घर बैठे आईटीआर स्टेटस कैसे चेक करें? ITR status check online

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यदि आप इन्कम टैक्स पेयर (income tax payer) हैं तो यह तो आप जानते ही होंगे कि इन्कम टैक्स रिफंड (income refund) यानी आईटीआर (ITR) के लिए किसी भी इन्कम टैक्स पेयर को एक निश्चित अवधि के भीतर क्लेम करना होता है। उसे फाॅर्म भरकर अपने सभी दस्तावेज (documents) अटैच कर आईटीआर (ITR) के लिए आवेदन करना होता है, जिसके बाद सभी दस्तावेजों की जांच परख कर उसे इन्कम टैक्स रिफंड कर दिया जाता है।

यह तभी होता है, जबकि आपकी लिमिट से अधिक टैक्स काटा गया हो। व्यक्ति क्लेम (claim) करने के बाद जानना चाहता है कि उसका इन्कम टैक्स रिफंड (income tax refund) हुआ है अथवा नहीं।

सरकार ने घर बैठे ही इन्कम टैक्स रिफंड स्टेटस चेक (income tax refund status check) करने की सुविधा दी है। आप किस प्रकार से घर बैठे आईटीआर स्टेटस चेक कर सकते हैं, इस पोस्ट में हम आपको इस संबंध में जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

इन्कम टैक्स रिफंड क्या होता है? (What is income tax refund?)

दोस्तों, सबसे पहले सबसे बेसिक चीज जान लेते हैं। इन्कम टैक्स रिफंड क्या होता है? (What is income tax refund?) आपको बता दें कि जब भी कोई इन्कम टैक्स पेयर अपने वास्तविक टैक्स (actual tax) की अपेक्षा अधिक टैक्स भुगतान कर देता है

तो इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट उचित मूल्यांकन (fair evaluation) के पश्चात अतिरिक्त राशि (extra amount) की वापसी टैक्स पेयर को करता है। इसे इन्कम टैक्स रिफंड करार दिया जाता है।

घर बैठे आईटीआर स्टेटस कैसे चेक करें? (How to check ITR status sitting at the home?)

इन्कम टैक्स रिफंड में देरी क्यों हो जाती है अथवा क्लेम रिजेक्ट क्यों हो जाता है? (Why income tax refund is late or claim is rejected?)

मित्रों, अब आपको बताते हैं कि इन्कम टैक्स रिफंड में देरी क्यों हो जाती है अथवा आपका क्लेम रिजेक्ट (claim reject) क्यों हो जाता है। दरअसल, कई बार होता यह है कि इन्कम टैक्स पेयर अपने आईटीआर फाॅर्म (ITR form) अंजाने में अपने बैंक एकाउंट (bank account) की गलत डिटेल्स (incorrect details) दे देते हैं।

जब भी आप क्लेम फाॅर्म( claim form) भरें तो एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि बैंक का नाम, अपना एकाउंट नंबर एवं 11 डिजिट (digit) का आईएफएससी कोड (IFSC code) एकदम सही भरें। इसके साथ ही यह भी कन्फर्म कर लें कि रिफंड के लिए जो बैंक एकाउंट नंबर आपने दिया है, वह ई-फाइलिंग एवं पैन कार्ड (e-filing and PAN card) से लिंक (link) हो।

इसके अतिरिक्त यदि रिफंड कैलकुलेट (refund calculate) करने में गड़बडी हुई है तो यह भी इन्कम टैक्स रिफंड (income tax refund) में देरी की एक वजह बन सकती है।

इन्कम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल से घर बैठे आईटीआर स्टेटस कैसे चेक करें? (How to check ITR status through income tax e-filing portal while sitting at home?)

मित्रों, अब आपको जानकारी दे देते हैं कि आप इन्कम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल (income tax e-filing portal) के माध्यम से घर बैठे आईटीआर स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं। इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत आपको यह स्टेप्स फाॅलो (steps follow) करने होंगे-

  • सबसे पहले इन्कम टैक्स ई-फाइलिंग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर जाएं।
  • इसके पश्चात अपनी यूजर आईडी (user id), पासवर्ड (password) भरने के बाद कैप्चा कोड (captcha code) डालकर लाॅगइन login करें।
  • अब आपके सामने साइट का डैशबोर्ड (dashboard) खुल जाएगा।
  • यहां आपको view returns/forms का आप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
  • अब आपके सामने एक नया पेज (new page) खुल जाएगा। यहां आपको select an option के सामने ड्राप डाउन मेन्यू (drop down menu) में इन्कम टैक्स रिटर्न (income tax return) का आप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक (click) करें और सबमिट (submit) कर दें।
  • अब अगले पेज पर आपको जिस इन्कम टैक्स एसेसमेंट ईयर (income tax assessment year) का स्टेटस जानना है, उसके एक्नाॅलेजमेंट नंबर (acknowledgement number) पर क्लिक कर दें।
  • इन्कम टैक्स रिफंड स्टेटस (income tax refund status) आपके सामने स्क्रीन पर आ जाएगा।

एनएसडीएल की वेबसाइट से अपना आईटीआर स्टेटस कैसे चेक करें? (How to check your ITR status through NSDL’s website?)

अब हम आपको जानकारी देंगे कि आप घर बैठे एनएसडीएल (NSDL) की वेबसाइट से अपना आईटीआर स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ ये स्टेप्स फाॅलो करने होंगे-

  • सबसे पहले https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जाएं।
  • अब आपको अपना पैन कार्ड नंबर (Pan card number), एसेसमेंट ईयर (assessment year) एवं कैप्चा कोड (captcha code) डालकर (proceed) पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपके इन्कम टैक्स रिफंड का स्टेटस सामने आ जाएगा।

यदि आईटीआर भरते समय कोई गड़बड़ी हो गई है तो उसे कैसे करेक्ट करें? (How to correct if you have committed any mistake while filling ITR?)

यदि आपसे आईटीआर (ITR) भरते समय बैंक ब्योरे (bank details) में कोई गड़बड़ी (mistake) हो गई तो आप इसे करेक्ट (correct) भी कर सकते हैं।

आयकर विभाग यानी इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट (income tax department) आपको इसका मौका उपलब्ध कराता है। आप अपनी गलती कैसे सुधार सकते हैं, उसकी प्रक्रिया (process) इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले इन्कम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर जाएं।
  • इसके पश्चात My account के अंतर्गत रिफंड री-इश्यू रिक्वेस्ट (refund re-issue request) पर क्लिक करें।
  • यहां अपने बैंक की सही डिटेल्स डालकर मांगी गई जानकारी भरें।
  • यदि आपने सारी डिटेल्स (details) सही सही भरी है तो कुछ ही दिन पश्चात रिफंड (refund) आपके एकाउंट में क्रेडिट (credit) हो जाता है।

इन्कम टैक्स रिफंड कितने दिन में हो जाता है? (How many days it takes to get income tax refund?)

इन्कम टैक्स रिफंड कितने दिन में हो जाता है, यह एक ऐसा अहम प्रश्न है, जिससे अक्सर टैक्स पेयर जूझते हैं। आपको बता दें दोस्तों कि इन्कम टैक्स रिफंड में 20 दिन से लेकर 60 दिन यानी दो माह तक लग जाता है।

यह अवधि आपके इन्कम टैक्स रिटर्न (income tax return) के ई-वेरिफिकेशन (e-verification) की तिथि से कैलकुलेट (calculate) की जाती है।

क्या आईटीआर भरने वाले हर व्यक्ति का टैक्स रिफंड होता है? (Does every person filing ITR get income tax refund?)

जी नहीं, आईटीआर भरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को टैक्स रिफंड नहीं होता। यह रिफंड केवल उसी टैक्स पेयर को मिलता है, जिसकी टैक्स देनदारी से अधिक पैसा काटा गया हो।

इसे आप एक उदाहरण से समझ सकते हैं। जैसे कि किसी नौकरीशुदा व्यक्ति का टीडीएस (TDS) अधिक कट गया है, लेकिन वह उस टैक्स दायरे (tax limit) में नहीं आता। ऐसे में सरकार उसके पूरे पैसे लौटा देती है।

क्या किसी व्यक्ति का टैक्स रिफंड कोई अन्य व्यक्ति भी ले सकता है? (Can anyone else get the tax refund of a person?)

बहुत लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि यदि कोई व्यक्ति आईटीआर भरता है तो क्या कोई अन्य व्यक्ति भी टैक्स रिफंड ले सकता है? दोस्तों, आपको बता दें कि इस सवाल का जवाब हां में है। जिस प्रकार बैंक एकाउंट अथवा पीएफ एकाउंट खोलते वक्त खाताधारक (account holder) किसी व्यक्ति को नाॅमिनी (nominee) बनाता है, उसी प्रकार वह टैक्स रिफंड के लिए भी किसी को अपना नाॅमिनी बना सकता है।

मृत्यु, दिवालिया होना, लिक्विडेशन अथवा अक्षमता जैसे कई कारण हैं, जिनमें जब टैक्स रिफंड का क्लेम करने वाला उसे प्राप्त करने में असमर्थ होता है तो संबंधित कानूनी प्रतिनिधि (legal representative) अथवा ट्रस्टी (trustee) अथवा अभिभावक (guardian) या रिसीवर (receiver) टैक्स रिफंड पाने का हकदार हो जाता है।

दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि इसके लिए अलग से कानून (law) के अंतर्गत प्रावधान (provision) किया गया है।

क्या आईटीआर फाइल करना आवश्यक है? (Is it necessary to file ITR?)

यदि आप नौकरीपेशा हैं अथवा आपको कारोबार से आय होती है तो आपको इन्कम टैक्स रिटर्न अवश्य फाइल करना चाहिए। खा तौर पर उन लोगों को, जिनके भुगतान से स्रोत पर टैक्स कटौती हुई हो। इसे टीडीएस (TDS) यानी टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (tax deduction at source) भी पुकारा जाता है।

आपको जानकारी दे दें कि यदि आपकी आय से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा कर दिया गया तो किसी भी सूरत में आप बगैर आईटीआर फाइल किए, उसे वापस नहीं पा सकते।

चाहे आपकी आमदनी इन्कम टैक्स की छूट सीमा (rebate limit) के भीतर ही हो, तो भी आपको रिफंड के लिए आईटीआर फाइल करना ही होगा।

फर्जी टैक्स रिफंड संदेशों से सावधान रहें (be aware from the fake tax refund messages)

दोस्तों, आपको बता दें कि सीईआरटी-इन (CERT-in) यानी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम-इंडिया (computer emergency response team-india) हमारे देश की नेशनल नोडल एजेंसी (national nodal agency) है। यह एजेंसी साइबर सिक्योरिटी (cyber security) से संबंधित मामलों में नजर रखती है।

इसने कुछ ही वर्श पूर्व टैक्स रिफंड से संबंधित मामलों को लेकर अलर्ट (alert) जारी किया था। दरअसल, लोगों को बड़ी संख्या में इस प्रकार के मैसेज प्राप्त हो रहे थे। मैसेज पाने वाले लोगों को लगता है कि यह मैसेज उन्हें इन्कम टैक्स विभाग की ओर से आईटीआर फाइल करने के लिए भेजे गए हैं।

इसमें बताया गया होता है कि आपने अपने बैंक एकाउंट की गलत डिटेल भरी है, उसे ठीक कराने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक (click on link) करें। क्लिक करते ही उनका एकाउंट साफ हो जा रहा था।

लिहाजा, आप भी सावधानी बरतें। यदि किसी प्रकार का अंजान मैसेज आपके मोबाइल पर भी टैक्स रिफंड को लेकर आए तुरंत उस पर क्लिक न करें। पहले चेक कर लें।

इन्कम टैक्स रिफंड क्या होता है?

यदि आप इन्कम टैक्स दायरे में नहीं आते अथवा जब भी इन्कम टैक्स विभाग आपसे देय आयकर से अधिक काटता है तो बाद में आप उस राशि को क्लेम कर सकते हैं। विभाग उचित मूल्यांकन के पश्चात अधिक राशि लौटा देता है। यह इन्कम टैक्स रिफंड कहलाता है।

इन्कम टैक्स रिफंड में देरी अथवा इसके रिजेक्शन की क्या वजह होती है?

आपके द्वारा क्लेम फार्म भरते हुए दी गई गलत बैंक डिटेल्स की वजह से आपके इन्कम टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है अथवा आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। यदि आपका बैंक खाता पैन कार्ड से लिंक नहीं है तो भी ऐसा हो सकता है।

क्या घर बैठे आईटीआर का स्टेटस चेक किया जा सकता है?

जी हां, घर बैठे आईटीआर का स्टेटस चेक करना संभव है।

आनलाइन आईटीआर स्टेटस चेक करने की सुविधा किस वेबसाइट पर दी गई है?

आप इन्कम टैक्स ई-फाइलिंग अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट से घर बैठै आईटीआर स्टेटस चेक कर सकते हैं।

इन्कम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल की वेबसाइट का क्या एड्रेस है?

इन्कम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल की वेबसाइट का एड्रेस https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/ है।

यदि आईटीआर भरते हुए आपने बैंक डिटेल्स भरने में गलती कर दी है तो क्या आप सुधार सकते हैं?

जी हां, इसे सुधारा जाना संभव है। इसकी प्रक्रिया हमने आपको ऊपर पोस्ट में बता दी है।

क्या इन्कम टैक्स रिफंड के लिए बैंक एकाउंट का ई-फाइलिंग एवं पैन कार्ड से लिंक होना आवश्यक है?

जी हां, इन्कम टैक्स रिफंड के लिए आपके बैंक एकाउंट का ई-फाइलिंग एवं पैन कार्ड से लिंक होना आवश्यक है।

दोस्तों, इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि आप घर बैठे अपने इन्कम टैक्स रिफंड का स्टेटस कैसे जान सकते हैं। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

यदि आपका भी इन्कम टैक्स अब तक रिफंड नहीं हुआ है तो उसकी स्थिति आप कुछ ही क्लिक्स में जान सकेंगे। यदि इस पोस्ट के संबंध में आपका कोई सवाल है तो उसे हमसे बेहिचक नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। ।।धन्यवाद।।

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