CID क्या है? CID Officer Kaise Bane? CID की तैयारी कैसे करें?

यदि आपको फिल्मों में दिलचस्पी है तो आपने बरसों पहले आई फिल्म CID जरूर देखी होगी। इस फिल्म के गीतों ने दर्शकों को थिरका दिया था। कई युवाओं ने ग्लैमर में CID अफसर बनने के सपने संजो डाले। इसके बाद एक निजी टेलीविजन चैनल पर आने वाले सीरियल CID ने भी CID को सबकी जुबान पर ला दिया। फिल्मों और सीरियलों में सीआईडी को किसी भी अपराध की तह तक पहुंचते देख कई लोगों का मन CID अफसर देखने के लिए मचल जाता है।

बगैर यह जाने कि यह प्रोफेशन कितना मुश्किल है। इसका ग्लैमर इतना है कि युवा CID अफसर बनने के लिए लालायित रहता है। इसके अलावा मां-बाप भी चाहते हैं कि उनका बेटा पढ़ लिख कर अफसर बनकर कुछ काम और नाम कर दिखाएं। यह अलग बात है कि इनमें से बहुत तो ऐसे भी होते हैं, जो जानते ही नहीं कि सीआईडी अफसर करते क्या हैं? इनकी कार्य प्रणाली क्या है?

आज इस पोस्ट के जरिए हम आपको यही बताएंगे कि CID क्या है? यह कब अस्तित्व में आई? सीआईडी में कैसे भर्ती हो सकते हैं? आदि। यदि CID के बारे में आप जानना चाहते हैं तो बस इस पोस्ट को पढ़ते चले जाइए। आइए शुरू करते हैं…

CID क्या है? CID Full Form In Hindi –

आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि CID की फुल फॉर्म क्या है? दरअसल, CID का पूरा नाम crime investigation department है। यह पुलिस बल की (जांच और खुफिया शाखा) की जांच एजेंसी है। हर प्रदेश में पुलिस का जांच और खुफिया विभाग होता है। कई राज्यों में यह गृह विभाग का ही हिस्सा होता है।

CID क्या है? CID Officer Kaise Bane? CID की तैयारी कैसे करें?

CID क्या करती है?

हर राज्य की अलग अलग सीआईडी होती है। साफ है कि यह जांच एजेंसी केवल राज्य स्तर तक के अपराधों की जांच करती है। मसलन किसी प्रदेश में किसी भी जगह जो हत्या, दंगे, अपहरण, चोरी आदि के मामले होते हैं, उनकी जांच की जिम्मेदारी CID के कंधों पर होती है। यह एजेंसी साक्ष्य एकत्र करने, अपराधी को पकड़ने और फिर अदालत में पेश करने का काम करती है। इसके संचालन का अधिकार राज्य सरकार या हाईकोर्ट के पास होता है।

कहने का आशय यह है कि किसी प्रदेश की सरकार या फिर उस राज्य की हाईकोर्ट उस राज्य के आपराधिक मामले को जांच के लिए CID को सौंपती है, ताकि मामले को सुलझाया जा सके। आपको यह भी बता दें कि इसमें कोई यूं ही शामिल नहीं हो जाता। CID में शामिल होने के लिए पुलिस कर्मचारियों को खास तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।

CID की स्थापना कब हुई?

मित्रों, आपको बता दें कि CID की स्थापना आज से 118 साल पहले यानी एक अप्रैल, सन् 1902 में अंग्रेजों के वक्त यानी ब्रिटिश काल में पुलिस आयोग की सिफारिश पर सिफारिश पर हुई थी।

CID का प्रमुख कौन होता है?

इस विभाग के प्रमुख के पद पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यानी एडीजीपी होते हैं। इन्हें पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजीपी काम में मदद करते हैं।

CID के कितने डिवीजन होते हैं?

इसके कई डिवीजन हैं। जैसे-फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट ब्यूरो, मानव तस्करी और लापता व्यक्ति ब्यूरो, मानवाधिकार विभाग, बैंक धोखाधड़ी, डॉग स्क्वायड, क्राइम इंस्पेक्शन, रिसर्च आदि। इनमें फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट ब्यूरो अपराध के बाद साक्ष्य यानी सुबूत जुटाने का काम करते हैं। डाग स्क्वायड इस काम में मदद करती है। वहीं, रिसर्च विंग अपराध और अपराधी से जुड़ी रिसर्च कर केस और सुबूतों को ठोस आधार प्रदान करती है।

CID अफसर कैसे बनें, कैसे भर्ती हों?

अब हम आपको विभिन्न बिंदुओं के आधार पर बताएंगे कि आप CID में कांस्टेबल या अधिकारी के रूप में भर्ती कैसे हो सकते हैं। सबसे पहले तो जरूरी है कि आपके पास भारत की नागरिकता हो। अन्य योग्यताएं इस प्रकार से हैं –

उम्र संबंधी योग्यता क्या है?

साथियों, CID में कांस्टेबल के रूप में भर्ती होने के लिए या अधिकारी बनने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आयु न्यूनतम 20 साल होनी चाहिए। इसके साथ ही इसके लिए अधिकतम आयु 27 वर्ष निर्धारित की गई है। ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उम्र में तीन साल की छूट दी गई है। वह न्यूनतम 20, जबकि अधिकतम 30 साल की उम्र तक इसके लिए अर्ह होंगे।

यदि उम्मीदवार अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति यानी sc/st वर्ग से है तो उन्हें अन्य सभी क्षेत्रों की तरह यहां भी उम्र में पांच साल की छूट दी गई है। यानी कि वह 32 साल की उम्र तक आवेदन कर सकते हैं। पीएच यानी फिजिकल हैंडीकैप वर्ग के तहत आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को 10 साल तक की छूट प्रदान की गई है।

शारीरिक योग्यता क्या है?

  1. कद – पुरुषों के लिए-165 सेंटीमीटर (पहाड़ी क्षेत्र के पुरुषों और आदिवासियों को इसमें छूट है) महिलाओं के लिए-150 सेंटीमीटर
  2. नेत्र दृष्टि- (चश्मे के साथ और चश्मे के बिना) – दूर दृष्टि 6/6, नजदीक की दृष्टि 6/9

शैक्षिक योग्यता क्या है?

महिला और पुरुष दोनों CID में जाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कांस्टेबल के पद पर भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है। विभाग में उच्च पद हासिल करने के लिए या उप निरीक्षक यानी सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती होने के लिए किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की उपाधि होनी चाहिए। यदि आपने यूनिवर्सिटी के कोर्स में क्रिमिनोलॉजी पढ़ा है तो यह आपकी अतिरिक्त योग्यता होगी।

भर्ती के लिए कितने प्रयास किए जा सकते हैं?

आमतौर पर CID में भर्ती होने के लिए अधिकतम प्रयासों की सीमा चार से सात साल के बीच रखी गई है। कहने का अर्थ यह है कि सामान्य उम्मीदवार चार साल तक आवेदन कर सकते हैं, वहीं ओबीसी के उम्मीदवारों को सात मौके प्रदान किए गए हैं। और एससीएसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए ऐसी कोई सीमा निर्धारित की ही नहीं गई है।

CID में कौन कौन से पद होते हैं?

CID में कांस्टेबल पद पर भर्ती के बाद आगे कौन कौन से पद होते हैं, अब हम आपको इसकी जानकारी देंगे। यह पद इस प्रकार से हैं –

  1. कांस्टेबल
  2. सब इंस्पेक्टर
  3. इंस्पेक्टर
  4. डीएसपी
  5. एसपी
  6. डीआईजी
  7. आईजीपी
  8. एडीजीपी

CID की भर्ती को कौन-कौन से चरण से गुजरना पड़ता है?

CID बनने का रास्ता बेहद सरल तो नहीं ही है।इसके लिए आपको लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और इंटरव्यू से गुजरना होगा। लिखित और फिजिकल की नैया पार करने के बाद ही इंटरव्यू के लिए बुलावा आता है। इसके बाद संयुक्त अंकों के आधार पर उम्मीदवार को सेलेक्शन लेटर भेजा जाता है। इसके लिए यूपीएससी और एसएससी हर साल परीक्षा कराती है।

कितने भागों में होगी परीक्षा –

यह परीक्षा दो भागों में होती है। पहली परीक्षा में 200 अंकों का पेपर हो जाता है। इसमें आपको दो घंटे का समय दिया जाता है। सामान्य इंटेलीजेंस, रीजनिंग, सामान्य जागरूकता, संख्यात्मक योग्यता, अंग्रेजी ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। वहीं, दूसरा पेपर 400 अंकों का होता है।

इसके लिए चार घंटे का समय होता है। इसमें दो सौ प्रश्न होंगे। यह अंक गणितीय क्षमता, अंग्रेजी समझ आदि पर आधारित होंगे। दोस्तों, इनमें पास होने पर ही इंटरव्यू में बैठने का मौका मिलता है। इंटरव्यू के लिए 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें उत्तीर्ण होने के बाद ही आपको मौका मिल पाता है कि आप CID में जाने का अपना सपना पूरा कर सकें। अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकें।

क्या प्रमोशन पर भी भेजा जाता है?

जी हां, दोस्तों। CID में पदोन्नति के माध्यम से भी राज्य पुलिस बल से सीधा चयन किया जाता है। स्नातक होने के बाद पहली बार पुलिस सेवा में शामिल होने के लिए ट्रैक रिकार्ड के अनुसार सीआईडी विंग में पोस्टिंग, ट्रांसफर, प्रमोशन आदि होते हैं। हालांकि, केस की जरूरत के मुताबिक इसके कर्मचारी सादे कपड़ों में भी काम करने को स्वतंत्र होते हैं।

एक निजी चैनल पर चले CID सीरियल में दया के पात्र ने इसे घर घर लोकप्रिय बनाने का काम किया है। इससे पहले 50 के दशक में सदाबहार अभिनेता कहे गए देवानंद की film CID ने भी लोगों को दीवाना किया था और जांच एजेंसी में भर्ती होने की लोगों की इच्छा को जगाया था।

CID अफसर बनने के लिए क्या जरूरी skills हैं?

यदि आप CID में अफसर बनना चाहते हैं तो उसके लिए कई सारे basic skills हैं जो आपको काम आएंगे। और इसमें भी सबसे ज्यादा जरूरी skill है communication skills होना। यानी कि यदि आपके भीतर बेहतर संवाद की क्षमता है तो यह आपके लिए plus point होगा। इसके अलावा यदि आपको बातों के पीछे छिपे रहस्य जानने में मजा आता है तो भी यह आपका एक plus point होगा।

इसके अलावा आपके भीतर किसी भी परिस्थिति में विश्लेषण करने की क्षमता यानी analysis करने की योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही CID में अफसर बनने के लिए एक और बेहद जरूरी skill होना चाहिए और वह है जल्द से जल्द निर्णय लेने की क्षमता। यह तमाम skills CID में भर्ती होने के साथ ही काम के दौरान भी मददगार साबित होंगे।

आपको यह भी बता दें कि इस वक्त कई सारे ऐसे कोचिंग संस्थान हैं, जो CID में भर्ती होने के लिए प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग देते हैं। और परीक्षा में निर्धारित समय अवधि के मुताबिक तैयारी कराते हैं। बेशक, इनसे कोचिंग लेना CID में भर्ती की गारंटी नहीं, लेकिन यह अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने में मददगार साबित होते हैं, इसमें भी कोई दो राय नहीं है।

हाल ही में कहां गहराया CID विवाद –

आपको बता दें कि हाल ही में हरियाणा में सीआईडी विवाद गहराया रहा। वहां के गृह मंत्री अनिल विज ने फोन टैपिंग की आशंका ठहराए और अपनी सारी बात मैसेंजर के जरिए करने लगे। वहां माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वहां के प्रमुख सचिव गृह सीआईडी को गृह विभाग से अलग कर अलग विभाग बनाना चाहते हैं और इस संबंध में औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

विरोधियों का आरोप है कि इसके जरिए सरकार जो है वह सीआईडी को अपना गुलाम बनाना चाहती है और अपने स्वार्थ सिद्ध करने में उसे हथियार बनाकर काम करने की मंशा रखती है। उनका कहना यह भी है कि CID बगैर गृह विभाग मूक बधिर हो जाएगा, यानी उसके आंख, कान, नाक नहीं बचेंगे। फिलहाल सरकार की तरफ से सीआईडी को गृह विभाग से अलग करने की कवायद जारी है।

तो साथियों यह थी सीआईडी से जुड़ी वह सारी जानकारी जो आप जानना चाहते थे इसके अलावा यदि किसी अन्य बिंदुओं पर भी आप जानकारी चाहते हैं तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हम तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं इसके अलावा घर किसी अन्य विषय को भी अब जाना चाहते हैं तो उसके बारे में भी हमें कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके बता सकते हैं यदि आप कोई सुझाव में देना चाहते हैं तो उसके लिए भी आप इसी तरह अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं हम आपके सुझाव पर अमल करने का पूरा पूरा प्रयास करेंगे ।।धन्यवाद।।

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