एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कैसे कैरे? MP Jansunwai Complaint Registration

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देश में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो अपनी दिक्कतों, परेशानियों, तकलीफों, मसलों पर सुनवाई के लिए हर रोज मंत्रियों, अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटते हैं या फिर सरकारी विभागों में एड़ियां घिसते हैं। किसी को पेयजल कनेक्शन की समस्या है तो किसी के यहां बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है कुछ इसलिए परेशान हैं कि दबंगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। या फिर किसी को कोई और शिकायत है।

सभी लोगों के पास शिकायतों का पुलिंदा है पर उनके सामने दिक्कत तब खड़ी होती है, जब सरकारी क्षेत्र अधिकारी या कर्मचारी या पुलिस-प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता। ऐसे ही लोगों की मदद के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उसने एमपी जन सुनवाई योजना-2020 लागू की है। इसी योजना के तहत एमपी जनसुनवाई पोर्टल का शुभारंभ किया गया है।

दोस्तों, आज हम इस पोस्ट में आपको इसी पोर्टल के बारे में जानकारी देंगे। जैसे कि यह योजना क्या है? इसका उद्देश्य क्या है? इससे लोगों को किस तरह से मदद मिलेगी? और यदि आप इस पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत या आवेदन दर्ज कराना चाहते हैं तो कैसे करा सकते हैं? आइए शुरू करते हैं-

एमपी जनसुनवाई योजना क्या है? What is MP Jansunwai Portal?

जनसुनवाई पोर्टल जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, लोगों की दिक्कत की सुनवाई के लिए तैयार किया गया है। इसका शुभारंभ एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने किया है। इस पोर्टल को लांच करने का उद्देश्य लोगो को उनकी परेशनियो से निजात दिलाने के लिए की गई है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के नागरिक अपने ऊपर हो रहे किसी भी तरह के अत्याचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और शिकायत कैसे कैरे?

यदि इसके अलावा भी उन्हें कोई अन्य कोई समस्या है तो वह बगैर परेशान हुए अपनी शिकायत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ऑनलाइन माध्यम से पंहुचा सकते हैं। उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी। उन्हें न्याय की प्राप्ति होगी। दोस्तों, इस योजना का एक उद्देश्य राज्य यानी एमपी में भ्रष्टाचार को कम करना भी है।

योजना का नामएमपी जनसुनवाई पोर्टल
किसके द्वारा शुरू किया गया मुख्यमंत्री शिवराज चौहान जी के द्वारा
लाभार्थीराज्य के लोग
उद्देश्यनागरिकों की समस्याओं का निस्तारण
ऑफिसियल वेबसाइटhttp://dic.mp.nic.in/panna/appmonitor/#

एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत/आवेदन की प्रक्रिया – Complaint procedure on MP Jansunwai Portal

एमपी जनसुनवाई पोर्टल एमपी सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। आपको बता दें कि इस कदम के जरिए न्याय पाने के लिए लोगों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करानी पड़ेगी। चिंता करने की आवश्यकता नहीं। यह एक बेहद आसान प्रक्रिया है। अब हम आपको इस प्रक्रिया के बारे में बताएंगे यानी आपको बताएंगे कि आप पोर्टल पर अपनी शिकायत या आवेदन किस तरह से दर्ज करा सकते हैं। आपको यह कदम उठाने होंगे-

एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत/आवेदन की प्रक्रिया - Complaint procedure on MP Jansunwai Portal

  • official website पर जाने के बाद आपके सामने साइट का होम पेज खुल जायेगा।
  • इस होम पेज पर आपको “ऑनलाइन आवेदन /शिकायत दर्ज करे” का option दिखाई देगा।
  • आपको और कुछ नहीं करना बस इ स option पर क्लिक करना होगा। ऐसा करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जाएगा।
  • इस पेज पर आपको एक application form दिखाई देगा। इस application form में आपको पूछी गई सभी जानकारी जैसे-आवेदक का नाम, आवेदक का मोबाइल नंबर, आवेदक के जिला समेत अन्य ब्योरा, आवेदक की शिकायत और आवेदन संबंधी विवरण भरे।

एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत/आवेदन की प्रक्रिया - Complaint procedure on MP Jansunwai Portal

  • यह सभी जानकरी भरने के बाद आपको submit के बटन कर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार जनसुनवाई पोर्टल पर आपका आवेदन संपूर्ण हो जाएगा यानी कि आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी।

यह बी जानें –

एमपी जनसुनवाई पोर्टल शिकायत की स्थिति कैसे देखें? How to Check MP Jansunwai Portal complaint status?

हमने आपको बताया कि आप अपनी शिकायत या आवेदन किस तरह से कर सकते हैं। एक बार शिकायत करने के बाद मन में यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर हमारी शिकायत पर कार्रवाई क्या हुई? या आवेदन की स्थिति क्या है? तो यह भी आप बड़ी आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको यह एक बेहद आसान सी प्रक्रिया फॉलो करनी होगी-

  • सबसे पहले आवेदक को एमपी जनसुनवाई योजना की official website http://dic.mp.nic.in/panna/appmonitor/# पर जाना होगा। इसका address हम आपको ऊपर बता चुके हैं।
  • official website पर जाने के बाद आपके सामने साइट का होम पेज खुल जायेगा।
  • इस होम पेज पर आपको नीचे ‘आवेदन की स्थिति जानने के लिए चुनें’ का option दिखाई देगा।
  • आपको उसके नीचे पूछी सभी जानकारी मसलन आवेदक का जिला, आवेदन कहा दिया, applied ID आदि को भरना होगा।
  • यह सभी जानकारी भरने के बाद आपको submit के बटन पर click करना होगा। इतना करने के बाद आपके सामने आपके यानी आवेदक के आवेदन की स्थिति आ जाएगी।

यह बी जानें –

एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत सीएसी सेंटर से भी कर सकते हैं –

आपको बता दें कि जिन जगहों पर इंटरनेट कनेक्शन की दिक्कत है या फिर किसी के पास स्मार्टफोन नहीं है तो ऐसे में वह व्यक्ति अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र यानी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकता है और वहां से अपनी समस्या के संबंध में एमपी जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी दरख्वास्त सीधे सीएम के समक्ष दर्ज करा सकता है।

इस काम में वह यदि चाहें तो सीएससी सेंटर का जो संचालक होता है, वह उनकी मदद कर सकता है। बाद में जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायत की स्थिति जानने के लिए भी इन सेंटर की मदद ले सकते हैं, ताकि यह जान सकें कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई है या नहीं हुई है। या application status क्या है।

सीएम को ब्योरा भेजे जाने से अफ़सर, कर्मचारी सतर्क, सजग होंगे

एमपी जनसुनवाई पोर्टल रांची का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अफसरों और कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगेगी। शिकायतों का सारा ब्योरा सीएम के पास जाएगा। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी सजग और सतर्क रहेंगे। इस के जरिए एक सिस्टम भी विकसित करने की तैयारी है। जैसा कि हम बता चुके हैं कि इसके जरिए विभिन्न विभागों मैं आने वाली शिकायतों का भी ब्यौरा अफसर रखेंगे, मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान इनकी भी समीक्षा करेंगे।

यहां उत्तराखंड का सीएम हेल्पलाइन पोर्टल एक उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। इस पोर्टल के जरिए आने वाली शिकायतों में सर्वाधिक शिकायतें नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, आवास, पेयजल और बिजली विभाग की होती हैं। बहुत सारी समस्याएं ऐसी होती हैं जिनका अफसर त्वरित निराकरण कर देते हैं। साथ में अपनी रिपोर्ट भी पेश करते हैं। नीचे ही इसमें जन प्रतिक्रियाओं के लिए भी व्यवस्था की गई है, ताकि जो समस्या दूर की गई है उस पर जनता के विचार जाने जा सके कि वह से समाधान से खुश हैं कि नहीं हैं। इसके लिए विशेष स्टाफ की भी व्यवस्था की गई है।

निर्धारित समय सीमा में होगा समस्या का समाधान

जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से आम लोगों की समस्या का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर संभव होगा। आपको बता दें कि संबंधित विभागों के मुखिया के ऊपर इस चीज का जिम्मा होगा कि वह अपने विभाग में आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान करें। इसका ब्यौरा भी उन्हें अपने उच्च अधिकारियों को देना होगा। ऐसे में किस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और यदि कार्रवाई संभव नहीं हुई तो उसका कारण क्या था और कितने दिनों में वह कार्रवाई कर लेंगे का भी हिसाब उनके लिए देना जरूरी होगा।

आपको यह भी बता दें कि अन्य राज्यों और खास तौर पर उत्तराखंड की बात करें तो यहां पर मुख्यमंत्री एक जनता दरबार या जनता दर्शन कार्यक्रम का भी आयोजन करते हैं। इसमें आम जनता के लिए एक दिन नियत होता है। इस दिन और तिथि के साथ ही साथ स्थान की घोषणा भी पहले ही कर दी जाती है, ताकि फरियादी वहां तैयारी से पहुंच सकें। ताकि वह अपनी बात सीधे सीएम से कह सकते हैं या अपने मामले पत्र के माध्यम से उन तक पहुंचा सकते हैं।

सीएम संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश भी देते हैं। ज्यादातर फरियादियों की समस्या सीएम के साथ मौके पर मौजूद अधिकारी सुनते हैं। और उन पर त्वरित कार्यवाही भी सुनिश्चित कराई जाती हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जनसुनवाई पोर्टल भी इसी तरह से लोगों को न्याय दिलाने में कामयाब हो सकेगा।

कई बार आती हैं अजीबो-गरीब शिकायतें

आपको सुनने में भले ही अजीब सा लगेगा, लेकिन यह एक सत्य और तथ्य है कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण पोर्टल पर कई बार बड़ी अजीबो-गरीब शिकायतें भी आती है। दरअसल, कुछ ऐसे लोग होते हैं जो बेहद छोटे काम को, जो वह स्वयं भी बेहद आसानी से कर सकते हैं, को लेकर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं। इससे वास्तव में पीड़ित कहीं पीछे छूट जाते हैं।

उम्मीद की जा सकती है कि जनसुनवाई जैसे अहम पोर्टल पर बेहद आवश्यक समस्याओं व शिकायतों को ही लोग दर्ज कराएं, ताकि अधिकारियों उनकी महत्ता को समझे और प्राथमिकता के आधार पर उन पर त्वरित कार्रवाई हो सके। जिससे सामान्य जनता का लाभ हो। केवल टाइम पास के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति से लोगों को बचने की जरूरत है।

न्याय मिलेगा तो सरकार की भी अच्छी छवि निर्मित होगी

मध्प प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल का लाभ परोक्ष तरीके से यहां की सरकार को भी होगा। आपके दिमाग में सवाल उठ रहा होगा कि ऐसा कैसे होगा। तो दोस्तों, आपको बताएं कि लोगों के अपनी शिकायत दर्ज कराने यानी अपने दर्द को सुनाने और उसका त्वरित न्याय पाने का एक फायदा यह भी है कि लोगों के दिलों में सरकार की एक बेहतर छवि विकसित होगी, क्योंकि उन्हें लगेगा कि मुख्यमंत्री स्वयं उनकी बात सुन रहे हैं।

राज्य में उनकी सरकार है। जो उनका दुख सुनती है और उसे दूर करती है। यह कहना गलत न होगा कि निश्चित रूप से इससे सरकार की एक अच्छी इमेज लोगों के दिलों में बनेगी और यह तो आप जानते ही हैं कि चुनाव के वक्त इसी तरह की इमेज वोट में भी बदलती है। जिसका अंततः सरकार को ही फायदा मिलेगा।

मित्रों, इस पोस्ट के जरिए हमने आपको बताया कि आप मध्यप्रदेश में जनसुनवाई पोर्टल के जरिए अपने शिकायत किस तरह से दर्ज करवा सकते हैं। तो आप पीछे ना रहें। अगर कोई भी आपको शिकायत है तो आप सीधे सीएम तक पहुंचाइए और उसका समाधान हासिल कीजिए। अच्छी बात यही है कि इससे आपको अफसरों के चक्कर काटते से छुटकारा मिलेगा। और सीएम की तरफ से आदेश होंगे तो अफसर नजर अंदाज नहीं कर सकेंगे। वह आपका काम भी जल्दी करेंगे।

साथियों, उम्मीद है यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी। यदि आप इसी तरह के किसी अन्य विषय पर हमसे जानकारी चाहते हैं तो उसके लिए हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं। आपके प्रतिक्रिया और सुझावों का हमें हमेशा की तरह इंतजार है।।।धन्यवाद।।

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