[सेंट्रल केवाईसी Form] CKYC Kya Hai? Central KYC Status कैसे चेक करें

CKYC in Hindi 2019 : भारत में KYC (अपने ग्राहक को जानें) की तरह एक और केवाईसी प्रक्रिया होती है। जिसे CKYC यानि Central KYC के नाम से जाना जाता है।

केवाईसी और सेंट्रल केवाइसी दोनों ही महत्‍वपूर्णं प्रक्रिया हैं। दोनों अलग अलग स्‍थानों पर मान्‍य हैं तथा डीटेल्‍स के साथ स्‍वीकार भी की जाती हैं।

What is CKYC in Hindiभारत में CKYC कार्यक्रम की घोषणा भारत सरकार ने सन 2012-13 के केंद्रीय बजट सत्र के दौरान की थी। लेकिन यह 2016 से यह पूरे देश में लागू है।

सेंट्रल केवाईसी को The Central Registration of Securitization and Reconstruction and Security Interest in India के द्धारा किया जाता है। इसे सिर्फ 1 बार कराना होता है। एक बार कराने के बाद सेंट्रल केवाइसी को बार बार कराने की आवश्‍यक्‍ता नहीं पड़ती है।

CKYC Kya Hai? सेंट्रल केवाईसी हिंदी में पूरी जानकारी

What is CKYC in Hindi : केवाईसी देश के लगभग सभी प्रमुख संस्‍थानों के द्धारा कराई जाती है। लेकिन केंद्रीय स्‍तर पर होने वाली केवाईसी प्रक्रिया को CKYC यानि Central KYC कहते हैं।

सेंट्रल केवाईसी का प्रयोग बीमा कंपनियों, म्‍यूचुअल फंडस कंपनियों तथा एनबीएफसी आदि के द्धारा किया जाता है।

सेंट्रल केवाईसी का रजिस्‍ट्रेशन चूंकि केंद्रीय स्‍तर पर किया जाता है। इसलिये देश के सभी नागरिक जो केंद्रीय स्‍तर पर अपने वित्‍तीय लेन देन करते हैं।

उनका रिकार्ड केंद्रीय स्‍तर पर संभाल कर रखा जाता है। वित्‍तीय संस्‍थान इस Records की Online उपलब्‍धता के चलते किसी भी ग्राहक की पहचान जब चाहे तब कर सकते हैं।

CKYC (सेंट्रल केवाईसी) कराने के लिये कौन सा माध्‍यम अच्‍छा है?

यदि आप अपने लिये CKYC (सेंट्रल केवाईसी) कराना चाहते हैं, तो आप RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) के द्धारा मान्‍यता प्राप्‍त विनियमित संस्‍थानों से संपर्क कर सकते हैं। सेंट्रल केवाईसी की पूरी प्रक्रिया का संचालन SEBI, IRDA तथा PFRDA के द्धारा किया जाता है।

आप म्‍यूचुअल फंडस, बीमा, स्‍टॉक ब्रोकर आदि के द्धारा भी CKYC करा सकते हैं। लेकिन शर्त यह है कि वह सेबी के द्धारा विनियमित होना चाहिए।

CKYC (सेंट्रल केवाईसी) का उद्देश्य

असल में CKYC की प्रक्रिया को इसलिये लांच किया गया है। ताकि देश के नागरिकों को अपनी वित्‍तीय पहचान प्रमाणित करने में आसानी हो सके।

पहले केवल केवाईसी ही होती थी। जिसे Mutual Funds, Banks तथा इंश्‍योरेंस कं‍पनियों के द्धारा अलग अलग कराया जाता था। लेकिन अब केंद्रीय स्‍तर पर सीकेवाईसी के कारण सभी सभी ग्राहकों की सूचनायें एक ही सर्वर पर मौजूद रहती हैं। जिसे जब चाहे तक चेक किया जा सकता है।

सेंट्रल केवाईसी का उद्देश्य देश भर में मौजूद सभी प्रकार के वित्‍तीय प्‍लेटफार्मों के बीच मौजूदा खाई को पाट कर असमानता को खत्‍म करना है।

CKYC Number (KIN) क्‍या होता है?

जब कोई व्‍यक्ति सेबी द्धारा विनियमित संस्‍थान से अपनी सेंट्रल केवाइसी कराता है, तो उसे 14 अंकों वाली एक संख्‍या (Digit) प्रदान की जाती है।

इस 14 अकों वाले नंबर को ही KIN अथवा CKYC Number नंबर कहा जाता है। यह एक विशिष्‍ट प्रकार की संख्‍या होती है। जो सभी व्‍यक्तियों को अलग अलग दी जाती है।

इस CKYC Number से कोई भी व्‍यक्ति अपनी वित्‍तीय पहचान स्‍पष्‍ट कर सकता है। जब भी आप किसी स्‍थान पर निवेश करना चाहें, तो आप अपनी 14 अंकों वाली संख्‍या दे दें। आप अपने नये निवेश के लिये तुरंत पात्र मान लिये जाएंगें।

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Central KYC के लिये जरूरी दस्‍तावेज

Central KYC कराने के लिये आपको सीकेवाईसी फार्म के साथ निम्‍नलिखित दस्‍तावेज संलंग्‍न करने होंगे –

  • एक पासपोर्ट साइज फोटो (रंगीन)
  • पहचान के प्रमाण पत्र के लिये कोई भी एक दस्‍तावेज (आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र) स्‍वहस्‍ताक्षरित किया हुआ।
  • घर के पते के लिये कोई एक उपयुक्‍त दस्‍तावेज (यह भी स्‍वहस्‍ताक्षरित कर प्रमाणित किया हुआ)
  • CKYC फार्म भरा हुआ तथा इसको अपने हस्‍ताक्षर से प्रमाणित करें।

Central KYC Form कैसे डाउनलोड करें?

केंद्रीय केवाइसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिये आपको Central KYC Form की जरूरत पड़ेगी। इस‍ फार्म को आप नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करके घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं।

Central KYC Form में कौन कौन सी सूचनायें भरनी अनिवार्य हैं?

सेंट्रल केवाईसी फार्म को भरते समय आपको आधार नंबर, जन्‍मतिथि, मां का नाम तथा निवेशक का पुराना नाम की जानकारी अनिवार्य रूप से भरनी पड़ती है।

इसके अलावा पैनकार्ड नंबर देना अनिवार्य नहीं है। लेकिन सिक्‍योरिटी मार्केट की केवाईसी के मुताबिक जरूरी है। इसलिये आपको पैनकार्ड संबंधी सूचना भी देनी होगी।

Central KYC फार्म में केवाईसी के कितने प्रकार होते हैं?

सेंट्रल केवाईसी का फार्म डाउनलोड करने के बाद जब आप उसे ध्‍यान से पढ़ते हैं, तो आपको CKYC के कई प्रकार दिखाई पड़ते हैं। जिनकी जानकारी आपको विस्‍तार से नीचे दी जा रही है।

1 – Normal KYC Account :

सामान्‍य यानि Normal KYC Account के लिये आपको अपनी पहचान साबित करने के लिये मात्र 6 दस्‍तावेजों की आवश्‍यक्‍ता पड़ती है।

समान्‍य केवाईसी खाते के लिये जरूरी 6 दस्‍तावेजों की सूची

  • आधार कार्ड
  • पैनकार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • पासपोर्ट
  • वोटर आईडी
  • नरेगा जॉबकार्ड

2 – सरलीकृत केवाईसी खाता

यह एक कम जोखिम वाला सरलीकृत केवाईसी खाता होता है। यह खाता उन लोगों के लिये है, जो सामान्‍य केवाईसी खाते में लगने वाले किसी भी दस्‍तावेज को उपलब्‍ध कराने में अक्षम होते हैं।

इस प्रकार की सेंट्रल केवाईसी कराने वालों को बैंक कम जोखिम वाले व्‍यक्तियों की संज्ञा देते हैं। जो लो‍ग इस प्रकार की केवाईसी कराते हैं। उन्‍हें नीचे दिये गये दस्‍तावेजों में से कुछ को प्रस्‍तुत करना जरूरी होता है।

  • राज्‍य अथवा केंद्र सरकार के विभागों द्धारा जारी फोटो युक्‍त पहचान पत्र
  • सार्वजनिक उपक्रमों, वैधानिक नियामक प्राधिकरण, सार्वजनिक वित्‍तीय संस्‍थानों तथा अनुसूचित वाणिज्‍यक बैंकों के द्धारा जारी फोटो युक्‍त पहचान पत्र
  • देश के किसी भी राज्‍य में राजपत्रित अधिकारी द्धारा व्‍यक्ति की विधिवत रूप से पहचान करने वाला फोटो युक्‍त पहचान पत्र।

3 – Small CKYC Account

इस प्रकार के केवाईसी खातों को छोटा खाता भी कहते हैं। इस खाते की व्‍यवस्‍था उन लोगों के लिये की गयी है। जो ऊपर दिये गये दोनों प्रकार के खातों से संबंधित कोई भी दस्‍तावेज उपल्‍ध नहीं करा पाते हैं।

इस प्रकार के खाते को स्‍वप्रमाणित फोटो को प्रस्‍तुत करके बैंकों आदि में खोला जा सकता है। इस प्रकार की केवाईसी वाले खातों में वर्ष में कुल जमा रकम 1 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा एक माह में कुल निकासी की सीमा केवल 10 हजार रूपये है। इस प्रकार के खाते शुरू में केवल 12 माह के लिये ही वैध माने जाते हैं।

eKyc कैसे होती है?

eKyc की पूरी प्रक्रिया अधार कार्ड के जरिये की जाती है। ईकेवाईसी कराते समय निम्‍न तरीकों से व्‍यक्ति की पहचान की जाती है।

1 – OTP भेज कर

जब कोई निवेशक eKyc कराता है। तो उसके रजिस्‍टर्ड नंबर एक One Time Password (OTP) प्रप्‍त होता है। जिसको वेरीफाई करने पर आप म्‍यूचुअल फंड में हर साल 50 हजार रूपये तक का निवेश करने के पात्र हो जाते हैं।

2 – बायोमेट्रिक जांच के द्धारा

eKyc में अंगूठे अथवा रे‍टीना को स्‍कैन करके व्‍यक्ति की पहचान की जाती है। इस प्रकार की केवाईसी कराने वाला व्‍यक्ति एक वर्ष में जितना चाहे उतना निवेश कर सकता है।

CKYC Form Kaise Bhare?

Application Formसेंट्रल केवाईसी फार्म को डाउनलोड करने के बाद आपको उसे काले रंग के पेन से एक दम सही सही भरना जरूरी होता है।

इस फार्म को भरते समय इस बात का विशेष ध्‍यान देना जरूरी होता है कि आपका फार्म भरते समय बिल्‍कुल गंदा न हो और साफ साफ अक्षरों में भरा गया हो।

सेंट्रल केवाईसी फार्म को कैपिटल लैटर्स में भरा जाता है। ताकि अक्षर स्‍पष्‍ट रूप से दिखाई पड़ें। इसके अलावा आप अपना व्‍यक्तिगत विवरण, दस्‍तावेजों के प्रकार आदि को सावधानी से भरना है।

Central KYC में FATCA की घोषणा

यदि आप सेंट्रल केवाईसी करा रहे हैं, तो आपको CKYC Form में FATCA संबंधी घोषण अनिवार्य रूप से करनी होगी। यह घोषणा करना बेहद जरूरी होता है। बिना इस घोषणा के आपकी सेंट्रल केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।

Central KYC करते समय आपको किस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है?

  • CKYC फार्म को भर कर जब जमा किया जाता है। तो उसे उपयुक्‍त एजेंसी के द्धारा सत्‍यापित कराया जाता है।
  • जैसे ही फार्म वेरीफाई होता है तो KIN अथवा सेंट्रल केवाईसी नंबर जैनरेट हो जाता है। यह 14 अंको का होता है।
  • इस KIN नंबर को आपके द्धारा रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के द्धारा भेजा जाता है। यह ईमेल आई पर भी प्राप्‍त होता है। जिसके बाद सेंट्रल केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

CKYC को Online Check कैसे करें?

कुछ कंपनियां ऑनलाइन CKYC चेक करने की सुविधा प्रदान करती हैं। आप इन वेबसाइट अथवा KRA की वेबसाइट पर अपना PAN NUMBER डाल कर सीकेवाईसी चेक कर सकते हैं।

तो दोस्‍तों यह थी मेरी CKYC Kya Hai? Central KYC Status Kaise Check Kare पोस्‍ट यदि आप अब भी सेंट्रल केवाईसी अथवा CKYC Number कैसे जैनरेट करें से संबंधित कोई अन्‍य सवाल पूछना चाहते हैं, तो आप कमेंट बॉक्‍स के जरिये हम से पूछ सकते हैं।

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