसवीं या बारहवीं तक की पढ़ाई पूरे करे

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपका कम से कम 10 वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ होना जरुरी होता है। साथ ही उसमे अच्छे अंक भी लाने होते हैं। तो यदि आपने 10 वीं तक की पढ़ाई नहीं की हुई है तो कोई भी आपको कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नौकरी पर नही रखेगा। तो सबसे पहले तो आप अपनी दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई को किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से पूरी करे और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया के लिए बढ़े।

अब जब आप दसवीं तक की पढ़ाई को पूरी कर लेते हैं तो आगे पढ़ाई रोके नही बल्कि 11 वीं कक्षा में भी प्रवेश ले। हालाँकि कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए यह जरुरी नही कि आप किसी स्पेसिफिक क्षेत्र में ही 11 वीं और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई करे। आप इसके लिए नॉन मेडिकल, मेडिकल, कॉमर्स या आर्ट्स में से किसी भी क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं।

अब आप पूछेंगे कि जब 10 वीं तक की पढ़ाई करने पर ही कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी मिल जा रही हैं तो फिर 12 वीं तक पढ़ाई करने की क्या ही जरुरत। तो यहाँ हम आपको बता दे कि यदि आपको किसी अच्छी कंपनी में अच्छे पद या सैलरी पर कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी चाहिए तो उनके द्वारा बारहवीं तक की पढ़ाई किये हुए छात्रों को ज्यादा महत्ता दी जाती है।

कंप्यूटर का कोर्स करे (Computer ka course karna)

आपको अपने शहर में कई ऐसे इंस्टीट्यूट मिल जाएंगे जहाँ पर कंप्यूटर का कोर्स करवाया जाता होगा। इस तरह के कोर्स में कंप्यूटर के बारे में सामान्य जानकारी देने के साथ साथ उसका किस किस तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, इसके बारे में सिखाया जाता है। तो यदि आप कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर उसका सामान्य काम करना चाहते हैं जैसे कि डाटा एंट्री या ऐसा ही कुछ काम तो फिर आप यह कोर्स अवश्य करे।

इसमें आपको कई सारी जानकारी जानने को मिलेगी। साथ ही आप यह भी जान पाएंगे कि इसमें किस किस तरह की जॉब लग सकती हैं या किस किस तरह के काम आप कर सकते हैं। तो आप अपने शहर के किसी भी मान्यता प्राप्त या अच्छे इंस्टिट्यूट से जुड़कर इस कोर्स को करे। इसे करने में 3 से 6 महीने का समय लगता है और खर्चा 10 से 20 हज़ार रुपए का आता है।

टाइपिंग का भी करे कोर्स (Typing ka course karna)

कंप्यूटर ऑपरेटर बनना है तो उसके लिए आपकी टाइपिंग स्पीड भी अच्छी होनी चाहिए। कहने का मतलब यह हुआ कि कोई भी कंपनी अपने यहाँ किसी ऐसे कंप्यूटर ऑपरेटर को नौकरी नही देगी जिसकी टाइपिंग स्पीड स्लो हो। इसके लिए बाकायदा उनके द्वारा कैंडिडेट का टाइपिंग टेस्ट भी लिया जाता है। इसमें केवल आपकी स्पीड ही नहीं आंकी जाती बल्कि आप उसमे कितनी गलतियाँ करते है या आपके लिखे शब्द सही है या नही, यह देखा जाता है।

तो आपको अपने शहर में टाइपिंग का कोर्स करवाने वाले भी कई तरह के इंस्टिट्यूट मिल जाएंगे। इनमे से आप किसी से भी जुड़ सकते हैं और वहां अपनी टाइपिंग स्पीड को तेज करने का काम कर सकते हैं। यह भी आपको जल्द से जल्द कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर नौकरी दिलवाने में मदद करेगा।

कंप्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स के बारे में जानना (Computer hardware parts information in Hindi)

अब यदि आपको कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में हार्डवेयर पार्ट्स को ठीक करने की नौकरी करनी है तो उसके लिए कंप्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स के बारे में जानकारी लेना और उन्हें ठीक करने की ट्रेनिंग लेना जरुरी होता है। तो यह आपको केवल घर बैठे ही नही आ सकती है। इसके लिए भी कई तरह के कोर्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करवाए जाते हैं।

तो आप पता लगाए कि यह कहां और कैसे आयोजित करवाए जा रहे हैं और इनमे आपको क्या कुछ सिखाया जाएगा। इसके बारे में जानकर आप वहां पर अपना पंजीकरण करवाए और कंप्यूटर हार्डवेयर के बारे में सब जानकरी प्राप्त करे। साथ ही प्रैक्टिकल करना भी सीखे ताकि जब काम करने की बारी आये, तब आप आसानी से यह काम कर सके।

टैली, एकाउंट्स इत्यादि टूल्स के बारे में सीखे

डाटा एंट्री या बहीखाते के काम के लिए टैली सॉफ्टवेर के बारे में जानकारी ले ली जाई तो यह बहुत ही लाभदायक होती है। पहले दुकानों के बहीखाते से जुड़ा काम ऑफलाइन अर्थात पुस्तकों पर ही होता था लेकिन आज के समय में हर दुकानदार इसके लिए अपने यहाँ कंप्यूटर ऑपरेटर को नौकरी पर रखता है जो उनके लिए इसकी ऑनलाइन एंट्री करता है। यह काम टैली सॉफ्टवेर या उसके जैसे सॉफ्टवेर की सहायता से किया जाता है।

ऐसे में यदि आप टैली सॉफ्टवेर के बारे में अच्छे से जानकारी ले लेंगे और इसकी पूरी ट्रेनिंग ले लेंगे तो उनके द्वारा आपको तुरंत नौकरी पर रख लिया जाएगा। तो कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नौकरी करने और अच्छा वेतन पाने के लिए टैली सॉफ्टवेर की ट्रेनिंग भी अवश्य ले ले।

कंप्यूटर ऑपरेटर के काम (Computer operator work in Hindi)

तो अब जब आप कंप्यूटर ऑपरेटर बन जाएंगे तो आप उसमे क्या क्या काम कर सकते हैं, यह भी जानना जरुरी हो जाता है। वह इसलिए क्योंकि फिर आपको दैनिक रूप से वही काम करना होगा और यह आपकी नौकरी लगवाने में भी सहायता करेगा। अब जब आपको यही नही (Computer operator ka kam) पता होगा कि आप कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में क्या क्या काम कर सकते हैं तो फिर आप सही जगह पर नौकरी के लिए भी कैसे आवेदन कर पाएंगे। तो कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में आपके काम ये हैं:

  • आप किसी ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी कर सकते हैं। वहां आपका काम सिस्टम में आ रही तकनीकी खराबी को दूर करना होगा। यदि कोई कर्मचारी अपने सिस्टम में सॉफ्टवेर या हार्डवेयर की कोई समस्या का सामना कर रहा हैं तो उसे आपको दूर करना होगा।
  • आप कंप्यूटर की किसी हार्डवेयर शॉप पर भी काम कर सकते हैं। वहां पर लोग अपने ख़राब सिस्टम को लेकर आते हैं और उन्हें ठीक करवाने के लिए देकर जाते हैं। तो आप वहां पर उन्हें रिपेयर करने का काम कर सकते हैं।
  • बहुत सी दुकाने अपने दुकान का हिसाब किताब रखने के लिए भी कंप्यूटर ऑपरेटर को काम पर रखते हैं। तो आप कई दुकानों के लिए यह काम ले सकते हैं और उनके बताये अनुसार यह काम कर सकते हैं।
  • आज के समय में ऑनलाइन बहुत जगहों से डाटा एंट्री का काम भी मिल रहा है। यह काम देश सहित विदेश की कंपनियां भी दे रही है। इसके लिए उन्हें फ़ास्ट टाइपिंग वाला ऐसा व्यक्ति चाहिए होता है जो बिना गलती के अपना काम करे तो आप वह काम भी पकड़ सकते हैं।
  • इन सभी के अलावा भी आपको कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कई अन्य तरह के काम मिल जाएंगे जो आपको उसके लिए काम ढूंढने पर पता चल जाएंगे।

तो इस तरह एक कंप्यूटर ऑपरेटर के पास काम की कभी कमी नही रहती है। जरुरत है तो बस सही जगह पर काम लगने की। साथ ही आप एक साथ कई जगह काम पर लग सकते हैं और कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।

कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी कैसे पाए? (Computer operator ki naukri kaise kare)

अब बात करते है कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी पाने की। तो ऊपर का कंटेंट पढ़कर आपको यह तो समझ में आ गया है कि कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में आप क्या क्या और कहां पर काम कर सकते हैं तो आपको यह भी पता चल गया होगा कि आपको कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लेने के लिए कहां कहां जाना (Computer operator jobs in Hindi) होगा। तो बस आप उन उन जगह पर जाकर अपना रिज्यूमे दे फिर चाहे वह दुकान हो या कंपनी या ऑनलाइन।

आपको हर जगह कोशिश करनी चाहिए क्योंकि आपको बेहतर जगह से काम करने का मौका कही से भी मिल सकता है। फिर जहाँ से भी आपको काम करने का मौका मिले, बस आप वहां का काम पकड़ ले और कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नौकरी करना शुरू कर दे।

कंप्यूटर ऑपरेटर की सैलरी कितनी होती है? (Computer operator ki salary)

एक कंप्यूटर ऑपरेटर की सैलरी कम से कम 15 हज़ार होती है तो वही अधिकतम सैलरी की कोई सीमा नही है। सामान्य तौर पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर महीने का 20 से 30 हज़ार रुपए शुरूआती तौर पर कमाने लग जाता है। वही यदि कोई अनुभवी कंप्यूटर ऑपरेटर है तो उसकी महीने की सैलरी 40 से 60 हज़ार रुपए के बीच में होती है। तो एक कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में भी आप अच्छा खासा पैसा कमाना शुरू कर सकते हैं।

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कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने – Related FAQs

प्रश्न: कंप्यूटर ऑपरेटर कोर्स कितने साल का होता है?

उत्तर: कंप्यूटर ऑपरेटर कोर्स ज्यादा से ज्यादा एक साल का होता है।

प्रश्न: डाटा एंट्री ऑपरेटर की सैलरी कितनी होती है?

उत्तर: डाटा एंट्री ऑपरेटर की सैलरी 20 से 30 हज़ार रुपए प्रति महीना होती है।

प्रश्न: 12वीं के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने?

उत्तर: 12वीं के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर बनने की पूरी प्रक्रिया हमने इस लेख के माध्यम से आपको बताई है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।

प्रश्न: कंप्यूटर ऑपरेटर कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर: कंप्यूटर ऑपरेटर दो प्रकार के होते हैं जिनमे एक को सॉफ्टवेर या हार्डवेयर की समस्या सुलझानी होती है तो दूसरे को कंप्यूटर का सामान्य काम करना होता है।

तो इस तरह से आज के इस लेख के माध्यम से आपने जान लिया कि कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है, उसके क्या क्या काम होते है, उसके लिए आपके अंदर किन स्किल्स का होना जरुरी है और कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपको क्या कुछ करना होगा।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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